नासिक पुलिस ने TCS से जुड़े BPO मामले की जांच को तेज करते हुए आठ अलग-अलग FIR में आठ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी हैं। इससे इस मामले में दाखिल कुल चार्जशीट की संख्या अब नौ हो गई है। इससे पहले देवलाली कैंप पुलिस स्टेशन से जुड़ी एक चार्जशीट पहले ही दाखिल की जा चुकी थी।
ये चार्जशीट अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश की गईं। पुलिस ने 3 और 4 अप्रैल को मुंबई नाका पुलिस स्टेशन में ये FIR दर्ज की थीं। TCS से जुड़े एक BPO यूनिट के नौ कर्मचारियों ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न, पीछा करने, धमकी देने और जबरदस्ती करने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे।
कई धाराओं में दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इनमें यौन उत्पीड़न, पीछा करना (स्टॉकिंग), महिलाओं की गरिमा का अपमान, आपराधिक मानहानि और धार्मिक भावनाएं आहत करने से जुड़ी धाराएं शामिल हैं। इसके अलावा सामूहिक आपराधिक साजिश और साझा इरादे से जुड़े आरोप भी लगाए गए हैं।
इस मामले में पुलिस ने दो महिलाओं समेत कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के नाम दानिश शेख, तौसीफ अटार, निदा खान, अश्विनी चैनानी, रजा मेमन, शफी शेख, आसिफ अंसारी और शाहरुख कुरैशी बताए गए हैं। अदालत ने सभी आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी है और वे फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
पुलिस ने हर FIR को अलग मामला मानते हुए अलग-अलग चार्जशीट तैयार की हैं। इन सभी दस्तावेजों की कुल लंबाई 2,000 पन्नों से ज्यादा बताई जा रही है।
डिजिटल सबूत और गवाहों के बयान जुटाए गए
इस मामले की जांच विशेष जांच दल (SIT) कर रहा है। इसकी अगुवाई ACP संदीप मिटके कर रहे हैं और यह टीम पुलिस कमिश्नर संदीप कर्णिक की निगरानी में काम कर रही है।
जांच टीम ने अब तक 45 से ज्यादा गवाहों के बयान दर्ज किए हैं। पुलिस ने CCTV फुटेज, मोबाइल रिकॉर्ड और कई डिजिटल सबूत भी जुटाए हैं। तलाशी के दौरान कुछ भौतिक सबूत भी बरामद किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि सभी FIR में मिले सबूत एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं और शुरुआती जांच में आरोपों को मजबूत करते हैं।
जांच अभी जारी
SIT ने साफ किया है कि जांच अभी खत्म नहीं हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अगर आगे और सबूत मिलते हैं तो अतिरिक्त चार्जशीट भी दाखिल की जा सकती हैं।
इससे पहले देवलाली कैंप मामले में जो चार्जशीट दाखिल की गई थी, वह अकेले 1,500 पन्नों से ज्यादा की थी। उसमें गवाहों के बयान और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड शामिल थे।
अब कई चार्जशीट कोर्ट में पहुंचने के बाद यह मामला और बड़ा कानूनी विवाद बन गया है। पुलिस का कहना है कि जांच आगे भी जारी रहेगी और इसमें नए खुलासे हो सकते हैं।
































