TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    सरकार ने लॉकडाउन की अफवाहों को किया खारिज, वैश्विक आपूर्ति संकट के दावों को बताया बेबुनियाद

    सरकार ने लॉकडाउन की अफवाहों को किया खारिज, वैश्विक आपूर्ति संकट के दावों को बताया बेबुनियाद

    भारत ‘दलाल राष्ट्र’ नहीं है : पाकिस्तान मध्यस्थता पर सर्वदलीय बैठक में एस. जयशंकर का बयान

    भारत ‘दलाल राष्ट्र’ नहीं है : पाकिस्तान मध्यस्थता पर सर्वदलीय बैठक में एस. जयशंकर का बयान

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?

    पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?

    वैश्विक संकट के बीच ईंधन कर में कटौती: तेल की कीमतों में उछाल के बीच केंद्र ने उपभोक्ताओं को राहत देने की दिशा में कदम बढ़ाया

    वैश्विक संकट के बीच ईंधन कर में कटौती: तेल की कीमतों में उछाल के बीच केंद्र ने उपभोक्ताओं को राहत देने की दिशा में कदम बढ़ाया

    WTO बैठक में भारत की मजबूत पैरवी : न्यायसंगत और विकास-केंद्रित वैश्विक व्यापार ढांचे पर जोर

    WTO बैठक में भारत की मजबूत पैरवी : न्यायसंगत और विकास-केंद्रित वैश्विक व्यापार ढांचे पर जोर

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?

    पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?

    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    राम नवमी: दक्षिण एशिया का प्रमुख त्योहार, जानें रामायण के विश्वव्यापी प्रसार की कहानी

    राम नवमी: दक्षिण एशिया का प्रमुख त्योहार, जानें रामायण के विश्वव्यापी प्रसार की कहानी

    राम नवमी पर राम अवतार का पौराणिक संदर्भ

    कालचक्र के पृष्ठों पर रामावतार की पृष्ठभूमि:  चमत्कार से रावण का अंत नहीं, बल्कि संगठित सज्जन शक्ति में देवत्व, प्रत्यक्ष संघर्ष के संचार की अनुपम कथा

    इंक़लाब भगत सिंह

    क्रांति की अपनी एक अलग परिभाषा थी भगत सिंह की

    Shahidi Diwas

    भगत सिंह के जीवन के अंतिम 12 घंटों की वो कहानी, जो रोंगटे खड़े कर देती है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    सरकार ने लॉकडाउन की अफवाहों को किया खारिज, वैश्विक आपूर्ति संकट के दावों को बताया बेबुनियाद

    सरकार ने लॉकडाउन की अफवाहों को किया खारिज, वैश्विक आपूर्ति संकट के दावों को बताया बेबुनियाद

    भारत ‘दलाल राष्ट्र’ नहीं है : पाकिस्तान मध्यस्थता पर सर्वदलीय बैठक में एस. जयशंकर का बयान

    भारत ‘दलाल राष्ट्र’ नहीं है : पाकिस्तान मध्यस्थता पर सर्वदलीय बैठक में एस. जयशंकर का बयान

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?

    पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?

    वैश्विक संकट के बीच ईंधन कर में कटौती: तेल की कीमतों में उछाल के बीच केंद्र ने उपभोक्ताओं को राहत देने की दिशा में कदम बढ़ाया

    वैश्विक संकट के बीच ईंधन कर में कटौती: तेल की कीमतों में उछाल के बीच केंद्र ने उपभोक्ताओं को राहत देने की दिशा में कदम बढ़ाया

    WTO बैठक में भारत की मजबूत पैरवी : न्यायसंगत और विकास-केंद्रित वैश्विक व्यापार ढांचे पर जोर

    WTO बैठक में भारत की मजबूत पैरवी : न्यायसंगत और विकास-केंद्रित वैश्विक व्यापार ढांचे पर जोर

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?

    पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?

    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    राम नवमी: दक्षिण एशिया का प्रमुख त्योहार, जानें रामायण के विश्वव्यापी प्रसार की कहानी

    राम नवमी: दक्षिण एशिया का प्रमुख त्योहार, जानें रामायण के विश्वव्यापी प्रसार की कहानी

    राम नवमी पर राम अवतार का पौराणिक संदर्भ

    कालचक्र के पृष्ठों पर रामावतार की पृष्ठभूमि:  चमत्कार से रावण का अंत नहीं, बल्कि संगठित सज्जन शक्ति में देवत्व, प्रत्यक्ष संघर्ष के संचार की अनुपम कथा

    इंक़लाब भगत सिंह

    क्रांति की अपनी एक अलग परिभाषा थी भगत सिंह की

    Shahidi Diwas

    भगत सिंह के जीवन के अंतिम 12 घंटों की वो कहानी, जो रोंगटे खड़े कर देती है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

त्रिपुरा : वह बंगाल है, जिसने अतीत में भारत का नेतृत्व किया था

भारतीयता का प्रत्यक्ष प्रमाण है त्रिपुरा चुनाव!

Abhinav Kumar द्वारा Abhinav Kumar
29 November 2021
in चर्चित
त्रिपुरा बंगाल
Share on FacebookShare on X

त्रिपुरा के निकाय चुनाव का परिणाम आ चुका है और भाजपा को प्रचंड जीत मिली है। त्रिपुरा के लोगों ने जिस उत्साह के साथ भाजपा को वोट दिया है, उससे यह स्पष्ट हो गया है कि आज का बंगाल त्रिपुरा है और आने वाले समय में त्रिपुरा उसी तरह से भारत का नेतृत्व करेगा, जिस प्रकार से सदियों पहले बंगाल ने किया था। अब आप सोच रहे होंगे कि त्रिपुरा को बंगाल क्यों कहा हमने? पश्चिम बंगाल क्यों नहीं!

जब भी बात बंगाल की आती है या कहीं भी बंगाल की चर्चा होती है, तो आज के दौर में केवल एक ही भागौलिक क्षेत्र मस्तिष्क में उभर कर सामने आता है। यह क्षेत्र है पश्चिम बंगाल का। पर क्या केवल पश्चिम बंगाल ही बंगाल है? क्या ऐतिहासिक तौर पर भी ऐसा ही रहा है? क्या कोई अन्य क्षेत्र बंगला भाषी नहीं है? आखिर क्यों इस भाषाई क्षेत्र को केवल एक राज्य के भूगोल तक सीमित कर दिया गया है? क्या कोई अन्य राज्य नहीं है, जहां बंगाली बहुसंख्यक हों?

संबंधितपोस्ट

संसद में हंगामा: किरण रिजिजू का आरोप—कांग्रेस सांसदों ने स्पीकर से की अभद्रता, पीएम को दी धमकी

सुप्रीम कोर्ट पहुंची बंगाल सीएम ममता बनर्जी, खुद लड़ सकती हैं अपना केस

पीएम मोदी ने टीएमसी पर साधा निशाना, कहा— जेन Z को बीजेपी के विकास मॉडल पर भरोसा**

और लोड करें

और पढ़ें : त्रिपुरा में 20 साल तक CM पद पर बैठा था गरीब बकरा, अब उसे बिप्लब देब के रूप में एक शेर मिला है!

भारतीयता का सबसे बड़ा उदाहरण है त्रिपुरा चुनाव

बीते रविवार को त्रिपुरा में नगर निकाय चुनावों के नतीजे घोषित हुए। बीजेपी ने इन चुनावों में क्लीन स्वीप करते हुए 334 सीटों में से 329 सीटों पर जीत का परचम लहराया। चुनावों से पहले TMC द्वारा हिंसा की आग से त्रिपुरा को भी जलाने प्रयास विफल रहा और भगवा पार्टी की प्रचंड जीत हुई। इससे पहले, बीजेपी ने 112 सीटों पर निर्विरोध जीत हासिल कर ली थी, वहीं भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने तीन, TIPRA और तृणमूल कांग्रेस को 1-1 सीट से सब्र करना पड़ा था।

त्रिपुरा के लोगों का यह विश्वास दिखाता है कि कैसे लोगों को अब कम्युनिस्ट (तानाशाही)  विचाराधारा से मोहभंग हो चुका है और किसी भी हालत में कम्युनिस्ट विचारधारा, चाहे वो कम्युनिस्ट पार्टी की हो या फिर TMC की हो, स्वीकार नहीं की जाएगी। TMC की हार ने सामान्य ‘विशेषज्ञों’ को चौंका दिया है, जो यह घोषणा कर रहे थे कि बंगाली पहचान के कारण, टीएमसी चुनाव जीतेगी। हालांकि, त्रिपुरा के लोग, अधिकांश बंगाली हैं और वे ममता के Idea Of Bengal से अपने आप को संबंधित नहीं रखना चाहते हैं। वहीं, त्रिपुरा नगर निकाय चुनाव देश के लिए एक उदाहरण भी है कि कैसे देश को ठीक इसी प्रकार भारतीयता को प्रचंड बहुमत से अपनाने की जरुरत है।

और पढ़ें : यहां खेला न होबे: TMC चाहती थी त्रिपुरा में निकाय चुनाव रुकवाना, सुप्रीम कोर्ट ने कर दिया खेल

बंगाल सिर्फ एक भौगोलिक क्षेत्र नहीं है!

ऐतिहासिक तौर पर देखा जाए तो बंगाल का भी इतिहास कुछ इसी तरह का रहा है। चाहे वो बौद्धिक स्तर पर हो या राजनीतिक स्तर पर बंगाल ने देश का नेतृत्व किया है। आज का त्रिपुरा भी ऐतिहासिक रूप से उसी बंगाल और बंगाली प्रभाव का भाग रहा है। इस मिथ्या को जानबूझकर एक क्षेत्र तक सीमित कर दिया गया है। बंगाल एक शब्द है, जो भारत के पूर्व में उन लोगों या बंगालियों की भूमि के रूप में संदर्भित किया जाता है, जिन्हें एक अलग accent के लिए जाना जाता है।

सन 1880 में बनाए गए बंगाल के मानचित्र को देखा जाए तो बंगाल का क्षेत्र आज के उड़ीसा, झारखंड और बिहार के कुछ भाग के साथ पूरे बांग्लादेश, पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा सहित असम और अरुणाचल प्रदेश एवं नागालैंड तक विस्तृत है। यह मानचित्र दर्शाता है कि ऐतिहासिक रूप से इसी भूमि को बंगाल कहा जाता था। लेकिन आज इसे एक राजनीतिक भगौलिक मानचित्र तक सीमित कर दिया गया है। आज जिस इतिहास पर पश्चिम बंगाल गर्व करता है, वह उसका इतिहास नहीं है, बल्कि पूरे बंगाल का इतिहास है।

Source: Wiki

श्रीकृष्ण का आलख जगाने वाले चैतन्य महाप्रभु पश्चिम बंगाल से नहीं बल्कि बंगाल से थे। अमेरिका के शिकागो में अपने भाषण से दुनिया को स्तब्ध करने वाले स्वामी विवेकानंद पश्चिम बंगाल से नहीं, बल्कि बंगाल से थे क्योंकि उस समय न तो पश्चिम बंगाल था और न ही बांग्लादेश। रविंदरनाथ टैगोर का साहित्यिक विरासत सिर्फ पश्चिम बंगाल की नहीं है बल्कि पूरे बंगाल की है। उनके द्वारा लिखे गीत को बांग्लादेश के राष्ट्रीय गान के रूप में भी उपयोग किया जाता है, इससे बड़ा प्रमाण क्या होगा कि बंगाल केवल पश्चिम बंगाल तक तक सीमित नहीं है।

और पढ़ें : महाराष्ट्र दंगे: उद्धव सरकार ने विरोध करने पर हिंदुओं को किया गिरफ़्तार और कुछ मुसलमानों को भी!

क्या रहा है बंगाली हिंदुओं का इतिहास?

गौरतलब है कि त्रिपुरा को कभी एक आदिवासी राज्य के रूप में जाना जाता था, लेकिन इसके शासकों ने हमेशा राज्य में बंगाली बुद्धिजीवियों का स्वागत किया है। 1905 में, लॉर्ड कर्जन ने राज्य को मुस्लिम बहुसंख्यक और हिंदू बहुसंख्यक विभाजन में विभाजित करने का फैसला किया। हालांकि, 1911 में राज्य को फिर से एक करना पड़ा। 1951 की जनगणना के अनुसार, त्रिपुरा की जनजातियों में राज्य का 48.65 प्रतिशत हिस्सा था, जबकि 51.35 प्रतिशत पर विभिन्न लोग थे, जिनमें से अधिकांश बंगाली हिंदू थे।

त्रिपुरा में इन बंगाली हिंदुओं में, हिंदुओं का एक बड़ा हिस्सा वे बंगाली थे, जो 1947 में बंगाल के विभाजन के बाद पूर्वी पाकिस्तान से चले गए थे। वर्तमान में त्रिपुरा में लगभग 2.2 मिलियन बंगाली हिंदू हैं, जो कुल आबादी का 60% से अधिक है और वे राज्य के सबसे बड़े जातीय समूह हैं। धर्म माणिक्य प्रथम के शासन के दौरान पंद्रहवीं शताब्दी के मध्य में त्रिपुरा के राजाओं का एक इतिहास, राजमाला बंगाली में लिखे जाने के लिए कमीशन किया गया था। वीर चंद्र माणिक्य से शुरुआत करते हुए रवींद्रनाथ टैगोर तक ये सभी महापुरुष माणिक्यों के प्रिय अतिथि थे।

पश्चिम बंगाल के नकली प्रभुत्व को समाप्त करें!

त्रिपुरा में लगभग 70 प्रतिशत बंगाली हैं, ऐसे में, ममता बनर्जी यह सोच रहीं थीं कि जैसे उन्होंने पश्चिम बंगाल में TMC कार्यकर्ताओं की गुंडागर्दी से चुनाव जीता था, वही त्रिपुरा में भी किया जा सकता है। चुनावी रणनीतिकारों ने यह मानकर एक घातक गलती की कि दोनों बंगाली एक ही हैं। आज पश्चिम बांगल में ममता बनर्जी ने जिस तरह से वोट बैंक के लिए राज्य का इस्लामिकरण किया है, उसे देश के अन्य क्षेत्र के बंगाली जनता ने भी देखा है और ममता बनर्जी पर कोई भरोसा नहीं करना चाहता है।

और पढ़ें : नौकरी चाहने वालों के लिए सबसे खराब शहर है कोलकाता, आधिकारिक आंकड़े दिखा रहे हैं आईना

पश्चिम बंगाल एक भगौलिक क्षेत्र है और बंगाल एक भगौलिक के साथ-साथ सांस्कृतिक पहचान भी है, जो विस्तृत है, जिसका विस्तार त्रिपुरा तक है। आज जिस प्रकार से त्रिपुरा में पार्टी कैडरों के ठोस समर्थन से लैस बिप्लब देब एक मजबूत राजनीतिक नेता के रूप में उभर रहे हैं। इसने मूल बंगाली भावना को एक बड़ा प्रोत्साहन दिया है, जो अंततः राष्ट्र के विकास की ओर अग्रसर हुआ है। ऐसे में, यह कहना गलत नहीं होगा कि एक बार फिर से अरबिंदो घोष और स्वामी विवेकानंद जैसे मूल बंगालियों की भावना राष्ट्रीय स्तर पर अपनी छाप छोड़ने के लिए तैयार है। मूल बंगालियों के लिए अब समय आ गया है कि वे अपनी पहचान पर जोर दें और असल में उचित बंगाली पहचान की क्षितिज पर आधुनिक पश्चिम बंगाल के नकली प्रभुत्व को समाप्त करें।

Tags: त्रिपुराबंगाली अस्मिताभाजपाभारतीयताममता बनर्जी
शेयर245ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

राष्ट्रपति चुनाव 2022: भीम सिंह हो सकते हैं भाजपा के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार

अगली पोस्ट

न्यायपालिका या विधायिका नहीं बल्कि अतिरिक्त न्यायिक बुद्धिजीवियों के कारण भारत की न्यायिक प्रक्रिया धीमी है

संबंधित पोस्ट

पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?
अर्थव्यवस्था

पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?

29 March 2026

फरवरी 2026 में शुरू हुए संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच टकराव के अचानक उभरने से, जिसकी शुरुआत अमेरिका- इजरायल द्वारा ईरानी परमाणु ठिकानों पर हमलों...

फिल्म, विचारधारा और प्रचार: सिनेमा में धारणा की राजनीति का विश्लेषण
चर्चित

फिल्म, विचारधारा और प्रचार: सिनेमा में धारणा की राजनीति का विश्लेषण

27 March 2026

प्रचार को अक्सर भद्दे संदेश या जानबूझकर फैलाए गए गलत सूचना के रूप में देखा जाता है, लेकिन आधुनिक राजनीतिक सिद्धांत इसे कहीं अधिक सूक्ष्म...

सरकार ने लॉकडाउन की अफवाहों को किया खारिज, वैश्विक आपूर्ति संकट के दावों को बताया बेबुनियाद
चर्चित

सरकार ने लॉकडाउन की अफवाहों को किया खारिज, वैश्विक आपूर्ति संकट के दावों को बताया बेबुनियाद

27 March 2026

केंद्र सरकार ने देश में फैल रही लॉकडाउन की अफवाहों का पूरी तरह से खंडन किया है, जिसमें केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पूरी ने स्पष्ट...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited