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लो मित्रों आ गयी जेडीयू से प्रशांत किशोर की विदाई की पावन बेला

Abhinav Kumar द्वारा Abhinav Kumar
10 December 2019
in मत
प्रशांत किशोर JDU

PC: InToday

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सोमवार को  नागरिकता संशोधन बिल यानि Citizenship Amendment Bill लोक सभा से पारित हुआ। कई दल भाजपा के साथ थे तो कई विरोध में, इसी कारण इस मुद्दे पर लगभग 9 घंटे लंबी बहस चली। इस दौरान 50 से ऊपर सदस्यों ने बहस में भाग लिया। भाजपा का साथ देने वालों में JDU यानि जनता दल यूनाइटेड भी थी। यह आश्चर्य की बात थी क्योंकि अभी तक नीतीश कुमार की जेडीयू ट्रिपल तलाक और अनुच्छेद 370 जैसे मुद्दों को लेकर पर भाजपा के निर्णय के खिलाफ थी। परन्तु जेडीयू के उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने पार्टी से अलग ही राग अलापा है। उन्होंने पार्टी के स्टांस पर निराशा जताते हुए ट्वीट किया और लिखा, “धर्म के आधार पर नागरिकता के अधिकार में भेदभाव करने वाले बिल का जेडीयू द्वारा समर्थन दिया जाना निराशाजनक हैं। यह पार्टी के संविधान से मेल नहीं खाता जिसमें धर्मनिरपेक्ष शब्द पहले पन्ने पर तीन बार आता है। पार्टी का नेतृत्व गांधी के सिद्धांतों को मानने वाला है”।

Disappointed to see JDU supporting #CAB that discriminates right of citizenship on the basis of religion.

It's incongruous with the party's constitution that carries the word secular thrice on the very first page and the leadership that is supposedly guided by Gandhian ideals.

— Prashant Kishor (@PrashantKishor) December 9, 2019

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Tags: जेडीयूनितीश कुमारप्रशांत किशोर
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