देशभर में आज फिर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई। सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने इस महीने तीसरी बार ईंधन के दाम बढ़ाने का ऐलान किया है, क्योंकि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उछाल जारी है।
दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 87 पैसे बढ़कर ₹99.51 प्रति लीटर हो गई, जबकि डीजल 91 पैसे महंगा होकर ₹92.49 प्रति लीटर पहुंच गया। मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, गुरुग्राम और नोएडा समेत कई शहरों में भी इसी तरह की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
इससे पहले 16 मई को ईंधन की कीमतों में ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई थी, जबकि 19 मई को करीब 90 पैसे का इजाफा किया गया था। पिछले 10 दिनों में पेट्रोल और डीजल लगभग ₹5 प्रति लीटर तक महंगे हो चुके हैं।
मुंबई में पेट्रोल अब ₹108.49 प्रति लीटर और डीजल ₹95.02 प्रति लीटर बिक रहा है। कोलकाता में पेट्रोल ₹110.64 और डीजल ₹97.02 प्रति लीटर पहुंच गया। चेन्नई में पेट्रोल ₹105.31 और डीजल ₹96.98 प्रति लीटर हो गया है। गुरुग्राम में पेट्रोल ₹100.38 प्रति लीटर और नोएडा में ₹98.78 प्रति लीटर दर्ज किया गया।
पश्चिम एशिया तनाव के बीच कच्चे तेल में तेजी
ईंधन कीमतों में यह नई बढ़ोतरी वैश्विक ऊर्जा बाजार में जारी अस्थिरता को दर्शाती है। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य में आपूर्ति बाधित होने की आशंकाओं ने तेल सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
फरवरी में भारत के कच्चे तेल का औसत मूल्य करीब 69 डॉलर प्रति बैरल था, जो अब बढ़कर लगभग 113-114 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है। भारत अपनी कुल कच्चे तेल की जरूरत का करीब 85-90 प्रतिशत आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव का सीधा असर घरेलू ईंधन कीमतों पर पड़ता है।
रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद अप्रैल 2022 से तेल कंपनियों ने दैनिक मूल्य संशोधन रोक दिया था, जिसके कारण लंबे समय तक कीमतें स्थिर रहीं। बाद में मार्च 2024 में सरकार ने ₹2 प्रति लीटर की एकमुश्त राहत दी थी, लेकिन हालिया बढ़ोतरी ने उस राहत का बड़ा हिस्सा खत्म कर दिया है।
अर्थशास्त्रियों का कहना है कि लगातार ईंधन महंगा होने से परिवहन और लॉजिस्टिक्स लागत बढ़ेगी, जिसका असर जरूरी वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है।
सरकार ने घबराकर खरीदारी न करने की अपील की
ईंधन कीमतों में यह बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है जब पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक दिन पहले ही देशभर में पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता का भरोसा दिलाया था।
मंत्रालय ने लोगों से घबराकर ज्यादा ईंधन खरीदने से बचने की अपील की। साथ ही कहा कि तेल विपणन कंपनियां सप्लाई पर लगातार नजर रख रही हैं और कुछ पेट्रोल पंपों पर अस्थायी दबाव को संभालने के लिए वितरण व्यवस्था का समन्वय किया जा रहा है।
इस सप्ताह कई शहरों में पेट्रोल पंपों के बाहर लंबी कतारें देखी गई थीं, जिससे ईंधन आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई थी।
इसी बीच दिल्ली में सीएनजी की कीमतों में भी बढ़ोतरी की गई है। सीएनजी अब ₹1 प्रति किलोग्राम महंगी होकर इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड स्टेशनों पर ₹81.09 प्रति किलो हो गई है। इसका असर यात्रियों और व्यावसायिक वाहन संचालकों पर पड़ने की संभावना है।
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड जैसी सरकारी कंपनियों ने कहा कि बढ़ती आयात लागत और स्थिर ईंधन आपूर्ति बनाए रखने के लिए कीमतों में संशोधन जरूरी हो गया है।


































