नेपाल और विदेशी साज़िश: भारत विरोधी नैरेटिव का सच
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता,

    बलिदान दिवस विशेष: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता

    पीएम मोदी ने कहा भारत सबकी पसंद

    पीएम मोदी : भारत अब केवल दुनिया का हिस्सा नहीं, बल्कि दुनिया की पहली पसंद बन रहा है

    ऊर्जा परिवर्तन में दुनिया की रफ्तार धीमी

    ऊर्जा परिवर्तन में दुनिया की रफ्तार धीमी, भारत ने फिर भी दर्ज की बड़ी छलांग

    अमित शाह: मोदी सरकार

    अमित शाह: मोदी सरकार के 12 साल विकास, विरासत और राष्ट्रीय सुरक्षा का ‘स्वर्णिम संगम

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    अयोध्या राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता,

    बलिदान दिवस विशेष: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता

    पीएम मोदी ने कहा भारत सबकी पसंद

    पीएम मोदी : भारत अब केवल दुनिया का हिस्सा नहीं, बल्कि दुनिया की पहली पसंद बन रहा है

    ऊर्जा परिवर्तन में दुनिया की रफ्तार धीमी

    ऊर्जा परिवर्तन में दुनिया की रफ्तार धीमी, भारत ने फिर भी दर्ज की बड़ी छलांग

    अमित शाह: मोदी सरकार

    अमित शाह: मोदी सरकार के 12 साल विकास, विरासत और राष्ट्रीय सुरक्षा का ‘स्वर्णिम संगम

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    अयोध्या राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

नेपाल और विदेशी साज़िश: भारत विरोधी नैरेटिव का सच

भारत और नेपाल का रिश्ता हमेशा आत्मीय रहा है। धार्मिक परंपरा, संस्कृति और इतिहास दोनों को एक डोर में बांधते रहे हैं।

Vibhuti Ranjan द्वारा Vibhuti Ranjan
11 September 2025
in चर्चित, भारत, भू-राजनीति, राजनीति, विश्व, समीक्षा
नेपाल और विदेशी साज़िश: भारत विरोधी नैरेटिव का सच

नेपाल की आम जनता भारत से दूरी नहीं चाहती।

Share on FacebookShare on X

काठमांडू की गलियों में अक्सर यह वाक्य सुनाई देता है-“भारत हर जगह घुस आता है।” यह कोई मज़ाक भर नहीं है, बल्कि दशकों से गढ़ा गया वह नैरेटिव है जिसे पश्चिमी मीडिया, विदेशी एनजीओ और कुछ वामपंथी ताकतें मिलकर नेपाल में बोती रही हैं। भारत और नेपाल का रिश्ता हमेशा आत्मीय रहा है। धार्मिक परंपरा, संस्कृति और इतिहास दोनों को एक डोर में बाँधते रहे हैं। पशुपतिनाथ के दर्शन के बिना कोई भारतीय यात्रा अधूरी नहीं मानता, और मिथिला संस्कृति से लेकर गोरखा शौर्य तक सब भारतीय पहचान का हिस्सा हैं। मगर इस आत्मीय रिश्ते को तोड़ने के लिए विदेशी ताकतों ने लंबे समय से साज़िश की है।

संविधान आंदोलन और मधेश की पीड़ा

2015 में जब नेपाल ने नया संविधान लागू किया, तो मधेशी समुदाय ने खुलकर विरोध किया। मधेशियों की माँग थी कि उन्हें राजनीतिक प्रतिनिधित्व और अधिकार दिए जाएँ। भारत ने इस पर चिंता जताई और कहा कि संविधान सबको साथ लेकर चले। लेकिन इस वाजिब चिंता को विदेशी मीडिया और नेपाल की वामपंथी सरकार ने भारत के “हस्तक्षेप” के रूप में दिखाया।

संबंधितपोस्ट

पीएम मोदी : भारत अब केवल दुनिया का हिस्सा नहीं, बल्कि दुनिया की पहली पसंद बन रहा है

डोकलाम टू सिलीगुड़ी कॉरिडोर : 2017 का स्टैंड ऑफ कैसे साबित हुआ भारत के लिए स्ट्रीटजिक वेक-अप कॉल ?

मिडिल ईस्ट टेंशन के बीच रूस से तेल खरीद बढ़ी, मोदी सरकार के प्लान-बी ने दिखाई ताकत

और लोड करें

सीमा पर आंदोलन करते मधेशी खुद ही ट्रक और पेट्रोल पंप रोक रहे थे, मगर द गार्जियन और बीबीसी ने हेडलाइन बनाई—“India blocks supplies to Nepal.” यही से “भारत नाकेबंदी” का झूठ फैलाया गया। हकीकत यह थी कि भारत ने नेपाल को संविधान में समावेशिता के लिए आगाह किया था, लेकिन इसे आक्रामकता बताकर भारत विरोधी नैरेटिव खड़ा कर दिया गया।

ओली सरकार और विवादित नक्शा

2020 में केपी शर्मा ओली की कम्युनिस्ट सरकार ने नेपाल की संसद में एक नया नक्शा पारित किया, जिसमें भारतीय भूभाग-लिपुलेख, कालापानी और लिंपियाधुरा-को नेपाल का हिस्सा दिखाया गया।

सवाल यह है कि यह कदम क्यों उठाया गया? दरअसल, इसी समय भारत ने चीन के खिलाफ लद्दाख में सड़कें और इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करना शुरू किया था। चीन को इसका संदेश देना था कि नेपाल भारत के खिलाफ खड़ा है। ओली सरकार ने वही किया जो बीजिंग चाहता था। यहां भी पश्चिमी मीडिया और विदेशी थिंक टैंक चुप रहे। उन्होंने यह नहीं पूछा कि नेपाल को अचानक यह नक्शा बदलने की ज़रूरत क्यों पड़ी? बल्कि उन्होंने इसे “नेपाल की संप्रभुता” और “भारत से मुक्ति” का कदम बताकर उछाला। यह साफ़ दिखाता है कि नैरेटिव गढ़ने वाली ताकतें केवल भारत को बदनाम करने में लगी हैं।

चीन का पैसा, नेपाल की राजनीति

नेपाल में चीन ने बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) के नाम पर अरबों डॉलर के प्रोजेक्ट्स का वादा किया। काठमांडू-पोखरा रेलवे लाइन, हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट्स और सड़कें-सबका ऐलान हुआ। लेकिन इन प्रोजेक्ट्स में से आधे भी ज़मीन पर नहीं उतर पाए।

इसके बावजूद नेपाल के वामपंथी नेताओं ने भारत पर “विकास में अड़ंगा” डालने का आरोप लगाया। दरअसल, चीन का पैसा केवल प्रोजेक्ट्स तक नहीं था। काठमांडू विश्वविद्यालय के रिसर्च प्रोग्राम्स, मीडिया हाउसों को विज्ञापन, और नेताओं के विदेश दौरों तक में बीजिंग ने फंडिंग की। यह सारा खेल भारत की छवि धूमिल करने और नेपाली राजनीति को चीन की ओर झुकाने के लिए था। 2019 में नेपाल के तत्कालीन विदेश मंत्री प्रदीप ज्ञवाली ने साफ कहा था—“BRI से नेपाल को नया युग मिलेगा।” लेकिन 2023 आते-आते यही मंत्री यह मानने को मजबूर हुए कि चीन ने केवल कर्ज का बोझ डाला है।

पश्चिमी मीडिया और विदेशी एनजीओ की भूमिका

पश्चिमी मीडिया लगातार नेपाल को यह सिखाता रहा कि भारत उसकी आज़ादी में बाधा है। “India meddling in Nepal politics”, “Nepal resists Indian hegemony” जैसी हेडलाइनें बनाई गईं। विदेशी एनजीओ भी इसी एजेंडे पर चलते रहे। एमनेस्टी इंटरनेशनल और ह्यूमन राइट्स वॉच ने नेपाल पर रिपोर्टें छापीं, जिनमें तराई आंदोलन में हुई हिंसा के लिए भारत को जिम्मेदार बताया गया।

अमेरिकी और यूरोपीय फंडिंग वाले एनजीओ, खासकर “लोकतंत्र” और “मानवाधिकार” के नाम पर, नेपाल में युवाओं को यह समझाने लगे कि भारत का सांस्कृतिक जुड़ाव असल में “राजनीतिक दबाव” है। जबकि असलियत यह है कि भारत ने हमेशा नेपाल की संप्रभुता का सम्मान किया।

भारत के लिए नेपाल का रणनीतिक महत्व

नेपाल केवल पड़ोसी देश नहीं है, बल्कि भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और सांस्कृतिक धरोहर दोनों के लिए बेहद अहम है।

हिमालय और हिंद महासागर का गलियारा

भारत की भौगोलिक सुरक्षा हिमालय से शुरू होती है। नेपाल का भूभाग भारत और चीन के बीच बफर ज़ोन की तरह है। अगर नेपाल भारत के खिलाफ इस्तेमाल हो जाए, तो हिमालय की दीवार कमजोर पड़ सकती है। यही कारण है कि भारत चाहता है कि नेपाल स्थिर और भारत-हितैषी रहे।

चीन की रोकथाम

नेपाल चीन के बेल्ट एंड रोड प्रोजेक्ट का अहम हिस्सा है। अगर चीन यहाँ पूरी तरह जम जाए, तो भारत की उत्तरी सीमा पर रणनीतिक दबाव और बढ़ जाएगा। नेपाल की अस्थिर राजनीति का सबसे बड़ा लाभ बीजिंग को मिलता है। इसलिए भारत को यहाँ स्थिरता और दोस्ताना माहौल बनाए रखना अनिवार्य है।

हिंदू राष्ट्र की सांस्कृतिक भूमिका

नेपाल कभी दुनिया का इकलौता हिंदू राष्ट्र था। वहाँ की पहचान राम, सीता और पशुपतिनाथ से जुड़ी है। आरएसएस और भाजपा का राष्ट्रवाद इस सांस्कृतिक धरोहर को भारत और नेपाल की साझा आत्मा मानता है। यही वजह है कि विदेशी ताकतें इसे कमजोर करना चाहती हैं। अगर नेपाल हिंदू पहचान से दूर होता है, तो भारत की सांस्कृतिक धारा भी चोटिल होती है।

आरएसएस और भाजपा का दृष्टिकोण

भारत में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा की विचारधारा हमेशा मानती रही है कि नेपाल केवल पड़ोसी देश नहीं, बल्कि सांस्कृतिक धरोहर है। संघ ने नेपाल में कभी शाखाएँ नहीं चलाईं, मगर उसकी दृष्टि साफ रही—भारत-नेपाल का रिश्ता रक्त और संस्कृति का है।

भाजपा सरकार ने भी यही दिखाया। 2015 के भूकंप में भारत ने सबसे पहले राहत पहुँचाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था—“नेपाल के दुख और संकट में भारत का हर नागरिक साथी है।” लेकिन विदेशी मीडिया ने इसे भी दबाव की राजनीति बताई। यह वही दृष्टिकोण है, जो भारत के राष्ट्रवादी पक्ष को बदनाम करने के लिए गढ़ा गया।

नेपाल की जनता और भारतीय रिश्ता

नेपाल की आम जनता भारत से दूरी नहीं चाहती। वे आज भी बनारस में पढ़ाई करने आते हैं, मुंबई और दिल्ली में नौकरी करते हैं, और अपने परिवारों को भारत से जोड़े रखते हैं। दशैँ और तीज जैसे पर्व भारत और नेपाल दोनों में समान भाव से मनाए जाते हैं।

लेकिन जब विदेशी एजेंसियां नेपाल की राजनीति में घुसपैठ करती हैं, तब यह रिश्तों पर संदेह का धुआं फैलाया जाता है। यह वही रणनीति है जो पाकिस्तान में अपनाई गई—भारत को दुश्मन बनाओ और समाज को बांटो। फर्क सिर्फ इतना है कि नेपाल की ज़मीन पर इसे “विदेशी मदद” और “लोकतांत्रिक सुधार” के नाम पर बेचा जा रहा है।

विदेशी ताकतों की साजिश

नेपाल का भारत विरोधी नैरेटिव असल में नेपाल का नहीं, बल्कि विदेशी ताक़तों का रचा हुआ है। ओली सरकार का विवादित नक्शा, 2015 की कथित नाकेबंदी, और चीन के प्रोजेक्ट्स की झूठी चमक—सब यह दिखाते हैं कि कैसे नेपाल को भारत से दूर करने की कोशिश की गई।भारत के लिए नेपाल सिर्फ पड़ोसी नहीं, बल्कि हिमालय की सुरक्षा, हिंद महासागर की रणनीति और हिंदू संस्कृति की धरोहर है। यही वजह है कि आरएसएस और भाजपा का राष्ट्रवाद नेपाल को परिवार का हिस्सा मानता है।

भारत और नेपाल का रिश्ता हिमालय जितना पुराना और गहरा है। इसे न तो बीजिंग की चाल तोड़ सकती है, न ही वाशिंगटन पोस्ट की कोई रिपोर्ट। जरूरत केवल इस बात की है कि नेपाल की जनता साज़िशों को पहचाने और भारत को दुश्मन नहीं, परिवार माने। यही भारत की आत्मा है, और यही विदेशी ताकतों के लिए सबसे बड़ा खतरा।

Tags: anti-India narrativeChinaHindu cultureIndiaKP Sharma OliNepalProtestकेपी शर्मा ओलीचीननेपालप्रदर्शनभारतभारत विरोधी नैरेटिवहिन्दू संस्कृति
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

सीवान की जलती रातें: चंचल की आंखों से देखें बिहार का जंगलराज

अगली पोस्ट

पीएम मोदी का मास्टरस्ट्रोक: भागवत को बधाई, विपक्ष को ‘बाय-बाय’

संबंधित पोस्ट

श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता,
चर्चित

बलिदान दिवस विशेष: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता

23 June 2026

भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में कुछ भाषण ऐसे हैं जो केवल तत्कालीन राजनीतिक परिस्थितियों की प्रतिक्रिया नहीं होते, बल्कि वे राष्ट्र के भविष्य की दिशा...

पीएम मोदी ने कहा भारत सबकी पसंद
चर्चित

पीएम मोदी : भारत अब केवल दुनिया का हिस्सा नहीं, बल्कि दुनिया की पहली पसंद बन रहा है

19 June 2026

पीएम मोदी  ने शुक्रवार को कहा कि भारत अब सिर्फ वैश्विक मामलों में भाग लेने वाला देश नहीं है, बल्कि ऐसा देश बन गया है...

ऊर्जा परिवर्तन में दुनिया की रफ्तार धीमी
चर्चित

ऊर्जा परिवर्तन में दुनिया की रफ्तार धीमी, भारत ने फिर भी दर्ज की बड़ी छलांग

19 June 2026

भारत स्वच्छ ऊर्जा (Clean Energy) और ऊर्जा परिवर्तन (Energy Transition) के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum-WEF)...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Pakistan’s Investment Rescue Plan or Another Economic Promise? Munir | Sharif

Pakistan’s Investment Rescue Plan or Another Economic Promise? Munir | Sharif

00:03:41

Gilgit Baltistan's Youth Rising: The Fight for Dignity, Rights and Self Governance

00:03:08

Doklam’s Legacy: How the 2017 Standoff Reshaped Himalayan Security and Border Tensions। Indo china

00:03:11

Inside the Doklam Face-Off: How India Backed Bhutan and Held the Line During the 73 Day Standoff

00:03:11

Why the 2017 Doklam Standoff Became a Major Strategic Wake Up Call For India | Chicken Neck

00:03:11
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited