TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    ‘घायल’ राघव का ‘घातक’ पलटवार: 22 दिनों में कैसे ढह गया AAP का राज्यसभा किला? समझें बगावत की पूरी इनसाइड स्टोरी

    ‘घायल’ राघव का ‘घातक’ पलटवार: 22 दिनों में कैसे ढह गया AAP का राज्यसभा किला? समझें बगावत की पूरी इनसाइड स्टोरी

    दिल्ली की राजनीति में महाविस्फोट: राघव चड्ढा का ‘AAP’ से इस्तीफा; 2/3 सांसदों के साथ BJP में विलय का ऐलान-  बोले ‘मैं गलत पार्टी में सही आदमी था’

    दिल्ली की राजनीति में महाविस्फोट: राघव चड्ढा का ‘AAP’ से इस्तीफा; 2/3 सांसदों के साथ BJP में विलय का ऐलान- बोले ‘मैं गलत पार्टी में सही आदमी था’

    ‘बुझने से पहले फड़फड़ा रहा है TMC का दीया’: दमदम में गरजे पीएम मोदी; बंगाल चुनाव के पहले चरण के बाद ‘परिवर्तन’ का नया शंखनाद

    ‘बुझने से पहले फड़फड़ा रहा है TMC का दीया’: दमदम में गरजे पीएम मोदी; बंगाल चुनाव के पहले चरण के बाद ‘परिवर्तन’ का नया शंखनाद

    ‘सबक सिखाएंगे’: बीजेपी उम्मीदवारों पर हमले के बाद हिमंता बिस्वा सरमा की चेतावनी; बंगाल में रिकॉर्ड 92% मतदान ने बदली सियासी बिसात

    ‘सबक सिखाएंगे’: बीजेपी उम्मीदवारों पर हमले के बाद हिमंता बिस्वा सरमा की चेतावनी; बंगाल में रिकॉर्ड 92% मतदान ने बदली सियासी बिसात

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नेहरू की ‘इतिहास दृष्टि’ पर असहज सवाल: डॉ. राकेश कुमार आर्य की ‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया की डिस्कवरी’

    नेहरू की ‘इतिहास दृष्टि’ पर असहज सवाल: डॉ. राकेश कुमार आर्य की ‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया की डिस्कवरी’

    आस्था के साथ ‘जहरीला’ खिलवाड़: वैष्णो देवी के खजाने में मिला नकली चांदी का अंबार, 550 करोड़ की उम्मीद और 30 करोड़ की कड़वी सच्चाई

    आस्था के साथ ‘जहरीला’ खिलवाड़: वैष्णो देवी के खजाने में मिला नकली चांदी का अंबार, 550 करोड़ की उम्मीद और 30 करोड़ की कड़वी सच्चाई

    बाबासाहब डॉ भीमराव आंबेडकर, इस्लाम, मुस्लिम

    ‘भारत पर इस्लामी आक्रमण होगा, तो किस तरफ होंगे सेना के मुस्लिम’? अंबेडकर को था संदेह, लिखा – इस्लाम के लिए हमारा देश दारुल हर्ब

    पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

    पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    ‘घायल’ राघव का ‘घातक’ पलटवार: 22 दिनों में कैसे ढह गया AAP का राज्यसभा किला? समझें बगावत की पूरी इनसाइड स्टोरी

    ‘घायल’ राघव का ‘घातक’ पलटवार: 22 दिनों में कैसे ढह गया AAP का राज्यसभा किला? समझें बगावत की पूरी इनसाइड स्टोरी

    दिल्ली की राजनीति में महाविस्फोट: राघव चड्ढा का ‘AAP’ से इस्तीफा; 2/3 सांसदों के साथ BJP में विलय का ऐलान-  बोले ‘मैं गलत पार्टी में सही आदमी था’

    दिल्ली की राजनीति में महाविस्फोट: राघव चड्ढा का ‘AAP’ से इस्तीफा; 2/3 सांसदों के साथ BJP में विलय का ऐलान- बोले ‘मैं गलत पार्टी में सही आदमी था’

    ‘बुझने से पहले फड़फड़ा रहा है TMC का दीया’: दमदम में गरजे पीएम मोदी; बंगाल चुनाव के पहले चरण के बाद ‘परिवर्तन’ का नया शंखनाद

    ‘बुझने से पहले फड़फड़ा रहा है TMC का दीया’: दमदम में गरजे पीएम मोदी; बंगाल चुनाव के पहले चरण के बाद ‘परिवर्तन’ का नया शंखनाद

    ‘सबक सिखाएंगे’: बीजेपी उम्मीदवारों पर हमले के बाद हिमंता बिस्वा सरमा की चेतावनी; बंगाल में रिकॉर्ड 92% मतदान ने बदली सियासी बिसात

    ‘सबक सिखाएंगे’: बीजेपी उम्मीदवारों पर हमले के बाद हिमंता बिस्वा सरमा की चेतावनी; बंगाल में रिकॉर्ड 92% मतदान ने बदली सियासी बिसात

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नेहरू की ‘इतिहास दृष्टि’ पर असहज सवाल: डॉ. राकेश कुमार आर्य की ‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया की डिस्कवरी’

    नेहरू की ‘इतिहास दृष्टि’ पर असहज सवाल: डॉ. राकेश कुमार आर्य की ‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया की डिस्कवरी’

    आस्था के साथ ‘जहरीला’ खिलवाड़: वैष्णो देवी के खजाने में मिला नकली चांदी का अंबार, 550 करोड़ की उम्मीद और 30 करोड़ की कड़वी सच्चाई

    आस्था के साथ ‘जहरीला’ खिलवाड़: वैष्णो देवी के खजाने में मिला नकली चांदी का अंबार, 550 करोड़ की उम्मीद और 30 करोड़ की कड़वी सच्चाई

    बाबासाहब डॉ भीमराव आंबेडकर, इस्लाम, मुस्लिम

    ‘भारत पर इस्लामी आक्रमण होगा, तो किस तरफ होंगे सेना के मुस्लिम’? अंबेडकर को था संदेह, लिखा – इस्लाम के लिए हमारा देश दारुल हर्ब

    पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

    पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

कभी सबसे महान नगर, आज बस एक साधारण शहर – कहानी कोलकाता के पतन की

Abhinav Kumar द्वारा Abhinav Kumar
23 June 2019
in मत
कभी सबसे महान नगर, आज बस एक साधारण शहर – कहानी कोलकाता के पतन की

(PC: Kolkata Tourism)

Share on FacebookShare on X

हो गई है पीर पर्वत-सी पिघलनी चाहिए,

इस हिमालय से कोई गंगा निकलनी चाहिए।

संबंधितपोस्ट

क्या बंगाल में कांग्रेस टीएमसी के साथ वही करने वाली है जो उसने दिल्ली में आम आदमी पार्टी के साथ किया?

सुप्रीम कोर्ट पहुंची बंगाल सीएम ममता बनर्जी, खुद लड़ सकती हैं अपना केस

मां काली का अपमान और ममता का मौन: बंगाल में तुष्टीकरण राज की भयावह सच्चाई

और लोड करें

आज यह दीवार, परदों की तरह हिलने लगी,

शर्त थी लेकिन कि ये बुनियाद हिलनी चाहिए।

-दुष्यंत कुमार

कविवर दुष्यंत कुमार ने उक्त पंक्तिओं में यह बताया है कि भ्रष्टाचार से जनता के हृदय के अंदर जो दुःख और पीड़ा पनप रही है, वो अंदर ही अंदर बढ़ती जा रही है । ये पीड़ा इतनी बढ़ गयी है कि इसने एक पहाड़ का रूप ले लिया है और यह पहाड़ अब पिघलना चाहिए ताकि वह दुःख व्यक्त हो सके और एक समाधान की तरफ उन्मुख हो सके। जिस प्रकार से गंगा वेग से बहते हुए अपनी प्रबल धारा से आसपास की सारी गन्दगी को बहा ले जाती है उसी प्रकार से जनता के दुःख से बने हिमालय से एक ऐसी क्रांति रुपी गंगा बहे जो अपने प्रबल बहाव में समाज और राजनीति की सब कुरीतियों और बुराइओं को बहा ले जाए और समाज को फिर से पवित्र कर दे। यह पंक्ति पश्चिम बंगाल कि राजनीति और अर्थव्यवस्था के लिय सटीक बैठती है। इतिहास हमें बताता है कि वास्तव में  बंगाल कितना समृद्ध था। लेकिन वाम मोर्चा और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सरकारों द्वारा लगातार नष्ट कर दिया गया। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने पश्चिम बंगाल के एक भाषण में कहा था कि राष्ट्र की जीडीपी में राज्य की हिस्सेदारी स्वतंत्रता के समय 25 प्रतिशत थी और अब यह मात्र 4 प्रतिशत है। तो सवाल यह है कि पश्चिम बंगाल की अर्थव्यवस्था के इस विनाश के लिए किसे दोषी ठहराया जाए? राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रचलित सामाजिक-आर्थिक नीतियां या राज्य की अक्षम सरकारें?  दुर्भाग्य से, इन दोनों ने ही देश के सबसे अमीर राज्यों में से एक पश्चिम बंगाल को गरीबी में ढकेल दिया।

अगर हम दुनिया भर की राजनीतिक अर्थव्यवस्थाओं के इतिहास को देखें, तो गरीबी और साम्यवाद का साथ चोली-दामन के साथ जैसा है। साम्यवाद जब किसी देश या क्षेत्र में आता है, तो उसके बाद  गरीबी, सत्तावाद, बोलने की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध और फिर तानाशाही का दौर निश्चित आता है।

कम्युनिज्म का अभिशाप भारतीय राज्य पश्चिम बंगाल में लगभग चार दशक पहले 1977 में पहुंचा और राज्य की सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक सामर्थ्य को नष्ट कर दिया। 34 साल बाद जब वाममोर्चा सरकार के पतन हुआ तो राज्य में उस तृणमूल कांग्रेस के शासन ने स्थान लिया जिसका नेतृत्व ममता बनर्जी करती है और उन्हें वैचारिक रूप से ‘वामपंथियों का वामपंथी’  माना जाता है। 

वामपंथियों के शासन के दौरान, व्यापारी और उद्योगपतियों की उत्पीड़न आम घटना थी। कम्युनिस्ट नेताओं ने उद्योगपति को ‘बुर्जुआ’ के रूप में बदनाम किया और उन्हें किनारे कर दिया।

 कुल औद्योगिक उत्पादन में पश्चिम बंगाल की हिस्सेदारी 1980-81 में 9.8 प्रतिशत से घटकर आज केवल 5 प्रतिशत रह गई है। जीडीपी में विनिर्माण का हिस्सा 1981-81 में 21 प्रतिशत से घटकर 13 प्रतिशत हो गया है। राज्य का बैंक डिपॉजिट 11.4 प्रतिशत से घटकर 7 प्रतिशत हो गया। बुनियादी ढांचे के मोर्चे पर पश्चिम बंगाल का सूचकांक 1980 में 110.6 था, जिसका अर्थ है कि देश के बाकी हिस्सों की तुलना में 10.6 प्रतिशत बेहतर था और यह आज यह 90.8 अंक तक गिर गया। वहीं दूसरी ओर, ओडिशा ने 81.5 से 98.9 अंक तक का सुधार किया। स्वास्थ्य और शिक्षा संकेतकों पर राज्य पिछले कुछ दशकों में सबसे खराब प्रदर्शन करने वालों में राज्यओं में एक रहा है। 1980 में मानव विकास सूचकांक (एचडीआई) पर पश्चिम बंगाल भारतीय राज्यों की सूची में आठवें स्थान पर था और 2018 में 28 वें स्थान पर फिसल गया।

यहां ध्यान देने वाली महत्वपूर्ण बात यह है कि कलकत्ता (अब कोलकाता) के स्वतंत्रता के पूर्व और आजादी के शुरुआती वर्षों में एक औद्योगिक केंद्र होने के बावजूद,  उद्योगों पर मारवाड़ी और गुजरातियों का स्वामित्व था। इनमें से कुछ व्यापारी मुगल काल से बंगाल में काम कर रहे थे।

जब कम्युनिस्ट शासकों ने इन गुजराती और मारवाड़ी व्यापारियों को परेशान करना शुरू कर दिया, तो उनमें से अधिकांश दिल्ली और मुंबई जैसे देश के अन्य हिस्सों में चले गए। यहीं से कोलकाता की आर्थिक गिरावट की शुरुआत हुई।

वामपंथियों ने पश्चिम बंगाल को एक शहर आश्रित-राज्य में बदल दिया और बिना ढांचागत विकास के कोलकाता का भौगोलिक विस्तार करना चाहा। सरकार ने फेरीवालों को फुटपाथ पर अतिक्रमण का मौका दिया जिससे सड़के संकरी ओर सीमित होती गयी। साथ ही लगभग 5,000 की संख्या वाले कोलकाता की स्लम-बस्तियों के प्रबंधन में भी कोई कदम नहीं उठाया गया।

राज्य सरकार ने पब्लिक स्कूलों में छठी कक्षा तक अंग्रेजी के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया जबकि कम्युनिस्ट नेताओं ने अपने बच्चों को निजी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में अध्ययन कराया। पूंजी और उद्योग के लिए कम्युनिस्ट सरकार के तिरस्कारओं ने कई व्यापारिक घरानों को कोलकाता से बाहर कर दिया और नए व्यवसाय के प्रवेश को प्रतिबंधित कर दिया।

आज,  हजारों मध्यम वर्ग के बंगाली लोगों को सूचना प्रौद्योगिकी, मीडिया और मनोरंजन तथा अन्य कॉर्पोरेट क्षेत्रों में पेशेवर काम करते देखा जा सकता है। देश के अन्य क्षेत्रों की तुलना में आधुनिक शिक्षा की शुरुआत के कारण राज्य में मानव संसाधन की प्रचुरता है। लेकिन सूचना प्रौद्योगिकी, ऑटोमोबाइल, बैंकिंग और वित्त कंपनियों जैसे आधुनिक सेवा उद्योगों को पश्चिम बंगाल में पूंजी के प्रति वाम मोर्चा सरकार की उदासीनता के कारण स्थापित होने का मौका नहीं मिल पाया। कठोर श्रम कानून, भ्रष्टाचार,  और संघवाद जैसे अन्य कारकों ने पश्चिम बंगाल के शहरों को विशेष रूप से कोलकाता से उद्यमों को दूर रखा।

कोलकाता की स्थिति पुणे और हैदराबाद जैसी हो सकती थी जो आर्थिक और सेवा क्षेत्र के केंद्र माने जाते है। आज जो स्थान आर्थिक राजधानी के रूप में मुंबई को प्राप्त है वही स्थान लगभग चार दशक पहले कोलकाता की थी। मध्यवर्गीय बंगालियों ने अवसरों की तलाश में राज्य के बाहर जाना उचित समझा। लगभग सभी बड़ी कंपनियों के शीर्ष प्रबंधन पदों पर परिचित उपनामों वाले बंगाली पेशेवरों को पाया जा सकता है। भारत के अन्य शहरों में बंगाली समाज कामयाब हुए वही कलकत्ता की हालत ओर खराब होती गयी।

PC: PwC

जैसा कि उपरोक्त चित्र में देखा जा सकता है, कोलकाता 1950 में भारत का सबसे बड़ा शहरी समूह था। तब कोलकाता अपने आर्थिक अवसरों के कारण महत्वाकांक्षी और प्रतिभाशाली लोगों के लिए जीवनयापन का आकर्षक केंद्र था। लेकिन 1990 आते-आते वह मुंबई से पिछड़, दूसरे स्थान पर फिसल गया। दिल्ली इस सूची में 15 वें स्थान पर रही।

आजादी के समय दिल्ली टॉप 30 में भी नहीं था। 2007 तक यह शहर तीसरे स्थान पर पहुँच गया। यह अनुमान है कि मुंबई और दिल्ली 2025 तक आबादी के आधार पर दुनिया के दूसरे और तीसरे सबसे बड़े शहर होंगे जबकि कोलकाता आठवें स्थान पर रहेगा। दिल्ली और मुंबई की तुलना में कोलकाता का पतन का कारण वहाँ आर्थिक अवसरों की कमी है जिसके वजह से लोग वहाँ जाने से कतराते लगे और वहाँ के निवासी भी पलायन कर रहे है।

PC: PwC

आजादी के समय, कोलकाता देश के सबसे उत्पादक शहरों में से एक था। पीडब्ल्यूसी की रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई 2025 तक जीडीपी (क्रय शक्ति समानता) शहरों में 594 बिलियन डॉलर के साथ 10 वें स्थान पर होगा और दिल्ली 482 बिलियन डॉलर के साथ 19 वें स्थान पर होगा जबकि कोलकाता सूची में भी नहीं दिखाई देता है।

राज्य सबसे कम औद्योगीकृत राज्यों में से है और हर सामाजिक-आर्थिक संकेतक में बहुत नीचे हैं। आजादी के समय इस राज्य की सबसे अधिक प्रति व्यक्ति आय हुआ करती थी, लेकिन अब यह 19 वें स्थान पर फिसल गया है। यह डेटा बताने के लिए पर्याप्त है कि पिछली सरकारों ने कितना बुरा प्रदर्शन किया था। स्वतंत्रता के समय, इसने भारत के सकल घरेलू उत्पाद का एक चौथाई उत्पादन किया, और अब यह गुजरात के पीछे छठे स्थान पर है, जिसकी आबादी पश्चिम बंगाल से लगभग आधी है।

ममता बनर्जी लोगों के सामाजिक-आर्थिक कल्याण के बारे में बात करती हैं, लेकिन कठोर तथ्य यह है कि राज्य में देश में जीएसडीपी अनुपात (जीडीपी अनुपात के लिए ऋण) में सबसे खराब करों में से एक है।

PC: Livemint

सवाल बहूत सीधा है, अगर सरकार के पास पैसा नहीं है, तो वह स्वास्थ्य, शिक्षा और पीडीएस जैसी कल्याणकारी योजनाओं पर कैसे खर्च करेगी? दूसरी ओर, राज्य कर्ज के बड़े ढेर पर बैठा है, जो मुख्य रूप से पिछली वाम मोर्चे की सरकार के कारण जमा हुआ है। ममता बनर्जी ने भी इसमें योगदान दे दिया है।

राज्य के पास सबसे कम पूंजी व्यय है। यह समस्या सरकार द्वारा अकुशल कल्याण योजनाओं पर अधिक राजस्व व्यय के कारण है। राजस्व बढ़ाने में असमर्थता और राजस्व व्यय पर निगरानी रखने की प्रवृत्ति ने राज्य में पूंजीगत व्यय को कम कर दिया है। कम पूंजी व्यय से राज्य के विकास पथ की स्थिरता, साथ ही राज्य की ऋण-जीडीपी अनुपात को कम करने की क्षमता को खतरा होता है।

PC: Livemint

वाम मोर्चा सरकार का प्रदर्शन इतना खराब रहा है कि अमर्त्य सेन जैसे वामपंथी झुकाव वाले अर्थशास्त्रियों ने राज्य के डी-औद्योगीकरण के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया। “बंगाल में वामपंथ ने औद्योगीकरण को नष्ट करने में एक प्रमुख भूमिका निभाई है। हमें इसे स्वीकार करना चाहिए। केवल जब उन्होंने तय किया कि नीतियों को बदलना होगा, तो लोगों ने सरकार को बदलने का फैसला किया। मुझे लगता है कि जिस तरह से वामपंथी दल एक मुद्दे पर सोचते हैं, उससे कुछ समस्या है, ”2016 में सेन ने कहा।

वाम मोर्चे और टीएमसी ने राज्य की अर्थव्यवस्था को नष्ट कर दिया है और राज्य को विकास के पथ पर वापस लाने के लिए एक शासन परिवर्तन आवश्यक है। अब, केवल एक शासन परिवर्तन  ‘अमर सोनार बांग्ला’ के सुनहरे दिनों को वापस ला सकता है। अगर कोलकाता भारत की ‘आर्थिक राजधानी’ की स्थिति को पुनः प्राप्त करना चाहता है, तो पश्चिम बंगाल को राज्य और शहर पर शासन करने के लिए बेहतर लोगों और पार्टियों का चुनाव करना सीखना होगा।

Tags: कोलकाताममता बनर्जी
शेयर271ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

इसलिए भारत को चाहिए एक से ज़्यादा टाइम ज़ोन

अगली पोस्ट

गौतम गंभीर की पारी की शुरुआत सीसीटीवी लगाने के साथ शुरू और साथ ही केजरीवाल को एक शानदार जवाब

संबंधित पोस्ट

लोकतंत्र का महाकुंभ: बंगाल और तमिलनाडु में वोटिंग के सारे रिकॉर्ड ध्वस्त, सबसे भारी मतदान ने बदली सियासी हवा
चर्चित

लोकतंत्र का महाकुंभ: बंगाल और तमिलनाडु में वोटिंग के सारे रिकॉर्ड ध्वस्त, सबसे भारी मतदान ने बदली सियासी हवा

24 April 2026

भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में 24 अप्रैल 2026 की तारीख स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गई है। पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में हुए मतदान ने...

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव
चर्चित

क्या ‘युवा संकल्प’ बदलेगा बंगाल का भविष्य ? असंतोष…संभावनाएँ और परिवर्तन की दस्तक !

21 April 2026

बंगाल की माटी में बदलाव की चाह कोई अचानक उठी हुई लहर नहीं है, यह एक लंबे समय से संचित असंतोष, आकांक्षा और संभावनाओं का...

PM मोदी का राष्ट्र के नाम संबोधन: ‘विपक्ष ने नारी शक्ति के सपनों की भ्रूण हत्या की’, महिला आरक्षण बिल गिरने पर छलका प्रधानमंत्री का दर्द
चर्चित

PM मोदी का राष्ट्र के नाम संबोधन: ‘विपक्ष ने नारी शक्ति के सपनों की भ्रूण हत्या की’, महिला आरक्षण बिल गिरने पर छलका प्रधानमंत्री का दर्द

18 April 2026

भारतीय राजनीति के इतिहास में कुछ क्षण ऐसे होते हैं जो दशकों तक याद रखे जाते हैं। लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा '131वां संविधान...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

00:05:40

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited