जापान के कावागोए सिटी प्रशासन ने कहा है कि एक मस्जिद ऐसे क्षेत्र में बनाई गई है जहां विशेष अनुमति के बिना निर्माण कार्य की इजाजत नहीं होती। अधिकारियों के अनुसार, मस्जिद का निर्माण शहर की मंजूरी के बिना किया गया, इसलिए इसे अवैध माना जा रहा है।
यह मस्जिद लगभग 4,500 वर्ग मीटर जमीन पर बनी है, जिसे पर्वतीय वन क्षेत्र के रूप में वर्गीकृत किया गया है। स्थानीय निवासियों ने अक्टूबर 2024 में निर्माण कार्य पर चिंता जताई थी, जब उन्होंने वहां स्टील के ढांचे का निर्माण होते देखा। जब तक प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे, तब तक इमारत का बाहरी हिस्सा लगभग तैयार हो चुका था।
दिसंबर 2024 में शहर प्रशासन ने निर्माण कार्य रोकने का आदेश जारी किया। जांच में पाया गया कि मस्जिद के गुंबद सहित कई हिस्सों का निर्माण बिना अनुमति के किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि उन्हें इमारत को गिराने की मांग से जुड़े आवेदन भी मिले हैं, जिनकी समीक्षा की जा रही है।
जमीन के स्वामित्व को लेकर भी सवाल
दस्तावेजों के अनुसार, मार्च 2025 में यह जमीन एक रियल एस्टेट एजेंट से उस कंपनी को हस्तांतरित की गई थी, जिसका पता मस्जिद वाले स्थान पर दर्ज है। मार्च 2026 में कंपनी के प्रतिनिधि ने प्रशासन को एक योजना सौंपी, जिसमें अगले पांच वर्षों के भीतर इमारत को हटाने की बात कही गई।
हालांकि इसके बावजूद अप्रैल 2026 में मस्जिद का उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में कई विदेशी नागरिक शामिल हुए, जिनमें जापान में पाकिस्तान के राजदूत अब्दुल हमीद भी मौजूद थे। इसके बाद यह सवाल और तेज हो गया कि क्या निर्माण के लिए सभी जरूरी मंजूरियां ली गई थीं।
पाकिस्तान दूतावास ने किया किनारा
टोक्यो स्थित पाकिस्तान दूतावास ने बयान जारी कर कहा कि जापान में रहने वाले सभी पाकिस्तानी नागरिकों को स्थानीय कानूनों का पालन करना चाहिए। दूतावास ने स्पष्ट किया कि किसी भी धार्मिक स्थल का निर्माण बिना जरूरी अनुमति के नहीं किया जाना चाहिए।
दूतावास ने यह भी कहा कि उसका इस परियोजना से कोई संबंध नहीं है। राजदूत उद्घाटन समारोह में इसलिए शामिल हुए थे क्योंकि उन्हें बताया गया था कि सभी आवश्यक अनुमति प्राप्त कर ली गई है।
प्रशासन कर रहा है आगे की कार्रवाई पर विचार
कावागोए प्रशासन ने पुष्टि की है कि मस्जिद को हटाने की मांग वाले आवेदन मिले हैं और उन पर विचार किया जा रहा है। अधिकारी संबंधित विभागों के साथ मिलकर मामले की जांच कर रहे हैं और आगे की कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा।
प्रशासन का कहना है कि फिलहाल यह इमारत नियमों के अनुरूप नहीं है और जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, इसके उपयोग को लेकर निगरानी जारी रहेगी। अब अंतिम फैसला स्थानीय प्रशासन को करना है, जो जापान के नगर नियोजन कानूनों के आधार पर तय किया जाएगा।


































