अपने ही बयान से फंस गए ट्रंप, आखिर युक्रेन युद्ध से कौन बना रहा पैसा
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह की हो सकती है राज्यसभा में एंट्री; क्या केंद्र की राजनीति में बड़ी भूमिका देगी बीजेपी?

    पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह की हो सकती है राज्यसभा में एंट्री; क्या केंद्र की राजनीति में बड़ी भूमिका देगी बीजेपी?

    CJP पर बड़ा खुलासा: क्या केजरीवाल की पार्टी चला रही है कॉकरोच जनता पार्टी? पूर्व IAS ने खोला मोर्चा!

    CJP पर बड़ा खुलासा: क्या केजरीवाल की पार्टी चला रही है कॉकरोच जनता पार्टी? पूर्व IAS ने खोला मोर्चा!

    देश में गहराया जलसंकट

    भीषण गर्मी के साथ देश में गहराया जलसंकट, पानी के लिए जूझ रहे लोग

    फर्जी नाम से दोस्ती

    बटला हाउस में मुस्लिम युवक के धोखे के बाद हिंदू युवती ने झेला गैंगरेप, प्रताड़ना और धर्म परिवर्तन का दबाव

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    संजीव सान्याल

    संजीव सान्याल: क्या बंगाल को मिलने वाला है अपना ‘टेक्नोक्रेट’ वित्त मंत्री?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    मोदी सरकार का ‘स्मार्ट बॉर्डर’ अभियान, अमित शाह ने घुसपैठ के खिलाफ पाकिस्तान और बांग्लादेश सीमाओं को अभेद्य बनाने का वादा किया

    मोदी सरकार का ‘स्मार्ट बॉर्डर’ अभियान, अमित शाह ने घुसपैठ के खिलाफ पाकिस्तान और बांग्लादेश सीमाओं को अभेद्य बनाने का वादा किया

    पाकिस्तान से लाइव हैंडल हो रहा था पहलगाम नरसंहार: NIA चार्जशीट में डिजिटल ट्रेल, लाइव कोऑर्डिनेशन और लोकल नेटवर्क का भंडाफोड़

    पाकिस्तान से लाइव हैंडल हो रहा था पहलगाम नरसंहार: NIA चार्जशीट में डिजिटल ट्रेल, लाइव कोऑर्डिनेशन और लोकल नेटवर्क का भंडाफोड़

    ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को सीजफायर के लिए कैसे मजबूर किया

    ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को युद्धविराम के लिए कैसे मजबूर किया ?

    भारत का सैन्य पुनर्गठन: सुब्रमण्यम होंगे नए CDS और स्वामीनाथन बनेंगे नौसेना प्रमुख, रक्षा क्षेत्र में एक रणनीतिक बदलाव

    भारत का सैन्य पुनर्गठन: सुब्रमण्यम होंगे नए CDS और स्वामीनाथन बनेंगे नौसेना प्रमुख, रक्षा क्षेत्र में एक रणनीतिक बदलाव

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात जारी रखेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    Keral Muslim Leauge

    मुस्लिम लीग, केरलम् और बहुत कुछ…

    भोजशाला

    भोजशाला: इतिहास, आस्था और साक्ष्यों के बीच उभरता सत्य

    कोर्ट ने भोजशाला को 'वाग्देवी मंदिर' माना है और हिंदू पक्ष को वहां पूजा-अर्चना का पूरा अधिकार देने की बात कही।

    भोजशाला: इतिहास, संघर्ष और “विजेता भाव” की अनकही कहानी

    भोजशाला पर हिंदुओं की बड़ी जीत

    धार की भोजशाला को इंदौर हाईकोर्ट ने माना वाग्देवी मंदिर माना, मुस्लिमों के नमाज़ के अधिकार का दावा ख़ारिज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा की बढ़ी मुश्किलें: NADA ने थमाया नोटिस, डोपिंग नियमों के उल्लंघन का खतरा!

    यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा की बढ़ी मुश्किलें: NADA ने थमाया नोटिस, डोपिंग नियमों के उल्लंघन का खतरा!

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह की हो सकती है राज्यसभा में एंट्री; क्या केंद्र की राजनीति में बड़ी भूमिका देगी बीजेपी?

    पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह की हो सकती है राज्यसभा में एंट्री; क्या केंद्र की राजनीति में बड़ी भूमिका देगी बीजेपी?

    CJP पर बड़ा खुलासा: क्या केजरीवाल की पार्टी चला रही है कॉकरोच जनता पार्टी? पूर्व IAS ने खोला मोर्चा!

    CJP पर बड़ा खुलासा: क्या केजरीवाल की पार्टी चला रही है कॉकरोच जनता पार्टी? पूर्व IAS ने खोला मोर्चा!

    देश में गहराया जलसंकट

    भीषण गर्मी के साथ देश में गहराया जलसंकट, पानी के लिए जूझ रहे लोग

    फर्जी नाम से दोस्ती

    बटला हाउस में मुस्लिम युवक के धोखे के बाद हिंदू युवती ने झेला गैंगरेप, प्रताड़ना और धर्म परिवर्तन का दबाव

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    संजीव सान्याल

    संजीव सान्याल: क्या बंगाल को मिलने वाला है अपना ‘टेक्नोक्रेट’ वित्त मंत्री?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    मोदी सरकार का ‘स्मार्ट बॉर्डर’ अभियान, अमित शाह ने घुसपैठ के खिलाफ पाकिस्तान और बांग्लादेश सीमाओं को अभेद्य बनाने का वादा किया

    मोदी सरकार का ‘स्मार्ट बॉर्डर’ अभियान, अमित शाह ने घुसपैठ के खिलाफ पाकिस्तान और बांग्लादेश सीमाओं को अभेद्य बनाने का वादा किया

    पाकिस्तान से लाइव हैंडल हो रहा था पहलगाम नरसंहार: NIA चार्जशीट में डिजिटल ट्रेल, लाइव कोऑर्डिनेशन और लोकल नेटवर्क का भंडाफोड़

    पाकिस्तान से लाइव हैंडल हो रहा था पहलगाम नरसंहार: NIA चार्जशीट में डिजिटल ट्रेल, लाइव कोऑर्डिनेशन और लोकल नेटवर्क का भंडाफोड़

    ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को सीजफायर के लिए कैसे मजबूर किया

    ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को युद्धविराम के लिए कैसे मजबूर किया ?

    भारत का सैन्य पुनर्गठन: सुब्रमण्यम होंगे नए CDS और स्वामीनाथन बनेंगे नौसेना प्रमुख, रक्षा क्षेत्र में एक रणनीतिक बदलाव

    भारत का सैन्य पुनर्गठन: सुब्रमण्यम होंगे नए CDS और स्वामीनाथन बनेंगे नौसेना प्रमुख, रक्षा क्षेत्र में एक रणनीतिक बदलाव

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात जारी रखेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    Keral Muslim Leauge

    मुस्लिम लीग, केरलम् और बहुत कुछ…

    भोजशाला

    भोजशाला: इतिहास, आस्था और साक्ष्यों के बीच उभरता सत्य

    कोर्ट ने भोजशाला को 'वाग्देवी मंदिर' माना है और हिंदू पक्ष को वहां पूजा-अर्चना का पूरा अधिकार देने की बात कही।

    भोजशाला: इतिहास, संघर्ष और “विजेता भाव” की अनकही कहानी

    भोजशाला पर हिंदुओं की बड़ी जीत

    धार की भोजशाला को इंदौर हाईकोर्ट ने माना वाग्देवी मंदिर माना, मुस्लिमों के नमाज़ के अधिकार का दावा ख़ारिज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा की बढ़ी मुश्किलें: NADA ने थमाया नोटिस, डोपिंग नियमों के उल्लंघन का खतरा!

    यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा की बढ़ी मुश्किलें: NADA ने थमाया नोटिस, डोपिंग नियमों के उल्लंघन का खतरा!

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

अपने ही बयान से फंस गए ट्रंप, आखिर युक्रेन युद्ध से कौन बना रहा पैसा ?

प्रश्न यह है कि जब वाशिंगटन खुद मान रहा है कि वह हथियारों की बिक्री से मुनाफ़ा कमा रहा है, तो भारत की ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ी खरीद को युद्ध का ईंधन क्यों बताया जाता रहा है? ये पश्चिम का दोहरा चरित्र नहीं तो और क्या है?

Vibhuti Ranjan द्वारा Vibhuti Ranjan
23 September 2025
in AMERIKA, अर्थव्यवस्था, भारत, भू-राजनीति, यूरोप, विश्व, व्यवसाय
अपने ही बयान से फंस गए ट्रंप, आखिर युक्रेन युद्ध से कौन बना रहा पैस

ट्रंप ने अनजाने में ही सही, अमेरिकी पाखंड को उजागर तो कर ही दिया है।

Share on FacebookShare on X

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में एक ऐसा बयान दिया, जिसने अंतरराष्ट्रीय राजनीति के कथित नैतिक ताने-बाने को हिला कर रख दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका यूक्रेन युद्ध से पैसा बना रहा है, क्योंकि नाटो देश अमेरिकी हथियार खरीद रहे हैं। यह टिप्पणी सीधे उस पश्चिमी नैरेटिव को चुनौती देती है, जिसके तहत भारत पर अक्सर आरोप लगाया जाता है कि रूस से तेल खरीदकर वह पुतिन की युद्ध मशीन को ताक़त देता है।

प्रश्न यह है कि जब वाशिंगटन खुद मान रहा है कि वह हथियारों की बिक्री से मुनाफ़ा कमा रहा है, तो भारत की ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ी खरीद को युद्ध का ईंधन क्यों बताया जाता रहा है? अगर यह सही भी है तो इसमें गलत क्या है। सवाल यह कि अमेरिका और नाटो देश भी तो यूक्रेन को युद्ध के लिए समर्थन और हथियार दोनों दे रहे हैं। वे ऐसा क्यों कर रहे हैं। ये देश अगर युक्रेन को मदद न करते तो यह युद्ध तो कब का समाप्त हो चुका होता। तो क्या इसके लिए वे दोषी नहीं हैं।

संबंधितपोस्ट

तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

जब दुनिया में गेहूं का संकट गहराया: रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान भारत ने बांग्लादेश तक पहुंचाया अनाज

चीन की चुनौती के बीच दिल्ली में जुटीं क्वाड शक्तियां, भारत ने संभाली रणनीतिक नेतृत्व की कमान

और लोड करें

अमेरिकी हथियार उद्योग और युद्ध की अर्थव्यवस्था

जानकारी हो कि अमेरिका का रक्षा उद्योग वैश्विक स्तर पर सबसे बड़ा है। स्टॉकहोम स्थित SIPRI (Stockholm International Peace Research Institute) की ताज़ा रिपोर्ट बताती है कि 2015-19 और 2020-24 के बीच अमेरिकी हथियार निर्यात में 21% की वृद्धि हुई है। इससे उसकी वैश्विक हिस्सेदारी 43% तक पहुंच गई है। इस दौरान रूस का निर्यात घटकर लगभग 64% कम हो गया (SIPRI, 2025)।

यूरोप के नाटो देशों ने रूस—यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद अपने रक्षा बजट दोगुने-तिगुने कर दिए हैं। पोलैंड ने अमेरिकी HIMARS रॉकेट सिस्टम और F-35 फाइटर जेट्स खरीदे और जर्मनी ने मिसाइल रक्षा प्रणाली का बड़ा करार किया। यही कारण है कि ट्रंप ने कहा कि “अमेरिका पैसे कमा रहा है।” साफ शब्दों में कहें तो यह युद्ध अमेरिकी कंपनियों—लॉकहीड मार्टिन, रेथियॉन और बोइंग के लिए मुनाफा कमाने का बड़ा अवसर बन चुका है। वे कमा भी रहे हैं।

भारत की ऊर्जा सुरक्षा की मजबूरी

यहीं पर भारत की स्थिति कुछ अलग है। जानकारी हो कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक देश है। वह अपनी 85% ज़रूरतें विदेश से पूरी करता है। आंकड़ों के आधार पर बात करें तो युद्ध से पहले रूस से उसका आयात 2% से भी कम था। लेकिन 2022 के बाद रूस ने यूरोपीय बाजार खोने पर भारत को भारी छूट पर तेल बेचना शुरू कर दिया। IEA (International Energy Agency) की रिपोर्ट बताती है कि 2023 में भारत ने रूस से लगभग 1.7 मिलियन बैरल प्रतिदिन (mb/d) तेल आयात किया, जो उसके कुल आयात का 38% था (IEA, 2024)। इससे भारत को महंगाई पर नियंत्रण रखने और अरबों डॉलर बचाने में मदद मिली।

Reuters के मुताबिक जुलाई 2025 में भी भारत का रूसी तेल आयात करीब 1.5 mb/d रहा, यानी कुल आयात का लगभग 34% (Reuters, 2025)। इससे साफ है कि भारत ने रूस से तेल खरीद को आर्थिक व ऊर्जा सुरक्षा के लिए जरूरी कदम माना, न कि युद्ध को राजनीतिक समर्थन।

पश्चिम का पाखंड और दोहरे मानदंड

यहीं पर पश्चिम का दोहरा रवैया उजागर होता है। यहां पर सबसे बड़ी बात यह कि भारत जो तेल खरीदता है, वह नागरिक उपभोग और विकास की ज़रूरत है। लेकिन, अमेरिका जो हथियार बेचता है, वह तो सीधे युद्ध और विनाश का साधन है। लेकिन पश्चिम का नैरेटिव अलग है। अमेरिका और यूरोपीय संघ बार-बार कहते हैं कि भारत का तेल आयात रूस को युद्ध के लिए राजस्व देता है। परंतु, अमेरिकी हथियार बिक्री को वे “लोकतंत्र की रक्षा” और “स्वतंत्रता की लड़ाई” के नाम पर वैध ठहराते हैं। यह दोहरा रवैया क्यों?

Centre for Research on Energy and Clean Air (CREA) के अनुसार, फरवरी 2022 के बाद से भारत रूस के कुल कच्चे तेल निर्यात का 20% से अधिक खरीदार रहा है (CREA, 2024)। लेकिन उसी अवधि में अमेरिका और यूरोप के हथियार सौदे कई गुना बढ़े हैं और इनका असर सीधा युद्ध को लंबा करने पर पड़ता है। इसलिए उन्हें पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए।

वैसे अमेरिका के लिए यह कोई नई बात नहीं है। महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि द्वितीय विश्व युद्ध में अमेरिकी उद्योग ने यूरोप और एशिया के देशों में हथियार बेचकर भारी कमाई की। शीत युद्ध के दौर में भी वियतनाम, अफगानिस्तान और मध्य-पूर्व अमेरिकी कंपनियों के अनुबंधों से भर गए। इराक युद्ध (2003) और अफगानिस्तान में दो दशक तक चले सैन्य अभियानों ने हथियार कंपनियों और निजी कॉन्ट्रैक्टर्स को अरबों डॉलर दिए। खुद अमेरिकी राष्ट्रपति आइजनहावर ने 1961 में चेतावनी दी थी कि “मिलिट्री-इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स” लोकतंत्र के लिए खतरा बन सकता है। आज तो ट्रंप का यह बयान उस चेतावनी की पुष्टि करता हुआ लगता है।

भारत का पक्ष और कूटनीति

वैसे भारत बार-बार कह चुका है कि उसका तेल आयात राजनीतिक नहीं, बल्कि व्यावहारिक निर्णय है। भारत का इतना बड़ा उपभोक्ता वर्ग महंगे तेल पर निर्भर नहीं रह सकता। अगर भारत ने रूस से तेल न खरीदा होता तो महंगाई आसमान छू लेती और विकास दर पर गंभीर असर पड़ता। इतना ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें आसमान छू रही होतीं।

दिलचस्प यह भी है कि भारत से रिफाइन होकर बने पेट्रोल और डीज़ल यूरोप को भी निर्यात होते हैं। यानी परोक्ष रूप से वही यूरोपीय देश, जो भारत की आलोचना करते हैं, उसी रूसी तेल से बने उत्पाद का ही उपयोग करते हैं। भारत ने तटस्थता की नीति अपनाते हुए युद्ध पर संवाद और शांति की पैरवी की है। भारत के लिए प्राथमिकता अपनी जनता की भलाई और ऊर्जा सुरक्षा है। वह ऐसा क्यों न करे?

ट्रंप ने अनजाने में ही सही, अमेरिकी पाखंड को उजागर तो कर ही दिया है। जब अमेरिका खुद मान रहा है कि वह युद्ध से मुनाफ़ा कमा रहा है, तो उसके पास भारत पर उंगली उठाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं बचता। भारत के लिए यह सबक है कि उसे अपनी स्थिति और स्पष्टता से दुनिया के सामने रखनी चाहिए। तेल खरीदना और हथियार बेचना एकसमान नहीं हैं। भारत यह कदम अपनी जनता की ज़रूरत के लिए उठा रहा है, जबकि अमेरिका का मकसद लाभ और भू-राजनीतिक दबदबा है।

आज के समय की बात करें तो आधुनिक युद्ध सिर्फ़ रणभूमि पर ही नहीं, बल्कि बाज़ार और उद्योगों में भी लड़े जाते हैं। यूक्रेन युद्ध इसका सबसे ताज़ा उदाहरण है। अमेरिका का हथियार उद्योग इस युद्ध से फल-फूल रहा है, रूस का तेल उद्योग उसकी रीढ़ है। ऐसे में भारत जैसे देश अपनी ऊर्जा सुरक्षा के लिए व्यावहारिक कदम उठा रहे हैं। इसमें गलत क्या है?

लेकिन, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का बयान भारत के खिलाफ उनके इस नैरेटिव को उलट देता है। ट्रंप ने मान लिया कि अमेरिका युद्ध से “कमाई” कर रहा है। ऐसे में उनका यह कहना कि भारत का तेल आयात युद्ध को ईंधन देता है, यह तो सिर्फ़ पश्चिमी पाखंड ही है। असली सवाल यही है कि युद्ध को लंबा खींचने वाला कौन है—वह जो तेल खरीदकर अपनी जनता को राहत देता है, या वह जो बम और मिसाइल बेचकर मुनाफ़े की राजनीति करता है?

Tags: Americaarms marketIndiaoil purchaseRussiaTRUMPUkraineअमेरिकाट्रंपतेल खरीदभारतयूक्रेनरूसहथियारों का बाजार
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

धर्मरक्षा के लिए बलिदान हुए करोड़ों अज्ञात हिंदुओं का हरिद्वार में सामूहिक तर्पण

अगली पोस्ट

इस्लामिक NATO की ओर पहला क़दम: ट्रंप और अरब-मुस्लिम नेताओं की सीक्रेट मीटिंग के क्या हैं मायने?

संबंधित पोस्ट

तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,
AMERIKA

तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

23 May 2026

अमेरिका में बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है, जब अमेरिकी राष्ट्रीय खुफिया निदेशक (DNI) तुलसी गबार्ड ने अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा...

कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस
यूरोप

चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

22 May 2026

यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काया कैलस एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गई हैं, जब उन्होंने चीन के साथ यूरोप की...

‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?
अमेरिकाज़

‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

22 May 2026

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इन दिनों एक बेहद अजीब और संवेदनशील दुविधा में फंस गए हैं। यह मामला सिर्फ व्हाइट हाउस की फाइलों या अंतरराष्ट्रीय...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

00:05:40

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited