TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पाकिस्तान के JF-17 ऑर्डर्स की परतें खुलीं

    पाकिस्तान के JF-17 ‘ऑर्डर्स’: दावे ज़्यादा, हकीकत कम

    सीएम योगी ने जताई बच्चों के भविष्य की चिंता, स्मार्टफोन मां बाप बच्चों को न दें।

    सीएम योगी ने बच्चों के भविष्य की जताई चिंता कहा- स्माटफोन है खतरनाक

    भारत के लिए राफेल की डील होनी बड़ी सफलता है।

    भारत–फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों पर बड़ी सहमति, नागपुर में बनेगी असेंबली लाइन

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारत के लिए राफेल की डील होनी बड़ी सफलता है।

    भारत–फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों पर बड़ी सहमति, नागपुर में बनेगी असेंबली लाइन

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    आईआईटी मद्रास ने रैमजेट तकनीक से चलने वाले 155 मिमी के तोप के गोले विकसित किए हैं

    रैमजेट पावर्ड शेल ? तोप का ये गोला क्यों साबित होने वाला है गेमचेंजर ?

    वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है

    वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस विवादित कदम को बेझिझक अपनाया

    माचाडो ने ट्रंप को ‘वापस जीतने’ के लिए नोबेल शांति पुरस्कार दिया , अमेरिकी राष्ट्रपति ने बेझिझक अपनाया

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ , भारत पर क्या पड़ेगा असर?

    चीन में 10 जनवरी 2026 को छठा पुलिस दिवस

    10 जनवरी छठा चीनी पुलिस दिवस: विदेशों तक फैल रहा चीन का दमन, तिब्बत के बाद ताइवान पर नया निशाना

    ईरान के ऐतिहासिक ध्वज का पुनरुत्थान: संस्कृति, बदलाव और राष्ट्रीय गर्व का प्रतीक

    ईरान का ऐतिहासिक ध्वज: संस्कृति, बदलाव और गर्व का प्रतीक

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पाकिस्तान के JF-17 ऑर्डर्स की परतें खुलीं

    पाकिस्तान के JF-17 ‘ऑर्डर्स’: दावे ज़्यादा, हकीकत कम

    सीएम योगी ने जताई बच्चों के भविष्य की चिंता, स्मार्टफोन मां बाप बच्चों को न दें।

    सीएम योगी ने बच्चों के भविष्य की जताई चिंता कहा- स्माटफोन है खतरनाक

    भारत के लिए राफेल की डील होनी बड़ी सफलता है।

    भारत–फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों पर बड़ी सहमति, नागपुर में बनेगी असेंबली लाइन

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारत के लिए राफेल की डील होनी बड़ी सफलता है।

    भारत–फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों पर बड़ी सहमति, नागपुर में बनेगी असेंबली लाइन

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    आईआईटी मद्रास ने रैमजेट तकनीक से चलने वाले 155 मिमी के तोप के गोले विकसित किए हैं

    रैमजेट पावर्ड शेल ? तोप का ये गोला क्यों साबित होने वाला है गेमचेंजर ?

    वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है

    वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस विवादित कदम को बेझिझक अपनाया

    माचाडो ने ट्रंप को ‘वापस जीतने’ के लिए नोबेल शांति पुरस्कार दिया , अमेरिकी राष्ट्रपति ने बेझिझक अपनाया

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ , भारत पर क्या पड़ेगा असर?

    चीन में 10 जनवरी 2026 को छठा पुलिस दिवस

    10 जनवरी छठा चीनी पुलिस दिवस: विदेशों तक फैल रहा चीन का दमन, तिब्बत के बाद ताइवान पर नया निशाना

    ईरान के ऐतिहासिक ध्वज का पुनरुत्थान: संस्कृति, बदलाव और राष्ट्रीय गर्व का प्रतीक

    ईरान का ऐतिहासिक ध्वज: संस्कृति, बदलाव और गर्व का प्रतीक

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

ये केवल अमेरिका है जिसने काबुल को नर्क बना दिया

Aniket Raj द्वारा Aniket Raj
16 August 2021
in अमेरिकाज़
अमेरिकी सरकार
Share on FacebookShare on X

15 अगस्त 2021, रविवार को, जैसे ही तालिबान ने काबुल में प्रवेश किया (अंतिम शेष बचा अफगान शहर जो तालिबान के नियंत्रण में नहीं था) वैसे ही राष्ट्रपति  अशरफ गनी ताजिकिस्तान भाग गए, यह स्पष्ट करते हुए कि यू.एस. समर्थित अफगान सरकार गिर गई है। पांच महीने पहले, अप्रैल में, राष्ट्रपति जो बाइडन ने घोषणा की थी कि 9/11 के हमलों की बीसवीं बरसी तक सभी अमेरिकी और नाटो सैनिकों को अफगानिस्तान से वापस बुला लिया जाएगा। आलोचकों ने अमेरिकी सरकार पर तब से जल्दबाजी, खराब योजना और अराजक वापसी का संचालन करने का आरोप लगाया है।

और पढ़ें: भारत ने Afghan।stan में विकास किये, अब Pak तालिबान के साथ मिलकर सभी भारतीय प्रोजेक्ट्स को बर्बाद कर रहा

संबंधितपोस्ट

माचाडो ने ट्रंप को ‘वापस जीतने’ के लिए नोबेल शांति पुरस्कार दिया , अमेरिकी राष्ट्रपति ने बेझिझक अपनाया

पाकिस्तान के JF-17 ‘ऑर्डर्स’: दावे ज़्यादा, हकीकत कम

सीएम योगी ने बच्चों के भविष्य की जताई चिंता कहा- स्माटफोन है खतरनाक

और लोड करें

गुरुवार को, अमेरिकी सरकार ने घोषणा की, कि वह दूतावास कर्मियों को निकालने में मदद के लिए 6000 और मरीन के अलावा सामान्य सैनिकों को भेजेगी। लेकिन तालिबान की विजय-गति ने अमेरिकी अधिकारियों को स्तब्ध कर दिया है और हताश अफ़गानों को देश से भागने की कोशिश और संघर्ष में छोड़ दिया है। नर्क जैसे इस दृश्य को हम साक्षात काबुल एयरपोर्ट पर देख सकते हैं या फिर कंधार और मज़ार-ए-शरीफ की गलियों में उड़ते धूल के गुब्बारों में देख सकते हैं। अपनी योजना और निर्णय के आलोचना का जवाब देते हुए, बाइडन ने अफगान सरकार और उसके लोगों को ही दोषी ठहराते हुए कहा कि –‘’उन्हें अपने लिए लड़ना होगा।’’

अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने देश छोड़ने के बाद फेसबुक पर एक पोस्ट लिखा और ऐसा करने का कारण बताया, गनी ने कहा कि उन्होंने ‘खून-खराबे’ से बचने के लिए अफगानिस्तान छोड़ा था।

अमेरिका अफ़ग़ानिस्तान में 20 साल से अधिक समय से युद्ध लड़ रहा है। 2,300 से अधिक अमेरिकी सैन्यकर्मी वहां अपनी जान गंवा चुके हैं; 20,000 से अधिक अन्य घायल हो गए हैं। कम से कम पांच लाख अफगान-सरकारी बल, तालिबान लड़ाके और नागरिक- मारे गए या घायल हुए हैं। वाशिंगटन ने युद्ध पर करीब 3 ट्रिलियन डॉलर खर्च कर चुका।

2019 के अंत में, द वाशिंगटन पोस्ट ने “द अफगानिस्तान पेपर्स” शीर्षक से एक श्रृंखला प्रकाशित की, जिसमें अमेरिकी सरकार के दस्तावेजों का एक संग्रह था जिसमें अफगानिस्तान पुनर्निर्माण के लिए विशेष महानिरीक्षक द्वारा किए गए साक्षात्कार के नोट्स शामिल थे। उन साक्षात्कारों में, कई अमेरिकी अधिकारियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने लंबे समय से युद्ध को अजेय के रूप में देखा था। सर्वेक्षणों में पाया गया है कि अधिकांश अमेरिकी अब युद्ध को एक विफलता के रूप में देखते हैं। 2001 के बाद से हर अमेरिकी राष्ट्रपति ने अफगानिस्तान में एक ऐसे बिंदु पर पहुंचने की कोशिश की है जब हिंसा या शांति के उपायों से भी समाधान मिलें। बाइडन की विफलताओं के पीछे का कारण क्या है? कौन से कारक बाइडन के इस गलत निर्णय की व्याख्या कर सकते हैं? इस बिंदु पर, कई कारक दिमाग में आते हैं।

पहला कारक, जिसे सार्वभौमिक रूप से अनदेखा किया गया, जटिल और खतरनाक विदेश नीति चुनौतियों से निपटने में प्रासंगिक अनुभव की कमी होना।

जनवरी 2021 में राष्ट्रपति बनने तक, बाइडन ने कभी भी विशिष्ट कार्यकारी प्राधिकरण के साथ कार्यालय नहीं संभाला था। वह एक लंबे समय तक कानून निर्माता और फिर उपाध्यक्ष रहे, और फिर 12 वर्षों के लिए सीनेट की विदेश संबंध समिति के सदस्य थे, जिसमें अध्यक्ष के रूप में भी कई वर्ष शामिल थे।

और पढ़ें: तब साइगोन था अब काबुल है, युद्ध क्षेत्र छोड़कर भाग जाने का अमेरिका का शर्मनाक इतिहास

लेकिन उनके पास कभी भी ऐसी स्थिति में कार्य करने का अनुभव नहीं था जहां उन्हें महत्वपूर्ण संबद्ध और जोखिमों के साथ उच्च विदेश नीति के मामलों पर अंतिम निर्णय लेने के लिए नियमित रूप से आवश्यक होते हैं। विश्व मामलों में रुचि रखने का मतलब ये नहीं कि विदेश नीति को विकसित करने और लागू करने के लिए मजबूत निर्णय या प्रतिभा भी आप में हों ही। रिपब्लिकन और डेमोक्रेट दोनों प्रशासनों में पूर्व रक्षा सचिव रॉबर्ट गेट्स ने अपने 2014 के संस्मरण में तर्क दिया था कि बाइडन पिछले चार दशकों में लगभग हर प्रमुख विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर गलत थे।

कुछ रिपोर्टों से पता चलता है कि बाइडन द्वारा ट्रम्प के मार्ग का अनुसरण करने का निर्णय खतरों के एक व्यवस्थित मूल्यांकन की तुलना में वृत्ति और लंबे समय से चले आ रहे विश्वासों और पूर्वाग्रहों से अधिक प्रेरित था।

बाइडन भी अमेरिकी सेना की सलाह से प्रभावित हो सकते हैं कि हम ये युद्ध नहीं जीत सकते और अपने असफल प्रयासों के कारण वापस जा रहे हैं।

अफ़ग़ानिस्तान से वापिस निकलने का एक दूसरा कारक घरेलू राजनीति की संभावनाएं है। बाइडन और उनके समर्थकों ने अमेरिकी सेना की पूरी वापसी के समर्थन में मतदान का हवाला दिया है, लेकिन यह संभावना नहीं है कि अंतिम निर्णय में इसका बहुत योगदान था, क्योंकि अफगानिस्तान ने कभी भी अमेरिकी राजनीति में गर्मी जैसी कोई चीज पैदा नहीं की जो वियतनाम युद्ध से जुड़ी थी। .

एक अधिक और तीसरा संभावित कारक डेमोक्रेटिक पार्टी की आंतरिक राजनीति थी। 2003 में इराक पर आक्रमण के लिए अपने प्रबल समर्थन के कारण बाइडन को काफी आलोचना का सामना करना पड़ा था। अफगानिस्तान की सेना की वापसी का समर्थन करने से उन कृत्यों में से कुछ को सुधारने और पार्टी के प्रगतिशील विंग और वैचारिक अलगाववादियों को खुश करने की क्षमता है।

और पढ़ें: NDTV बेशर्मी से बना तालिबान का प्रोपगैंडा चैनल, इसके लिए इसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए

एशिया में बढ़ते साम्यवाद के प्रभाव को रोकने के लिए अमेरिका ने तालिबान को खड़ा किया। तालिबान अर्थात छात्रों का समूह। ये सोवियट संघ को रोक सकें इसके लिए सीआईए द्वारा इन्हें प्रशिक्षित किया गया और लड़ने के लिए हथियार दिये गए। इन्हें मुजाहिद बनाया गया। सोवियत संघ का तो विघटन हो गया, लेकिन इस्लाम के ये धर्मांध आतंकी अमेरिका के लिए भस्मासुर बन गए और इन आतंकियों ने अफ़ग़ानिस्तान को नर्क बना दिया। सत्ता पर कब्जा किया। अफ़ग़ानिस्तान को 600ई में ले गए। इस्लाम का कानून (शरिया) लागू किया। धार्मिक, लैंगिक, सामाजिक और राजनीतिक अधिकार छिन लिए गए। अलकायदा को प्रशिक्षित कर अमेरिका पर हमला किया तब जाकर अमेरिका ने 18साल तक जंग लड़ा और अब थक हार कर अफगानी लोगो को इन आतंकियों की दया पर छोड़ कर जा रहा है। अब वापिस अमेरिका की गलतियों से तालिबान शासन के काले इतिहास की पुनरावृति होगी और अमेरिका की गलतियों और अदूरदर्शिता से अफ़ग़ानिस्तान नर्क बन जाएगा।

शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

सुष्मिता देव ने छोड़ी कांग्रेस: बुजुर्गों के बाद अब युवा नेताओं का पलायन प्रारम्भ

अगली पोस्ट

अफ़गान सरकार को भला बुरा कहने से लेकर तालिबान को संत बताना – ISI समय से पहले ईद मना रहा है

संबंधित पोस्ट

वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है
अमेरिकाज़

वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

8 January 2026

अंतरराष्ट्रीय राजनीति में पैदा होने वाले तनाव अक्सर वैश्विक व्यापार और अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय बन जाते हैं, खासकर जैसा कि अमेरिका और...

भूमध्यसागर में भारत की दहाड़: आईएनएस त्रिकंद ने बढ़ाया नौसैनिक परचम
अमेरिकाज़

भूमध्यसागर में भारत की दहाड़: आईएनएस त्रिकंद ने बढ़ाया नौसैनिक परचम

15 September 2025

जब भारतीय नौसेना का युद्धपोत आईएनएस त्रिकंद भूमध्यसागर की लहरों पर उतरा, तो यह सिर्फ एक साधारण तैनाती नहीं थी। यह उस भारत की पहचान...

अहमदाबाद में एअर इंडिया फलाइट क्रैश
अमेरिकाज़

एअर इंडिया विमान दुर्घटना: अमेरिकी और ब्रिटिश एजेंसियां भारतीय जमीन पर जांच क्यों कर रही हैं?

19 June 2025

15 जून को  एअर इंडिया की फ्लाइट AI 171 अहमदाबाद में दुर्घटनाग्रस्त होना के बाद  पूरा देश हैरान रह गया और इस हादसे में फ्लाइट...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

00:03:24

Ramjet-Powered Shell: A Potential Game Changer for Indian Artillery| IIT Madra

00:06:25

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

00:05:44

Captured Turkish YIHA drone Showed by the Indian Army |Defence News| Operation Sindoor

00:00:58

A War Won From Above: The Air Campaign That Changed South Asia Forever

00:07:37
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited