7वीं शताब्दी में चीनी बौद्ध यात्री ह्वेनसांग ने अपने यात्रा वृतांत में हिंदू प्रथाओं और प्रयागराज में आयोजित कुंभ का उल्लेख किया था। उन्होंने प्रयाग की नदियों और इसे हिंदू तीर्थयात्रा का एक महत्वपूर्ण स्थल बताया।
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    आखिर क्यों IAF का एक औपचारिक दस्तावेज पाकिस्तान के पूरे प्रोपेगेंडा पर भारी पड़ गया ?

    संभल जिले में पुलिस के डॉग स्क्वॉड की सदस्य मैरी ने एक ब्लाइंड रेप केस सुलझाने में अहम भूमिका निभाई

    संभल में डॉग मैरी ने सुलझाया ब्लाइंड रेप केस, गमछा सूंघकर आरोपी के घर तक पहुंची

    श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता,

    बलिदान दिवस विशेष: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता

    पीएम मोदी ने कहा भारत सबकी पसंद

    पीएम मोदी : भारत अब केवल दुनिया का हिस्सा नहीं, बल्कि दुनिया की पहली पसंद बन रहा है

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    अयोध्या राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    आखिर क्यों IAF का एक औपचारिक दस्तावेज पाकिस्तान के पूरे प्रोपेगेंडा पर भारी पड़ गया ?

    संभल जिले में पुलिस के डॉग स्क्वॉड की सदस्य मैरी ने एक ब्लाइंड रेप केस सुलझाने में अहम भूमिका निभाई

    संभल में डॉग मैरी ने सुलझाया ब्लाइंड रेप केस, गमछा सूंघकर आरोपी के घर तक पहुंची

    श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता,

    बलिदान दिवस विशेष: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता

    पीएम मोदी ने कहा भारत सबकी पसंद

    पीएम मोदी : भारत अब केवल दुनिया का हिस्सा नहीं, बल्कि दुनिया की पहली पसंद बन रहा है

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    अयोध्या राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

अमृत की बूंदों का रहस्य: कुंभ स्नान की सनातन परंपरा का इतिहास, पढ़िए हमारे ग्रंथों में क्या लिखा है

7वीं शताब्दी में चीनी बौद्ध यात्री ह्वेनसांग ने अपने यात्रा वृतांत में हिंदू प्रथाओं और प्रयागराज में आयोजित कुंभ का उल्लेख किया था। उन्होंने प्रयाग की नदियों और इसे हिंदू तीर्थयात्रा का एक महत्वपूर्ण स्थल बताया।

Dr Alok Kumar Dwivedi द्वारा Dr Alok Kumar Dwivedi
7 January 2025
in ज्ञान, संस्कृति
महाकुंभ 2025, प्रयागराज

"कुंभ" और "कुंभी" शब्द का प्रयोग स्त्री-पुरुष के संयोग से संतति की उत्पत्ति के प्रतीक रूप में किया गया है

Share on FacebookShare on X

कुंभ स्नान का इतिहास क्या है? हमारे ग्रन्थ क्या कहते हैं? प्रयागराज में महाकुंभ के आयोजन के बीच इन सवालों पर चर्चा ज़रूरी है। अतीत से लेकर आज तक विविध कालखंडों में भारतीय संस्कृति एवं सभ्यता अपने सार्वभौमिक स्वरूप में निरंतर प्रवाहमान रही है। विश्व की विभिन्न संस्कृतियों के जन्म एवं उनके विघटन का जीवंत गवाह भारत की सांस्कृतिक चेतना सदियों से बनी रही है।

भारत की यह सांस्कृतिक चेतना भारत के अपने उत्सवधर्मिता, सर्वग्राह्यता एवं सामासिक भाव के परिणामस्वरूप जीवन्तता को प्राप्त है। इसी सांस्कृतिक चेतना का एक अध्याय कुंभ स्नान है। अलग-अलग धर्म एवं दासताओं के अनगिनत चक्र के बीच कुंभ की महत्ता एवं उसकी नसार्वभौमिता ने अतीत से आज तक सनातन से होते हुए आर्य एवं हिंदू संस्कृति की एकसूत्रता का मार्ग प्रशस्त किया है।

संबंधितपोस्ट

बलिदान दिवस विशेष: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता

पंजाब सीएम भगवंत मान की बढ़ीं मुश्किलें: वायरल वीडियो मामले में अकाल तख्त ने सुनाया फैसला

‘भारत पर इस्लामी आक्रमण होगा, तो किस तरफ होंगे सेना के मुस्लिम’? अंबेडकर को था संदेह, लिखा – इस्लाम के लिए हमारा देश दारुल हर्ब

और लोड करें

प्रयागराज में आयोजित होने वाला है कुंभ

जब-जब भारत के सामाजिक ताने-बाने को विदेशी आक्रांताओं द्वारा वर्ण, जाति एवं ऊंच- नीच, भेद- भाव के कुचक्रों में फंसाकर विखंडित करने का प्रयास किया जाता रहा है तब-तब महाकुंभ जैसे आयोजन इन सभी विखंडित मानसिकता के समक्ष सांस्कृतिक गौरव के लिए प्रथम पंक्ति में खड़े रहे हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार देवासुर संग्राम में समुद्र मंथन के पश्चात् निकले अमृत की कुछ बूंदें छीना-झपटी के दौरान धरती के चार स्थानों पर गिरीं। अमृत की उस एक बूंद की चाह में अति प्राचीन काल से लेकर आज तक नदियों में स्नान की परंपरा से वैसे ये तो पता नहीं कि लोगों को अमृत की वह बूंद मिली या नहीं, परंतु संस्कृति की संपूर्णता, उसकी संप्रभुता एवं उसकी सार्वभौमिकता के लिए  कुंभ आज भी वरदान सदृश है।

सनातन संस्कृति का एक ऐसा महान पर्व जो कर्मकांड के कुछ कुत्सित क्रियाकलापों, मंदिरों में विशेष वर्ग के प्रवेश निषेध संबंधी इत्यादि सभी निर्बल पक्ष को विसर्जित कर नदी की जलधारा में एक साथ स्नान कर करते हुए सनातन संस्कृति की सामाजिक एवं समरस अंतस् चेतना को प्रदर्शित करता है। कुंभ प्राचीन काल से मध्य, आधुनिक सहित आगत कल में भी सनातन और आर्य संस्कृति की एकसूत्रता का अमृत रूपी ऐसा प्रवाह है जो सदियों से बहता रहा है तथा शताब्दियों तक प्रवाहमान रहेगा।

कुंभ का वैदिक दृष्टांत व इतिहास

वेदों में “कुंभ” शब्द कई स्थानों पर आया है, और इसका संबंध जल-प्रवाह से जोड़ा गया है। एक संदर्भ में चार की संख्या भी निर्दिष्ट की गई है, लेकिन इसका संबंध अमृतमंथन कथा या हरिद्वार, प्रयाग, उज्जैन और नासिक के कुंभ पर्वों से नहीं है। ऐसी स्थिति में इस शब्द के वास्तविक अर्थ और तात्पर्य को समझने की आवश्यकता है।

ऋग्वेद (10/89/7) के अनुसार,

जघानं वृत्रं स्वधितिर्वनेव रुरोज पूरो अरदत्र सिन्धून्।
विभेद गिरं नवमित्र कुम्भमा गा इन्द्रो अकृणुतस्व युग्भि:।।

इंद्र सूर्य या विद्युत मेघ को मारता है। जैसे कुठार जंगलों को काटता है, वैसे ही वह मेघों की नगरियों को ध्वस्त करता है और नदियों को जल से युक्त करता है। यह नये घड़े के समान मेघ का भेदन करता है और अपने सहयोगियों (मरुतों) के साथ वर्षा को अभिमुख करता है। दूसरी व्याख्या में इसे “कच्चे घड़े” के रूप में बताया गया है, लेकिन अर्थ वही है।

प्रयाग-कुंभ-रहस्य में इसे इस प्रकार समझाया गया है कि कुंभ पर्व में जाने वाला व्यक्ति दान, होम, और अन्य सत्कर्मों के माध्यम से अपने पापों को काटता है। जैसे गंगा नहर अपने तटों को नष्ट करते हुए प्रवाहित होती है, वैसे ही कुंभ पर्व व्यक्ति के पूर्व संचित पापों का नाश कर उसे नूतन और शुद्ध बनाता है।

शुक्ल यजुर्वेद (19/87) में

कुम्भे वानेष्ठुर्जनिता शचोभिर्यास्मित्रगे योन्यां गर्गो नन्त:।
प्लाशिर्व्यक्त शतधार उत्पन्त्ते दुबे च कुम्भी स्वधा पितृभ्य।।।

“कुंभ” और “कुंभी” शब्द का प्रयोग स्त्री-पुरुष के संयोग से संतति की उत्पत्ति के प्रतीक रूप में किया गया है। दयानंद सरस्वती के “भाषा-भाष्य” में इसे मानव को इहलोक में शारीरिक सुख और जन्मांतर में उत्कृष्ट सुख प्रदान करने वाले पर्व के रूप में व्याख्यायित किया गया है। हालांकि, यह आवश्यक है कि सत्य की खोज में निष्पक्षता बनाए रखें और किसी भी अर्थ को आरोपित न करें।

अथर्ववेद (19/53/3) में भी “कुंभ” शब्द आया है।

पूर्ण: कुम्भोधिकाल आहितस्तं वै,
पश्यामो बहुधा नु संनत:।
सइमा विश्वा भुवनानि प्रत्यइ,
काल समाहु परमेव्योमन्।।

क्षेमकरणदास त्रिवेदी के अनुसार, कुंभ का अर्थ समय के प्रयाग से है, जो धर्मात्मा लोगों को सद्मति और अनेक प्रकार की संपत्तियां प्रदान करता है। इसे महान आकाश में ग्रह-राशि के योग से संबंधित बताया गया है। शास्त्री जी ने इसे बारह वर्षों के अंतराल पर आने वाले कुंभ के रूप में व्याख्यायित किया है, जिसे महान आकाश में ग्रहों और राशियों के योग से देखा जा सकता है। हालांकि, 12 वर्षों के कुंभ का भाव स्वकल्पित और आरोपित प्रतीत होता है। यह व्याख्या आस्थामूलक है, लेकिन इसका वेदों के वास्तविक तात्पर्य से कोई ठोस संबंध नहीं दिखता।

कुंभ का ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व

कुंभ शब्द का शाब्दिक अर्थ है “द्वार,” “सुगम,” और “सुरक्षित स्थान।” यहाँ कुंभ से तात्पर्य अमृत के द्वार से है। वैदिक ग्रंथों में कुंभ शब्द का उल्लेख मिलता है। ‘मेला’ का अर्थ है समूह में लोगों का एकत्र होना, मिलना, या उत्सव मनाना। समग्र रूप से देखा जाए तो कुंभ मेले का अर्थ “एक ऐसा स्थान जहां अमृत जैसा दिव्य आयोजन हो” है।

7वीं शताब्दी में चीनी बौद्ध यात्री ह्वेनसांग ने अपने यात्रा वृतांत में हिंदू प्रथाओं और प्रयागराज में आयोजित कुंभ का उल्लेख किया था। उन्होंने प्रयाग की नदियों और इसे हिंदू तीर्थयात्रा का एक महत्वपूर्ण स्थल बताया।

प्रयागराज का उल्लेख प्राचीन ग्रंथों में भी मिलता है। मत्स्य पुराण के अध्याय 103-112 में प्रयागराज की नदियों और तीर्थयात्रा के महत्व का सबसे व्यापक वर्णन है। महाभारत में प्रयाग में स्नान को प्रायश्चित्त और अतीत के पापों से मुक्ति का साधन बताया गया है।

महाभारत के तीर्थयात्रा पर्व में कहा गया है:
“हे भरतश्रेष्ठ, जो व्यक्ति दृढ़ व्रत का पालन करता है और माघ मास के दौरान प्रयाग में स्नान करता है, वह पापों से मुक्त होकर स्वर्गलोक को प्राप्त करता है।”

महाभारत के अनुशासन पर्व में कुंभ को एक महत्वपूर्ण तीर्थ बताया गया है। इसमें उल्लेख है कि कुंभ स्नान से व्यक्ति सत्य, दान, आत्म-नियंत्रण, धैर्य, और अन्य आध्यात्मिक मूल्यों के साथ जीवन व्यतीत करता है।

कुछ विद्वानों का मानना है कि यह कुंभ मेले का सबसे पुराना ऐतिहासिक वर्णन है, जो 644 ईस्वी में प्रयाग में हुआ था। ह्वेन त्सांग के अनुसार, प्रयाग में हर पाँच साल में एक आयोजन होता था, जिसमें बुद्ध की मूर्ति और भिक्षा वितरण का प्रमुख स्थान था। इस आयोजन में लोग आत्मा की मुक्ति के लिए शामिल होते थे।

कुंभ पर्व के महत्व को प्राचीन ग्रंथों में कई स्थानों पर उजागर किया गया है। इन ग्रंथों के अनुसार, कुंभ में स्नान समस्त पापों का नाश करता है और अनंत पुण्य प्रदान करता है। स्कंद पुराण में कुंभ स्नान की महिमा इस प्रकार वर्णित है:

सहस्त्रम कार्तिके स्नानम, माघे स्नानशतानि च।
वैशाखे नर्मदा कोटि: कुम्भ्स्नाने ततफलम ॥

“कार्तिक मास में गंगा में एक हजार बार स्नान करने से, माघ मास में संगम पर सौ बार स्नान करने और वैशाख मास में नर्मदा में एक करोड़ बार स्नान करने से जो पुण्य प्राप्त होता है, वह महाकुंभ में एक बार स्नान करने से प्राप्त होता है।”

विष्णु पुराण में भी कुंभ स्नान की प्रशंसा की गई है:

अश्वमेध सहस्राणि वाजपेय शतानि च।
लक्षं प्रदक्षिणा भूमे: कुम्भस्नाने तत्फलम्।।

“हजार अश्वमेध यज्ञ, सौ वाजपेय यज्ञ, और लाख बार पृथ्वी की परिक्रमा करने से जो पुण्य प्राप्त होता है, वह कुंभ में एक बार स्नान करने से मिल जाता है।”

इस प्रकार प्राचीन ग्रंथों और ऐतिहासिक उल्लेखों में कुंभ पर्व को एक अत्यंत पवित्र और पुण्यदायक उत्सव बताया गया है। यह पर्व केवल धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों का जीवंत प्रतीक है। कुंभ में स्नान का महत्व पापों से मुक्ति, आत्मा की शुद्धि और अनंत पुण्य की प्राप्ति के रूप में प्रतिष्ठित है।

(डा. आलोक कुमार द्विवेदी, इलाहाबाद विश्वविद्यालय से दर्शनशास्ञ में पीएचडी हैं। वर्तमान में वह KSAS, लखनऊ में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हैं। यह संस्थान अमेरिका स्थित INADS, USA का भारत स्थित शोध केंद्र है। डा. आलोक की रुचि दर्शन, संस्कृति, समाज और राजनीति के विषयों में हैं।)

स्रोत: Mahakumbh, महाकुम्भ, 2025, २०२५, Prayagraj, प्रयागराज, History, इतिहास, हिन्दू, Hindu
Tags: HistoryMahakumbh 2025इतिहासमहाकुम्भ 2025
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

चंदन गुप्ता के हत्यारों को बचाने के लिए एक हुईं विदेशी ताकतें, लंदन से लेकर न्यूयॉर्क तक से फंडिंग: गुजरात दंगों वाली तीस्ता भी शामिल

अगली पोस्ट

महाकुम्भ 2025 में घुसपैठ की साजिश! हिंदू मेलों में अपनी दुकानदारी चलाने और धर्म का अपमान करने की जिद क्यों?

संबंधित पोस्ट

महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य
संस्कृति

महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

17 June 2026

महाभारत में वर्णित सबसे चर्चित प्रसंगों में से एक वह है, जब भगवान श्रीकृष्ण शांति दूत बनकर हस्तिनापुर पहुंचे थे। उनका उद्देश्य कौरवों और पांडवों...

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच
चर्चित

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

15 June 2026

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे (दान) से जुड़े कथित धन के दुरुपयोग की जांच अब विशेष जांच दल (SIT) ने औपचारिक रूप से अपने हाथ...

लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता
इतिहास

लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

9 June 2026

उत्तर प्रदेश के अयोध्या के रहने वाले भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Pakistan’s Investment Rescue Plan or Another Economic Promise? Munir | Sharif

Pakistan’s Investment Rescue Plan or Another Economic Promise? Munir | Sharif

00:03:41

Gilgit Baltistan's Youth Rising: The Fight for Dignity, Rights and Self Governance

00:03:08

Doklam’s Legacy: How the 2017 Standoff Reshaped Himalayan Security and Border Tensions। Indo china

00:03:11

Inside the Doklam Face-Off: How India Backed Bhutan and Held the Line During the 73 Day Standoff

00:03:11

Why the 2017 Doklam Standoff Became a Major Strategic Wake Up Call For India | Chicken Neck

00:03:11
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited