TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

त्रिपुरा की पहाड़ियों में अब भी बसते हैं भगवान शिव, जानिए बाबा लोंगथरई की रहस्यमयी कहानी

बंगाली कैलेंडर वर्ष के अंत में हापुंग राजा में स्थित बाबा लोंगथरई मंदिर में विशेष पूजा, यज्ञ और धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं

Mrinal kanti Banik द्वारा Mrinal kanti Banik
30 April 2025
in संस्कृति
त्रिपुरा की पहाड़ियों में अब भी बसते हैं भगवान शिव, जानिए बाबा लोंगथरई की रहस्यमयी कहानी
Share on FacebookShare on X

अगरतला: त्रिपुरा की पहाड़ियां न सिर्फ वनस्पति और जीव-जंतुओं का समृद्ध स्रोत हैं बल्कि इनमें कई ऐसे दिव्य रहस्य भी छिपे हैं जिन्हें अब तक पूरी तरह से खोजा नहीं गया है। त्रिपुरा की आदिवासी जनजातियां प्राचीन समय से ही इन पहाड़ियों की पूजा करती आ रही हैं। उनका मानना है कि ये पहाड़ियां उन्हें बुराइयों से बचाती हैं। हालांकि, इन पहाड़ियों से जुड़े रहस्यमय अनुभवों और लोक कथाओं को मुख्यधारा में ज़्यादा महत्व नहीं मिला है। कई लोगों का मानना है कि अंग्रेजी शिक्षा के आगमन और मिशनरियों की अंदरूनी इलाकों में गहरी पहुंच के कारण धीरे-धीरे आदिवासी समुदायों की पारंपरिक मान्यताओं और रीति-रिवाजों में दखल हुआ है। जिसके चलते त्रिपुरा की पहाड़ियों से जुड़ी पौराणिक कथाएं और लोक कथाएं धीरे-धीरे अपनी अहमियत खोती चली गईं।

हालांकि, ‘शांति काली मिशन’ जैसी संस्थाएं इन लोक कथाओं और परंपराओं को जीवित रखने के लिए पूरी कोशिश कर रही हैं। भगवान शिव का अवतार माने जाने वाले ‘बाबा लोंगथरई’ की कहानी भी लोंगथरई पहाड़ियों की एक प्रसिद्ध किंवदंती है लेकिन आम लोगों को इसके बारे में बहुत कम जानकारी है। बंगाली कैलेंडर वर्ष के अंत में हापुंग राजा में स्थित बाबा लोंगथरई मंदिर में विशेष पूजा, यज्ञ और धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं। पहाड़ी की चोटी पर स्थित इस मंदिर तक कीचड़ भरे रास्तों से होकर तीन से चार घंटे की चढ़ाई के बाद ही पहुंचा जा सकता है, जो मानसून में दुर्गम हो जाता है। यह मंदिर त्रिपुरा के धलाई जिले के करमछेरा विधानसभा क्षेत्र में आता है। मंदिर का प्रबंधन अब शांति काली मिशन के हाथ में है। स्थानीय लोग मानते हैं कि भगवान शिव, जिन्हें वे पहाड़ियों के रक्षक के रूप में पूजते हैं का इस गांव से गहरा संबंध है।

संबंधितपोस्ट

अष्टलक्ष्मी की उड़ान: प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पूर्वोत्तर से उभरती विकास, संस्कृति और आत्मगौरव की नई कहानी

अगरतला की प्रभुबाड़ी पूजा: नित्यानंद महाप्रभु के वंशजों द्वारा शुरू की गई 170 वर्ष पुरानी पूजा क्यों है विशेष और क्या है इतिहास ?

डिजिटल दोस्ती: बांग्लादेश की गुलशाना अख्तर ने प्रेमी दत्ता यादव से मिलने के लिए अवैध रूप से पार की सीमा, BSF ने दोनों को पकड़ा

और लोड करें

शांति काली मिशन के एक संत पद्म नारायण ब्रह्मचारी ने बताया, “ऐसी मान्यता है कि शंखा तारापति मां का जन्म इसी स्थान की एक रियांग जनजाति के परिवार में हुआ था। वह भगवान शिव की परम भक्त थीं। उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव उन्हें अपने साथ ले गए। उसके बाद से वे कई बार इस स्थान पर आए और लोगों को सुरक्षा देने का वचन दिया। तभी से लोग उन्हें बाबा लोंगथरई के रूप में पूजने लगे हैं।” हालांकि, कुछ धार्मिक समुदाय इस कथा से पूरी तरह सहमत नहीं हैं। उनका मानना है कि हापुंग राजा वह स्थान है जहां भगवान शिव काशी यात्रा के दौरान कुछ समय के लिए रुके थे। यह कहानी उनाकोटी की पौराणिक कथा से भी जुड़ी हुई है, जिसे एक शैव तीर्थ यानी भगवान शिव का पावन स्थान माना जाता है।

संत के अनुसार, सबसे पहले 1972 में स्थानीय लोगों ने वहां एक अस्थायी मंदिर बनाया था। वर्तमान मंदिर, जहां हर साल मेला और पूजा होती है इसे 1995 में बनाया गया था। ब्रह्मचारी ने बताया, “यह मंदिर शांति काली महाराज द्वारा 1995 में स्थापित किया गया था। तब से हर साल चैत्र महीने में यज्ञ, कीर्तन और गंगा पूजा की जाती है। यहां आने वाले लोगों का मानना ​​है कि बाबा लोंगथराई उनकी सारी कमजोरियां दूर कर देते हैं और उनके दुखों को ठीक कर देते हैं।”

करमछेरा के विधायक पॉल धांग्शु ने हाल ही में त्रिपुरा सरकार को इस मंदिर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव सौंपा है। उनके प्रस्ताव में मंदिर के चारों ओर सोलर लाइट लगाने, जल शुद्धिकरण और वर्षा जल संग्रहण प्रणाली बनाने, रेलिंग लगाने और एक वॉच टावर निर्माण जैसे काम शामिल हैं। इसे लेकर उन्होंने कहा, “देश के दूर-दराज इलाकों से श्रद्धालु यहां दिव्य अनुभव के लिए आते हैं। यह मंदिर हरे-भरे जंगल से घिरा हुआ है और प्रकृति की प्राचीन सुंदरता से भरपूर है।” उन्होंने बताया, “हापुंग राजा की चोटी तक पहुंचने के लिए लगभग 4,500 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। श्रद्धालुओं के लिए सबसे बड़ी समस्या वहां तक पहुंचने के लिए एक पक्के और सभी मौसम में चलने योग्य रास्ते की कमी है। सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वहां तक अच्छी सड़क बनाई जाए।”

मंदिर का वार्षिक त्योहार हर साल 13 अप्रैल को मनाया जाता है। ध्यान देने योग्य बात यह है कि यह बाबा लोंगथरई का इकलौता मंदिर नहीं है। चौमनु क्षेत्र में भी उनका एक अन्य मंदिर स्थित है, जहां बाबा लोंगथरई की पूजा की जाती है। वहां हर साल शिव चतुर्दशी के अवसर पर त्योहार मनाया जाता है।  यह मंदिर भी उतना ही महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि स्थानीय लोगों को पहाड़ी की चोटी पर किसी दिव्य उपस्थिति का अनुभव हुआ है। इस स्थान पर कई मंदिर और शिलालेख भी पाए जाते हैं, जहां आज भी लोग नियमित रूप से पूजा करते हैं।

स्रोत: त्रिपुरा, शांति काली मिशन, बाबा लोंगथरई, हापुंग राजा, Tripura, Shanti Kali Mission, Baba Longtharai, Hapung Raja,
Tags: Baba LongtharaiHapung RajaShanti Kali MissionTripuraत्रिपुराबाबा लोंगथरईशांति काली मिशनहापुंग राजा
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

LoC के बाद IB पर पाक की फायरिंग, मंत्री तरार बोले- 36 घंटे में हमला करेगा भारत; PAF के HQ पहुंचा तुर्किये का डेलिगेशन

अगली पोस्ट

‘गौरव का सिर चाहिए, हिंदुओं को बचाया तो परिवार खत्म कर देंगे’: कश्मीर में तैनात बंगाल के सेना के जवान के घर लगा पोस्टर

संबंधित पोस्ट

तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद
चर्चित

तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

15 July 2026

तिरुपति बालाजी मंदिर में पहली आरती को लेकर नया विवाद शुरू हो गया है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा है कि सरकार उस...

दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों
इतिहास

दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

7 July 2026

कहते हैं संयोग और चमत्कार इस दुनिया में होते हैं। कुछ ऐसा ही मेरे साथ भी घटित हुआ। एक महत्त्वपूर्ण पुस्तक के अनुवाद कार्य में...

राम मंदिर चढ़ावा विवाद
चर्चित

राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

30 June 2026

अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे में कथित गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद साधु-संत समाज की भी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। श्रीराम...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

What's Really Behind Xinjiang's Global Supply Chains?

What's Really Behind Xinjiang's Global Supply Chains?

00:03:26

IRAN HITS UAE OIL TANKERS

00:03:28

THE CAMPS AFTER URUMQI

00:03:51

BANGKOK PUB FIRE HORROR

00:04:07

Vietnam Speedboat Tragedy: How 15 Indian Tourists Lost Their Lives

00:03:35
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited