TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पुतिन ने जताया भारत पर भरोसा

    पुतिन ने जताया भारत पर भरोसा, मोदी पर पश्चिमी दबाव को किया खारिज; भारत की स्वतंत्र विदेश नीति का किया समर्थन

    राजीव गांधी

    जब राजीव गांधी ने दूरदर्शन को दिए थे तियानआनमेन स्क्वायर नरसंहार की कवरेज न करने के निर्देश

    Cockroach Janta Party

    Cockroach Janta Party ने दिल्ली प्रदर्शन से पहले तीन प्रवक्ताओं का किया ऐलान, नेताओं की पृष्ठभूमि पर छिड़ी बहस

    रुद्रम-2 मिसाइल

    रुद्रम-2 मिसाइल के सफल परीक्षण से भारत की रक्षा ताकत बढ़ी, दुश्मन के रडार सिस्टम को 300 किमी दूर से कर सकती है तबाह

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात जारी रखेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    गोवा राज्य स्थापना दिवस

    गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

    1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)

    अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पुतिन ने जताया भारत पर भरोसा

    पुतिन ने जताया भारत पर भरोसा, मोदी पर पश्चिमी दबाव को किया खारिज; भारत की स्वतंत्र विदेश नीति का किया समर्थन

    राजीव गांधी

    जब राजीव गांधी ने दूरदर्शन को दिए थे तियानआनमेन स्क्वायर नरसंहार की कवरेज न करने के निर्देश

    Cockroach Janta Party

    Cockroach Janta Party ने दिल्ली प्रदर्शन से पहले तीन प्रवक्ताओं का किया ऐलान, नेताओं की पृष्ठभूमि पर छिड़ी बहस

    रुद्रम-2 मिसाइल

    रुद्रम-2 मिसाइल के सफल परीक्षण से भारत की रक्षा ताकत बढ़ी, दुश्मन के रडार सिस्टम को 300 किमी दूर से कर सकती है तबाह

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात जारी रखेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    गोवा राज्य स्थापना दिवस

    गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

    1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)

    अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

नक्सलवाद पार्ट-1: जर्मनी से नक्सलबाड़ी तक लाल आतंक का सफर

मार्च 2026 कर देश से लाल आतंक यानी नक्सलवाद का खात्मा होना है। इससे पहले नक्सलियों के खिलाफ अभियान तेज है। ऐसे में आइये जानें जर्मनी से ये विचार भारत कैसे पहुंच गया?

Shyamdatt Chaturvedi द्वारा Shyamdatt Chaturvedi
23 May 2025
in भारत
Rise of Naxalism

Rise of Naxalism

Share on FacebookShare on X

नक्सलवाद पार्ट-1: आजादी के बाद से भारत का लोकतंत्र देश को तेजी से विकास की राह पर लेकर चल रहा है। हालांकि, इसमें सबसे बड़ा रोड़ा नक्सलवाद बना हुआ है। वर्तमान सरकार ने इसे मार्च 2026 तक खत्म करने का संकल्प लिया है। इस दिशा में तेजी से काम हो रहा है। लगातार नक्सलियों को मिट्टी में मिलाया जा रहा है। इन तमाम खबरों के बीच आपके दिमाग में भी सवाल तो आता ही होगा कि आखिर इस समस्या का जन्म कब और कहां से हुआ। तो आइये आज हम आपके इस सवाल का जवाब देते हैं।

अमूमन कहा जाता है कि नक्सलवाद 60 के दशक में पश्चिम बंगाल के नक्सलबाड़ी से जन्म लेता है। इसके बाद वो देश के विभिन्न हिस्सों में फैल जाता है। भारत के लिए ये बात सच है। हालांकि, नक्सलवाद की समस्या वास्तव में कम्युनिज्म से होती है। इसे जानने के लिए हमें समय की यात्रा में कुछ पीछे जाना होगा।

संबंधितपोस्ट

Cockroach Janta Party ने दिल्ली प्रदर्शन से पहले तीन प्रवक्ताओं का किया ऐलान, नेताओं की पृष्ठभूमि पर छिड़ी बहस

भारत से नक्सलवाद का अंत: पीएम मोदी के विज़न और अमित शाह के संकल्प की ऐतिहासिक जीत

बी. सुदर्शन रेड्डी पर नक्सल समर्थक रवैये का आरोप, INDIA ब्लॉक के VP उम्मीदवार पर एनडीए का निशाना

और लोड करें

ये भी पढ़ें: नक्सलवाद के समर्थन में खुलकर सामने आईं भारत की कम्युनिस्ट पार्टियां

तो आइये समझते हैं कम्युनिज्म से कैसे नक्सलवाद की शुरुआत होती है?

साल 1818 में जर्मनी में जन्मे कार्ल मार्क्स का मानना था कि सामाजिक समानता के लिए शांतिपूर्ण क्रांति की जानी चाहिए। हालांकि उनका ये भी मानना था कि शांति से बात न बने तो हथियार उठा लेना चाहिए। मार्क्स के विचारों का जर्मनी के श्रमिक वर्ग पर गहरा प्रभाव था। वो मजदूरों के हक में लड़ते रहे। लगातार सरकार के विरोध के कारण उन्हें निर्वासन का सामना करना पड़ा। इन घटनाओं ने उन्हें और भी अधिक क्रांतिकारी बना दिया। निर्वासन के दौरान उन्होंने 1847 में लंदन में कम्युनिस्ट लीग की स्थापना की और 1848 में ‘द कम्युनिस्ट मेनिफेस्टो’ प्रकाशित किया। इसे ही कम्युनिज्म का आधार माना जाता है। 14 मार्च 1883 में कार्ल मार्क्स की मौत हो गई। इसके बाद भी काफी समय तक कम्युनिस्ट मजदूरों की लड़ाई शांति के रास्ते से लड़ते रहे।

जर्मनी से जन्मा विचार भारत पहुंचा

जर्मनी से जन्मा ये विचार माओ, लेनिन और स्टालिन के माध्यम से रूस और चाइना तक पहुंच गया। जब दुनिया मार्क्सवाद यानी कम्युनिस्ट विचारों से प्रभावित हो रही थी। उसी समय गुलाम भारत में भी इस विचार ने घर करना शुरू कर दिया। 17 अक्टूबर 1920 को अमन राय के नेतृत्व में रूस के ताशकंद में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया के स्थापना की बात चली। लगातार इस दिशा में काम होता रहा। नतीजा ये हुए कि कानपुर में दिसंबर 1925 पहली ही बैठक में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया के गठन का प्रस्ताव पास हो गया। हालांकि, भारत में उस समय अंग्रेजों की सरकार थी इस कारण कम्युनिस्टों को ब्रिटिश तानाशाही का सामना करना पड़ा।

कम्युनिस्टों का झुकाव अंग्रेजों की तरफ

भारत में कम्युनिस्ट बाकायदा अंग्रेजों के खिलाफ मोर्चा उठाकर गरीब और किसानों की लड़ाई लड़ रहे थे। इस बीच दूसरा विश्व युद्ध शुरू हो गया। 1939 से 1945 तक चले संघर्ष में जर्मनी, इटली और जापान एक तरफ थे। दूसरी ओर मित्र राष्ट्र यानी फ्रांस, ब्रिटेन, अमेरिका और सोवियत संघ लड़ रहे थे। युद्ध के परिणाम में जर्मनी का विभाजन हो गया। एक हिस्सा सोवियत संघ के आधीन आया जहां कम्युनिस्ट सरकार की स्थापना हुई। यहीं से कम्युनिस्टों का झुकाव अंग्रेजों की तरफ होने लगा। क्योंकि, अंग्रेज दूसरा विश्व युद्ध सोवियत संघ के साथ लड़ रहे थे।

कम्युनिज्म ‘भारत विरोधी’ साबित हुआ

दूसरे विश्व युद्ध शुरू के दौरान भारत में अंग्रेजों के खिलाफ आवाद बुलंदी पर थी। महात्मा गांधी ने 1942 में अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन चला दिया। भारत में कम्युनिस्टों को अंग्रेजों के खिलाफ उठाई महात्मा गांधी की आवाज पसंद नहीं आई। क्योंकि, जर्मनी के बंटवारे से ही वो सोवियत संघ और मित्र ब्रिटेन के साथ खड़े थे। हिंदुस्तान की धरती में बैठे कम्युनिस्टों को देश की आजादी से कोई फर्क नहीं पड़ता था। उन्हें अंग्रेजों का विरोध मित्र को विरोध लग रहा था। क्योंकि, अंग्रेजों ने दूसरे विश्व युद्ध में सोवियत का साथ दिया था। ये पहली बार था जब भारत में कम्युनिज्म ‘भारत विरोधी’ साबित हो गया और आम लोगों के दिलों से दूर हो गया।

दुनिया की पहली चुनी कम्युनिस्ट सरकार

वक्त आगे बढ़ा और साल 1947 में भारत आजाद हो गया। देश में चुनावों का दौर चला तो 1957 केरल विधानसभा में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी सरकार बनाने में कामयाब हो गई। ये दुनिया की पहली चुनी हुई कम्युनिस्ट सरकार मानी जाती है। 5 साल बाद 1962 में भारत की लड़ाई चीन से हो गई। इसी घटना ने कम्युनिस्ट पार्टी दो गुटों में बांट दिया। चीनी समर्थक गुट ने कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया से अलग होकर कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया मार्क्सवादी बना ली। इसके नेता माओ की चीनी क्रांति से प्रभावित चारू मजूमदार और कानू सान्याल बने।

नक्सलबाड़ी आंदोलन से जन्मा नक्सलवाद

मार्क्सवादी ‘सत्ता बंदूक से निकलती है’ के सिद्धांत पर काम करते थे। उन्होंने 1967 में किसानों की समस्याओं में अपनी सियासत को खोज निकाला। चारू मजूमदार और कानू सान्याल ने किसानों के आंदोलन की भूमि तैयार की और इसे हिंसक बना दिया। 23 मई 1967 को पश्चिम बंगाल के नक्सलबाड़ी में तीर कमान से लैस किसानों का पुलिस से संघर्ष हो गया। इसमें कई पुलिस वाले घायल हुए। 25 मई को पुलिस तैयारी से साथ पहुंची और गोलीबारी कर दी। इसमें कई लोगों की मौत हो गई। इसके बाद ये आंदोलन करीब 52 दिनों तक चला। इसे माओवाद के नाम से जाना जाता है। हालांकि ये नक्सलबाड़ी में चला इस कारण इसका नाम नक्सलवाद आंदोलन कहा जाने लगा।

1969 में चारू मजूमदार और कानू सान्याल ने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) बनाई। इनका मकसद हथियारों के जरिए लड़ाई को आगे बढ़ाना था। 70 के दशक तक आंदोलन तेज हो गया। 1972 में चारू मजूमदार की पुलिस हिरासत में मौत हो गई। यहां से नक्सली आंदोलन में बिखराव हो गया। धीरे-धीरे ये आंध्र प्रदेश, बिहार, उड़ीसा, छत्तीसगढ़ में मजबूती से पैर जमा लिया। इन्हीं प्रदेशों के 90 जिलों को नक्सलियों का रेड कॉरिडोर कहा जाने लगा। इसके बाद से ही ये आंदोलन देश के विकास में रोड़ा बना हुआ है। अब इसे सरकार ने खत्म करने का इरादा बना लिया है।

Tags: नक्सलवाद
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

बीजेपी-कांग्रेस के नेताओं की मांग, स्कूलों में पढ़ाई जाए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की गाथा

अगली पोस्ट

आतंकी मुल्क PAK को आंख मूंदकर अरबों थमाने को लेकर अब IMF ने दी सफाई, कहा- पाकिस्तान ने….

संबंधित पोस्ट

पश्चिम एशिया का नया कूटनीतिक समीकरण: पाकिस्तान की भूमिका पर रूस का संदेह और भारत का उभरता रणनीतिक वर्चस्व
भारत

पश्चिम एशिया का नया कूटनीतिक समीकरण: पाकिस्तान की भूमिका पर रूस का संदेह और भारत का उभरता रणनीतिक वर्चस्व

15 May 2026

पश्चिम एशिया (West Asia) के कूटनीतिक परिदृश्य में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। वैश्विक शक्तियां अब इस क्षेत्र में मध्यस्थता की भूमिका...

भोजशाला पर हिंदुओं की बड़ी जीत
इतिहास

धार की भोजशाला को इंदौर हाईकोर्ट ने माना वाग्देवी मंदिर माना, मुस्लिमों के नमाज़ के अधिकार का दावा ख़ारिज

15 May 2026

मध्य प्रदेश के धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला को लेकर वर्षों से चल रहे विवाद पर आज बड़ा न्यायिक फैसला आया है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने...

संजीव सान्याल
अर्थव्यवस्था

संजीव सान्याल: क्या बंगाल को मिलने वाला है अपना ‘टेक्नोक्रेट’ वित्त मंत्री?

15 May 2026

सीएम सुवेंदु अधिकारी जल्द ही नंदीग्राम सीट खाली कर सकते हैं। इसके बाद वहां उपचुनाव होगा। और बंगाल के अगले वित्त मंत्री के तौर पर...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

AIRCRAFT CARRIERS: INDIA’S MOST POWERFUL TOOL OF MARITIME POWER PROJECTION | INS Vikrant |

AIRCRAFT CARRIERS: INDIA’S MOST POWERFUL TOOL OF MARITIME POWER PROJECTION | INS Vikrant |

00:03:22

Rudram 2 Success: Made in India Missile Ready To Crush Enemy Radars| DRDO’s Big Breakthrough

00:03:46

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

00:05:40

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited