TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    वंदे मातरम को लेकर एक बार फिर विवाद

    वंदे मातरम को लेकर एक बार फिर विवाद : मुस्लिम संगठन ने वंदे मातरम को स्वीकार करने को हमला बताया

    फिल्म घूसखोर पंडित को लेकर बवाल

    सुप्रीम कोर्ट ने नेटफ्लिक्स को निर्देश दिया: ‘घूसखोर पंडित’ का नाम बदलें, फिल्म का टाइटल बदलने तक ‘रिलीज़ नहीं

    शेख हसीना का भारत में प्रवास और प्रत्यर्पण

    बांग्लादेश में बीएनपी की सत्ता वापसी: जानें क्या हुआ था साल 2024 में ?

    बांग्लादेश में नई सरकार की तैयारी

    बांग्लादेश में नई सरकार की तैयारी: तारिक रहमान को पीएम मोदी ने दी बधाई, कहां -मिलकर करेंगे काम

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत अमेरिका डिल में जानें क्या है खास बात

    India US Trade Deal: अमेरिका के साथ खेती और डेयरी को लेकर क्या हुई डील? जानें भारत ने क्या लिया फैसला

    सिस्टम की लापरवाही से दिल्ली में एक और मौत

    जल बोर्ड की चूक बनी जानलेवा, जनकपुरी में गड्ढ़े में गिरकर बाइक सवार की मौत

    चिकन नेक भारत की एक पतली ज़मीन की पट्टी है

    चिकन नेक में अंडरग्राउंड रेल कनेक्टिविटी: हकीकत या सिर्फ योजना?

    अडानी ग्रुप इटली के लियोनार्दो के साथ स्वदेशी समानों से बनाएगा हेलिकॉप्टर

    भारत में हेलिकॉप्टर उत्पाद बढ़ेगा, अदानी ग्रुप ने लियोनार्दो के साथ की पहल ,स्वदेशी को दिया जाएगा बढ़ावा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    भारत का ऊर्जा रणनीतिक बदलाव

    रूस पर निर्भरता घटाने की दिशा में भारत का कदम: वेनेजुएला से 20 लाख बैरल तेल की खरीद

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला, 4 भारतीय छात्र घायल

    भारत–EU सहयोग को नई गति

    समुद्री निगरानी को मजबूत करता भारत, यूरोपीय संघ को दी IFC-IOR तक पहुंच

    एलन मस्क को भारत से बड़ा झटका

    एलन मस्क को झटका : भारत ने स्टारलिंक के GEN-2 सैटेलाइट सिस्टम को किया खारिज

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    वंदे मातरम को लेकर एक बार फिर विवाद

    वंदे मातरम को लेकर एक बार फिर विवाद : मुस्लिम संगठन ने वंदे मातरम को स्वीकार करने को हमला बताया

    फिल्म घूसखोर पंडित को लेकर बवाल

    सुप्रीम कोर्ट ने नेटफ्लिक्स को निर्देश दिया: ‘घूसखोर पंडित’ का नाम बदलें, फिल्म का टाइटल बदलने तक ‘रिलीज़ नहीं

    शेख हसीना का भारत में प्रवास और प्रत्यर्पण

    बांग्लादेश में बीएनपी की सत्ता वापसी: जानें क्या हुआ था साल 2024 में ?

    बांग्लादेश में नई सरकार की तैयारी

    बांग्लादेश में नई सरकार की तैयारी: तारिक रहमान को पीएम मोदी ने दी बधाई, कहां -मिलकर करेंगे काम

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत अमेरिका डिल में जानें क्या है खास बात

    India US Trade Deal: अमेरिका के साथ खेती और डेयरी को लेकर क्या हुई डील? जानें भारत ने क्या लिया फैसला

    सिस्टम की लापरवाही से दिल्ली में एक और मौत

    जल बोर्ड की चूक बनी जानलेवा, जनकपुरी में गड्ढ़े में गिरकर बाइक सवार की मौत

    चिकन नेक भारत की एक पतली ज़मीन की पट्टी है

    चिकन नेक में अंडरग्राउंड रेल कनेक्टिविटी: हकीकत या सिर्फ योजना?

    अडानी ग्रुप इटली के लियोनार्दो के साथ स्वदेशी समानों से बनाएगा हेलिकॉप्टर

    भारत में हेलिकॉप्टर उत्पाद बढ़ेगा, अदानी ग्रुप ने लियोनार्दो के साथ की पहल ,स्वदेशी को दिया जाएगा बढ़ावा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    भारत का ऊर्जा रणनीतिक बदलाव

    रूस पर निर्भरता घटाने की दिशा में भारत का कदम: वेनेजुएला से 20 लाख बैरल तेल की खरीद

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला, 4 भारतीय छात्र घायल

    भारत–EU सहयोग को नई गति

    समुद्री निगरानी को मजबूत करता भारत, यूरोपीय संघ को दी IFC-IOR तक पहुंच

    एलन मस्क को भारत से बड़ा झटका

    एलन मस्क को झटका : भारत ने स्टारलिंक के GEN-2 सैटेलाइट सिस्टम को किया खारिज

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

रोहित सरदाना के निधन पर रवीश कुमार का एजेंडा तैयार- डॉक्टरों पर ही सवाल खड़ा कर दिया

निष्पक्ष पत्रकार ने अपना एजेंडा यहाँ भी ठूस दिया!

Abhinav Kumar द्वारा Abhinav Kumar
1 May 2021
in चर्चित
रोहित सरदाना के निधन पर रवीश कुमार का एजेंडा तैयार- डॉक्टरों पर ही सवाल खड़ा कर दिया
Share on FacebookShare on X

आजतक के वरिष्ठ पत्रकार रोहित सरदाना का शुक्रवार को हृदयघात से निधन हो गया। वे कोरोना से भी लड़ रहे थे और नॉएडा के एक अस्पताल में भर्ती थे। जब से उनके असामयिक निधन की खबर आई, राजनीतिक गलियारे से लेकर आम आदमी तक सभी ने शोक संवेदना व्यक्त की।हालाँकि एक वर्ग ऐसा भी रहा जो इस खबर से खुशियाँ मना रहा था। यह वर्ग था इस्लामिस्टो का, जिसमे कुछ तो पत्रकार और ब्लू टिक वाले थे।

यही नहीं लेफ्ट ब्रिगेड के भी कुछ लोग थे जिन्होंने रोहित सरदाना के निधन की खबर को अपने प्रोपोगेंडे के लिए इस्तेमाल किया जिसमें से सबसे प्रमुख थे काले स्क्रीन के जाति पूछने वाले रविश कुमार। उन्होंने भारत के डाक्टरों के समर्पण और प्रतिबधता पर ही सवाल खड़ा कर दिया। अब इससे अधिक अमनुष्यता क्या हो सकती है?

संबंधितपोस्ट

UN population report: जनसंख्या का डाटा रिलीज़ हुआ लेफ़्टिस्टों ने हिन्दुओं की गलती घोषित किया!

प्राइम टाइम एंकर से लेकर ‘घंटी बजाने वाले’ तक, रवीश कुमार के अद्भुत करियर की कहानी

“स्वयं को पीड़ित दिखाओ और लाखों कमाओ”, रवीश कुमार, हैरी-मेगन और उस्मान ख्वाज़ा उदाहरण हैं

और लोड करें

उन्होंने फेसबुक पर एक लम्बा चौड़ा लेख लिखा और अपने अन्दर की कुंठा की उलटी करते हुए मौत का तमाशा बनाने में कसर नहीं छोड़ी। अपने पोस्ट में रविश ने रोहित की मौत के बहाने अपने प्रोपोगेन्डा को रखते हुए डाक्टरों की प्रतिबधता और योग्यता पर ही सवाल उठा दिया।

यानी किसी मरीज की मौत हो जाती है, उनके हिसाब से इसका दोष डॉक्टरों पर है और मेडिकल लापरवाही है। ये एक रेमन मैग्सेसे पुरस्कार विजेता पत्रकार की मानसिकता है, ऐसी घटिया, नकारात्मक, बीमार मानसिकता!

उन्होंने लिखा, “क्या लोग अपने लक्षण को नहीं समझ पा रहे है, समझा पा रहे हैं या डाक्टरों की सलाह को पूरी तरह से नहीं मान रहे हैं या एक से अधिक डाक्टरों की सलाह में उलझे हैं? मैं नहीं कहना चाहूँगा कि लापरवाही हुई होगी।“
शब्दों के जाल में रविश अपनी नफरत को छिपाने का भरसक प्रयास किया है लेकिन अपने प्रोपोगेंडे को नहीं छुपा पाए।इसके बाद वे सीधे उसी मुद्दे पर आ गए जिसके सहारे उनकी पत्रकारिता चलती है।

Whatsaap Forword को बिना बीच में लाये उनकी पत्रकारिता ही अधूरी है, इस पर उन्होंने लिखा कि, “कई जगहों से डाक्टरों के बनाए व्हाट्स एप फार्वर्ड आ जा रहे हैं। जिनमें कई दवाओं के नाम होते हैं। उसके बाद मरीज़ और डाक्टर के बीच संवाद रहता है या नहीं। मैं डाॅक्टर नहीं हूँ। लेकिन कोविड से गुज़रते हुए जो ख़ुद अनुभव किया है कि उससे लगता है कि मरीज़ और डाक्टर के बीच संवाद की कमी है। इस वक़्त डाक्टर काफ़ी दबाव में हैं। और मरीज़ डाक्टर से भी ज़्यादा डाॅक्टर हो चुके हैं।“

यानी रविश कुमार के अनुसार, डॉक्टर रोगियों के साथ पर्याप्त संवाद नहीं कर रहे हैं जिससे इतनी मौते हो रही है। यह रविश का वास्तविक निराशावादी चेहरा ही है जो लोगों में डर फैलाने का काम करता है।

ऐसा लगता है कि रवीश कुमार ने भी अपने पोस्ट को 10 से अधिक बार एडिट किया, क्योंकि उनके वास्तविक पोस्ट से उनका अभी का पोस्ट एकदम भिन्न है। स्क्रीनशॉट में स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि जब उन्होंने पहली बार पोस्ट लिखा तो उन्होंने रोहित सरदाना की मौत का ठीकरा डॉक्टरों के सर ही फोड़ दिया था जिसे बाद में बदल दिया गया।

और पढ़े: दुखद, मशहूर न्यूज एंकर रोहित सरदाना का निधन, कोरोना से थे संक्रमित

उन्होंने पहले पोस्ट में लिखा था कि, “किस आधार पर डॉक्टर दवाइयाँ लिख रहे हैं और उनके द्वारा रोगियों के लक्षणों की निगरानी कैसे की जा रही है। घरेलु स्तर पर डॉक्टर लोग क्या इलाज कर रहे हैं जिससे मरीज़ इतनी बड़ी संख्या में अस्पताल जा रहे हैं और वहाँ भी स्थिति बिगड़ रही है।“

फिर जब लोगों ने कमेन्ट बॉक्स में रविश को लताड़ना शुरू किया होगा तो उन्होंने चालाकी से एडिट कर अपने पोस्ट को न्यूट्रल बनाने की कोशिश की।

आप चाहे तो उनके इस पोस्ट पर हुए एडिट को View Edit History में जा कर देख सकते हैं। अगर कोई एक आदमी है जो मानव त्रासदी का उपयोग कर सकता है और भारतीय डॉक्टरों की क्षमताओं पर आकांक्षाएं डालने के लिए एक साथी पत्रकार की मौत का इस्तेमाल कर सकता है वह भी सिर्फ मोदी सरकार पर अपनी कही हुई बात को सही ठहराने के लिए, तो यह रवीश कुमार ही हैं।

भारतीय मीडिया में किसी और के पास इस तरह की निर्लज्जता और बात को घुमाने की क्षमता नहीं है। रवीश कुमार ने एक बार फिर पत्रकारिता के पेशे को शर्मसार करने का काम किया है।

Tags: रवीश कुमाररोहित सरदाना
शेयर9ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

भारत ने चीन की बैठक में शामिल होने से मना किया तो PM मोदी के सामने गिड़गिड़ाए शी जिनपिंग

अगली पोस्ट

“मनोरोगी और नरसंहारक”, रोहित सरदाना के निधन पर वामपंथियों और इस्लामिस्टों की शर्मनाक प्रतिक्रिया

संबंधित पोस्ट

फिल्म घूसखोर पंडित को लेकर बवाल
चर्चित

सुप्रीम कोर्ट ने नेटफ्लिक्स को निर्देश दिया: ‘घूसखोर पंडित’ का नाम बदलें, फिल्म का टाइटल बदलने तक ‘रिलीज़ नहीं

13 February 2026

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को नेटफ्लिक्स और फिल्ममेकर नीरज पांडे को निर्देश दिया कि उनकी आने वाली फिल्म घूसखोर पंडित का नाम बदलें और नया...

अलीगढ़ की सास ने किया चौंकाने वाला काम
चर्चित

‘दामाद’ के साथ भागने वाली महिला अब ‘जीजा’ के साथ भागी, लेकिन प्रश्न ये है कि किसने-किसके साथ विश्वासघात किया है ?

12 February 2026

अलीगढ़ की वह  महिला जो अपनी बेटी की शादी से पहले खुद दामाद के साथ भाग गई, जिस घर में शहनाई बजनी थी, वहां अचानक...

कानपुर एचडीएफसी विवाद
चर्चित

कानपुर एचडीएफसी विवाद: ‘मैं ठाकुर हूं’ वीडियो पर सफाई, कर्मचारी ने निष्पक्ष जांच की उठाई मांग

11 February 2026

कानपुर में एचडीएफसी बैंक की एक कर्मचारी का 45 सेकंड का वीडियो, जिसमें वह तीखी बहस के दौरान “मैं ठाकुर हूं” कहते हुए दिखाई दे...

और लोड करें

टिप्पणियाँ 1

  1. संजय कुमार says:
    5 years पहले

    आपके लेख के संदर्भ में सिर्फ इतना ही कहना चाहूंगा कि रवीश कुमार हो या दीपक चौरसिया या फिर आप और में स्वयं सभी को अपने अपने कार्यों में ध्यान देना चहिए। सिर्फ किसी की पिक्चर अपने दिमाक में इसलिए गलत नहीं बना लेनी चहिए कि वो रवीश कुमार हैं या फिर वाजपई। रवीश कुमार का काम है सवाल करना, उन्होंने किया।
    इस लेख में समय खराब करने से बेहतर होता कि सरकार से सवाल करते कि,
    कोरोना महामारी में ऑक्सीजन विदेश क्यों भेजी गईं?
    देश को आर्थिक नुकसान, तो फिर रिलाइंस ग्रुप की 3 माह की आमदनी में इतना बड़ा इजाफा कैसे?
    1 मई से कोरोना की वेलसीन 18 वर्ष से अधिक वालो को, पर आज 1 मई हैं वैक्सीन कहां हैं?
    शमसानो में लाशों की संख्या सरकार के आंकड़ों से अधिक क्यों,
    नोट : सर, एक उदहारण रोहित सरदाना है, मृत्यु हार्ट अटैक से हुई है,
    पर मारा कोरोना ने ही है।
    माफी के साथ लिखने की हिम्मत जुटाई है

    Reply

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48

Between Rafale and AMCA; Where Does the Su-57 Fit | IAF| HAL | Wings India

00:06:10
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited