TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    आंदोलन या सिर्फ सुर्खियां? नियमों के बावजूद राहुल गांधी का प्रदर्शन, फिर हिरासत; उठे बड़े सवाल

    आंदोलन या सिर्फ सुर्खियां? नियमों के बावजूद राहुल गांधी का प्रदर्शन, फिर हिरासत; उठे बड़े सवाल

    Rahul Gandhi का आकाशवाणी धरना: ECI ने खोली पूरी टाइमलाइन, 4 बजे तक मीटिंग की मांग क्यों नहीं आई?

    Rahul Gandhi का आकाशवाणी धरना: ECI ने खोली पूरी टाइमलाइन, 4 बजे तक मीटिंग की मांग क्यों नहीं आई?

    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    BL Santosh BJP Punjab Mission 120 Days ahead of Punjab Assembly Election 2027पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले BJP ने संगठन विस्तार के लिए 120 दिनों की रणनीति पर काम तेज किया है।

    पंजाब में BJP का ‘मिशन 120 दिन’: हर सीट पर 5 हजार कार्यकर्ताओं का टारगेट, युवा-किसान मोर्चे को मिला बड़ा टास्क

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नील विद्रोह

    “नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    Pandit Deendayal Upadhyaya Integral Humanism Antyodaya Jana Sangh

    पश्चिमी मॉडल से अलग भारत का रास्ता: क्या था दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकात्म मानववाद’?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    आंदोलन या सिर्फ सुर्खियां? नियमों के बावजूद राहुल गांधी का प्रदर्शन, फिर हिरासत; उठे बड़े सवाल

    आंदोलन या सिर्फ सुर्खियां? नियमों के बावजूद राहुल गांधी का प्रदर्शन, फिर हिरासत; उठे बड़े सवाल

    Rahul Gandhi का आकाशवाणी धरना: ECI ने खोली पूरी टाइमलाइन, 4 बजे तक मीटिंग की मांग क्यों नहीं आई?

    Rahul Gandhi का आकाशवाणी धरना: ECI ने खोली पूरी टाइमलाइन, 4 बजे तक मीटिंग की मांग क्यों नहीं आई?

    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    BL Santosh BJP Punjab Mission 120 Days ahead of Punjab Assembly Election 2027पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले BJP ने संगठन विस्तार के लिए 120 दिनों की रणनीति पर काम तेज किया है।

    पंजाब में BJP का ‘मिशन 120 दिन’: हर सीट पर 5 हजार कार्यकर्ताओं का टारगेट, युवा-किसान मोर्चे को मिला बड़ा टास्क

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नील विद्रोह

    “नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    Pandit Deendayal Upadhyaya Integral Humanism Antyodaya Jana Sangh

    पश्चिमी मॉडल से अलग भारत का रास्ता: क्या था दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकात्म मानववाद’?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

मोरारजी देसाई का विश्वासघात! अपने देश को छला और पाकिस्तान का सर्वोच्च नागरिक सम्मान जीता

Subodh Kumar द्वारा Subodh Kumar
12 July 2017
in इतिहास
मोरारजी
Share on FacebookShare on X

28 मई 1998 को दोपहर सवा तीन बजे, बलोचिस्तान प्रांत में छगई जिले के पास रस कोह पहाड़ ने एक ठग देश को एक परमाणु शक्ति में तब्दील होते देखा। पाकिस्तान ने भारत के दूसरे परमाणु परीक्षण के जवाब में पहला परमाणु निरीक्षण किया।

28 मई 1998 की दोपहर को छगई टेस्ट साइट पर पाकिस्तान परमाणु ऊर्जा आयोग की देखरेख में पाँच भूमिगत परमाणु परीक्षण कराये गए। साइट से तकरीबन 10 किलोमीटर दूर एक निरीक्षण पोस्ट बनाया गया, जिसमें गणित और सैद्धान्तिक भौतिकी ग्रुप के सदस्यों  [जिनका नेतृत्व डॉ. मसूद अहमद और असगर कादिर कर रहे थे] को परमाणु हथियार की उपज का परीक्षण करना था।

संबंधितपोस्ट

जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

चीन के शिनजियांग के रास्ते उड़ानें शुरू करने की तैयारी, पाकिस्तान का एयरस्पेस बंद होने से बढ़ा खर्च

BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

और लोड करें

परमाणु बम परीक्षण के सटीक निर्धारण एक चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया है, क्योंकि इसके अलग अलग पैमाने है। टीपीजी ने सम्पूर्ण परीक्षण की उपज 30-36 किलोटन रखी। वहीं दूसरी तरफ अंतर्राष्ट्रीय वैज्ञानिक समुदाय ने इस गिनती को स्वीकारने से ही साफ मना कर दिया और कहा की यह 6-13 किलोटन की ही उपज दे पाया है।

पीएईसी से मिले वैज्ञानिक डाटा के अनुसार, ऐसा लगता है की पाकिस्तान ने भारत के विरुद्ध किसी थर्मोंन्यूक्लियर यंत्र का परीक्षण नहीं कर रहा था। इशफाक अहमद के अनुसार पीएईसी के आर्थिक उद्देश्यों के लिए एक हाइड्रोजन संयंत्र बनाने की कोई मंशा नहीं थी, जबकि 1974 में, तत्कालीन टीपीजी निदेशक, अब्दुस सलाम को रियाजुद्दीन ने इस प्लान के बारे में बताया भी था। शुरू से ही पीएईसी अपना सारा ध्यान छोटे, सामरिक परमाणु अस्त्र बनाने में ज़ाया करती थी।

वर्तमान में पाकिस्तान दुनिया का एकमात्र देश है, जिसके पास आत्मघाती, सामरिक परमाणु बम का स्वामित्व प्राप्त है। ये हत्फ IX या नास्र मिसाइल पर तैनात है, और इसकी मारक क्षमता 37 मील तक जाती है।

निस्संदेह ये पाकिस्तान की फिदायीन मानसिकता को दर्शाता है, पर इससे भी ज़्यादा दिलचस्प बात यह है की इस काबिलियत का भी क्या होता, अगर ‘ऑपरेशन काहूटा’ को अंजाम दिया गया होता।

1974 में जब पोखरण में प्रथम परीक्षण सफल हुआ था, तभी रॉ समझ गया था की भारत की उभरती परमाणु शक्ति को देखते हुये पाकिस्तान भी पीछे रहने वाला नहीं है, पर परमाणु बम के लिए आवश्यक सामग्री और निधि इकट्ठा करना कोई हाथ का मेल तो है नहीं, की भैया 5-6 साल में ही हो जाये। जैसे कनाडा और यूएस ने भारत के साथ सहयोग किया, फ़्रांस ने पाकिस्तान के साथ मिराज 3 फाइटर प्लेन का सौदा मंजूर किया।

पर फ्रेंच सहायता खुलेआम हुआ था, जिसमें मुख्य केंद्र था बिजली पहुंचाना, जबकि पर्दे के पीछे से चीन पाकिस्तान की मदद कर रहा था, जिसमें उत्तरी कोरिया भी साथ दे रहा था। एक्यू खान ने प्योंगयांग की यात्रा की, तो मोस्साद ने उनके पीछे कुछ गुप्तचर लगा दिये।

1970 के दशक के अंतिम पड़ाव आते आते रॉ ने अपनी जड़ें जमाना शुरू कर दिया था। मोस्साद और रॉ के बीच इंटेलिजेंस एक्स्चेंज होने लगे और पाकिस्तान में रावलपिंडी के पास एक छोटा सा शहर, काहूटा, ढूंढा गया। वैसे रॉ के नेटवर्क का कोई सानी नहीं था, पर प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबन्द थी। इसलिए रॉ ने अपनी विद्वत्ता का परिचय देते हुये पाकिस्तानी परमाणु वैज्ञानिकों के बालों के सैम्पल इकट्ठा करना शुरू कर दिये, क्योंकि सभी एक ही नाई की दुकान से अपने बाल कटवाते थे। इन सैंपलों का निरीक्षण किया गया, तो सबमें एक कड़ी समान मिली :- प्लूटोनियम, जो परमाणु बम का सबसे अहम हिस्सा माना जाता है।

अब इजराएल बिना किसी देरी के इस प्लांट को तहस नहस करना चाहता था, और इसके लिए वह गुजरात के जामनगर एयर बेस का इस्तेमाल करना चाहता था, और साथ ही में रीफ़्यूलिंग के लिए अलग बेस। वायुसेना भी बहती गंगा में हाथ धोने को काफी तत्पर थी, और उनके पास एक योजना भी थी। बस एक राजनैतिक हामी की आवश्यकता थी।परमाणु पाकिस्तान

पर इसके बाद जो हुआ, उसपर शायद ही कोई यकीन करना चाहेगा। तत्कालीन प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई, जो उस वक़्त जनरल ज़िया उल हक़ से बातचीत कर रहे थे, ने चुपके से इस मिशन की पोल खोल दी। इस राजनैतिक धोखे से कई रॉ अफसरों और एजेन्टों को अपनी जान और अस्मत, दोनों से हाथ धोना पड़ा, और लगभग दो दशक तक पाकिस्तानी इंटेलिजेंस पर हमारी धाक नहीं जम पायी।

अगर निशान ए पाकिस्तान से सम्मानित मोरारजी देसाई ने यह गद्दारी न की होती, तो आज पाकिस्तान हमें कभी परमाणु बम से डराने की औकात न रखता। शायद इसीलिए नीलम संजीव रेड्डी ने इन्हे समय पूर्व प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने को बाध्य किया था।

क्या भारत ऐसा कुछ आज कर सकता है? विशेषकर पाकिस्तान की दूसरा हमला करने की विफलता के बाद, और पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर पार्रिकर के ‘कोई प्रथम इस्तेमाल नहीं’ की नीति को कूड़े में डालने के बाद शायद ये हो सकता है। ये वही पार्रिकर है जिनहोने सर्जिकल स्ट्राइक्स की नींव रखी थी, और कई बार मोदी जी से इसके लिए प्रशंसित भी हो चुके हैं।

फेडरेशन ऑफ अमेरिकन साइंसेज के हंस एम क्रिस्टेनसेन ने अपने ब्लॉग पे एक उपग्रह चित्र प्रकाशित किया है जो लगभग निश्चित रूप से कराची से 12 किलोमीटर दूर मसूर एयर फोर्स बेस के पास एक पाकिस्तानी परमाणु हथियार भंडारण स्थल है। इस चित्र में आप देख सकते हैं की परमाणु हथियारों की सुविधा के लिए विशेष सुरक्षा का प्रभंध है, साथ ही उनके अलग भंडारण बंकरों का भी प्रबंध है । अगर एक ब्लॉगर पाकिस्तानी परमाणु भंडार देख सकता है, तो मुझे यकीन है कि रॉ मोस्साद  और सीआईए कॉफी नहीं पी रहे होंगे। मोदी, ट्रम्प और बेंजामिन नेतन्याहू इसके बारे में ज़रूर कुछ कर सकते हैं , आप का क्या ख्याल है ?परमाणु पाकिस्तान

Tags: ऑपरेशन कहूटापरमाणु हथियारपाकिस्तानभारतमोरारजी देसाईमोस्सादरॉ
शेयर205ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

मोदी जी ने इस कारण से फ़लस्तीन की यात्रा नहीं की, और सच वो नहीं जो आप समझते हैं

अगली पोस्ट

इस कारण से बड़े ही रहस्यमय तरीके से चीनी राजदूत से मिले राहुल गांधी

संबंधित पोस्ट

नील विद्रोह
इतिहास

“नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

2 October 2026

हमारे देश में अनेक आंदोलन हुए, जिनका दर्द आज भी भारतीयों की रगों में जिंदा है। कुछ आंदोलन ऐसे हैं, जो बिना तोप ताने और...

जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….
इतिहास

जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

2 October 2026

वो कहते हैं “दुर्घटना से देर भली”। आज भारत की आक्रामकता से कोई भी अनभिज्ञ नहीं है। परंतु स्वतंत्रता के पश्चात प्रारम्भिक दो दशकों में...

22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था
इतिहास

‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

28 September 2026

भारत के स्वतंत्रता संग्राम के नायकों की चर्चा भगत सिंह का नाम लिए बगैर हमेशा अधूरी ही मानी जाएगी। भगत सिंह का योगदान इतिहास के...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Why Is the World Buying India’s Akash Missile System? Who’s Next in Line? | Armenia | Make in India

Why Is the World Buying India’s Akash Missile System? Who’s Next in Line? | Armenia | Make in India

00:04:19

Inside India’s Most Famous Fighter Squadrons: Their Wars, Jets & Legacy | IAF | AirForceDay

00:05:58

Hanuman Chalisa Kept Me Going': Flydubai Hero Smit

00:10:03

How Pakistan-Linked Drug Networks Are Targeting India | Coast Guard Deals a ₹3,000 Crore Blow

00:03:28

How SkyStriker Hunts Its Target: Inside India’s Loitering Munition

00:03:49
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited