सरकार की सख्ती से बढ़ा डर
वेस्ट बंगाल में सरकार की सख्ती और डिटेंशन कैंप के डर से अवैध घुसपैठियों में भारी घबराहट देखी जा रही है। यही वजह है कि सिर्फ कोलकाता ही नहीं, बल्कि Kerala में काम कर रहे कई विदेशी मजदूर भी हकीमपुर बॉर्डर के रास्ते वापस लौट रहे हैं बांग्लादेश। इसे भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए राहत की खबर माना जा रहा है।
हकीमपुर बॉर्डर पर रोते दिखे लोग
उत्तर 24 परगना के हकीमपुर चेकपोस्ट पर बड़ी संख्या में पुरुष, महिलाएं और बच्चे अपने सामान के साथ सीमा पार करने का इंतजार करते दिखे। तेज गर्मी में खुले मैदान में बैठे कई लोग रोते और परेशान नजर आए। बॉर्डर पर जमा भीड़ में डर और अनिश्चितता साफ दिखाई दे रही थी।
“बांग्लादेशी हमारे दामाद नहीं हैं”
मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari ने अवैध घुसपैठियों पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा,
“जल्दी-जल्दी भागो, नहीं तो सरकार अपना काम करेगी। बांग्लादेशी हमारे दामाद नहीं हैं कि उन पर जनता का पैसा खर्च किया जाए।”
सरकार अब ऐसे लोगों को सीधे BSF को सौंप रही है।
‘डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट’ नीति लागू
राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद नई सरकार ने “डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट” नीति लागू की है। इसके तहत अवैध रूप से रह रहे लोगों की पहचान कर उन्हें वापस भेजने की कार्रवाई तेज कर दी गई है।
SIR अभियान से बढ़ी बेचैनी
हाल ही में चले स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान में वोटर और दस्तावेजों की जांच की गई। इससे फर्जी आधार और राशन कार्ड रखने वालों में डर बढ़ गया है।
#WATCH | North 24 Parganas, West Bengal | A large group of allegedly illegal Bangladeshi immigrants gather at the Hakimpur checkpost near the Bangladesh border, after the newly formed, BJP-led, West Bengal government, launched its ‘detect, delete and deport’ policy. (26.05) pic.twitter.com/ssPlJzHv78
— ANI (@ANI) May 26, 2026
डिटेंशन सेंटर का खौफ
मालदा और मुर्शिदाबाद में शुरू हुए डिटेंशन सेंटर भी अवैध घुसपैठियों के बीच डर की बड़ी वजह बने हुए हैं। कई लोग कार्रवाई से बचने के लिए खुद ही वापस लौटने लगे हैं।
केरल से भी लौट रहे मजदूर
रिपोर्ट के मुताबिक, केरल में काम करने वाले कई बांग्लादेशी मजदूर भी वापस लौट रहे हैं। कुछ लोगों ने बताया कि मकान मालिक आधार कार्ड मांगने लगे थे। दस्तावेज न होने के कारण वे दलालों की मदद से हकीमपुर बॉर्डर तक पहुंचे।
बॉर्डर पर BSF की कड़ी निगरानी
हकीमपुर बॉर्डर पर BSF और पुलिस की कड़ी निगरानी जारी है। लौटने वाले लोगों के बायोमेट्रिक चेक किए जा रहे हैं ताकि किसी भी संदिग्ध या आपराधिक रिकॉर्ड वाले व्यक्ति की पहचान की जा सके।

































