TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    सीएम योगी ने उत्तर प्रदेशवासियों को किया धन्यवाद

    उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस पर सीएम योगी ने उत्तर प्रदेशवासियों को किया नमन

    मानवता की मिसाल बने भगत सिंह कोश्यारी

    मानवता की मिसाल बने भगत सिंह कोश्यारी, नेत्रदान-अंगदान और देहदान का लिया संकल्प

    नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वारा स्थापित आज़ाद हिंद फौज के पदक, जो वीरता और बलिदान के प्रतीक हैं

    राज से परे वीरता: नेताजी की ‘आजाद हिंद फौज’ के साहस को सम्मानित करने वाले पदक

    उत्तराखंड में वर्दी खरीद घोटाले पर बड़ी कार्रवाई

    वर्दी खरीद घोटाला: मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर होमगार्ड्स निदेशक निलंबित

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    पुलिस ने दोहराया कि ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ भारत में प्रतिबंधित संगठन है

    गणतंत्र दिवस से पहले पन्नून की धमकियों पर सख्त हुई दिल्ली पुलिस, दर्ज हुआ केस

    भद्रवाह-चंबा मार्ग पर खन्नी टॉप के पास वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिरा

    जम्मू-कश्मीर: डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरा, 10 जवानों की मौत, 7 घायल; बचाव अभियान जारी

    गणतंत्र दिवस परेड में हाइपरसोनिक हथियार का प्रदर्शन

    गणतंत्र दिवस परेड में भारत का ‘हाइपरसोनिक’ संदेश! किसी के पास क्यों नहीं है DRDO के इस ‘नेवी किलर’ हथियार की काट ?

    सिमरन बाला 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर क्या खास करने वाली है

    पाकिस्तानी गोलाबारी के बीच पली-बढ़ीं, अब गणतंंत्र दिवस परेड में CRPF की पुरुष टुकड़ी का करेंगी नेतृत्व, जानिए कौन हैं जम्मू-कश्मीर का नाम रौशन करने वालीं सिमरन बाला?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तानाशाही मॉडल अब केवल चीन की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा है

    डिजिटल तानाशाही का मॉडल: चीन और खामोश होती दुनिया

    W’, एलोन मस्क के X को चुनौती

    यूरोप ‘W’ लॉन्च करने को तैयार, X का विकल्प; क्या यूज़र्स करेंगे स्विच?

    भारत ने पश्चिमी दबाव के बावजूद अपनाई स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति

    नियमों वाली दुनिया का भ्रम: भारत ने अपना स्वतंत्र रास्ता चुना

    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    सीएम योगी ने उत्तर प्रदेशवासियों को किया धन्यवाद

    उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस पर सीएम योगी ने उत्तर प्रदेशवासियों को किया नमन

    मानवता की मिसाल बने भगत सिंह कोश्यारी

    मानवता की मिसाल बने भगत सिंह कोश्यारी, नेत्रदान-अंगदान और देहदान का लिया संकल्प

    नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वारा स्थापित आज़ाद हिंद फौज के पदक, जो वीरता और बलिदान के प्रतीक हैं

    राज से परे वीरता: नेताजी की ‘आजाद हिंद फौज’ के साहस को सम्मानित करने वाले पदक

    उत्तराखंड में वर्दी खरीद घोटाले पर बड़ी कार्रवाई

    वर्दी खरीद घोटाला: मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर होमगार्ड्स निदेशक निलंबित

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    पुलिस ने दोहराया कि ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ भारत में प्रतिबंधित संगठन है

    गणतंत्र दिवस से पहले पन्नून की धमकियों पर सख्त हुई दिल्ली पुलिस, दर्ज हुआ केस

    भद्रवाह-चंबा मार्ग पर खन्नी टॉप के पास वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिरा

    जम्मू-कश्मीर: डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरा, 10 जवानों की मौत, 7 घायल; बचाव अभियान जारी

    गणतंत्र दिवस परेड में हाइपरसोनिक हथियार का प्रदर्शन

    गणतंत्र दिवस परेड में भारत का ‘हाइपरसोनिक’ संदेश! किसी के पास क्यों नहीं है DRDO के इस ‘नेवी किलर’ हथियार की काट ?

    सिमरन बाला 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर क्या खास करने वाली है

    पाकिस्तानी गोलाबारी के बीच पली-बढ़ीं, अब गणतंंत्र दिवस परेड में CRPF की पुरुष टुकड़ी का करेंगी नेतृत्व, जानिए कौन हैं जम्मू-कश्मीर का नाम रौशन करने वालीं सिमरन बाला?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तानाशाही मॉडल अब केवल चीन की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा है

    डिजिटल तानाशाही का मॉडल: चीन और खामोश होती दुनिया

    W’, एलोन मस्क के X को चुनौती

    यूरोप ‘W’ लॉन्च करने को तैयार, X का विकल्प; क्या यूज़र्स करेंगे स्विच?

    भारत ने पश्चिमी दबाव के बावजूद अपनाई स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति

    नियमों वाली दुनिया का भ्रम: भारत ने अपना स्वतंत्र रास्ता चुना

    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

Gabriel Sena: कैथोलिक चर्च ने बना ली है अपनी सेना, भीड़ को नियंत्रित करने के नाम पर अपना Agenda चलाएंगे

आम ईसाई लोगों की आवाज दबाएंगे जो भ्रष्ट पादरियों के खिलाफ बोलते थे!

Shivam Chauhan द्वारा Shivam Chauhan
8 November 2019
in चर्चित
ईसाई, चर्च

PC: Indian Express

Share on FacebookShare on X

विवादों में रहने वाले एक कैथोलिक ईसाई चर्च ने अपने सुरक्षा का सटिक इंतजाम कर लिया है। दरअसल, इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में खबर आई है कि केरल के एक कैथोलिक चर्च ने रिटायर्ड सैनिक व अर्ध सैनिक जवानों की एक यूनिट तैयार की है जिसका नाम दिया गया है ‘गैब्रियल सेना’। ऐसा पहली बार हो रहा है जब किसी चर्च ने अपनी सेना बनाई हो।

अगर बाइबिल की नजरिए से ग्रैबियल सेना को भगवान का दूत माना जाता है। ग्रैबियल सेना की गठन पिछले महीने कन्नूर में थालास्सेरी आर्कडायोसिस में हुआ था। 15 नवंबर को इस सेना की पहली बैठक कन्नूर के तालिपरम्बा में होगी।

संबंधितपोस्ट

कम्युनिस्टों का रामभजन से डर: जन्माष्टमी यात्रा पर हमला और केरल की बदलती तस्वीर

ओणम सिर्फ फसल उत्सव नहीं: वामन और महाबली की कथा को बचाना हमारी जिम्मेदारी

B से बिहार, B से बीड़ी: कांग्रेस के ट्वीट से मचा सियासी बवाल

और लोड करें

ग्रैबियन सेना के डायरेक्टर फादर मैथ्यू अशारीपरंबिल ने इंडियन एक्सप्रेस के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि रिटायर मिलट्री और पैरामिलट्री के जवानों को विश्वास के संरक्षक और आदर्शों का योद्धा बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी सेवाओं का इस्तेमाल ज्यादातर भीड़ को नियंत्रण करने के लिए किया जाएगा।

चर्च के फादर मैथ्यू अशारीपरंबिल ने कहा कि हम 15 नवंबर को अपनी पहली बैठक में क़रीब 150 से ज़्यादा लोगों के शामिल होने की उम्मीद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिसंबर महीने में कन्नूर में चर्च द्वारा आयोजित होने वाली आगामी किसान रैली के दौरान पहली बार सेना के इन सदस्यों को वहां सेवा के लिए तैनात किया जाएगा।

चर्च के फादर ने कहा कि इस समूह का कोई सांप्रदायिक एजेंडा नहीं है, इस समूह से जुड़ने के लिए कोई भी कैथोलिक स्वतंत्र है। हमने सभी रिटायर्ड सैनिकों से अपील की है कि वे हमारा सहयोग करें। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जो सैनिक यहां जुड़े हैं वे कहीं और भी सेवाएं दे सकते हैं, हमने किसी भी तरह का प्रतिबंध नहीं लगाया है।

सेना के एक जवान अलेक्जेंडर टी जो कि मद्रास इंजीनियर यूनिट से हवलदार पद से साल 2015 में रिटायर हुए हैं, कहते हैं- वो चर्च में अपनी सेवाएं देने के लिए खुश हैं। उन्होंने कहा, “हम सभी रिटायर्टड सैनिक स्वंयसेवकों के रूप में काम करने और चर्च के किसी भी आयोजन का प्रबंधन करेंगे।”

भले ही पूर्व सैनिकों में गैब्रियल सेना के लिए उत्साह देखा जा रहा है। लेकिन सच्चाई यह है कि पादरियों की खराब प्रवृत्ति के लिए ये चर्च बदनाम रहे हैं। मौजूदा समय की बात करें तो चर्च आपस में ही अपने वर्चस्व को लेकर लड़ते रहते हैं। उनका मुख्य ध्येय संपत्तियों व चर्चों पर अपना अधिकार जमाना होता है। ऐसे में सेना का गठन अगर इन चर्चों में सेवाएं देने के लिए किया गया है तो यह एक निराशाजनक बात है। खासकर यदि उनकी सेवाओं का इस्तेमाल उन लोगों के खिलाफ होगा जो पादरियों के करतूतों का विरोध करते हैं तो यह बेहद खतरनाक साबित होने वाला है।

इसी संदर्भ में ग्रैब्रियल सेना के गठन पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए संयुक्त ईसाई परिषद के सचिव जॉर्ज जोसेफ ने कहा- ”यह बेहद खतरनाक साबित होने वाला है। क्योंकि इसका गठन ऐसे समय में किया गया है कि जब चर्च अपनी वर्चस्व के लिए आपस में ही लड़ते रहते हैं। ऐसे में सेना की सेवाओं का इस्तेमाल उन लोगों के खिलाफ हो सकता है जो आपराधिक प्रवृत्ति के पादरियों के खिलाफ आवाज उठाते हैं, हम इसके खिलाफ हैं।”

बता दें कि पिछले कुछ वर्षों में, पादरियों पर विभिन्न आपराधिक आचरणों में शामिल होने का आरोप लगाया गया है, सेक्स स्कैंडल से लेकर भूमि विवादों तक। पिछले साल पंजाब के जलांधर के बिशप फ्रैंको मुलक्कल पर एक नन के साथ बलात्कार का आरोप लगा था। आम ईसाइयों ने उनका विरोध किया, लेकिन, वेटिकन ने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई करने से इनकार कर दिया। वास्तव में, रोम के धार्मिक आका पादरियों के आपराधिक आचरणों के बावजूद भी उनका कद बढ़ाते रहते हैं।

पूर्व सैनिकों की सेवाओं का प्रयोग करके कैथोलिक चर्च गैर कैथोलिक चर्चों का परेशान कर सकते हैं। जमीन, धन व चर्च पर अधिकार करने के लिए इनका प्रयोग किया जा सकता है जो कि काफी खतरनाक है। पूर्व सैनिकों का प्रयोग करके कैथोलिक ईसाई आम ईसाईयों के आवाज को भी दबा सकते हैं, जो अक्सर आपराधिक प्रवृत्ति वाले पादरियों के खिलाफ बोलते हैं।

इन्ही पादरियों की वजह से पिछले कुछ सालों में कई ईसाईयों ने रोमन कैथोलिक संप्रदाय को छोड़ दिया। रोमन कैथोलिक मिलिशिया का उपयोग करके अन्य संप्रदायों के उत्थान पर हमला करते हैं। जैसा कि रोमन कैथोलिक चर्च द्वारा पूर्व-पुनर्जागरण यूरोप में किया गया था।

मध्य केरल में ईसाई समुदाय आपस में लड़ते रहते हैं इसमें सबसे अहम भूमिका निभाते हैं वहां के पादरी। कोट्टायम और इडुक्की में 43 प्रतिशत से अधिक ईसाई आबादी है, जबकि वे 38 प्रतिशत पठानमथिट्टा और एर्नाकुलम में रहते हैं। कुल मिलाकर, 2011 की जनगणना के अनुसार, ईसाई राज्य की आबादी का 18.38 प्रतिशत हैं। केरल राज्य में, रोमन कैथोलिक ईसाईयों की कुल आबादी 61 प्रतिशत है। यहां सीरियाई रूढ़िवादी और जैकबाइट सीरियन ईसाई भी रहते थे जिनका रोमन कैथोलिकों ने जबरन धर्म परिवर्तन करा दिया।

अभी हाल ही में रुढ़ीवादी जैकोबाइट समुदाय और ऑर्थोडॉक्स समुदाय के लोगों ने चर्च के लिए प्रदर्शन किया था। इस मामले में भी रोमन कैथोलिक कूद पड़े और इस लड़ाई का लाभ लेना चाहते हैं।

ऐसे में गेब्रियल सेना का गठन – एक अतिरिक्त संवैधानिक सशस्त्र मिलिशिया न केवल अवैध है, बल्कि, देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए भी खतरा है। आस्था के नाम पर धार्मिक हिंसा-हत्या से ईसाई धर्म का इतिहास भरा पड़ा है। इससे पूर्व सैनिकों का गलत प्रयोग किया जाएगा और उनकी पूर्व की छवि भी खराब होगी जो उन्होंने सेना में अर्जित की है।

Tags: ईसाईकेरलकैथोलिकग्रैब्रियल सेनारोमन
शेयर73ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

ऐतिहासिक अयोध्या फैसला आने से पहले पूरे देश को एक करने के लिए पीएम मोदी की खास रणनीति

अगली पोस्ट

पीयूष गोयल, LEDs और रेलवे – एक बार फिर से इन्होंने साबित कर दिया है ये हैं मोदी मंत्रालय के सबसे इनोवेटिव मंत्री

संबंधित पोस्ट

मानवता की मिसाल बने भगत सिंह कोश्यारी
चर्चित

मानवता की मिसाल बने भगत सिंह कोश्यारी, नेत्रदान-अंगदान और देहदान का लिया संकल्प

24 January 2026

मानवता, सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी की एक प्रेरक मिसाल पेश करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री उत्तराखंड, पूर्व राज्यपाल महाराष्ट्र और पूर्व सांसद  भगत सिंह कोश्यारी ने...

भद्रवाह-चंबा मार्ग पर खन्नी टॉप के पास वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिरा
चर्चित

जम्मू-कश्मीर: डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरा, 10 जवानों की मौत, 7 घायल; बचाव अभियान जारी

22 January 2026

जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में गुरुवार को एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें भारतीय सेना के 10 जवानों की मौत हो गई, जबकि 11...

बीफ मामले में पति को फंसाने का आरोप, पुलिस ने किया मामला दर्ज
चर्चित

पति से अलग होने के लिए साजिश :लखनऊ में गिरफ्तार हुई आमीना खातून और उसका प्रेमी

22 January 2026

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक चौंका देने वाली और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जिसमें आमीना खातून नाम की एक...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

If US Says NO, F-35 Can’t Fly: The Hidden Cost of Imports | Make In India

If US Says NO, F-35 Can’t Fly: The Hidden Cost of Imports | Make In India

00:06:15

Republic Day Shock: India’s Hypersonic Warning to the World| DRDO | HGV | Indian Army

00:05:24

French Media Exposes Pakistan and China on the Rafale lost

00:04:36

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

00:03:24

Ramjet-Powered Shell: A Potential Game Changer for Indian Artillery| IIT Madra

00:06:25
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited