समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री आजम खां की गिरफ्तारी का मामला अब इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुना जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट भेज दी है। अदालत ने निर्देश दिया है कि 16 नवंबर को हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच इस मामले की सुनवाई करे। साथ ही आजम खां की ओर से मांगी गई अंतरिम राहत पर भी विचार किया जाए।
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान आजम खां की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल पेश हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि आजम खां को राजनीतिक कारणों से निशाना बनाया जा रहा है। सिब्बल ने अदालत को बताया कि आजम खां के खिलाफ पहले से 87 एफआईआर दर्ज हैं। उन्हें एक मामले में जमानत मिलने के तुरंत बाद दूसरे मामले में गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने गिरफ्तारी की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए राहत देने की मांग की।
कपिल सिब्बल ने उठाया 87 FIR का मुद्दा
कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी कि आजम खां के खिलाफ पहले से ही बड़ी संख्या में आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसके बावजूद उन्हें लगातार कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जमानत मिलने के तुरंत बाद नई गिरफ्तारी करना राजनीतिक प्रताड़ना का मामला हो सकता है। सिब्बल ने अदालत से इस मामले में हस्तक्षेप करने और आजम खां को राहत देने की अपील की।
CJI सूर्यकांत बोले- आपकी दलील में दम हो सकता है
सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने कपिल सिब्बल की दलीलों पर टिप्पणी करते हुए कहा, “आपकी दलील में कुछ दम हो सकता है, लेकिन हम कोई राय व्यक्त नहीं करना चाहते।” अदालत ने साफ किया कि वह फिलहाल मामले के सही या गलत होने पर कोई टिप्पणी नहीं कर रही है।
16 नवंबर को हाईकोर्ट में होगी सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने आजम खां की याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट को भेजते हुए 16 नवंबर को डिवीजन बेंच के सामने सुनवाई करने का निर्देश दिया है। हाईकोर्ट को उनकी अंतरिम राहत की मांग पर भी विचार करना होगा।
इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित दस्तावेज दो दिनों के भीतर हाईकोर्ट भेजने का आदेश दिया है। दोनों पक्षों को अपनी अतिरिक्त दलीलें पेश करने की अनुमति भी दी गई है। अब इस मामले में आगे का फैसला इलाहाबाद हाईकोर्ट करेगा।

































