TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    रामपुर में गरजे सीएम

    रामपुर में गरजे सीएम योगी, सपा-कांग्रेस पर साधा निशाना; बोले- पहले विरासत का होता था अपमान, अब विकास और आस्था साथ-साथ

    कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता

    कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता : आखिर कब तक?

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    आखिर क्यों IAF का एक औपचारिक दस्तावेज पाकिस्तान के पूरे प्रोपेगेंडा पर भारी पड़ गया ?

    संभल जिले में पुलिस के डॉग स्क्वॉड की सदस्य मैरी ने एक ब्लाइंड रेप केस सुलझाने में अहम भूमिका निभाई

    संभल में डॉग मैरी ने सुलझाया ब्लाइंड रेप केस, गमछा सूंघकर आरोपी के घर तक पहुंची

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    रामपुर में गरजे सीएम

    रामपुर में गरजे सीएम योगी, सपा-कांग्रेस पर साधा निशाना; बोले- पहले विरासत का होता था अपमान, अब विकास और आस्था साथ-साथ

    कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता

    कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता : आखिर कब तक?

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    आखिर क्यों IAF का एक औपचारिक दस्तावेज पाकिस्तान के पूरे प्रोपेगेंडा पर भारी पड़ गया ?

    संभल जिले में पुलिस के डॉग स्क्वॉड की सदस्य मैरी ने एक ब्लाइंड रेप केस सुलझाने में अहम भूमिका निभाई

    संभल में डॉग मैरी ने सुलझाया ब्लाइंड रेप केस, गमछा सूंघकर आरोपी के घर तक पहुंची

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

हिन्दू विरोधी अभियानों के लिए वामपंथी या सेक्युलर लोग ज़िम्मेदार नहीं है, बल्कि ये लोग हैं

Shashank Bhandari द्वारा Shashank Bhandari
4 July 2017
in मत
हिन्दू विरोधी अभियानों के लिए वामपंथी या सेक्युलर लोग ज़िम्मेदार नहीं है, बल्कि ये लोग हैं
Share on FacebookShare on X

देखिये, मैं पहले ही ये बताना चाहता हूँ की भीड़ की हिंसा को सही तो नहीं ठहरा सकते, अगर एक बेकसूर आदमी की जान चली जाए तो। पर एक तरफ तो अपना लोकतन्त्र बहुमत को देश की दशा और दिशा बनाने की स्वतन्त्रता देने की बात करता है, और वहीं इसी बहुमत से कानून की मर्यादाएँ न लांघने की नसीहतें भी देता है। मेरे विवाद की नींव साफ और स्पष्ट है, लोकतन्त्र में बहुमत और अल्पसंख्यकों के बीच के अंतर को दिखाना। न कम, न ज़्यादा।

समस्या है बहुमत द्वारा अल्पसंख्यक के पहचान की सालों पुरानी प्रणाली में। पर उससे बड़ी समस्या है की भीड़ द्वारा हिंसा की घटनाओं का चयनात्मक विलाप, विशेषकर जब बहुमत दोषी हो और पीड़ित अल्पसंख्यक। एक हिंसा विरोध के काबिल है और एक हिंसा जितनी जल्दी दबा दो उतना अच्छा।

संबंधितपोस्ट

मीडिया में प्रचलित ‘हिजाब विवाद’ की आड़ में झारखंड के एक नाबालिग की लिंचिंग को अनदेखा किया गया

अमित शाह v/s ‘लिंचिंग गैंग’: लिबरलों का एजेंडा अब उड़ान भरने से पहले होगा क्रैश

अवैध बूचड़खानों के बंद होने से यूपी में नहीं हुई मोब लिंचिंग की घटनाएं: योगी

और लोड करें

मेरा आपसे प्रश्न सिर्फ इतना है की कौन ये निर्णय लेता है की क्या चीज़ कैसे होनी चाहिए? और किसने इन लोकतन्त्र के स्वघोषित ठेकेदारों को अधिकार दिया है की वो अपनी सहूलियत के हिसाब से अपनी हिंसा की घटना चुनकर उसपर विधवा विलाप करेंगे? और इनकी नौटंकियाँ बिना कोई बदलाव लाये गुमनामी में क्यों धूमिल हो जाती है?

इसका जवाब ही इसकी विडम्बना – हम, जो हिन्दू हैं

इन हिंसक घटनाओं के खिलाफ न ही हम हिन्दू निष्क्रिय हैं, बल्कि हम बराबर से इस विषैली विचारधारा का मुकाबला करने के लिए एक जिम्मेदार बुद्धिजीवी दल न बनाने के भी दोषी हैं। ये इसलिए है क्योंकि हम मेहनत नहीं करना चाहते, जिस वजह से हम किसी भी हिंसक घटना से मुंह मोड लेते हैं। हम हिंदुओं के लिए हिंसा तो हिंसा है, चाहे वो हमारे खिलाफ हो या मुसलमानों के। हम इस पर राजनीति नहीं करते। इससे आप विमुख भी हो सकते हैं,पर अगर इसके विरुद्ध बोलना है, तो आपको यह बताना होगा की इस प्रकार की हिंसा के खिलाफ कुछ न बोलना ही ऐसे हिंसा को बढ़ावा देता है।हिंदुओं भीड़ हिंसा

हाल ही में इन ठेकेदारों ने एक लिंच मैप ऑफ इंडिया प्रकाशित किया। पर इसमें एक भी ऐसी घटना को चित्रित नहीं किया है, जहां भीड़ ने एक हिन्दू की हत्या की हो। मतलब हिंदुओं की जान बड़ी सस्ती है, नहीं? मज़े की बात, इस लिंच मैप में सारी घटनाएँ 2015 के बाद ही हुई हैं। इससे पहले, अगर हम इस पवित्र, निर्विवाद मीडिया की माने, तो कभी उन्मादी हिंसा हुयी ही नहीं थी। सब भाई भाई थे, हैं?

ये है इनकी हिंदुओं के विरुद्ध फूहड़ता का असर। वैसे भी, इसकी पूरी कवरेज करने के लिए मीडिया तो है ही, वो भी पूरे तड़के और मसाले के साथ । अगर हम हिन्दू ऐसी किसी भी हिंसा का विरोध न करे, तो गलती हमारी भी है। तो असली समस्या आती ऐसी ओछी राजनीति के विरुद्ध एक सशक्त बुद्धिजीवी समूह बनाने की।

आप दुनिया में ही देख लें। यूएन सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यों में दो से तीन देश हैं, जो इस्लामिक आतंकवाद को जानते है और उसे समझते भी हैं। पर उसे परिभाषित करने की कोई प्रक्रिया नहीं है। काम करने का ढंग यह है की इसके विरुद्ध एक अभियान चलेगा, चर्चा होगी, और फिर कुछ दिनों बाद सब कुछ ठंडे बस्ते में घुस जाएगा। नतीजा, नील बट्टे सन्नाटा! आतंकवाद का कोई रंग नहीं, कोई मजहब नहीं, जबकि सच तो सब जानते है, बस बोलने में ही पसीने छूटते हैं। एक धर्मनिरपेक्ष इंसान होने के नाम पर आपने स्वतंत्र विचारों का मानो गला ही दबा दिया हो। इसपर तो आपको तारीफ करनी होगी की कैसे ये चील्पकौव्वा आतंकवादियों से आतंकवादियों पर उंगली उठाने वालों पर ध्यान केन्द्रित करते हैं। ये होता है नीतिगत ब्रांड प्रबंधन का एक बढ़िया उदाहरण।

जब इसे चलाने वाले वो लोग, जिनकी वजह से दुनिया में तमाम मुसीबतें आती है, तो मुझे तो कोई कारण नहीं लगता की क्यों हम लोग एक ऐसा समूह न बनाए। मेरा विचार किसी हिन्दू द्वारा किए गए गलती को छुपाने का नहीं है, बल्कि हिंदुओं पर हो रहे हमलों को रोकने के लिए ये समूह बनाना चाहिए। इसीलिए यह अवश्यंभावी है की हम समझे ऐसा पहले क्यों नहीं किया गया।

हिन्दू, ऐतिहासिक और राजनैतिक रूप से हमेशा लोगों का था, श्रेणियों का नहीं। हाँ ठीक है की समुदाय में कुछ श्रेणी हैं, जिनमें जाति भारी पड़ जाती है, पर हमारे पंथ ने कभी भी किसी को भी बुद्धिजीवी बनने से नहीं रोका। और ये तो इतिहास में भी दर्ज़ हैं, की जो कोई भी अंग्रेज़ी बोलने और समझने लायक बना है, वो हमेशा सेक्युलर बुद्धिजीवियों की जमघट में जा घुसा हैं। उनही की तरह बोलना, उन्ही की तरह अजीब आदतें पालना, और उन्ही की तरह दोगलापन दिखाना। आज़ादी के बाद से पढे लिखे कुलीन हिंदुओं की कायरता पहले भी थी, और अब इस परंपरा ने तो अपनी जड़ें और मजबूत की हैं।

इसीलिए ये कहने में कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी की नकली बुद्धिजीवी माफिया को साधी चुनौती साठ साल के काँग्रेसी कुशासन की ही उपज है, और इस तरह के लीचड़ न सिर्फ मीडिया में, बल्कि साहित्य में, विश्वविद्यालयों में, चर्चों में, यहाँ तक की कला में भी अपनी पैठ बनाए रखें हैं। ये ऐसे संगठित है की जहां इनके धंधे को नुकसान पहुंचा नहीं, आ गए अपनी विचारधारा लेके सड़क पे। अब तो प्रोपगैंडा इस बात को लेकर है की कैसे हिंदुओं के हर एक कृत्य को सांप्रदायिकता और फासीवाद से जोड़े। तो सवाल ये बनता है, की हिन्दू इस विचारधारा से लड़े तो लड़े कैसे?

हिंदुओं को अब एक सेफ़्टी वाल्व नज़रिया रखना पड़ेगा, जिसे कोई राजनैतिक पार्टी नहीं हथिया सकती, इनका मूल सिद्धान्त अपने धर्म और उसके आदर्शों की मृत्युपर्यन्त रक्षा करना होगा। शब्दों और कला से अपने दुश्मनों का संहार करना होगा। इन्हे देश के हर उस क्षेत्र में डालना होगा, जहां अभी विषैले प्रवृत्ति के लोग भरे पड़े हैं, और तबीयत से इनकी सफाई करनी पड़ेगी। इसके अलावा इस ओछी राजनीति से निपटने का कोई चारा नहीं है। सालों तक पीड़ित होने के बावजूद हिन्दू ही सबसे पहले अपने आप को दोषी ठहराएंगे। नहीं समझे? एक हाथी को किसी जगह अगर ज़ंजीर से बांधा जाता है, तो वो ज़ंजीर ऐसी है, की उसे छुड़ाकर हाथी निकल सकता है, पर ऐसा क्यों नहीं होता? क्योंकि हाथी को उस ज़ंजीर की ग़ुलामी की आदत पड़ चुकी है। हमें ऐसी ही इस आदत को हटाना पड़ेगा।

पश्चिम बंगाल, केरल के बारे में कोई नहीं बोलता। ये भी बोलने में कथित बुद्धिजीवियों को साँप सूंघ जाता है की कैसे एक कश्मीरी सिर्फ इसलिए मारा गया, क्योंकि उसका उपनाम ‘पंडित’ था, जबकि वो एक मुसलमान था? दिक्कत यह है की तथ्य और आंकड़े हमारे पक्ष में हैं तो अवश्य, पर इनकी पैरवी करने के लिए कोई नहीं।

अब यहाँ हिंदुओं के लिए दो ही रास्ते बचते हैं। या तो जो हो रहा है, होने दो, बर्दाश्त करते जाओ, जैसे की पहले से करते आ रहें हैं। या फिर ज़िम्मेदारी उठाओ, इसे बदलने की। चतुराई से अब अपने बुद्धिजीवियों को उन्ही क्षेत्रों में डालें, जहां पर ऐसी ओछी राजनीति करने वाले कंजर व्याप्त हैं। जैसे को तैसा मिले। अगर हिंदुओं ने ठीक उसी तरह विरोध किया होता, जैसे ये बुद्धिजीवी करते हैं, खासकर उस मौके पर जब पश्चिम बंगाल और केरल में हिंसा हुई थी, तो शायद इनका आडंबर दो दिन भी न टिकता।

अंत में, हिंदुओं को लुटयेंस दिल्ली वालों की तरह एक लॉबी का निर्माण करना चाहिए, जहां पर पशमीना शौल और बोर्द्युक्स 24 की गिलासों सहित कश्मीरी पंडितों के निष्कासन पर चर्चा करनी चाहिए। हमें भी जेएनयू जैसे विश्वविद्यालय बनाने चाहिए, जहां पर हम प्लाकार्ड बना के चिल्लाएँ ‘उमस ने हिंदुओं को नहीं मारा बंगाल और केरल में, वामपंथियों ने मारा’ । हमें भी डॉक्युमेंट्री बनाकर ये बताएं की कैसे मूलनिवासी कश्मीरी अब अपने ही घर में नहीं रहते। हमें दुनिया को दिखाना चाहिए की कैसे पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ भेदभाव किया जाता है। हमें दुनिया को यह भी दिखाना चाहिए की कैसे नेपाल अब हिन्दू राष्ट्र क्यों नहीं है।

और कोई उपाय नहीं है हिंदुओं को बहुसंख्यक होने के लिए मारे जाने से रोकने के लिए, भीड़ वाली हिंसा की बात तो भूल ही जाइए!

Tags: भीड़ वाली हिंसालिचिंगहन्दू
शेयर1ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

1400 साल से ये शर्मनाक खेल बदस्तूर जारी है

अगली पोस्ट

चीन ने सोंचा की मामूली भारतीय सरकार है, डरा के काम चल जाएगा, पर मोदी जो कर रहे हैं वो हैरतंगेज़ है

संबंधित पोस्ट

कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता
चर्चित

कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता : आखिर कब तक?

29 June 2026

अंग्रेजी भाषा का एक शब्द “कॉमेडी”, कदाचित जिसका अर्थ ‘हास्य की वह विधा है, जिसका उद्देश्य स्वस्थ मनोरंजन और समाज को हँसी के माध्यम से...

Veer Savarkar Congress And Indira Gandhi
चर्चित

इंदिरा गांधी ने किया था सम्मान लेकिन वीर सावरकर से क्यों चिढ़ती है कांग्रेस?

28 May 2026

विनायक दामोदर सावरकर जिन्हें 'स्वातंत्र्यवीर' के रूप में जाना जाता है। वो भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक प्रमुख क्रांतिकारी थे। उनकी भूमिका और विचारधारा आज...

असम में UCC बिल पास: बहुविवाह और ‘लव जिहाद’ पर लगेगा टोटल ब्रेक, सीएम हिमंत का बड़ा कदम!
चर्चित

असम में UCC बिल पास: बहुविवाह और ‘लव जिहाद’ पर लगेगा टोटल ब्रेक, सीएम हिमंत का बड़ा कदम!

27 May 2026

उत्तर पूर्व भारत के रणनीतिक और राजनीतिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण राज्य असम से एक बेहद बड़ी और युगांतकारी खबर सामने आई है। असम विधानसभा...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

THE DRONE GENERAL'S LEGACY: HOW GEN DWIVEDI TRANSFORMED THE INDIAN ARMY | UAV

THE DRONE GENERAL'S LEGACY: HOW GEN DWIVEDI TRANSFORMED THE INDIAN ARMY | UAV

00:04:51

Nepal's Natural Ally: Why India, Not China ? Indo-Nepal

00:04:05

Pakistan’s Investment Rescue Plan or Another Economic Promise? Munir | Sharif

00:03:41

Gilgit Baltistan's Youth Rising: The Fight for Dignity, Rights and Self Governance

00:03:08

Doklam’s Legacy: How the 2017 Standoff Reshaped Himalayan Security and Border Tensions। Indo china

00:03:11
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited