"बद्री केदारा का द्वार छना, छना कनखल हरिद्वारा, म्यार हिमाला" ये पंक्ति है उत्तराखंड के जनकवि स्व श्री गिरीश तिवारी ‘गिर्दा’ की प्रसिद्ध...
सरकारी बैंकों के निजीकरण के फैसले के खिलाफ सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के कर्मचारी दो दिवसीय हड़ताल पर चले गए हैं। मोदी सरकार...
13 वर्ष पूर्व, सन 2008 ये वो समय था, जब भारतीय क्रिकेट एक महत्वपूर्ण बदलाव से परिचित हो रहा था। टी20 विश्व कप...
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्य में भाजपा के तुरुप के इक्के देवेंद्र फडणवीस, बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनावों के लिए कमर कस...
पूरे भारतीय इतिहास में, बच्चों को एक विशेष दर्जा प्राप्त है। छोटी सी आयु में राजा भरत शेरों के दांत गिना करते थे।...
नकली किसानों की भीड़ और उग्रवाद से डर के कारण भले ही केंद्रीय सरकार ने कृषि कानून को वापस ले लिया है लेकिन...
देश में दो ऐसी कम्पनियां हैं, जिनके कामों में इतना अंतर है कि वह उद्यम मानसिकता को दर्शाती है। भारत इस समय जिस...
मिस्र में पुरातत्वविदों द्वारा अब तक की सबसे बड़ी खोज की गयी है। इस बार कोई पिरामिड या ममी नहीं बल्कि एक भव्य...
ज़रा सोचिए,सबसे भयावह मृत्यु कैसी होती होगी? एक ऐसी मृत्यु जिसमें आप लड़ ना सके बस लचारगी के साथ लथपथ, अनवरत युद्धरत मृत्यु...
किसी भी देश में कृषि वहां की भगौलिक स्थिति पर निर्भर करती है। बात चाहे चीन, यूरोप और भारत की हो, सभी देशों...
अयोध्या-काशी-मथुरा कोई चुनावी मुद्दा नहीं, बल्कि हिंदुओं के आस्था का मामला है। एक राजनीतिक दल के रूप में भारत के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक...
बचपन में हमने एक कहावत सुनी थी, “आधी को छोड़ सारी को धावे, न आधी मिले, ना पूरी पावे” , और स्वरा भास्कर...


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