TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    दुनिया भर में मुसलमान ईद मना रहे हैं, लेकिन पाकिस्तान में मुस्लिमों के एक वर्ग पर ईद मनाने पर प्रतिबंध क्यों है? अहमदिया मुस्लिम क्यों नहीं मना सकते ईद ?

 


    दुनिया भर में मुसलमान ईद मना रहे हैं, लेकिन पाकिस्तान में मुस्लिमों के एक वर्ग पर ईद मनाने पर प्रतिबंध क्यों है? अहमदिया मुस्लिम क्यों नहीं मना सकते ईद ?

 


    वह भेष बदलकर अंधेरे में निकले, और फिर कभी वापस नहीं आए: दलाई लामा का तिब्बत से पलायन

    वह भेष बदलकर अंधेरे में निकले, और फिर कभी वापस नहीं आए: दलाई लामा का तिब्बत से पलायन

    हिंदू नववर्ष, हिंदू नव वर्ष का विज्ञान, चैत्र नववर्ष

    अंग्रेजी नववर्ष से कितना अलग है हिंदू नववर्ष? जानें इसके पीछे का विज्ञान।

    सारा अली खान को केदारनाथ दौरे के लिए देना होगा एफिडेविट

    सारा अली खान को केदारनाथ दौरे के लिए देना होगा एफिडेविट

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    दुनिया भर में मुसलमान ईद मना रहे हैं, लेकिन पाकिस्तान में मुस्लिमों के एक वर्ग पर ईद मनाने पर प्रतिबंध क्यों है? अहमदिया मुस्लिम क्यों नहीं मना सकते ईद ?

 


    दुनिया भर में मुसलमान ईद मना रहे हैं, लेकिन पाकिस्तान में मुस्लिमों के एक वर्ग पर ईद मनाने पर प्रतिबंध क्यों है? अहमदिया मुस्लिम क्यों नहीं मना सकते ईद ?

 


    वह भेष बदलकर अंधेरे में निकले, और फिर कभी वापस नहीं आए: दलाई लामा का तिब्बत से पलायन

    वह भेष बदलकर अंधेरे में निकले, और फिर कभी वापस नहीं आए: दलाई लामा का तिब्बत से पलायन

    हिंदू नववर्ष, हिंदू नव वर्ष का विज्ञान, चैत्र नववर्ष

    अंग्रेजी नववर्ष से कितना अलग है हिंदू नववर्ष? जानें इसके पीछे का विज्ञान।

    सारा अली खान को केदारनाथ दौरे के लिए देना होगा एफिडेविट

    सारा अली खान को केदारनाथ दौरे के लिए देना होगा एफिडेविट

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

पेश हैं देश के ‘सबसे घटिया’ गृह मंत्रियों की सूची

इन लोगों ने गृह मंत्रालय की गरिमा को किया था कलंकित!

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
23 November 2021
in मत
गृह मंत्री भारत

Source : GOOGLE

Share on FacebookShare on X

इस देश को स्वतंत्र हुए 75 वर्ष शीघ्र ही होने वाले हैं। जहां एक तरफ सरदार वल्लभभाई पटेल, लालबहादुर शास्त्री, शंकर राव चव्हाण, ज्ञानी ज़ैल सिंह और राजनाथ सिंह जैसे प्रख्यात और ओजस्वी नेताओं ने गृह मंत्रालय की शोभा बढ़ाई और देश की अखंडता और संप्रभुता को अक्षुण्ण रखा, तो वहीं कुछ गृह मंत्री ऐसे भी थे, जिनके लिए उनका निजी एजेंडा या चाटुकारिता राष्ट्रधर्म से ऊंचा था। ऐसे ही लोगों की लालसाओं के कारण भारत को बार बार कलंकित होना पड़ा है और एक एक करके इन व्यक्तियों का विश्लेषण बेहद आवश्यक है। घटते से बढ़ते क्रम में देखते हैं, किसने किस स्तर तक गृह मंत्रालय की गरिमा को कलंकित किया है –

5) यशवंतरावबलवंतराव चव्हाण –

संबंधितपोस्ट

‘महाराष्ट्र के मुखिया’: कभी ढाबों का बचा खाना खाने को थे मजबूर, फिर बने महाराष्ट्र के पहले दलित CM; कहानी सुशील शिंदे की

भगवा को आतंकवाद से जोड़ने वाले सुशील शिंदे को अब हो रहा है पछतावा, बोले- भगवा आतंकवाद नहीं होना चाहिए

और लोड करें

दोहरे मापदंड या दोगलापन की जीती जागती प्रतिमूर्ति यदि कोई थे, तो वे यही थे। यथार्थवाद के चश्मे से अगर देखें, तो एक आदर्शवादी भारतीय राजनीतिज्ञ के सभी गुण इस महोदय में विद्यमान हैं। ये दोगले थे, बात बात पर अपना पक्ष बदलते थे, कभी किसी एक स्थान पर नहीं टिकते थे, इनके विचार कभी स्थिर नहीं रहते थे। ये महोदय 1966-1970 तक और फिर 1979-1980 तक भारत के गृह मंत्री रहे। रोचक बात तो यह थी कि एक समय वे इंदिरा गांधी के नेतृत्व में गृह मंत्री रहे और दूसरे समय उन्ही के धुर विरोधी चौधरी चरण सिंह के नेतृत्व में गृह मंत्रालय और उपप्रधानमन्त्री का पद दोनों ही संभाला। यू टर्न लेने में यदि यशवंत राव चव्हाण को कोई वर्तमान में अगर टक्कर दे सकता है, तो वे दो ही लोग है – अरविन्द केजरीवाल और कन्हैया कुमार।

4) मुफ्ती मोहम्मद सैयद –

यशवंत राव चव्हाण ने यदि देश को अपने यू टर्न से कलंकित किया, तो एक ऐसे भी व्यक्ति थे, जिसने अपने करतबों से इस देश के इतिहास के सबसे स्याह अध्यायों में से एक की नींव भी रखी, और वे थे मुफ्ती मोहम्मद सैयद। 1989 में जब राष्ट्रीय मोर्चा की गठबंधन सरकार स्थापित हुई, तो जनता दल के अंतर्गत यह देश के प्रथम और एकमात्र मुस्लिम गृहमंत्री बने। लेकिन इनके गृहमंत्री बनने के कुछ ही दिनों के बाद कश्मीर में वो हुआ जिसने आने वाले दिनों में एक भीषण नरसंहार की नींव रखी। उन दिनों भाजपा नेता टीका लाल टपलू की हत्या के पश्चात घाटी में पहले ही तनाव व्याप्त था, और इसी बीच गृह मंत्री बनने के कुछ ही दिन के पश्चात मुफ्ती मोहम्मद सैयद की बेटी, डॉक्टर रुबैया सैयद का जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के आतंकियों ने अपहरण कर लिया।

तत्कालीन मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने लाख विरोध के बावजूद इनके अनुरोध पर आतंकियों की मांगों को मानते हुए पाँच आतंकियों को रिहा किया, और इसके कुछ ही दिनों के बाद 19 जनवरी 1990 से कश्मीरी हिंदुओं के विरुद्ध भारतीय इतिहास का एक काला अध्याय प्रारंभ हुआ, जहां देश में अपने ही नागरिक शरणार्थियों की भांति रहने को विवश हो गए, और इसके दोषी केवल एक व्यक्ति थे – मुफ्ती मोहम्मद सैयद।

3) सुशील कुमार शिंदे –

यदि सुशील कुमार शिंदे ने अजमल आमिर कसाब और अफ़जल गुरु को न लटकवाया होता, तो वे इस सूची में प्रथम स्थान पर होते। परंतु एक कॉन्स्टेबल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले कांग्रेस के इस नेता ने कई उतार चढ़ाव देखे हैं, और वही उतार चढ़ाव उन्होंने देश को भी दिखाए हैं। अगर अजमल कसाब और अफ़जल गुरु को हटा दें, तो इस व्यक्ति ने बतौर गृह मंत्री भारत को दो गहरे ज़ख्म दिए हैं – निर्भया कांड के बाद असली विरोध प्रदर्शन पर हिंसक लाठीचार्ज, और आंध्र प्रदेश का जबरदस्ती विभाजन।

2012 में 16 दिसंबर की रात जो हुआ, उसे शब्दों में बताना असंभव है, परंतु जो विद्रोह हुआ, उसके प्रति केंद्र सरकार ने जो रवैया दिखाया, उससे स्पष्ट दिखता है कि इनका रवैया देश की व्यवस्था के प्रति कैसा था। वैसे भी, जिनके नेतृत्व में देश पर बिजली संकट आया हो, उनसे और क्या आशा कर सकते हैं? लेकिन इसी सुशील कुमार शिंदे ने अपनी राजनीतिक लालसा के लिए वर्षों से एक आंध्र प्रदेश को दो भागों में खंडित कर दिया – तेलंगाना और आंध्र प्रदेश, जिसकी न किसी को आवश्यकता थी, और न कोई औचित्य।

2) शिवराज पाटिल –

वैसे सूची में इन जनाब को प्रथम स्थान मिलना चाहिए, पर इनके बारे में फिर कभी। ये पीवी नरसिम्हा राव के सरकार में लोकसभा के अध्यक्ष थे। 2004 में ये चुनाव हार गए थे, इसके बावजूद इन्हे मनमोहन सिंह की भांति गृह मंत्रालय का पदभार दिया गया था। ऐसा प्रथम बार हो रहा था, जब न तो देश का प्रधानमंत्री, और न ही भारत का गृह मंत्री जनता द्वारा चुना गया था।

इन्हे भारत के ‘नीरो’ की उपाधि यूं ही नहीं  दी गई। जैसे रोम के जलने पर ‘नीरो’ झुनझुना बजाता था, वैसे ही शिवराज पाटिल अपने कार्यशैली से अधिक अपने वस्त्रों पर ध्यान देने के लिए कुख्यात थे। इन्ही के नेतृत्व में देश पर एक के बाद एक आतंकी हमले हुए, और इन्ही के नेतृत्व में दिल्ली के बॉम्ब ब्लास्ट के पश्चात बाटला हाउस का एनकाउन्टर विवाद उपजा, जिसमें जब वामपंथियों ने दिल्ली पुलिस के चरित्र पर सवाल उठाया, तो इन्होंने कोई हस्तक्षेप नहीं किया।

लेकिन हद तो तब हो गई, जब आतंकियों ने 26 नवंबर 2008 को मुंबई पर आतंकी हमले को अंजाम दिया। शिवराज पाटिल को हमले पर कम, और पार्टी पे अधिक ध्यान था, जिसके कारण एनएसजी को भी सही समय पर मुंबई जाने की आज्ञा नहीं मिल पाई, और स्थिति और जटिल हो गई। फलस्वरूप शिवराज पाटिल को इस्तीफा देने पर बाध्य होना पड़ा।

1) पलानीअप्पन चिदंबरम –

कभी सोचा है जवाहरलाल नेहरू, मोहनदास करमचंद गांधी, मोहम्मद अली जिन्ना और पलानीअप्पन चिदंबरम में क्या समानता है? ये चारों प्रख्यात अधिवक्ता हैं, लेकिन इन चारों के कारण भारत की छवि बहुत कलंकित हुई, और इन्होंने इस देश की अस्मिता को लूटने में कोई कसर नहीं छोड़ी। यदि जवाहर लाल नेहरू के बाद इस देश पर सबसे बड़ा कोई कलंक है, यदि किसी व्यक्ति को देखकर मन में सम्मान नहीं, बल्कि अपशब्द ही अपशब्द निकले, तो वह है गृह मंत्री पलानीअप्पन चिदंबरम, इस देश के सबसे निकृष्ट गृहमंत्री।

बाजीराव मस्तानी में एक बड़ा ही कचोटता संवाद है, “पराये से क्या शिकायत करना, घाव तो अपनों के ज्यादा चुभते हैं!”
जो घाव पी चिदंबरम ने इस देश को दिया, उसके लिए कोई भी शब्द, किसी भी प्रकार की निंदा अपर्याप्त होगी। कट्टरपंथी मुसलमानों को देश के आक्रोश से बचाने के लिए ‘हिन्दू आतंकवाद’ के झूठ को रचने वाले यही थे। जिस प्रकार से इन्होंने कुछ आतंकियों की रक्षा करने के लिए एक पूरी संस्कृति को कलंकित करने का प्रयास किया, उसका कोई हिसाब नहीं है।

जिस लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित ने समझौता ब्लास्टस के पीछे का सच उजागर करने का प्रयास किया, उसे ‘हिन्दू आतंकवाद’ का प्रतीक बनाकर वर्षों तक जेल में सड़ाया, उसे भीषण यातनाएँ दी, उसके परिवार के जीवन को नारकीय बना दिया। साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के साथ जो हुआ, उसे शब्दों में व्यक्त करना लगभग असंभव होगा। हम कभी मुहम्मद घोरी से पराजित नहीं हुए, हम तो अपनों के विश्वासघात और उनके असहयोग के समक्ष घुटने टेकने को विवश हो गए। लेकिन आज यही पी चिदंबरम अपने आप को निर्दोष सिद्ध करने के लिए कोर्ट के चक्कर काटने को विवश है। 2019 में जिस प्रकार से ये पकड़े गए थे, वो इनके कर्मों का ही हिसाब था।

ये तो मात्र प्रारंभ है, परंतु देश में ऐसे कई लोग हैं, जिन्होंने अपने अपने स्तर पर इस देश को काफी कलंकित किया है। पी चिदंबरम तो इसका अंश मात्र है, ऐसे न जाने कितने विश्वासघाती, जिनको आपके समक्ष लाना हमारा परम धर्म है, अन्यथा हमारे देश की प्रगति असंभव है!

Tags: मुफ्ती मोहम्मद सैयदसुशील कुमार शिंदे
शेयर331ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

‘गुरु गैरी किर्स्टन’, अपने हाथ में विश्व कप पकड़ने वाले एकमात्र दक्षिण अफ्रीकी

अगली पोस्ट

कैसे योगी आदित्यनाथ ने अतीक अहमद के आतंक का सर्वनाश किया

संबंधित पोस्ट

‘POJK संकल्प दिवस’: 22 फरवरी 1994 का संसदीय संकल्प और भारत का राष्ट्रीय दायित्व
भारत

‘POJK संकल्प दिवस’: 22 फरवरी 1994 का संसदीय संकल्प और भारत का राष्ट्रीय दायित्व

22 February 2026

भारत के राष्ट्रीय जीवन में कुछ तिथियाँ केवल कैलेंडर की सामान्य तिथियाँ नहीं है, बल्कि वे राष्ट्र की चेतना, उसके संकल्प और उसके ऐतिहासिक दायित्व...

बांग्लादेश
चर्चित

हिंदू दीपू दास की इस्लामी भीड़ के हाथों बर्बर हत्या उस्मान हादी हत्याकांड का ‘साइड इफेक्ट’ नहीं है, ये मजहबी कट्टरता को आत्मसात कर चुके बांग्लादेश का नया सच है

20 December 2025

बांग्लादेश इस समय गहरी अस्थिरता से गुज़र रहा है। दुर्भाग्य से ये अस्थिरता सिर्फ राजनैतिक नहीं है, ये नैतिक और सामाजिक भी है। अलग भाषाई...

ऑपरेशन सिंदूर 2:0
मत

दिल्ली धमाका और PoK के नेता का कबूलनामा: क्या भारत के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ का समय आ गया है?

21 November 2025

पाकिस्तान एक आतंकी मुल्क है और इसमें शायद ही किसी को कोई संशय हो, ख़ुद पाकिस्तान के मित्र भी न सिर्फ इसे अच्छी तरह जानते...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited