TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    महर्षि वाल्मीकि: जिन्होंने ‘राम’ को जन-जन तक पहुँचाया

    महर्षि वाल्मीकि: जिन्होंने ‘राम’ को जन-जन तक पहुँचाया

    संघ शताब्दी यात्रा: शाखा से समाज तक

    संघ शताब्दी यात्रा: शाखा से समाज तक

    हरियाणा BJP संगठन में कसावट लाने की तैयारी

    हरियाणा BJP संगठन में कसावट लाने की तैयारी, स्मृति ईरानी ने नेताओं को दी नसीहत, VIP कल्चर छोड़ने को कहा

    पंजाब

    पंजाब में फिर साथ आ सकते हैं BJP और अकाली दल, अमित शाह के बयान के बाद गठबंधन की चर्चा तेज

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    स्टारशील्ड विवाद के बीच भारत का बड़ा दांव: GSAT-7C से कैसे मजबूत होगी वायुसेना की ताकत?

    स्टारशील्ड विवाद के बीच भारत का बड़ा दांव: GSAT-7C से कैसे मजबूत होगी वायुसेना की ताकत?

    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    महर्षि वाल्मीकि: सामाजिक समरसता के शाश्वत प्रेरणास्रोत

    महर्षि वाल्मीकि: सामाजिक समरसता के शाश्वत प्रेरणास्रोत

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    पीएम मोदी मिलें खिलाड़ियों से

    एशियन गेम्स 2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों से मिले PM मोदी, 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    महर्षि वाल्मीकि: जिन्होंने ‘राम’ को जन-जन तक पहुँचाया

    महर्षि वाल्मीकि: जिन्होंने ‘राम’ को जन-जन तक पहुँचाया

    संघ शताब्दी यात्रा: शाखा से समाज तक

    संघ शताब्दी यात्रा: शाखा से समाज तक

    हरियाणा BJP संगठन में कसावट लाने की तैयारी

    हरियाणा BJP संगठन में कसावट लाने की तैयारी, स्मृति ईरानी ने नेताओं को दी नसीहत, VIP कल्चर छोड़ने को कहा

    पंजाब

    पंजाब में फिर साथ आ सकते हैं BJP और अकाली दल, अमित शाह के बयान के बाद गठबंधन की चर्चा तेज

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    स्टारशील्ड विवाद के बीच भारत का बड़ा दांव: GSAT-7C से कैसे मजबूत होगी वायुसेना की ताकत?

    स्टारशील्ड विवाद के बीच भारत का बड़ा दांव: GSAT-7C से कैसे मजबूत होगी वायुसेना की ताकत?

    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    महर्षि वाल्मीकि: सामाजिक समरसता के शाश्वत प्रेरणास्रोत

    महर्षि वाल्मीकि: सामाजिक समरसता के शाश्वत प्रेरणास्रोत

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    पीएम मोदी मिलें खिलाड़ियों से

    एशियन गेम्स 2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों से मिले PM मोदी, 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

अहमद पटेल तो गुजर गए लेकिन ‘चाटुकारिता के कई साक्ष्य’ छोड़ गए

गांधी परिवार के 'दास' रहे अहमद पटेल का वह 'स्याह पक्ष' जिसे नहीं जानते होंगे आप

Utkarsh Upadhyay द्वारा Utkarsh Upadhyay
18 July 2022
in चर्चित, चर्चित, राजनीति
sonia gandhi
Share on FacebookShare on X

यूं तो दिवंगत हो चुके नेताओं का कोई राजनीतिक सरोकार नहीं रह जाता है पर कई बार कुछ नेता अहमद पटेल जैसे भी होते हैं जो अपनी मृत्यु उपरांत भी चर्चाओं और विशेषकर नकारात्मक चर्चाओं का केंद्र बने रहते हैं। अब वर्तमान परिदृष्य में गांधी परिवार के प्रत्येक चिट्ठों का एकमात्र गवाह रहे अहमद पटेल का नाम सुर्खियों में हैं। इस लेख में हम जानेंगे कि कैसे एक अहमद पटेल ने पूरी कांग्रेस पर एकछत्र राज किया, सोनिया गांधी को “सुपर पीएम” बनाया और जाते-जाते भी वो अपने किए एक काण्ड की अमिट छाप छोड़ गए।

और पढ़ें- अहमद पटेल ने तीस्ता को दिए थे 30 लाख, मोदी सरकार को गिराने और BJP नेताओं को फंसाने का था षड्यंत्र

संबंधितपोस्ट

राजीव गांधी के कार्यकाल में 2 दिन में पास हुआ था मतदान उम्र घटाने का विधेयक, राहुल गांधी के चुनाव आयोग पर आरोपों के बीच फिर चर्चा

‘गांधी परिवार’ बार-बार नीचा ना दिखाता तो ‘इतिहास’ ही नहीं ‘वर्तमान’ भी करता मनमोहन सिंह का उदार मूल्यांकन

जब राजीव गांधी ने दूरदर्शन को दिए थे तियानआनमेन स्क्वायर नरसंहार की कवरेज न करने के निर्देश

और लोड करें

इंदिरा गांधी की अनुकंपा से राजनीति में आए

दरअसल, इंदिरा गांधी की अनुकंपा से राजनीति में आए और वहां से चलकर कांग्रेस के तारणहार के रूप में कार्य करने तक अहमद पटेल की कई कहानियां राजनीतिक बाज़ार में चलती रहती हैं पर वास्तव में अहमद पटेल के कर्मकांडों की संख्या का कोई सानी नहीं है। अहमद पटेल उस तरह के राजनेता हैं जिसके हाथ बेलगाम शक्ति और पार्टी में पैठ और पहुंच के साथ एक लो-प्रोफाइल बैकरूम रणनीतिकार वाली छवि प्राप्त है। पटेल यूपीए सरकार के सत्ता से बाहर होने से पूर्व भाजपा के सहयोगियों को तोड़ने में काफी कामयाब रहे।

गुजरात से आठ बार के सांसद, कांग्रेस पार्टी के कोषाध्यक्ष, पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के संसदीय सचिव और सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव होने से लेकर-पटेल ने पार्टी के भीतर कई बड़े निर्णय लिए। पिछले चार दशकों में वह 2004 में कांग्रेस पार्टी की जीत, 2008 के अविश्वास प्रस्ताव को जीतने और संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) की 2009 में वापसी सहित सभी प्रमुख मील के पत्थर के बड़े सेनानी रहे।

ज्ञात हो कि जब राजीव गांधी ने 1984 में प्रधानमंत्री के रूप में पदभार संभाला तो उन्होंने अरुण सिंह, अहमद पटेल और ऑस्कर फर्नांडीस को संसदीय सचिव के रूप में उनकी सहायता के लिए नियुक्त किया। 1991 में राजीव गांधी के निधन के बाद एक क्षणिक चरण के लिए पटेल ने अपनी प्रमुखता खो दी, लेकिन एक साल बाद और मजबूत होकर उभरे जब उन्हें पार्टी के तिरुपति सत्र के दौरान सबसे अधिक वोट मिले। इसके बाद अहमद पटेल की पूछ बढती चली गयी, कांग्रेस में कद बढ़ने के साथ ही उनका दायरा भी बढ़ता चला गया।

प्रमुख समस्या निवारक रहे पटेल

इंदिरा के बाद राजीव गांधी और बाद में सोनिया गांधी के लेफ्ट हैंड बन चुके अहमद पटेल 2004 और 2014 के बीच यूपीए सरकार के शासन के दौरान, सरकार और पार्टी के बीच प्रमुख समस्या निवारक, समन्वयक और अनुवादकों में से एक थे। उन्होंने ही सोनिया गांधी को किस प्रकार काम करना है, कब कैसे निर्णय लेने हैं सबका भान करा अपने पद को जस का तस बनाए रखा। आम बोल चाल की भाषा में इसे चापलूसी ही कहा जाता है जिसका अहमद पटेल ने 110 प्रतिशत अनुसरण किया।

वहीं यही अहमद पटेल पीएम मोदी के धुर-विरोधी थे जो गुजरात में सत्ता के दौरान पीएम मोदी की जबरन आलोचना करने के लिए बदनाम थे। यह कांग्रेस की जड़बुद्धि का परिणाम कहें या वफादारी का इनाम कांग्रेस ने गुजरात में एक राज्यसभा सीट पर चुनाव जीतने के लिए उसने पूरे राज्य में अपनी स्थिति को दांव पर लगा दिया था। इसके बाद उनकी मृत्यु के बात जितना त्रास गांधी परिवार को झेलना पड़ा है वो वाकई सबके सामने है। सोनिया और राहुल गांधी एक प्रकार से अहमद पटेल पर आश्रित हो चुके थे। अहमद पटेल की कोई राय देश विरोध में ही क्यों न रही हो पर गांधी परिवार की नज़र में बस एक ही विचार था कि “न खाता न बही, जो अहमद पटेल कहें वही सही।”

और पढ़ें- Sterling Biotech Bank धोखाधड़ी मामले में डीनो मोरिया, अहमद पटेल के दामाद, DJ अकील और अन्य की संपाति की गई जब्त

अग्रणी भूमिका निभाने वाले पटेल ही थे

गुजरात में वर्ष 2002 में जो हुआ सबने देखा। एक अरसे तक तत्कालीन मुख्यमंत्री और वर्तमान में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरुद्ध तरह-तरह के षड्यंत्र रचे गए, उन्हें टारगेट किया गया, उन्हें मानसिक तौर पर प्रताड़ना दी गयी, उनके विरुद्ध दिन-रात ज़हर उगला गया, उन्हें क्या-क्या नहीं बोला गया। पूरा इकोसिस्टम मोदी के पीछे पड़ा था और इसमें अग्रणी भूमिका निभाने वाले और कोई नहीं अहमद पटेल ही थे। इसके बाद पीएम मोदी को मिलती गयी क्लीनचिट ने साबित कर दिया कि कौन वास्तव में षड्यंत्रकारी रहा और कौन बस एक इकोसिस्टम का शिकार।

हालिया एक मामला तीस्ता सीतलवाड़ से जुड़ा हुआ है। 2002 के बाद तीस्ता सीतलवाड़ ने जो किया वो किसी से छिपा नहीं है। दरअसल, अपने कारनामों की वज़ह से तीस्ता सीतलवाड़ इन दिनों जेल में हैं, लेकिन उन्हें जमानत चाहिए। इसके लिए उन्होंने जमानत याचिका दायर कर दी। जमानत की सुनवाई के दौरान SIT ने कोर्ट में एक एफिडेविट फाइल किया है। इस एफिडेविट में जो लिखा है उसे जानना और उसके मायने समझना आपके लिए बहुत आवश्यक है। SIT ने बताया कि “2002 में गुजरात सरकार का तख्तापलट करने के षड्यंत्र को अंजाम देने की जिम्मेदारी तीस्ता सितलवाड़ पर थी। तीस्ता को इसके लिए अहमद पटेल ने 30 लाख रुपये दिए और 5 लाख रुपये की पहली किस्त दी गयी, इसके बाद 25 लाख की दूसरी किस्त।”

उन दिनों अहमद पटेल, सोनिया गांधी के खासमखास थे। सोनिया गांधी अपने अधिकांश काम अहमद पटेल से ही करवाती थी और इन सब कड़ी को देखा जाए तो यह बिल्कुल साफ है कि गुजरात में राज्य सरकार का तख्तापलट करने का जो षड्यंत्र रचा गया, जिसमें तीस्ता सीतलवाड़ को 30 लाख रुपये दिये गये। इसकी मास्टर माइंड सोनिया गांधी ही थी और मध्यस्त दिवंगत अहमद पटेल थे।

और पढ़ें- कांग्रेस के संकटमोचक रहे अहमद पटेल और असम के पूर्व CM तरूण गोगोई को राहुल गांधी ने किया Unfollow

यह सत्य है कि व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके कर्म ही उसकी पहचान कराते हैं और उन्हीं कर्मों के आधार पर उसको याद किया जाता है। अहमद पटेल निस्संदेह उन दिवंगत आत्माओं में से एक रहे जो बैकडोर पर रहकर षड्यंत्रकारी और प्रपंच करने के लिए उपयोग किए जाते रहे और अहमद पटेल स्वेच्छा से उपयोगिता में अग्रणी भूमिका के साथ आगे बढ़ते चले गए और एक दास की भांति बनकर रह गए। कुछ ऐसा सफर था अहमद पटेल का जो 80 प्रतिशत सुर्ख़ियों से दूर ही रहा और उनकी मृत्यु के बाद सब उजागर होता जा रहा है।

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: अहमद पटेलइंदिरा गाँधीराजीव गांधीसोनिया गाँधी
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

कांग्रेस को छत्तीसगढ़ में मिलने जा रहा है एक और “सिंधिया” मोमेंट !   

अगली पोस्ट

अब लंबा नपेगा केजरीवाल का चेला अमानतुल्लाह खान, CBI चलाने जा रही है मुकदमा

संबंधित पोस्ट

महर्षि वाल्मीकि: जिन्होंने ‘राम’ को जन-जन तक पहुँचाया
मत

महर्षि वाल्मीकि: जिन्होंने ‘राम’ को जन-जन तक पहुँचाया

26 October 2026

यदि आपसे एक बहुत सरल-सा प्रश्न पूछा जाए कि आपके दादा के परदादा का क्या नाम था? या क्या आपको अपने परिवार की 7वीं पीढ़ी...

IISER पुणे की बिल्डिंग और उमर खालिद की किताब
चर्चित

IISER पुणे की लाइब्रेरी से हटाई गई उमर खालिद की किताब, सोशल मीडिया पर आलोचना के बाद लिया फैसला

26 October 2026

महाराष्ट्र के पुणे स्थित भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISER-Pune) ने सामाजिक कार्यकर्ता उमर खालिद के शोध पर आधारित एक किताब को अपनी लाइब्रेरी...

फारूक अब्दुल्ला
चर्चित

फारूक अब्दुल्ला के बयान पर सियासी विवाद, बोले- कश्मीर मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाने से लोगों के हितों की रक्षा हुई

26 October 2026

जम्मू-कश्मीर की राजनीति में नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के एक बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

India Built Rudra and Prachand. Now It Wants to Make Their Gun at Home.

India Built Rudra and Prachand. Now It Wants to Make Their Gun at Home.

00:03:14

INS Samarthak: The Indigenous Warship Built to Do More Than One Job VO:

00:03:01

Why Is India Investing in Underwater Weapons?

00:02:10

How DRDO Is Making India's Military Communications More Secure

00:03:28

How Ice on Aircraft Wings Can Turn Deadly

00:03:19
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited