TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    यूसीसी ने विवाह पंजीकरण प्रक्रिया को ऑनलाइन बनाया

    यूसीसी का एक साल ,ऑनलाइन प्रक्रिया से आसान हुआ विवाह पंजीकरण

    नितिन नवीन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनेंगे

    बूथ स्तर तक होगा भाजपा के नए अध्यक्ष नितिन नबीन का स्वागत, पार्टी आलाकमान ने बनाई संगठन तक पहुँच बढ़ाने की रणनीतिs

    पाकिस्तान बंग्लादेश विवाद

    बांग्लादेश विवाद : पाकिस्तान ने 2026 T20 वर्ल्ड कप से पीछे हटने की चेतावनी

    नितिन नवीन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनेंगे

    बिहार से पहली बार भाजपा को राष्ट्रीय अध्यक्ष, नितिन नवीन आज करेंगे नामांकन

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    चाबहार बंदरगाह भारत के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है

    अमेरिकी दबाव के बीच भारत चाबहार बंदरगाह पर अपनी रणनीतिक मौजूदगी बनाए रखने पर विचार कर रहा

    भारतीय नौसेना पानी और ज़मीन दोनों से उड़ान भर सकने वाले उभयचर विमानों को शामिल करने की योजना पर काम कर रही है।

    भारतीय नौसेना का नया प्लान, पानी पर नए रनवे बनाने की तैयारी

    भारत के लिए राफेल की डील होनी बड़ी सफलता है।

    भारत–फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों पर बड़ी सहमति, नागपुर में बनेगी असेंबली लाइन

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ईरान से लौटें भारतीय नागरिकों के आंखों में साफ दिखा डर

    ईरान से लौटे भारतीय नागरिकों ने जताया अभार ,आंखों में दिखा डर और चिंता

    अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस विवादित कदम को बेझिझक अपनाया

    माचाडो ने ट्रंप को ‘वापस जीतने’ के लिए नोबेल शांति पुरस्कार दिया , अमेरिकी राष्ट्रपति ने बेझिझक अपनाया

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ , भारत पर क्या पड़ेगा असर?

    चीन में 10 जनवरी 2026 को छठा पुलिस दिवस

    10 जनवरी छठा चीनी पुलिस दिवस: विदेशों तक फैल रहा चीन का दमन, तिब्बत के बाद ताइवान पर नया निशाना

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    यूसीसी ने विवाह पंजीकरण प्रक्रिया को ऑनलाइन बनाया

    यूसीसी का एक साल ,ऑनलाइन प्रक्रिया से आसान हुआ विवाह पंजीकरण

    नितिन नवीन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनेंगे

    बूथ स्तर तक होगा भाजपा के नए अध्यक्ष नितिन नबीन का स्वागत, पार्टी आलाकमान ने बनाई संगठन तक पहुँच बढ़ाने की रणनीतिs

    पाकिस्तान बंग्लादेश विवाद

    बांग्लादेश विवाद : पाकिस्तान ने 2026 T20 वर्ल्ड कप से पीछे हटने की चेतावनी

    नितिन नवीन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनेंगे

    बिहार से पहली बार भाजपा को राष्ट्रीय अध्यक्ष, नितिन नवीन आज करेंगे नामांकन

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    चाबहार बंदरगाह भारत के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है

    अमेरिकी दबाव के बीच भारत चाबहार बंदरगाह पर अपनी रणनीतिक मौजूदगी बनाए रखने पर विचार कर रहा

    भारतीय नौसेना पानी और ज़मीन दोनों से उड़ान भर सकने वाले उभयचर विमानों को शामिल करने की योजना पर काम कर रही है।

    भारतीय नौसेना का नया प्लान, पानी पर नए रनवे बनाने की तैयारी

    भारत के लिए राफेल की डील होनी बड़ी सफलता है।

    भारत–फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों पर बड़ी सहमति, नागपुर में बनेगी असेंबली लाइन

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ईरान से लौटें भारतीय नागरिकों के आंखों में साफ दिखा डर

    ईरान से लौटे भारतीय नागरिकों ने जताया अभार ,आंखों में दिखा डर और चिंता

    अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस विवादित कदम को बेझिझक अपनाया

    माचाडो ने ट्रंप को ‘वापस जीतने’ के लिए नोबेल शांति पुरस्कार दिया , अमेरिकी राष्ट्रपति ने बेझिझक अपनाया

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ , भारत पर क्या पड़ेगा असर?

    चीन में 10 जनवरी 2026 को छठा पुलिस दिवस

    10 जनवरी छठा चीनी पुलिस दिवस: विदेशों तक फैल रहा चीन का दमन, तिब्बत के बाद ताइवान पर नया निशाना

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

तालिबान ने चला ‘मसूद अज़हर’ कार्ड, भारत को रूस और ताजिकिस्तान के समर्थन में आना चाहिए

कश्मीर के लिए तालिबान ख़तरा बने, उससे पहले ही उस पर कार्रवाई करनी होगी!

Aniket Raj द्वारा Aniket Raj
28 August 2021
in रणनीति
तालिबान मसूद अजहर
Share on FacebookShare on X

17 से 19 अगस्त तक, जैश-ए-मोहम्मद का नेता मौलाना मसूद अजहर, अपने भाई अब्दुल रऊफ अजहर और मौलाना अम्मार के साथ कंधार में था। मुल्ला अब्दुल गनी बरादर सहित तालिबान नेताओं के साथ समन्वय करने में व्यस्त था। बैठकों के दौरान, मसूद अजहर ने कहा कि पाकिस्तान या अफ़ग़ानिस्तान में राजनीतिक लक्ष्यों को प्राप्त करने में शामिल होने के बजाय, इसे ‘भारत-केंद्रित’ अभियानों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। कश्मीर में जैश के संचालन को सुविधाजनक बनाने के लिए तालिबान की सहायता भी मांगी। यानी देखा जाए तो इसके साथ ही पाकिस्तान में अपनी चाल चल दी है। अब पाकिस्तान की इस चाल को धराशायी करने के लिए भारत को रूस और ताजिकिस्तान का समर्थन करना चाहिए जो तालिबान और आतंकी संगठनों से निपटने का तरीका जानते हैं।

अमेरिका अफ़ग़ानिस्तान जा चुका है, यह पाकिस्तान को बेलगाम करने के लिए काफी है। भारत को अब रूस और ताजिकिस्तान जैसे संतुलन और छद्म युद्ध की रणनीति अपनानी चाहिए। यही राष्ट्र के निवेश और लोकतान्त्रिक हितों की रक्षा करेंगे। नाटो बलों के कुप्रबंधित और नतमस्तक अफगान निकास के साथ-साथ अफगान सेना के सामूहिक आत्मसमर्पण का मतलब है कि अरबों डॉलर के सैन्य उपकरण तालिबान के हाथों में आ गए हैं, जिससे उनकी पहले से ही दुर्जेय सैन्य शक्ति में वृद्धि हुई है। इसके अतिरिक्त, कई पारंपरिक रूप से तालिबान विरोधी नेताओं ने इस बार युद्ध से हाथ पीछे खींच लेने का विकल्प चुना है।

संबंधितपोस्ट

रूस में आईएसआई की चोरी पकड़ी गई: पाकिस्तान की जासूसी, भारत के खिलाफ साजिश और मुनीर की नाकाम महत्वाकांक्षा

रूस हारा, अमेरिका हारा, अब पाकिस्तान की तालिबान से जंग की डींगे: अंतरराष्ट्रीय मज़ाक और उसकी वास्तविक कमजोरी

भारत ने चुपचाप बनाई नई भू-रणनीतिक धुरी, पीओके से लेकर बलूचिस्तान तक पाकिस्तान की दरकने लगी ‘पूर्वी दीवार’, जानें क्या है तालिबान-दिल्ली डील का असली मतलब?

और लोड करें

हेरात के इस्माइल खान जैसे कुछ लोगों को तालिबान में शामिल होने के लिए मजबूर किया गया है, जबकि फील्ड मार्शल दोस्तम जैसे अन्य लोगों को पड़ोसी देशों में भागना पड़ा। इसका मतलब यह है कि राष्ट्रीय प्रतिरोधक बल पूर्ववर्ती, नॉर्दर्न एलायंस की तुलना में कहीं अधिक कमजोर है। पिछले हफ्ते वाशिंगटन पोस्ट के एक लेख में, मसूद अजहर ने अमेरिका और उसके लोकतांत्रिक सहयोगियों से “अधिक हथियार, अधिक गोला-बारूद, और अधिक आपूर्ति” के लिए एक उत्तेजक अपील की थी।

 और पढें: पेटेंट पंजीकरण में 572% की वृद्धि, PM मोदी का नया भारत ’50 सबसे इनोवेटिव देशों’ की सूची में हुआ शामिल

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि मसूद अजहर प्रतिरोध एक विलक्षण युद्ध का नहीं है। पूरे अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान शासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुए हैं, कुछ प्रदर्शनकारियों को गोली भी मारी गई है। अफ़ग़ान स्वतंत्रता दिवस (19 अगस्त) पर, देश भर के कस्बों और शहरों में हज़ारों लोगों ने अवज्ञा में अफ़ग़ान राष्ट्रीय ध्वज लहराया था। एक लोकतांत्रिक और समावेशी प्रणाली के बीस वर्षों के बाद जिसमें भारत ने $3 बिलियन से अधिक का निवेश किया, इन सभी लाभों को खोना अफगान लोगों के लिए एक दुखद आघात होगा। इसे रोकने के लिए National Resistance Force अब एकमात्र व्यवहार्य विकल्प है।

मानवीय और सैन्य साधनों के साथ NRF को हथियारों की आपूर्ति करना, जैसा कि दो दशक पहले उत्तरी गठबंधन के लिए किया गया था, अब अफगान लोगों के लिए भारत का केंद्रीय दायित्व है। हालाँकि, यह सहायता दूर से ही आनी चाहिए। कुछ तेजतर्रार आवाजों के विपरीत, यह विचार कि भारतीय जूते अमेरिकी  हितों की रक्षा के लिए जमीन पर होने चाहिए हमेशा एक भयानक गलत अनुमान होगा। इसके लिए केवल अमेरिका के दुस्साहस के अंतिम परिणाम को देखने की जरूरत है।

तालिबान में आंतरिक दरार?

एनआरएफ को सहायता प्रदान करना भारत के सामरिक हितों के लिए भी महत्वपूर्ण है। इसमें कोई संदेह नहीं है कि तालिबान और उसके सहयोगियों को रावलपिंडी का भरपूर समर्थन प्राप्त है। तालिबान का पूरे देश पर कुछ ही हफ्तों में कब्जा करना पाकिस्तान से मिले अपार समर्थन के बिना संभव नहीं था। तालिबान द्वारा काबुल स्क्वैश पर कब्जा करने के बाद इमरान खान की प्रशंसात्मक टिप्पणी इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है।

और पढ़ें: पूरे देश में दंगा करने के लिए JNU और TISS के छात्रों को एल्गार परिषद में रखा गया था

यह जरूरी है कि भारत एक बार फिर तालिबान को तोड़ने पर ध्यान देना चाहिए। ऐसा नहीं करने से न केवल भारत विरोधी भावनाओं के साथ एक छद्म आतंकवादी राज्य की स्थापना होगी, बल्कि यह दक्षिण एशिया में आतंकवाद के लिए एक अत्यधिक उपजाऊ जमीन के निर्माण की अनुमति भी देगा।

कुख्यात आतंकी संगठन, हक्कानी नेटवर्क, काबुल में एक प्रमुख शक्ति दलाल बन गया है, जो भारत के लिए खतरे की शुरुआत है। एक के लिए, यह निस्संदेह कश्मीर में पहले से ही अनिश्चित स्थिति को और अधिक अस्थिर करेगा। इसके अलावा, तालिबान इस्लामाबाद के माध्यम से चीनी प्रभाव के लिए कहीं अधिक खुला है, और यह केवल एक पूर्ण रणनीतिक घेरे के माध्यम से भारत की क्षेत्रीय स्थिति का ह्रास होगा।

और पढ़ें: रोहिणी सिंह का अंतरराष्ट्रीय एजेंडा, Re।iance और Saudi-Aramco डील के विरुद्ध मुसलमानों को भड़काना शुरू किया

अफ़ग़ानिस्तान में युद्ध का नतीजा अब तक पूरा नहीं हुआ है। तालिबान के अंदर अंदरूनी कलह शुरू हो गई है। काबुल के पतन के लगभग दस दिन बाद एक उचित सरकार और परिभाषित नेतृत्व का अभाव इसका एक स्पष्ट संकेत है कि प्रतिस्पर्धी समूहों के बीच अंतर्कलह छिड़ने में शायद ज्यादा समय न लगे। लेकिन भारत को ऐसी स्थिति का इंतजार नहीं करना चाहिए। इसकी रणनीतिक पहल शुरू करनी चाहिए और एनआरएफ का समर्थन करना चाहिए, जिन्होंने पहले ही लड़ने की इच्छा के संकेत दिखाए हैं। 22 अगस्त को, एनआरएफ लड़ाकों ने तालिबान को काबुल के उत्तर में जिलों से खदेड़ दिया।

मसूद अजहर के एनआरएफ का समर्थन करना अब यह सुनिश्चित करने का एकमात्र तरीका है कि अफ़ग़ानिस्तान का भविष्य चरमपंथी और अधिनायकवादी शासन से मुक्त बहुल समाज में अफगान लोगों द्वारा तय किया गया है। अब यह सुनिश्चित करने का एकमात्र तरीका है कि भारत के पास हड़ताली निकटता पर एक और बारहमासी दुश्मन न हो। तालिबान का पाकिस्तानी आतंकी समूह के साथ मिलना न सिर्फ भारत के लिए खतरे की घंटी है बल्कि पूरे दक्षिण एशिया के लिए खतरा है। अगर तलिनबान और पाकिस्तान के जैश और लश्कर से निपटना है तो भारत को रूस और ताजिकिस्तान का समर्थन करना होगा जो एनआरएफ का समर्थन कर तालिबान के लिए मुश्किलें खड़ी कर रहे हैं।

ताजिकिस्तान है तुरुप का इक्का :

अफ़ग़ानिस्तान में ताजिक समुदाय एक मजबूत पक्ष है। ताजिकिस्तान के सीमाई क्षेत्रों में बसें इन ताजिक समुदाय के प्रति ताजिकिस्तान एक जातीय प्रेम भाव रखता है। अफ़ग़ानिस्तान प्रतिरोध का पर्याय बन चुका ये इलाका मुख्यतः पंजशीर एक समावेशी और लोकतान्त्रिक राष्ट्र की परिकल्पना साकार करने का माद्दा रखता है। ताजिकिस्तान इनके साथ खड़ा है। कम से कम भारत को ताजिकिस्तान के माध्यम से इनकी मदद को आगे आना चाहिए। प्रत्यक्ष रूप से ताजिकिस्तान  को सैन्य, कूटनीतिक और नैतिक मदद देकर कम से कम भारत अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकता है। स्मरण रहे इस्लामिक कट्टरपंथी भले ही आपसी अंतर्द्वंदों और मार काट में फंसे रहे लेकिन ग़ैर इस्लामी मुल्कों के खिलाफ जिहाद के लिए सदा एकजुट रहेंगे। इस लिहाज से भारत हमेशा निशाने पर रहेगा। अतः भारत को  मसूद अजहर का समर्थन करना चाहिए जैसा कि रूस और ताजिकिस्तान कर रहें है। अप्रत्यक्ष रूप से तालिबान से लड़ने की निति ही सबसे सही अफगान नीति होगी। तालिबान दंड से नहीं भेद से हारेगा। तालिबान से लड़ने के लिए अफ़ग़ानिस्तान में उतरने की ज़रूरत नहीं है। मसूद अजहर माध्यम है। यही ताजिकिस्तान और रूस का भी मत है। इससे भारत के निवेश भी सुरक्षित रहेंगे और बड़े परिदृश्य में भारत की हितैषी सरकार का शासन होगा। इस नीति से हमें पाक और चीन को रोकने में भी मदद मिलेगी।

Tags: अफ़ग़ानिस्तानताजिकिस्तानतालिबानरूस
शेयर63ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

अब करीब-करीब साफ है कि सिद्धू, आम आदमी पार्टी के एजेंडे पर चल रहा है

अगली पोस्ट

जेहान दारुवाला : मोटरस्पोर्ट्स रेसिंग में भारत का उभरता सितारा

संबंधित पोस्ट

वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है
अमेरिकाज़

वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

8 January 2026

अंतरराष्ट्रीय राजनीति में पैदा होने वाले तनाव अक्सर वैश्विक व्यापार और अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय बन जाते हैं, खासकर जैसा कि अमेरिका और...

16 दिसंबर को पाकिस्तान के पूर्वी मोर्चे के कमांडर जनरल ए के नियाजी ने 93,000 सैनिकों के साथ सरेंडर किया था
इतिहास

ढाका सरेंडर: जब पाकिस्तान ने अपने लोगों की अनदेखी की और अपने देश का आधा हिस्सा गंवा दिया

16 December 2025

16 दिसंबर 1971 को ढाका में भारतीय और बांग्लादेशी कमांडरों की मौजूदगी में एक शांत लेकिन ऐतिहासिक दृश्य सामने आया, जब पाकिस्तान की ईस्टर्न कमांड...

ऑपरेशन सिंदूर 2:0
मत

दिल्ली धमाका और PoK के नेता का कबूलनामा: क्या भारत के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ का समय आ गया है?

21 November 2025

पाकिस्तान एक आतंकी मुल्क है और इसमें शायद ही किसी को कोई संशय हो, ख़ुद पाकिस्तान के मित्र भी न सिर्फ इसे अच्छी तरह जानते...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

French Media Exposes Pakistan and China on the Rafale lost

French Media Exposes Pakistan and China on the Rafale lost

00:04:36

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

00:03:24

Ramjet-Powered Shell: A Potential Game Changer for Indian Artillery| IIT Madra

00:06:25

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

00:05:44

Captured Turkish YIHA drone Showed by the Indian Army |Defence News| Operation Sindoor

00:00:58
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited