TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    आखिर क्यों IAF का एक औपचारिक दस्तावेज पाकिस्तान के पूरे प्रोपेगेंडा पर भारी पड़ गया ?

    संभल जिले में पुलिस के डॉग स्क्वॉड की सदस्य मैरी ने एक ब्लाइंड रेप केस सुलझाने में अहम भूमिका निभाई

    संभल में डॉग मैरी ने सुलझाया ब्लाइंड रेप केस, गमछा सूंघकर आरोपी के घर तक पहुंची

    श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता,

    बलिदान दिवस विशेष: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता

    पीएम मोदी ने कहा भारत सबकी पसंद

    पीएम मोदी : भारत अब केवल दुनिया का हिस्सा नहीं, बल्कि दुनिया की पहली पसंद बन रहा है

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    आखिर क्यों IAF का एक औपचारिक दस्तावेज पाकिस्तान के पूरे प्रोपेगेंडा पर भारी पड़ गया ?

    संभल जिले में पुलिस के डॉग स्क्वॉड की सदस्य मैरी ने एक ब्लाइंड रेप केस सुलझाने में अहम भूमिका निभाई

    संभल में डॉग मैरी ने सुलझाया ब्लाइंड रेप केस, गमछा सूंघकर आरोपी के घर तक पहुंची

    श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता,

    बलिदान दिवस विशेष: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता

    पीएम मोदी ने कहा भारत सबकी पसंद

    पीएम मोदी : भारत अब केवल दुनिया का हिस्सा नहीं, बल्कि दुनिया की पहली पसंद बन रहा है

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

अहमद पटेल तो गुजर गए लेकिन ‘चाटुकारिता के कई साक्ष्य’ छोड़ गए

गांधी परिवार के 'दास' रहे अहमद पटेल का वह 'स्याह पक्ष' जिसे नहीं जानते होंगे आप

Utkarsh Upadhyay द्वारा Utkarsh Upadhyay
18 July 2022
in चर्चित, चर्चित, राजनीति
sonia gandhi
Share on FacebookShare on X

यूं तो दिवंगत हो चुके नेताओं का कोई राजनीतिक सरोकार नहीं रह जाता है पर कई बार कुछ नेता अहमद पटेल जैसे भी होते हैं जो अपनी मृत्यु उपरांत भी चर्चाओं और विशेषकर नकारात्मक चर्चाओं का केंद्र बने रहते हैं। अब वर्तमान परिदृष्य में गांधी परिवार के प्रत्येक चिट्ठों का एकमात्र गवाह रहे अहमद पटेल का नाम सुर्खियों में हैं। इस लेख में हम जानेंगे कि कैसे एक अहमद पटेल ने पूरी कांग्रेस पर एकछत्र राज किया, सोनिया गांधी को “सुपर पीएम” बनाया और जाते-जाते भी वो अपने किए एक काण्ड की अमिट छाप छोड़ गए।

और पढ़ें- अहमद पटेल ने तीस्ता को दिए थे 30 लाख, मोदी सरकार को गिराने और BJP नेताओं को फंसाने का था षड्यंत्र

संबंधितपोस्ट

जब राजीव गांधी ने दूरदर्शन को दिए थे तियानआनमेन स्क्वायर नरसंहार की कवरेज न करने के निर्देश

इंदिरा गांधी ने किया था सम्मान लेकिन वीर सावरकर से क्यों चिढ़ती है कांग्रेस?

पोखरण-I के 51 साल: जब भारत ने दुनिया को दिखाया अपना परमाणु आत्मबल

और लोड करें

इंदिरा गांधी की अनुकंपा से राजनीति में आए

दरअसल, इंदिरा गांधी की अनुकंपा से राजनीति में आए और वहां से चलकर कांग्रेस के तारणहार के रूप में कार्य करने तक अहमद पटेल की कई कहानियां राजनीतिक बाज़ार में चलती रहती हैं पर वास्तव में अहमद पटेल के कर्मकांडों की संख्या का कोई सानी नहीं है। अहमद पटेल उस तरह के राजनेता हैं जिसके हाथ बेलगाम शक्ति और पार्टी में पैठ और पहुंच के साथ एक लो-प्रोफाइल बैकरूम रणनीतिकार वाली छवि प्राप्त है। पटेल यूपीए सरकार के सत्ता से बाहर होने से पूर्व भाजपा के सहयोगियों को तोड़ने में काफी कामयाब रहे।

गुजरात से आठ बार के सांसद, कांग्रेस पार्टी के कोषाध्यक्ष, पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के संसदीय सचिव और सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव होने से लेकर-पटेल ने पार्टी के भीतर कई बड़े निर्णय लिए। पिछले चार दशकों में वह 2004 में कांग्रेस पार्टी की जीत, 2008 के अविश्वास प्रस्ताव को जीतने और संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) की 2009 में वापसी सहित सभी प्रमुख मील के पत्थर के बड़े सेनानी रहे।

ज्ञात हो कि जब राजीव गांधी ने 1984 में प्रधानमंत्री के रूप में पदभार संभाला तो उन्होंने अरुण सिंह, अहमद पटेल और ऑस्कर फर्नांडीस को संसदीय सचिव के रूप में उनकी सहायता के लिए नियुक्त किया। 1991 में राजीव गांधी के निधन के बाद एक क्षणिक चरण के लिए पटेल ने अपनी प्रमुखता खो दी, लेकिन एक साल बाद और मजबूत होकर उभरे जब उन्हें पार्टी के तिरुपति सत्र के दौरान सबसे अधिक वोट मिले। इसके बाद अहमद पटेल की पूछ बढती चली गयी, कांग्रेस में कद बढ़ने के साथ ही उनका दायरा भी बढ़ता चला गया।

प्रमुख समस्या निवारक रहे पटेल

इंदिरा के बाद राजीव गांधी और बाद में सोनिया गांधी के लेफ्ट हैंड बन चुके अहमद पटेल 2004 और 2014 के बीच यूपीए सरकार के शासन के दौरान, सरकार और पार्टी के बीच प्रमुख समस्या निवारक, समन्वयक और अनुवादकों में से एक थे। उन्होंने ही सोनिया गांधी को किस प्रकार काम करना है, कब कैसे निर्णय लेने हैं सबका भान करा अपने पद को जस का तस बनाए रखा। आम बोल चाल की भाषा में इसे चापलूसी ही कहा जाता है जिसका अहमद पटेल ने 110 प्रतिशत अनुसरण किया।

वहीं यही अहमद पटेल पीएम मोदी के धुर-विरोधी थे जो गुजरात में सत्ता के दौरान पीएम मोदी की जबरन आलोचना करने के लिए बदनाम थे। यह कांग्रेस की जड़बुद्धि का परिणाम कहें या वफादारी का इनाम कांग्रेस ने गुजरात में एक राज्यसभा सीट पर चुनाव जीतने के लिए उसने पूरे राज्य में अपनी स्थिति को दांव पर लगा दिया था। इसके बाद उनकी मृत्यु के बात जितना त्रास गांधी परिवार को झेलना पड़ा है वो वाकई सबके सामने है। सोनिया और राहुल गांधी एक प्रकार से अहमद पटेल पर आश्रित हो चुके थे। अहमद पटेल की कोई राय देश विरोध में ही क्यों न रही हो पर गांधी परिवार की नज़र में बस एक ही विचार था कि “न खाता न बही, जो अहमद पटेल कहें वही सही।”

और पढ़ें- Sterling Biotech Bank धोखाधड़ी मामले में डीनो मोरिया, अहमद पटेल के दामाद, DJ अकील और अन्य की संपाति की गई जब्त

अग्रणी भूमिका निभाने वाले पटेल ही थे

गुजरात में वर्ष 2002 में जो हुआ सबने देखा। एक अरसे तक तत्कालीन मुख्यमंत्री और वर्तमान में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरुद्ध तरह-तरह के षड्यंत्र रचे गए, उन्हें टारगेट किया गया, उन्हें मानसिक तौर पर प्रताड़ना दी गयी, उनके विरुद्ध दिन-रात ज़हर उगला गया, उन्हें क्या-क्या नहीं बोला गया। पूरा इकोसिस्टम मोदी के पीछे पड़ा था और इसमें अग्रणी भूमिका निभाने वाले और कोई नहीं अहमद पटेल ही थे। इसके बाद पीएम मोदी को मिलती गयी क्लीनचिट ने साबित कर दिया कि कौन वास्तव में षड्यंत्रकारी रहा और कौन बस एक इकोसिस्टम का शिकार।

हालिया एक मामला तीस्ता सीतलवाड़ से जुड़ा हुआ है। 2002 के बाद तीस्ता सीतलवाड़ ने जो किया वो किसी से छिपा नहीं है। दरअसल, अपने कारनामों की वज़ह से तीस्ता सीतलवाड़ इन दिनों जेल में हैं, लेकिन उन्हें जमानत चाहिए। इसके लिए उन्होंने जमानत याचिका दायर कर दी। जमानत की सुनवाई के दौरान SIT ने कोर्ट में एक एफिडेविट फाइल किया है। इस एफिडेविट में जो लिखा है उसे जानना और उसके मायने समझना आपके लिए बहुत आवश्यक है। SIT ने बताया कि “2002 में गुजरात सरकार का तख्तापलट करने के षड्यंत्र को अंजाम देने की जिम्मेदारी तीस्ता सितलवाड़ पर थी। तीस्ता को इसके लिए अहमद पटेल ने 30 लाख रुपये दिए और 5 लाख रुपये की पहली किस्त दी गयी, इसके बाद 25 लाख की दूसरी किस्त।”

उन दिनों अहमद पटेल, सोनिया गांधी के खासमखास थे। सोनिया गांधी अपने अधिकांश काम अहमद पटेल से ही करवाती थी और इन सब कड़ी को देखा जाए तो यह बिल्कुल साफ है कि गुजरात में राज्य सरकार का तख्तापलट करने का जो षड्यंत्र रचा गया, जिसमें तीस्ता सीतलवाड़ को 30 लाख रुपये दिये गये। इसकी मास्टर माइंड सोनिया गांधी ही थी और मध्यस्त दिवंगत अहमद पटेल थे।

और पढ़ें- कांग्रेस के संकटमोचक रहे अहमद पटेल और असम के पूर्व CM तरूण गोगोई को राहुल गांधी ने किया Unfollow

यह सत्य है कि व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके कर्म ही उसकी पहचान कराते हैं और उन्हीं कर्मों के आधार पर उसको याद किया जाता है। अहमद पटेल निस्संदेह उन दिवंगत आत्माओं में से एक रहे जो बैकडोर पर रहकर षड्यंत्रकारी और प्रपंच करने के लिए उपयोग किए जाते रहे और अहमद पटेल स्वेच्छा से उपयोगिता में अग्रणी भूमिका के साथ आगे बढ़ते चले गए और एक दास की भांति बनकर रह गए। कुछ ऐसा सफर था अहमद पटेल का जो 80 प्रतिशत सुर्ख़ियों से दूर ही रहा और उनकी मृत्यु के बाद सब उजागर होता जा रहा है।

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: अहमद पटेलइंदिरा गाँधीराजीव गांधीसोनिया गाँधी
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

कांग्रेस को छत्तीसगढ़ में मिलने जा रहा है एक और “सिंधिया” मोमेंट !   

अगली पोस्ट

अब लंबा नपेगा केजरीवाल का चेला अमानतुल्लाह खान, CBI चलाने जा रही है मुकदमा

संबंधित पोस्ट

शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक
इतिहास

ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

26 June 2026

भारत के सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहीद हुए छह जवानों के नाम पहली बार आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक किए हैं। इन सभी...

NIA की बड़ी कार्रवाई
चर्चित

NIA की बड़ी कार्रवाई: JMB और IMK से जुड़े मामले में 11 लोगों के खिलाफ चार्जशीट, अब कोर्ट में चलेगा ट्रायल

26 June 2026

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (JMB) और उससे जुड़े संगठन IMK से संबंधित मामले में 11 लोगों के खिलाफ चार्जशीट...

उत्तराखंड सीमा पर तनाव
चर्चित

उत्तराखंड सीमा पर तनाव: पुलिस बैरिकेड तोड़कर हेमकुंड साहिब की ओर बढ़े निहंग सिख, सुरक्षा बढ़ाई गई

26 June 2026

गुरुवार रात हिमाचल प्रदेश–उत्तराखंड सीमा पर उस समय तनाव बढ़ गया, जब बड़ी संख्या में निहंग सिखों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। इसके...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Nepal's Natural Ally: Why India, Not China ? Indo-Nepal

Nepal's Natural Ally: Why India, Not China ? Indo-Nepal

00:04:05

Pakistan’s Investment Rescue Plan or Another Economic Promise? Munir | Sharif

00:03:41

Gilgit Baltistan's Youth Rising: The Fight for Dignity, Rights and Self Governance

00:03:08

Doklam’s Legacy: How the 2017 Standoff Reshaped Himalayan Security and Border Tensions। Indo china

00:03:11

Inside the Doklam Face-Off: How India Backed Bhutan and Held the Line During the 73 Day Standoff

00:03:11
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited