TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    ‘POJK संकल्प दिवस’: 22 फरवरी 1994 का संसदीय संकल्प और भारत का राष्ट्रीय दायित्व

    ‘POJK संकल्प दिवस’: 22 फरवरी 1994 का संसदीय संकल्प और भारत का राष्ट्रीय दायित्व

    एआई समिट विरोध के बाद

    एआई समिट विरोध के बाद असर: शर्टलेस प्रदर्शनों से देशभर में तनाव पैदा

    टोल प्लाज़ा पूरी तरह डिजिटल होंगे

    India के टोल प्लाज़ा पूरी तरह डिजिटल होंगे: 1 अप्रैल 2026 से नकद भुगतान बंद

    दिल्ली में आतंकी हमले का अलर्ट

    दिल्ली में आतंकी हमले का अलर्ट, लाल किले के पास मंदिर निशाने पर

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    सनातन दृष्टि से ए.आई.

    भारतीय सनातन दृष्टि से ए.आई. समिट की सार्थकता

    भारत में एआई की नई शुरुआत

    भारत में एआई की नई शुरुआत: अपने मॉडल्स से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम

    पीएम मोदी

    AI IMPACT SUMMIT 2026 : भारत बना एआई नवाचार का वैश्विक केंद्र, प्रधानमंत्री मोदी ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 का किया उद्घाटन

    20 से ज्यादा देशों के टॉप लीडर्स होंगे शामिल

    AI समिट का तीसरा दिन Galgotias University के रोबोटिक डॉग पर उठे सवाल, स्टॉल को कराया गया खाली

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    तेजस फिर हुआ हादसे का शिकार, सुरक्षा पर बढ़ी चिंता

    तेजस फिर हुआ हादसे का शिकार, सुरक्षा पर बढ़ी चिंता; पायलट सुरक्षित बाहर निकला

    Tejas mark -1

    वायु सेना का तीसरा तेजस लड़ाकू विमान हादसे का शिकार, पायलट सुरक्षित; हादसे की जांच जारी

    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ट्रंप का टैरिफ विवाद

    ट्रंप के 15% टैरिफ से वैश्विक व्यापार में हलचल; भारत-चीन को बढ़त, ब्रिटेन पर दबाव, यूरोप सख्त रुख में

    ट्रंप का टैरिफ विवाद

    ट्रंप का टैरिफ ड्रामा : कोर्ट के झटके के बाद नया आदेश 10% ग्लोबल टैरिफ का किया ऐलान

    गाजा पीस बोर्ड: क्या इस्लामी ‘उम्माह’ के साथ दग़ाबाज़ी कर रहा है पाकिस्तान ? पूर्व सैनिकों की ‘सेना प्रमुख’ और ‘सरकार’ को खुली धमकी


    गाजा पीस बोर्ड: क्या इस्लामी ‘उम्माह’ के साथ दग़ाबाज़ी कर रहा है पाकिस्तान ? पूर्व सैनिकों की ‘सेना प्रमुख’ और ‘सरकार’ को खुली धमकी


    ईरान के शीर्ष नेतृत्व पर कार्रवाई की तैयारी

    ईरान के शीर्ष नेतृत्व पर कार्रवाई की तैयारी? ट्रंप के सामने सैन्य विकल्पों पर मंथन

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग

    ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    ‘POJK संकल्प दिवस’: 22 फरवरी 1994 का संसदीय संकल्प और भारत का राष्ट्रीय दायित्व

    ‘POJK संकल्प दिवस’: 22 फरवरी 1994 का संसदीय संकल्प और भारत का राष्ट्रीय दायित्व

    एआई समिट विरोध के बाद

    एआई समिट विरोध के बाद असर: शर्टलेस प्रदर्शनों से देशभर में तनाव पैदा

    टोल प्लाज़ा पूरी तरह डिजिटल होंगे

    India के टोल प्लाज़ा पूरी तरह डिजिटल होंगे: 1 अप्रैल 2026 से नकद भुगतान बंद

    दिल्ली में आतंकी हमले का अलर्ट

    दिल्ली में आतंकी हमले का अलर्ट, लाल किले के पास मंदिर निशाने पर

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    सनातन दृष्टि से ए.आई.

    भारतीय सनातन दृष्टि से ए.आई. समिट की सार्थकता

    भारत में एआई की नई शुरुआत

    भारत में एआई की नई शुरुआत: अपने मॉडल्स से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम

    पीएम मोदी

    AI IMPACT SUMMIT 2026 : भारत बना एआई नवाचार का वैश्विक केंद्र, प्रधानमंत्री मोदी ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 का किया उद्घाटन

    20 से ज्यादा देशों के टॉप लीडर्स होंगे शामिल

    AI समिट का तीसरा दिन Galgotias University के रोबोटिक डॉग पर उठे सवाल, स्टॉल को कराया गया खाली

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    तेजस फिर हुआ हादसे का शिकार, सुरक्षा पर बढ़ी चिंता

    तेजस फिर हुआ हादसे का शिकार, सुरक्षा पर बढ़ी चिंता; पायलट सुरक्षित बाहर निकला

    Tejas mark -1

    वायु सेना का तीसरा तेजस लड़ाकू विमान हादसे का शिकार, पायलट सुरक्षित; हादसे की जांच जारी

    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ट्रंप का टैरिफ विवाद

    ट्रंप के 15% टैरिफ से वैश्विक व्यापार में हलचल; भारत-चीन को बढ़त, ब्रिटेन पर दबाव, यूरोप सख्त रुख में

    ट्रंप का टैरिफ विवाद

    ट्रंप का टैरिफ ड्रामा : कोर्ट के झटके के बाद नया आदेश 10% ग्लोबल टैरिफ का किया ऐलान

    गाजा पीस बोर्ड: क्या इस्लामी ‘उम्माह’ के साथ दग़ाबाज़ी कर रहा है पाकिस्तान ? पूर्व सैनिकों की ‘सेना प्रमुख’ और ‘सरकार’ को खुली धमकी


    गाजा पीस बोर्ड: क्या इस्लामी ‘उम्माह’ के साथ दग़ाबाज़ी कर रहा है पाकिस्तान ? पूर्व सैनिकों की ‘सेना प्रमुख’ और ‘सरकार’ को खुली धमकी


    ईरान के शीर्ष नेतृत्व पर कार्रवाई की तैयारी

    ईरान के शीर्ष नेतृत्व पर कार्रवाई की तैयारी? ट्रंप के सामने सैन्य विकल्पों पर मंथन

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग

    ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

बलूचिस्तान के खान कभी भारत का हिस्सा बनना चाहते थे, नेहरू ने उन्हें जवाब दिया- “बिल्कुल नहीं”

आज बलूचिस्तान पाकिस्तान के पास है, और उसे भारत के खिलाफ इस्तेमाल कर रहा है

Abhinav Kumar द्वारा Abhinav Kumar
12 June 2020
in इतिहास
बलूचिस्तान
Share on FacebookShare on X

यह सभी को पता है कि भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने कई बड़ी गलतियाँ की, जिसका खामियाजा आज न सिर्फ पूरे भारत को भुगतना पड़ रहा है बल्कि आस पास के क्षेत्रों जैसे तिब्बत को भी भुगतना पड़ रहा है। स्वतन्त्रता के पहले 15 वर्ष में जवाहर लाल नेहरू ने ऐसे कई फैसले लिए जिससे भारत न सिर्फ रणनीतिक रूप से कमजोर हुआ बल्कि आगे चल कर देश को अपना क्षेत्र भी चीन और पाकिस्तान के हाथों गंवाना पड़ा। जब भी जवाहर लाल की बात आती है, तो उनके दो ब्लंडर तुरंत दिमाग में आते हैं। पहला 1947-48 का कश्मीर ब्लंडर और दूसरा 1962 का हिमालयन ब्लंडर। एक और भी ब्लंडर है जो लोगों को आमतौर पर पता नहीं होता और वह है बलूचिस्तान ब्लंडर।

अपने कार्यकाल के दौरान नेहरू बलूचिस्तान प्रांत के सामरिक महत्व को समझने में विफल रहे और कलात के “राजा” या खान, मीर अहमद खान द्वारा बलूचिस्तान के एक अहम हिस्से के भारत में विलय के प्रस्ताव को ठुकरा दिया। यह नेहरू की ही गलती का परिणाम है कि आज बलूचिस्तान के लोगों को पाकिस्तान में मर-मर कर जीना पड़ रहा है।

संबंधितपोस्ट

‘अरिहंत’, ‘अरिघात’ और ‘अरिदमन’ — भारत का Undersea Doomsday न्यूक्लियर शील्ड तैयार

दिल्ली में आतंकी हमले का अलर्ट, लाल किले के पास मंदिर निशाने पर

जेल में बिगड़ी सेहत: इमरान खान की आंखों की रोशनी घटी, सुप्रीम कोर्ट ने लिया संज्ञान

और लोड करें

पाकिस्तान के क्राँतिकारी और व्यवस्था विरोधी कवि हबीब जालिब ने पाकिस्तान के अत्याचारों पर लिखा था…

मुझे जंगे – आज़ादी का मज़ा मालूम है,

बलोचों पर ज़ुल्म की इंतेहा मालूम है,

मुझे ज़िंदगी भर पाकिस्तान में जीने की दुआ मत दो,

मुझे पाकिस्तान में इन साठ साल जीने की सज़ा मालूम है।

(PC :The Nation)

दरअसल,बलूचिस्तान को पहले कलात के नाम से जाना जाता था और ऐतिहासिक तौर पर कलात की क़ानूनी स्थिति भारत के दूसरे रियासतों से अलग थी। तत्कालीन ब्रिटिश सरकार और कलात के बीच संबंध 1876 में हुई संधि पर आधारित थे, जिसके अनुसार ब्रिटिश लोग कलात को एक स्वतंत्र राष्ट्र का दर्जा देते थे। BBC की एक रिपोर्ट के अनुसार जहाँ 560 रजवाड़ों को ‘ए’ सूची में रखा गया था, कलात को नेपाल, भूटान और सिक्किम के साथ ‘बी’ सूची में रखा गया था। इस रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि वर्ष 1946 में कलात के ख़ाँ ने समद ख़ाँ को अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए दिल्ली भेजा था, लेकिन नेहरू ने कलात के उस दावे को अस्वीकार कर दिया था कि वो एक आज़ाद देश हैं।

तिलक देवेशर की किताब‘द बलोचिस्तान कोननड्रम’ के अनुसार उस दौरान तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष ने बलूचिस्तान की आजादी पर ही सवाल खड़ा कर दिया। वहीं ब्रिटेन स्थित थिंक टैंक, Foreign Policy Centre का मानना है कि नेहरू ने 1947 में कलात के खान द्वारा हस्ताक्षर किया हुआ विलय पत्र वापस कर दिया था।

बलूचिस्तान

बात तब की है जब भारत स्वतंत्र हो चुका था और देश का दो भागों में बंटवारा हो चुका था। उस दौरान भी बलूच पहले की तरह ही स्वतंत्र रहना चाहते थे। परंतु पाकिस्तान ने अपने स्वभाव के अनुरूप वर्ष 1947-48 मे बलूचिस्तान को अपनी सीमा में मिलाने का प्रयास किया, लेकिन तब बलूचिस्तान के लोगों ने विरोध शुरु कर दिया। उस वक्त तो पाकिस्‍तान की सरकार थम गई और अंग्रेजों के जाने के बाद बलूचों ने अपनी आजादी की घोषणा कर दी थी। परंतु सबसे भयंकर मोड तब आया जब कलात के तत्कालीन बलूच के खान ने 27 मार्च, 1948 कोऑल इंडिया रेडियो (AIR) सुना। AIR पर सेक्रेटरी वीपी मेनन ने कहा, ” कलात के ख़ाँ भारत में विलय करने के लिए दबाव डाल रहे थे, लेकिन भारत ने इस प्रस्ताव पर कोई ध्यान नहीं दिया है और उसका इससे कोई लेना देना नहीं है।“

ख़ाँ ने ऑल इंडिया रेडियो का 9 बजे का बुलेटिन सुना और उनको भारत के इस व्यवहार से तगड़ा झटका लगा। तिलक देवेशर की किताब ‘द बलोचिस्तान कोननड्रम’में लिखा है कि इसके बाद उन्होंने जिन्ना से संपर्क किया और पाकिस्तान के साथ संधि करने के लिए बातचीत की पेशकश कर दी।” हालांकि बाद में विपक्ष ने जब सवाल पूछे तो 30 मार्च, 1948 को नेहरू ने इस खबर को गलत बताकर पल्ला झाड़ लिया लेकिन तब तक पाकिस्तान बलूचिस्तान पर हमला कर चुका था।

मानवाधिकार कार्यकर्ता वसीम अल्ताफ के अनुसार, ” जिन्ना के आदेशों पर, 27 मार्च 1948 को GOC मेजर जनरल मोहम्मद अकबर खान के नेतृत्व में 7वीं बलूच रेजिमेंट के लेफ्टिनेंट कर्नल गुलजार ने कलात के खान पर आक्रमण कर बलूचिस्तान को जबरन पाकिस्तान में मिला लिया। जनरल अकबर कलात के खान को बंदी बना कर कराची ले गए और उन्हें विलय पत्र हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया”

हैरानी की बात तो यह है कि एक तरफ जहां भारत के शीर्ष नेता बलूचिस्तान को स्वतंत्र भी नहीं मान रहे थे तो वहीं पाकिस्तान कई महीनों से अपनी सीमा में मिलाने के लिए योजना बना रहा था। 22 मार्च, 1948 को पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री लियाकत अली खान ने बलूचिस्तान को पाकिस्तान में मिलाने के लिए तीनों सेना प्रमुखों की एक बैठक की अध्यक्षता की थी।

स्पष्ट है कि नेहरू न तो बलूचिस्तान प्रांत के रणनीतिक महत्व को समझ पाये और ना ही उन्हें बलूचिस्तान की हिंद महासागर क्षेत्र से निकटता का कोई महत्व समझ आया। नेहरू खुद को एक राजनयिक मानते थे, लेकिन उन्हें कूटनीति और रणनीति दोनों की बिलकुल भी समझ नहीं थी। वे एक दूरदर्शी नेता नहीं थे। इसलिए यह कहना गलत नहीं होगा कि नेहरू ने कई रणनीतिक ब्लंडर किए, लेकिन उनमें से सबसे बड़ा बलूचिस्तान ब्लंडर था।

Tags: नेहरूपाकिस्तानबलूचिस्तानभारत
शेयर142ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

“हमारा राहत पैकेज भी तुम्हारी GDP से ज़्यादा है”, विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान को पटक पटक के धोया

अगली पोस्ट

“आरक्षण कोई मूल अधिकार नहीं” NEET के मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने राजनीतिक पार्टियों की धज्जियां उड़ा दी

संबंधित पोस्ट

ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग
इतिहास

ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

14 February 2026

भारत एक बार फिर इतिहास रचने जा रहा है, केंद्र सरकार ने ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे देश की पहली सड़क-सह-रेल सुरंग (अंडरवॉटर टनल) बनाने को...

के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक
इतिहास

फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

29 January 2026

फील्ड मार्शल कोडंडेरा मदप्पा करियप्पा, जिन्हें प्यार से के.एम. करियप्पा कहा जाता है, भारतीय सेना के पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ और राष्ट्र सेवा, अनुशासन और समर्पण...

10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं
इतिहास

इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

28 January 2026

होलोकॉस्ट एक सुनियोजित, राज्य-प्रायोजित नरसंहार था, जिसे 1933 से 1945 के बीच नाजी जर्मनी ने एडॉल्फ़ हिटलर के नेतृत्व में अंजाम दिया। इसका मूल कारण...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48

Between Rafale and AMCA; Where Does the Su-57 Fit | IAF| HAL | Wings India

00:06:10
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited