घुसपैठ, बाढ़ और चार दिवाली: अररिया से अमित शाह का चुनावी गणित
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    र्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है

    धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, बोलें- जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटूंगा

    नितिन नबीन

    स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बीच BJP का बड़ा प्लान: युवाओं तक पहुंचेगी पार्टी, सांसदों-विधायकों को मिला विशेष जिम्मा

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज, पीएम मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की कही बात

    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    र्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है

    धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, बोलें- जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटूंगा

    नितिन नबीन

    स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बीच BJP का बड़ा प्लान: युवाओं तक पहुंचेगी पार्टी, सांसदों-विधायकों को मिला विशेष जिम्मा

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज, पीएम मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की कही बात

    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

घुसपैठ, बाढ़ और चार दिवाली: अररिया से अमित शाह का चुनावी गणित

बिहार का सीमांचल-अररिया, किशनगंज, कटिहार और पूर्णिया हमेशा से राजनीतिक विश्लेषकों के लिए खास महत्व रखता है। यह इलाका बांग्लादेश और नेपाल की सीमा से सटा हुआ है।

Vibhuti Ranjan द्वारा Vibhuti Ranjan
27 September 2025
in चर्चित, भारत, राजनीति, समीक्षा
अमित शाह का बिहार दौरा: एनडीए की चुनावी मशीन का वार्म-अप, पीएम मोदी की एंट्री से बढ़ेगा बिहार का सियासी तापमान

बिहार की राजनीति हमेशा से जटिल रही है, लेकिन इस बार की लड़ाई का स्वरूप अलग है।

Share on FacebookShare on X

अररिया के फारबिसगंज में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में गृहमंत्री अमित शाह ने जैसे ही मंच संभाला, पूरा मैदान भाजपा के चुनावी घोषणापत्र जैसा प्रतीत होने लगा। उनके भाषण में केवल चुनावी वादों की झलक नहीं थी, बल्कि एक ठोस वैचारिक रेखा भी थी—“यह चुनाव बिहार से घुसपैठियों को चुन-चुनकर बाहर निकालने का चुनाव है।”

शाह का यह बयान केवल एक स्थानीय सभा की उत्तेजना नहीं है। यह उस राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है, जिसमें भाजपा राष्ट्रीय सुरक्षा, सांस्कृतिक पहचान और विकास को एक साथ जोड़कर मतदाताओं को संबोधित करती है। इस लेख में हम समझेंगे कि शाह का यह भाषण क्यों अहम है, सीमांचल की राजनीति में घुसपैठ का मुद्दा किस तरह उभरा, बाढ़ और विकास के सवाल कैसे भाजपा की रणनीति से जुड़े, और इसका बिहार व भारत की राजनीति पर क्या असर पड़ सकता है।

संबंधितपोस्ट

धर्मेंद्र प्रधान का संसद में सम्मान के साथ स्वागत, NDA ने दिया एकजुटता का संदेश; इस्तीफे के बाद पहली बार पहुंचे संसद

पटना में बीजेपी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प, कई लोग घायल

दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

और लोड करें

सीमांचल: भारत की राजनीति का संवेदनशील भूगोल

बिहार का सीमांचल अररिया, किशनगंज, कटिहार और पूर्णिया हमेशा से राजनीतिक विश्लेषकों के लिए खास महत्व रखता रहा है। यह इलाका एक ओर बांग्लादेश और नेपाल की सीमा से सटा हुआ है, दूसरी ओर यहां मुस्लिम आबादी का अनुपात राज्य के अन्य हिस्सों से कहीं अधिक है।

इतिहास गवाह है कि यहां का सामाजिक और राजनीतिक समीकरण राष्ट्रीय सुरक्षा से सीधे जुड़ता है। 1947 के विभाजन के बाद यह क्षेत्र धीरे-धीरे उस भूगोल में तब्दील हुआ, जहां अवैध प्रवास, जनसांख्यिकीय बदलाव और पहचान की राजनीति आपस में उलझती रही। सीमांचल हमेशा कांग्रेस और क्षेत्रीय दलों विशेषकर राजद का गढ़ रहा, क्योंकि यहां मुस्लिम और पिछड़ी जातियों का समीकरण विपक्षी गठबंधन को फायदा पहुंचाता था। लेकिन भाजपा ने पिछले एक दशक में इस समीकरण को बदलने की ठानी है। अमित शाह का अररिया से उठाया गया “घुसपैठ” का मुद्दा दरअसल इसी बड़े राजनीतिक प्रयोग का हिस्सा है।

घुसपैठ: भाजपा का राष्ट्रवादी नैरेटिव

अमित शाह का भाषण सबसे ज्यादा चर्चा में इसलिए रहा, क्योंकि उन्होंने साफ कहा कि “राहुल गांधी चाहते हैं कि घुसपैठियों को वोट का अधिकार मिले। सीमांचल वालों बताओ, घुसपैठियों को वोट का अधिकार मिलना चाहिए क्या? राहुल बाबा कान खोलकर सुन लो, बिहार और देश से चुन-चुनकर घुसपैठियों को बाहर निकालेंगे।”

अमित शाह का यह बयान भाजपा के उस राष्ट्रवादी नैरेटिव का हिस्सा है, जिसे वह पूरे देश में गढ़ती रही है। घुसपैठ का मुद्दा सिर्फ जनसंख्या पर बोझ का नहीं है, बल्कि इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और सांस्कृतिक अस्मिता से जोड़ा जाता है। इसके माध्यम से पार्टी यह संदेश देना चाहती है कि अवैध प्रवासी केवल रोजगार छीनते ही नहीं, बल्कि वे आतंकी गतिविधियों और संगठित अपराध से भी जुड़े होते हैं।

भारत की राजनीति में यह मुद्दा नया नहीं है। असम आंदोलन से लेकर एनआरसी और सीएए तक, भाजपा ने लगातार इसे अपनी राजनीति का केंद्र बनाया। सीमांचल में शाह का यह बयान उसी रेखा का विस्तार है, जिससे पार्टी यह साबित करना चाहती है कि वह वोट बैंक की राजनीति करने वाले दलों से अलग है और राष्ट्रीय हित को सर्वोपरि रखती है।

बाढ़: स्थायी त्रासदी और चुनावी वादा

अमित शाह ने अपने भाषण में एक और बड़ा मुद्दा उठाया-बाढ़। बिहार हर साल कोसी और गंडक की बाढ़ से जूझता है। सीमांचल का इलाका तो मानो इस त्रासदी का स्थायी शिकार है। लाखों लोग हर साल विस्थापित होते हैं, हजारों एकड़ फसल बर्बाद होती है और राज्य की अर्थव्यवस्था पर भारी बोझ पड़ता है।

अब तक की सरकारें इसे चुनावी घोषणाओं में शामिल तो करती रहीं, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं दे पाईं। अमित शाह ने कोसी लिंक परियोजना का जिक्र कर यह संदेश दिया कि भाजपा इस समस्या को केवल राहत सामग्री बांटने तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि इसे ढांचागत विकास के जरिए खत्म करने का प्रयास करेगी। यह संदेश इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि घुसपैठ का मुद्दा जहां सांस्कृतिक और सुरक्षा से जुड़ा है, वहीं बाढ़ का मुद्दा सीधे-सीधे जनता के जीवन और आजीविका से संबंधित है। भाजपा इन दोनों को जोड़कर “सुरक्षा और विकास” की एक संयुक्त चुनावी रणनीति बना रही है।

‘चार दिवाली’: सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और राजनीतिक प्रतीक

अमित शाह ने कार्यकर्ताओं से कहा कि इस बार बिहार में “चार दिवाली” मनाई जाए। उन्होंने इसे चार घटनाओं से जोड़ा-राम मंदिर की वापसी, मोदी सरकार की आर्थिक सहायता योजनाएं, जीएसटी में राहत और एनडीए की जीत।

यह प्रतीकात्मकता ही भाजपा की खास रणनीति है। दिवाली केवल धार्मिक त्योहार नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति का हिस्सा है, जिसे भाजपा “आस्था” और “अर्थव्यवस्था” दोनों से जोड़ती रही है। राम मंदिर का जिक्र भाजपा की सांस्कृतिक राजनीति का हिस्सा है, जबकि आर्थिक सहायता और जीएसटी में राहत इसके विकास के एजेंडे का। चौथी दिवाली-एनडीए की जीत-इन दोनों का मेल है। इस तरह, भाजपा मतदाताओं को यह संदेश देना चाहती है कि उनकी जीत केवल सत्ता का परिवर्तन नहीं होगी, बल्कि यह बिहार के सांस्कृतिक और आर्थिक नवजागरण का प्रतीक भी होगी।

2020 की याद और 2025 का लक्ष्य

अमित शाह ने यह भी कहा कि 2020 में भाजपा किशनगंज को छोड़कर बाकी जिलों में नंबर वन रही थी। इस बार पार्टी किशनगंज भी जीतने का दावा कर रही है। उनका यह बयान महज चुनावी उत्साह नहीं है। बता दें कि किशनगंज मुस्लिम बहुल जिला है, जो हमेशा कांग्रेस और क्षेत्रीय दलों का गढ़ रहा है। अगर भाजपा यहां पैठ बनाने में सफल होती है, तो यह बिहार की राजनीति के भूगोल को बदल देगा।

भाजपा की नजर साफ है-सीमांचल की 24 सीटें अगर उसके पाले में आती हैं, तो राज्य की सत्ता का रास्ता आसान हो जाएगा। यही कारण है कि अमित शाह ने घुसपैठ का मुद्दा उठाकर स्थानीय राजनीति को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ा और बाढ़ के सवाल को विकास से।

विपक्ष की मुश्किलें और भाजपा की बढ़त

अमित शाह के इस भाषण का असर इसलिए भी गहरा है, क्योंकि विपक्ष इस समय बिखरा हुआ है। कांग्रेस सीमांचल में अपनी परंपरागत पकड़ बनाए रखने की कोशिश में है, लेकिन उसकी राष्ट्रीय राजनीति कमजोर है। राजद की राजनीति मुख्य रूप से यादव-मुस्लिम समीकरण पर टिकी है, लेकिन भाजपा इस समीकरण को तोड़ने के लिए नए मुद्दे ला रही है।

शाह का भाषण इस लिहाज से विपक्ष को बैकफुट पर डालता है। अगर विपक्ष घुसपैठ के मुद्दे को खारिज करता है, तो वह राष्ट्रीय सुरक्षा के सवाल पर कमजोर दिखेगा। अगर मानता है, तो उसका वोट बैंक नाराज होगा। यहां पर भाजपा इसी दुविधा का फायदा उठाना चाहती है।

भारत-केंद्रित दृष्टिकोण: क्यों अहम है यह बयान

अमित शाह का अररिया से दिया गया संदेश केवल बिहार तक सीमित नहीं है। यह भारत-केंद्रित राजनीति का हिस्सा है। भाजपा लगातार यह दिखाना चाहती है कि उसकी राजनीति केवल राज्य स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि हर चुनाव एक राष्ट्रीय नैरेटिव से जुड़ा है।

घुसपैठ का मुद्दा असम में हो, पश्चिम बंगाल में या बिहार में, पार्टी इसे पूरे भारत की सुरक्षा और अस्मिता से जोड़ती है। बाढ़ और विकास के मुद्दे को वह “सबका साथ, सबका विकास” की छतरी में रखती है। वहीं, सांस्कृतिक प्रतीक-राम मंदिर, दिवाली, मखाना बोर्ड-इन्हें वह “भारत की आत्मा” से जोड़ती है। यही कारण है कि शाह का भाषण केवल एक चुनावी सभा नहीं, बल्कि भाजपा की वैचारिक राजनीति का प्रतिबिंब था।

चुनावी वादों से आगे का संदेश

अररिया की रैली ने साफ कर दिया कि भाजपा आने वाले चुनाव में सीमांचल को निर्णायक मोर्चा मानकर चल रही है। शाह का भाषण इस बात का प्रमाण है कि पार्टी अब जातीय समीकरण से आगे बढ़कर सुरक्षा, विकास और सांस्कृतिक पहचान के संयुक्त एजेंडे पर चुनाव लड़ेगी।

भाजपा के लिए यह दांव बड़ा है। अगर वह सीमांचल में पैठ बनाती है, तो न केवल बिहार का राजनीतिक परिदृश्य बदलेगा, बल्कि पूर्वी भारत की राजनीति भी नई दिशा लेगी। अगर वह असफल होती है, तो विपक्ष यह कहेगा कि सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और सुरक्षा का मुद्दा केवल कुछ इलाकों तक ही सीमित है।

कुल मिलाकर, शाह का अररिया से दिया गया संदेश यही है कि भाजपा इस चुनाव को केवल सत्ता परिवर्तन का अवसर नहीं मानती, बल्कि इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और सांस्कृतिक अस्मिता की जंग मानती है। यही वह दृष्टिकोण है, जो भाजपा को विपक्ष से अलग करता है।

Tags: Amit ShahArariaBiharBJPElectionsfloodfour DiwaliInfiltrationSeemanchalअमित शाहअररियाघुसपैठचार दीवालीचुनावबाढ़बिहारभाजपासीमांचल
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री के सलाहकार संजीव सान्याल ने उठाये न्यायपालिका पर सवाल- क्या न्यायपालिका में होंगे बड़े बदलाव

अगली पोस्ट

अगरतला की प्रभुबाड़ी पूजा: नित्यानंद महाप्रभु के वंशजों द्वारा शुरू की गई 170 वर्ष पुरानी पूजा क्यों है विशेष और क्या है इतिहास ?

संबंधित पोस्ट

र्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है
चर्चित

धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, बोलें- जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटूंगा

25 July 2026

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट के पेपर लीक विवाद ने आखिरकार एक बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है। पिछले कई हफ्तों से...

नितिन नबीन
चर्चित

स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बीच BJP का बड़ा प्लान: युवाओं तक पहुंचेगी पार्टी, सांसदों-विधायकों को मिला विशेष जिम्मा

24 July 2026

देश के कई हिस्सों में छात्र आंदोलनों और दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शनों के बीच BJP ने अब अपनी रणनीति बदलते हुए सीधे युवाओं...

पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज
चर्चित

पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज, पीएम मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की कही बात

23 July 2026

देश में इन दिनों पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार और युवाओं के रोजगार जैसे मुद्दों को लेकर सियासी माहौल गर्म है। इन विषयों पर...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

POJK ERUPTS IN PROTEST

POJK ERUPTS IN PROTEST

00:02:53

The Indian Air Force Mission That Broke Pakistan's Backbone at Tiger Hill | Op Safed Sagar

00:58:34

Pakistan’s Plebiscite Claim: The Missing Context of the UN Framework

00:03:23

TRUMP'S PHARMA TARIFF SHOCK

00:03:54

A Decade After 709 Crackdown: Remembering China's Human Rights Lawyers

00:04:16
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited