गाजा में शांति, पर पाकिस्तान में जिहाद की आग: TLP ने लाहौर को किया लहूलुहान
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाए जाएंगे उनके जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    पीएम मोदी ने याद किया डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का योगदान

    पीएम मोदी ने याद किया डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का योगदान, बोले- राष्ट्र की एकता के लिए उनका संघर्ष प्रेरणादायक

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाए जाएंगे उनके जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    पीएम मोदी ने याद किया डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का योगदान

    पीएम मोदी ने याद किया डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का योगदान, बोले- राष्ट्र की एकता के लिए उनका संघर्ष प्रेरणादायक

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

गाजा में शांति, पर पाकिस्तान में जिहाद की आग: TLP ने लाहौर को किया लहूलुहान

पाकिस्तान में गाजा के युद्धविराम को लेकर हिंसा भड़क उठी। हां, आपने सही पढ़ा शांति समझौते पर हिंसा। जब पूरी दुनिया युद्धविराम पर राहत महसूस कर रही थी, पाकिस्तान के तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (TLP) के उन्मादी समर्थक सड़कों पर उतरकर अपने ही देश को फूंक रहे थे।

Vibhuti Ranjan द्वारा Vibhuti Ranjan
13 October 2025
in एशिया पैसिफिक, क्राइम, भू-राजनीति, रक्षा, राजनीति, विश्व, साउथ एशिया
गाजा में शांति, पर पाकिस्तान में जिहाद की आग: TLP ने लाहौर को किया लहूलुहान

गाजा अब शांत है, लेकिन पाकिस्तान की गलियों में बारूद की गंध है।

Share on FacebookShare on X

गाजा की धरती पर जब बमों की आवाज़ थमी, जब वर्षों बाद वहां की हवा में पहली बार राहत की सांस घुली, तब पाकिस्तान की सड़कों पर एक और विस्फोट हो गया। यह विस्फोट न तो इज़रायल का था, न ही किसी मिसाइल का। यह विस्फोट था कट्टरपंथ का, जिहादी मानसिकता का, जिसने अब उस देश को निगलना शुरू कर दिया है जो दशकों से “इस्लाम के नाम पर” अपने ही लोगों को जहालत और हिंसा की आग में झोंकता आया है।

पाकिस्तान में गाजा के युद्धविराम को लेकर हिंसा भड़क उठी। हां, आपने सही पढ़ा शांति समझौते पर हिंसा। जब पूरी दुनिया युद्धविराम पर राहत महसूस कर रही थी, पाकिस्तान के तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (TLP) के उन्मादी समर्थक सड़कों पर उतरकर अपने ही देश को फूंक रहे थे। लाहौर जल उठा, मुरीदके में पुलिसकर्मी मारे गए, सैकड़ों वाहन जला दिए गए और उसी हिंसा में TLP का प्रमुख साद रिजवी भी पुलिस की गोली से गंभीर रूप से घायल हो गया।

संबंधितपोस्ट

मोहन भागवत बोले- विभाजन के बाद भारत आए लोग ‘शरणार्थी’ नहीं, बल्कि संघर्ष के योद्धा थे

आखिर क्यों IAF का एक औपचारिक दस्तावेज पाकिस्तान के पूरे प्रोपेगेंडा पर भारी पड़ गया ?

कतर की मध्यस्थता से बनी बात: पाकिस्तान नहीं दिला सका सहमति, जिनेवा में हो सकता है समझौता

और लोड करें

यह पाकिस्तान की वही कहानी है जो हर दशक दोहराई जाती है। एक और धार्मिक आंदोलन, एक और भीड़, और फिर वही नारा सर तन से जुदा। लेकिन इस बार फर्क इतना है कि अब यह नारा पाकिस्तान के खिलाफ ही उठ गया है।

गाजा में युद्धविराम की घोषणा के बाद पाकिस्तान में शुरू हुए ये प्रदर्शन कुछ और नहीं, बल्कि उस धार्मिक पाखंड का नंगा प्रदर्शन हैं, जो दशकों से वहां की राजनीति और समाज को खोखला करते आया है। जिन पाकिस्तानियों को गाजा की भौगोलिक स्थिति तक नहीं मालूम, वे लाहौर में अमेरिकी दूतावास पर हमला करने चल निकले। जिन्हें इज़रायल की संसद केनेस्सेट का नाम तक नहीं पता, वे फिलिस्तीन के नाम पर पुलिसवालों का खून बहा रहे हैं।

असल में यह फिलिस्तीन का गुस्सा नहीं है। यह पाकिस्तान की असफल धार्मिक राजनीति का ज्वालामुखी है। जिस समाज को लगातार यह सिखाया गया कि पश्चिम दुश्मन है, भारत काफ़िर है, अमेरिका इस्लाम विरोधी है, वह समाज अब अपने ही भीतर विस्फोट कर रहा है।

यहां से शुरू हुई हिंसा

प्रदर्शन के दौरान लाहौर की सड़कों पर जब पुलिस ने अमेरिकी दूतावास की ओर बढ़ते TLP समर्थकों को रोकने के लिए कंटेनर लगाए, तो हिंसा शुरू हो गई। प्रदर्शनकारियों ने कंटेनर हटाने की कोशिश की, पुलिस पर हमला कर दिया और देखते ही देखते शहर के कई हिस्से धधक उठे। वीडियो फुटेज में TLP के समर्थक ट्रकों पर सवार होकर गोलियां चलाते दिखे। पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें कई लोग मारे गए और पार्टी प्रमुख साद रिजवी को भी गोली लगी।

सोशल मीडिया पर रिजवी का एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें वह पुलिस से गोलीबारी रोकने की अपील करते दिख रहे हैं। लेकिन भीड़ अब किसी की नहीं सुन रही थी, न कुरान, न क़ायदे-आजम। यह भीड़ अपने ही देश के खिलाफ़ खड़ी थी।

पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने दर्जनों वाहनों को आग लगा दी, कई जगह सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया और इस्लामाबाद की ओर जाने वाले रास्ते पूरी तरह बंद कर दिए गए। असल में, भीड़ का लक्ष्य अमेरिकी दूतावास के बाहर फिलिस्तीन के समर्थन में रैली करना था, लेकिन अब यह रैली पाकिस्तान के लिए विनाश यात्रा बन चुकी है।

इसी ने दिया था सर तन से जुदा का नारा

वैसे तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान कोई नया संगठन नहीं। 2015 में बना यह गुट, पैगंबर मोहम्मद की निंदा के विरोध के नाम पर अस्तित्व में आया था। इसके संस्थापक ख़ादिम हुसैन रिजवी ने फ्रांसीसी कार्टून विवाद के दौरान खुलेआम सर तन से जुदा के नारे दिए थे। आज उसके बेटे साद रिजवी ने उस विरासत को और भी जहरीला बना दिया है। आज वही साद रिजवी खुद पुलिस की गोली से घायल है। यह अपने आप में एक प्रतीक है, उस जिहादी चक्र का, जिसमें पाकिस्तान खुद फंस चुका है।

खून से सना है TLP का इतिहास

TLP का इतिहास खून से लिखा गया है। 2017 में इसने इस्लामाबाद में हिंसक धरना दिया, जिसमें कई लोग मारे गए। 2021 में इमरान खान सरकार के खिलाफ फ्रांस को लेकर दंगे किए, दर्जनों पुलिसकर्मी मारे गए। अब 2025 में वही संगठन गाजा के नाम पर हिंसा कर रहा है। हर बार नारा अलग होता है, लेकिन अंत एक ही पाकिस्तान का रक्तपात।

सबसे बड़ी बात यह सब उस देश में हो रहा है, जो खुद को इस्लाम का गढ़ बताता रहा है। पाकिस्तान ने शुरू से ही धर्म को सत्ता का औज़ार बनाया और अब वही औज़ार उस पर पलट चुका है। आज इस्लामाबाद की सत्ता यह समझ नहीं पा रही कि वह किसे रोके, उन भीड़ों को जो कुरान के नाम पर हत्या करती हैं या उस सेना को जिसने दशकों तक इन्हें संरक्षण दिया।

यहां बता दें कि यह कोई आकस्मिक विस्फोट नहीं है। यह उसी आग का धुआं है, जो पाकिस्तान ने 1980 के दशक में अफगानिस्तान के नाम पर जलाई थी। तब अमेरिका और सऊदी अरब के कहने पर पाकिस्तान ने जिहाद को वैध ठहराया, मदरसों में काफ़िरों के खिलाफ लड़ाई सिखाई गई और आतंक को ईमान बताया गया। आज वही जिहाद पाकिस्तान के भीतर लौट आया है। अपने ही शहरों में और अपने ही बच्चों के हाथों में।

लाहौर की हिंसा में पुलिस की भूमिका भी उस राज्य की बेबसी को उजागर करती है, जिसने कभी इन संगठनों को अपने विरोधियों के खिलाफ इस्तेमाल किया था। साद रिजवी और उसके जैसे नेताओं को सरकार ने कई बार जेल भेजा, लेकिन हर बार समझौते के तहत छोड़ा भी। क्यों? क्योंकि पाकिस्तान के सियासतदान जानते हैं कि चुनाव जीतने के लिए, जनता को भड़काने के लिए, उन्हें इन “मौलानाओं” की जरूरत है। पर वही मौलाना अब सड़कों पर हैं, और वही सड़कों को खून से रंग रहे हैं। यह वही मानसिकता है, जो किसी देश को भीतर से खोखला कर देती हैं। जहां “धर्म की रक्षा” के नाम पर देश का विनाश वैध हो जाता है।

आज पाकिस्तान का चेहरा डरावना है, एक ऐसा देश जहां सरकार अपने नागरिकों से नहीं, अपने ही पाले गए उग्रवादियों से डरती है। जहां हर राजनीतिक पार्टी इस्लाम के नाम पर अपनी नाकामियों को ढकने की कोशिश करती है। जहां हर संकट का कारण बाहर खोजा जाता है। कभी भारत में, कभी अमेरिका में, कभी इज़रायल में। लेकिन असली दुश्मन वहीं हैं, लाहौर की उन सड़कों पर जहां अब इंसानियत का नामोनिशान मिट चुका है।

मौत बांटने वाला खुद जूझ रहा है मौत से

TLP के प्रदर्शनकारी फिलिस्तीन के समर्थन में निकले थे, लेकिन उन्होंने जिन पुलिसवालों को मारा, वे भी मुसलमान ही थे। उन्होंने जिन दुकानों को जलाया, जिन लोगों को पीटा, वे भी मुसलमान थे। यही पाकिस्तान की त्रासदी है, यहां जिहाद अब काफ़िरों के खिलाफ़ नहीं, मुसलमानों के खिलाफ़ हो चुका है। साद रिजवी का घायल होना इस्लामी कट्टरपंथ के लिए प्रतीकात्मक क्षण है। जो कभी दूसरों को मौत का फतवा देता था, अब खुद मौत से जूझ रहा है। यह वही कट्टरपंथी सोच है जो किसी को बख्शती नहीं। यह अपने पालकों को भी निगल जाती है।

हिलेरी क्लिंटन ने एक बार कहा था “आप अपने आंगन में सांप नहीं पाल सकते और उम्मीद करें कि वह सिर्फ़ पड़ोसी को डंसेगा। पाकिस्तान ने यही गलती की है। उसने सांप पाले, उन्हें ‘मुमिन’ कहा, उनके जहर को ‘ईमान’ बताया और अब वही जहर उसकी नसों में फैल चुका है। आज गाजा में बच्चे पहली बार चैन की नींद सो रहे हैं, लेकिन लाहौर में माताएं अपने बेटों की लाशें पहचान रही हैं। फिलिस्तीन में युद्धविराम है, लेकिन पाकिस्तान में इस्लामी गृहयुद्ध चल रहा हैख् जिसमें दुश्मन कोई विदेशी नहीं, बल्कि अपने ही लोग हैं।

पाकिस्तान को अब यह मान लेना होगा कि उसका असली संकट भू-राजनीतिक नहीं, बल्कि वैचारिक है। जब तक वह इस्लाम के नाम पर हिंसा और राजनीति के इस घातक मेल को खत्म नहीं करेगा, तब तक न लाहौर बचेगा, न कराची, न खुद इस्लामाबाद।

गाजा में शांति आई है, लेकिन पाकिस्तान में नहीं आएगी, क्योंकि पाकिस्तान में लड़ाई बमों से नहीं, दिमागों से लड़ी जा रही है। और जब दिमाग किसी विचारधारा का गुलाम बन जाए, तो हर शहर एक नया लाहौर बन जाता है। गाजा में जब युद्धविराम हुआ, तब दुनिया ने राहत की सांस ली। लेकिन पाकिस्तान में वही युद्धविराम हिंसा में बदल गया। यह किसी धर्म की नहीं, बल्कि उस राष्ट्र की विफलता की कहानी है जिसने धर्म को राष्ट्रवाद बना दिया। तहरीक-ए-लब्बैक की हिंसा दिखाती है कि पाकिस्तान अब उस मोड़ पर पहुंच चुका है जहां आस्था और अराजकता में फर्क खत्म हो गया है।

गाजा अब शांत है, लेकिन पाकिस्तान की गलियों में बारूद की गंध है। महत्वपूर्ण बात यह कि यह गंध तब तक नहीं जाएगी, जब तक पाकिस्तान अपने भीतर के तालिबान, अपने भीतर के TLP और अपने भीतर के साद रिजवी को पहचान नहीं लेता। क्योंकि अब जिहाद फिलिस्तीन में नहीं, पाकिस्तान के दिल में चल रहा है। अब इस जिहाद का निशाना खुद पाकिस्तान बन रहा है।

Tags: GazaHamasLahoreLahore unrestPakistanSaad RizviTerrorismtlpआतंकवादगाजापाकिस्तानलाहौरलाहौर में बवालसाद रिजवीहमास
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

राहुल गांधी का विदेशी भाषण: भारत की आलोचना का ‘इम्पोर्टेड एजेंडा’ और आत्मघाती राजनीति की परंपरा

अगली पोस्ट

IRCTC घोटाले में आरोप तय: चुनाव से पहले लालू-तेजस्वी की सियासी जमीन खिसकी

संबंधित पोस्ट

मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट
चर्चित

मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

6 July 2026

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को मंत्रालय के डिजास्टर कंट्रोल रूम में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में आपदा राहत मंत्री...

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती
चर्चित

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाए जाएंगे उनके जीवन और विचार

6 July 2026

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर सोमवार को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अगले शैक्षणिक...

यूपी केबिनेट के अहम फैसले
राजनीति

यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

6 July 2026

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई। बैठक में कुल 29 प्रस्ताव रखे गए, जिनमें...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

WHY GEOGRAPHY MAKES INDIA ESSENTIAL TO NEPAL'S ECONOMY | Fuel, Food and Trade | China | Indo-Nepal

WHY GEOGRAPHY MAKES INDIA ESSENTIAL TO NEPAL'S ECONOMY | Fuel, Food and Trade | China | Indo-Nepal

00:03:48

Open Borders, Open Lives: India-Nepal's Social and Economic Bond

00:04:03

THE DRONE GENERAL'S LEGACY: HOW GEN DWIVEDI TRANSFORMED THE INDIAN ARMY | UAV

00:04:51

Nepal's Natural Ally: Why India, Not China ? Indo-Nepal

00:04:05

Pakistan’s Investment Rescue Plan or Another Economic Promise? Munir | Sharif

00:03:41
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited