TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    बीजेपी में बदलाव

    हिमाचल नगर निगम चुनाव में भाजपा का दबदबा, 4 में से 3 नगर निगमों पर जमाया कब्जा

    शुभेंदु अधिकारी के केबिनेट ममं मंत्रियों का विस्तार

    West Bengal Cabinet Expansion: शुभेंदु कैबिनेट का विस्तार, नबान्न में 35 मंत्रियों ने ली शपथ

    सीएम योगी का बड़ा फैसला

    सीएम योगी का बड़ा तोहफा: पाकिस्तान से आए 1645 विस्थापित परिवारों को आज यूपी में मिलेगा जमीन का मालिकाना हक

    विनेश फोगाट को एशियन गेम्स ट्रायल में

    सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने विनेश फोगाट को एशियन गेम्स ट्रायल में हिस्सा लेने की अनुमति दी

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात जारी रखेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    गोवा राज्य स्थापना दिवस

    गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

    1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)

    अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    Break into QA Jobs Faster with Automation Testing Course from StarAgile

    Break into QA Jobs Faster with Automation Testing Course from StarAgile

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    बीजेपी में बदलाव

    हिमाचल नगर निगम चुनाव में भाजपा का दबदबा, 4 में से 3 नगर निगमों पर जमाया कब्जा

    शुभेंदु अधिकारी के केबिनेट ममं मंत्रियों का विस्तार

    West Bengal Cabinet Expansion: शुभेंदु कैबिनेट का विस्तार, नबान्न में 35 मंत्रियों ने ली शपथ

    सीएम योगी का बड़ा फैसला

    सीएम योगी का बड़ा तोहफा: पाकिस्तान से आए 1645 विस्थापित परिवारों को आज यूपी में मिलेगा जमीन का मालिकाना हक

    विनेश फोगाट को एशियन गेम्स ट्रायल में

    सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने विनेश फोगाट को एशियन गेम्स ट्रायल में हिस्सा लेने की अनुमति दी

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात जारी रखेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    गोवा राज्य स्थापना दिवस

    गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

    1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)

    अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    Break into QA Jobs Faster with Automation Testing Course from StarAgile

    Break into QA Jobs Faster with Automation Testing Course from StarAgile

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

मैग्सेसे के लिए Indian Express ने दी बधाई, पर यहाँ भी रवीश कुमार मोदी के ‘अत्याचारों’ की रट लगाते रहे

Abhinav Kumar द्वारा Abhinav Kumar
18 September 2019
in मत
रवीश कुमार

PC: Indian Express

Share on FacebookShare on X

नमस्कार मैं रवीश कुमार, आप देख रहे हैं एनडीटीवी, मैं आपको अंधेरे में लाया हूँ। यह डायलॉग तो आपने सुना ही होगा। यह लेफ्ट लिबरल्स के चहेते पत्रकार रवीश कुमार का अंदाज है। यह पत्रकार सिर्फ टीवी पर ही नकारात्मक नहीं हैं बल्कि आम जिंदगी में भी काफी नकारात्मक हैं। अंध मोदी विरोध के कारण ये इतने नकारात्मक हो चुके हैं कि अब निजी जिंदगी में भी अपनी तुलना मोदी से करने लगे हैं।

दरअसल, हाल ही में रवीश कुमार को रेमन मैग्सेसे अवार्ड दिया गया है, जिसे फिलीपींस के राष्ट्रपति और CIA द्वारा खास तौर से तैयार किए गए “रेमन मैग्सेसे” के नाम पर दिया जाता है। इसी संबंध में इंडियन एक्सप्रेस के एक पत्रकार, निशांत शेखर ने उनका इंटरव्यू लिया। इस इंटरव्यू में रवीश कुमार से कुछ सवाल किये गये लेकिन उन्होंने हर सवाल का जवाब नकारात्मक तरीके से घुमाकर दिया। पूरे इंटरव्यू के दौरान घूम-फिरकर वो पीएम मोदी पर हमला करते हुए ही दिखे। उनके सभी जवाब नकारात्मकता से भरे हुए थे, पत्रकार निशांत भी उनके नकारात्मक जवाब से काफी असहमत दिखे, ये उनके चेहरे पर साफ झलक रहा था।

संबंधितपोस्ट

आर्थिक शक्ति, राष्ट्रीय अस्मिता और आत्मनिर्भर भारत: पीएम मोदी के भाषण का राष्ट्रवादी अर्थ

‘सनसनीखेज सुर्खियों की भूख है, मेरी बदनामी के बारे में नहीं सोचा’: फेक न्यूज़ फैलाने को लेकर ‘इंडियन एक्सप्रेस’ पर बरसे शशि थरूर

‘इंडियन एक्सप्रेस’ का फर्जी फैक्ट-चेक, राजदीप ने ट्रम्प को बताया झूठा: मोदी को हटाना चाहता था जो USAID, उसके बचाव में उतरा गैंग

और लोड करें

इस इंटरव्यू के दौरान कई ऐसे मौके आए जब निशांत ने अच्छे और सकारात्मक सवाल किए लेकिन रवीश कुमार का वही अंधेरे वाले स्क्रीन जैसा नकारात्मक जवाब मिला। इस इंटरव्यू के पहले ही सवाल में जब निशांत ने उन्हें इस पुरस्कार के लिए बधाई दिया और पूछा कि यह अवार्ड आपके लिए, मीडिया के लिए और एनडीटीवी के लिए कितना महत्व रखता है? इस पर रवीश कुमार अपनी शैली में शुरू हो गए, जिसमें सवाल से कोई मतलब नहीं होता बस मोदी विरोध करना होता है। वह इस सवाल का जवाब देने के स्थान पर सिर्फ मोदी और बीजेपी की बातें करने लगे जिसका प्रश्न से कोई वास्ता ही नहीं था।

निशांत ने सवाल पूछा कि आप बिहार से हैं वहां अधिकतर युवा सिविल की तैयारी करते हैं, आप पत्रकारिता में कैसे आ गए? इस पर रवीश ने घूमा-फिराकर जवाब देते हुए कहा, “मैं कई समस्याओं का सामना करते हुए आगे बढ़ा लेकिन मेरी कहानी चाय बेचने type की कहानी नहीं है।” इस जवाब से रवीश की मानसिकता का स्पष्ट तौर पर पता चलता है कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कितनी घृणा करते हैं।

रवीश बाबू आप भी कुछ अच्छे काम कीजिये, लोग आपकी भी बात करेंगे और आपकी भी कहानियां कही जाएंगी। रवीश कुमार अपनी पत्रकारिता में मोदी सरकार के प्रति नफरत जगजाहिर करने का एक भी मौका नहीं छोड़ते। सकारात्मक पहलू तो इन्हें दिखता ही नहीं लेकिन खामियां इतनी दिखती हैं कि व्यक्तिगत सवाल पर भी इन्हें इस बात की टिस है कि एक चाय वाला इतने बड़े पद पर कैसे है और रवीश उन्हें इतनी अहमियत कैसे दें।

रेमन मैग्सेसे अवार्ड पाने से फुले रवीश खुद को एक अच्छा पत्रकार बताने का कोई मौका नहीं छोड़ते। इस इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा कि उनके इतने फैन हैं जो बोरी भर कर उनके लिए पत्र लिखते हैं और वो उन्हें पढ़ते हैं। हालांकि सच तो यह है कि उनकी नकारात्मक रिपोर्ट्स के बावजूद आम जनता ने नरेन्द्र मोदी को ही प्रधानमंत्री पद के लिए चुना। लाइवमिंट की एक रिपोर्ट के अनुसार 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान नरेंद्र मोदी को ग्रामीण क्षेत्रों में 40 प्रतिशत से अधिक वोट मिले जबकि वर्ष 2014 में यह आंकड़ा 30 प्रतिशत के आसपास था।

Source: Livemint

इंटरव्यू के दौरान जब निशांत ने मोदी विरोधी पत्रकार से जुड़ा सवाल पूछा तो इस पर उनका जवाब फिर से नकारात्मक ही था और इसी की रवीश कुमार से उम्मीद भी थी। उन्होंने कहा, “वे लोग मोदी का प्रोपेगेंडा फैलाने वाले गोदी मीडिया हैं। मैं वही दिखाता हूं जो सही है लेकिन नरेंद्र मोदी एक भी सवाल के जवाब नहीं हैं। इस दौरान उन्होंने खुद ही स्वीकारा कि आज मीडिया की विश्वसनीयता जीरो है।

सोचने वाली बात है कि जिस मीडिया की विश्वसनीयता को वे जीरो कह रहे हैं,  उसी मीडिया की तरह एनडीटीवी भी है जो मेन स्ट्रीम मीडिया से जुड़ी है। यह उनकी हिपोक्रेसी ही दिखती है कि वह खुद को और एनडीटीवी को मेन स्ट्रीम मीडिया से अलग करने की कोशिश करते हैं।

आज जिस मीडिया की विश्वसनीयता पर वह सवाल कर रहे है, उसकी विश्वसनीयता रवीश कुमार जैसे पत्रकार के कारण ही हुआ है। रवीश कुमार ने पिछले दिनों मीडिया को यह भी ‘आदेश’ जारी किया था कि वह पुलवामा और एयर स्ट्राइक से जुड़ी किसी खबर को न चलाएं, क्योंकि इससे भाजपा को फायदा पहुंच सकता है। हालांकि, वे खुद कन्हैया कुमार के तथाकथित इंटरव्यू के माध्यम से उनका भरपूर चुनाव प्रचार करते नज़र आए। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले रवीश कुमार ने बड़ी शिद्दत से एसपी और बीएसपी के महागठबंधन को कामयाब बनाने के लिए पसीना बहाया था। ऐसे में जनता मीडिया पर कैसे विश्वास करेगी।

इससे पहले भी रवीश कई बार फ़ेक न्यूज़ फैला चुके हैं। एक बार तो उन्होंने रक्षा बजट पर भी अपने ब्रम्हाडीय ज्ञान का परिचय देते हुए ट्वीट करके कहा था कि रक्षा बजट 1962 के स्तर से भी कम हो गया है। वहीं डर का माहौल पैदा करने के लिए कई बार वे मॉब लिंचिंग के विषय में फेक न्यूज़ फैला चुके हैं।

वहीं कुछ दिनों पहले रवीश कुमार ने कुछ एंकर्स और न्यूज़ चैनल के मालिकों पर निशाना साधते हुए कहा था कि उन्होंने भाजपा के लिए इतनी शिद्दत से मेहनत की है कि उन्हें मोदी सरकार की कैबिनेट में शामिल कर लेना चाहिए। इस पर आजतक के पत्रकार रोहित सरदाना ने जवाब दिया था कि ‘भाई साहब! ऐसा है वो तो वैसे भी गुस्से में रहते हैं। आज वो कह रहे हैं कि कुछ मीडिया एंकर और न्यूज़ चैनल मालिकों को मंत्री बना देना चाहिए, क्यों? उस दिन तो मीडिया एंकर मंत्री नहीं बने थे जब वे न्यूज़रूम में बैठकर मंत्रीमण्डल डिसाइड करते थे। अगर एक नज़र उनके निजी व्यक्तित्व पर डाली जाए, तो भी वे कोई दूध के धुले नज़र नहीं आते। पिछले दिनों जब एक राहगीर ने उनको गाड़ी चलाते हुए और फोन पर बात करते देखा तो उसने उनकी फोटो खींच ली, हालांकि यह रवीश कुमार को बिल्कुल पसंद नहीं आया और उन्होंने उसके बाद उस राहगीर को जमकर डराने-धमकाने का काम किया। इतना ही नहीं, आरोप के मुताबिक रवीश कुमार की गाड़ी ने उनका 40 मिनट तक पीछा भी किया। रवीश कुमार के दोहरे मापदंड उनके व्यवसायिक जीवन तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि अपने निजी जीवन में भी उनकी करनी और कथनी में बड़ा फर्क नज़र आता है। यही हिपोक्रेसी जब सभी के सामने आने लगी और वह पूरी तरह से एक्सपोज होने लगे तब उन्होंने ट्विटर ही छोड़ दिया।

यह सभी को पता है कि अब भ्रष्टाचार पर कितना काबू किया जा चुका है। सभी पुराने भ्रष्टाचारियों की पोल भी खुल रही है। चाहे वो पी चिदम्बरम हो या रवीश के एनडीटीवी के मालिक प्रणॉय रॉय और उनकी पत्नी राधिका रॉय। हालांकि रवीश प्रणॉय पर कभी रिपोर्टिंग करते नहीं दिखे हैं।

रवीश कुमार इस इंटरव्यू के दौरान बार-बार ये कहने का प्रयास कर रहे हैं कि जनता को नौकरी नहीं मिल रही फिर भी मोदी को वोट करते हैं। इन समर्थकों को समझ नहीं आता कि ‘गोदी मीडिया’ उनके साथ नही है। अपनी घुमावदार हिन्दी में उन्होंने देश की जनता जिसने मोदी को 303 सीट देकर प्रचंड बहुमत दिया, उसे बेवकूफ घोषित कर रहे हैं। इस इंटरव्यू के दौरान तो उन्होंने यह भी कह दिया कि यह जनता इतनी बेवकूफ है कि मोदी को पार्लियामेंट से भी ज्यादा सीट दे देगी।

एक बात तो हैरान कर देने वाली थी जब उन्होंने राइट विंग यानि दक्षिण पंथ के पढ़े-लिखे लोगों को खुदरा यानि कौड़ियों से तुलना कर दी। रवीश के इस प्रकार से एक पक्ष के लोगों को नकारात्मक दृष्टि से नकार देना उनके असहिष्णु होने का स्पष्ट प्रमाण देता है। यही रवीश अभिव्यक्ति की आजादी की बात करते हैं लेकिन खुद दूसरे पक्ष की बात ही नहीं सुनना चाहते और उन्हें निम्न स्तर से देखते हैं। जबकि सच यह है कि उनकी नकारात्मक पत्रकारिता और व्यक्तित्व में किसी को रुचि नहीं है और ना ही शौक है।

रवीश कुमार घुमा फिराकर मोदी पर ही रुक रहे थे। व्यक्तिगत सवालों पर भी सीधा जवाब देने की बजाय मोदी पर आकर रुक जाते हैं, केवल नकारात्मक वो बार बार खुद को अन्य पत्रकार या मीडिया संस्थान से नहीं जोड़ते बल्कि खुद ऐसा लग रहा है कि उनके लिए ‘ रवीश कुमार बनाम मोदी’ है बाकि और कोई है ही नहीं। रवीश कुमार खुद को ही उस विश्व के केंद्र में देखते हैं जहां सभी उन्हें ही जवाब देंगे और वे यही उम्मीद पीएम मोदी से भी करते हैं। वे यह सोचते हैं कि सभी उन्हें ही देख रहे हैं लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं होता है। अपने आप को ही जब व्यक्ति ज्यादा महत्व देने लगता है तो सभी पर शक करने लगता है और वह सभी से डरने लगता है। यही रवीश कुमार के साथ भी होता है।

यह सोचने वाली बात है कि आखिर एक व्यक्ति इतना निगेटिव कैसे हो सकता है। उनकी नकतारात्मकता को देख कर यही लगता है कि यह दशकों से मन में बैठी कुंठा है या मोदी की लोकप्रियता से जलन। पूरे इंटरव्यू को सुनकर आपको ऐसा लगेगा कि वो पैरानॉयड डिसऑर्डर से ग्रसित हैं जो मोदी की एक के बाद एक 5 जीत से लगे झटके से उबर नहीं पाये है। पर जो भी है रवीश कुमार अच्छे पत्रकार है या नहीं यह तो टीवी चैनल की लोकप्रियता से पता चल ही जाता है जिसमें एनडीटीवी फिसड्डी है।

Tags: इंटरव्यूइंडियन एक्सप्रेसएनडीटीवीमोदी विरोधी मीडियारवीश कुमार
शेयर40ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

मुंबई में जो हुआ उसकी आंच पटना तक आएगी, CM की कुर्सी को आखिरी बार देख लो नितीश बाबू

अगली पोस्ट

वामपंथियों के फर्जी इतिहास का युग खत्म, राजनाथ सिंह फिर से लिखवाएंगे देश की सीमाओं का इतिहास

संबंधित पोस्ट

Veer Savarkar Congress And Indira Gandhi
चर्चित

इंदिरा गांधी ने किया था सम्मान लेकिन वीर सावरकर से क्यों चिढ़ती है कांग्रेस?

28 May 2026

विनायक दामोदर सावरकर जिन्हें 'स्वातंत्र्यवीर' के रूप में जाना जाता है। वो भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक प्रमुख क्रांतिकारी थे। उनकी भूमिका और विचारधारा आज...

असम में UCC बिल पास: बहुविवाह और ‘लव जिहाद’ पर लगेगा टोटल ब्रेक, सीएम हिमंत का बड़ा कदम!
चर्चित

असम में UCC बिल पास: बहुविवाह और ‘लव जिहाद’ पर लगेगा टोटल ब्रेक, सीएम हिमंत का बड़ा कदम!

27 May 2026

उत्तर पूर्व भारत के रणनीतिक और राजनीतिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण राज्य असम से एक बेहद बड़ी और युगांतकारी खबर सामने आई है। असम विधानसभा...

Keral Muslim Leauge
इतिहास

मुस्लिम लीग, केरलम् और बहुत कुछ…

19 May 2026

1947 मे भारत के विभाजन के जो अनेक कारक (factors) रहे, उनमे मुस्लिम लीग प्रमुख हैं। मुस्लिम लीग ने ही अलग मुस्लिम राष्ट्र की मांग...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

00:05:40

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited