TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    विनेश फोगाट को एशियन गेम्स ट्रायल में

    सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने विनेश फोगाट को एशियन गेम्स ट्रायल में हिस्सा लेने की अनुमति दी

    कोकरोच जनता पार्टी पर सरकार सख्त

    कोकरोच जनता पार्टी के एक्स अकाउंट को तुरंत बहाल करने से दिल्ली हाई कोर्ट ने किया इंकार

    सिद्धारमैया देंगे इस्तीफा

    सिद्धारमैया देंगे इस्तीफा? कर्नाटक की राजनीति में बढ़ी हलचल, मंत्रियों के साथ बैठक में लिया बड़ा फैसला

    बीजेपी में बदलाव

    बीजेपी ने दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और त्रिपुरा में बदले प्रदेश अध्यक्ष, जानें क्या होने वाला है नया

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    संजीव सान्याल

    संजीव सान्याल: क्या बंगाल को मिलने वाला है अपना ‘टेक्नोक्रेट’ वित्त मंत्री?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात जारी रखेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    गोवा राज्य स्थापना दिवस

    गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

    1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)

    अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    Break into QA Jobs Faster with Automation Testing Course from StarAgile

    Break into QA Jobs Faster with Automation Testing Course from StarAgile

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    विनेश फोगाट को एशियन गेम्स ट्रायल में

    सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने विनेश फोगाट को एशियन गेम्स ट्रायल में हिस्सा लेने की अनुमति दी

    कोकरोच जनता पार्टी पर सरकार सख्त

    कोकरोच जनता पार्टी के एक्स अकाउंट को तुरंत बहाल करने से दिल्ली हाई कोर्ट ने किया इंकार

    सिद्धारमैया देंगे इस्तीफा

    सिद्धारमैया देंगे इस्तीफा? कर्नाटक की राजनीति में बढ़ी हलचल, मंत्रियों के साथ बैठक में लिया बड़ा फैसला

    बीजेपी में बदलाव

    बीजेपी ने दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और त्रिपुरा में बदले प्रदेश अध्यक्ष, जानें क्या होने वाला है नया

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    संजीव सान्याल

    संजीव सान्याल: क्या बंगाल को मिलने वाला है अपना ‘टेक्नोक्रेट’ वित्त मंत्री?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात जारी रखेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    गोवा राज्य स्थापना दिवस

    गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

    1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)

    अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    Break into QA Jobs Faster with Automation Testing Course from StarAgile

    Break into QA Jobs Faster with Automation Testing Course from StarAgile

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

आतंकियों के मसीहा, पथराव करने वालों के रक्षक- ये हैं प्रख्यात अधिवक्ता कपिल सिब्बल

बिगड़ैल लिबरल, सेक्युलर और जिहादियों को कौन बचा रहा है?

Utkarsh Upadhyay द्वारा Utkarsh Upadhyay
21 April 2022
in क्राइम, चर्चित
kapil sibal

source google

Share on FacebookShare on X

कई बार स्वतंत्रता ऐसी बाधक बन जाती है कि न ही वो थूकते बनती है और न निगलते। कुछ ऐसा ही हाल न्याय व्यवस्था के कुछ बिंदुओं का है जिनका दुरुपयोग डंके की चोट पर होता है और न्यायपालिका तमाशबीन बनी देखती रहती है। इसमें कोई दोहराय नहीं है कि हर चीज़ के दो पहलु होते हैं, उसी का फायदा उठा कुछ तत्व अपने एजेंडे की पूर्ति करते हैं। जहांगीरपुरी दंगे के बाद उसपर कार्रवाई की बात आते ही सभी बागड़बिल्ले अर्थात लिबरल, सेक्युलर और जिहादी बिलबिलाने लगे। इसी क्रम में जब बाबा के बुलडोज़र की तर्ज पर बुधवार को जहांगीरपुरी में जब एमसीडी का बुलडोज़र पहुंचा तो यही नेता और जिहादी सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए कि ऐसा नहीं होना चाहिए। उसी में से एक हैं लतियाए गए कांग्रेसी और वकील कपिल सिब्बल। जी हां, आतंकियों के मसीहा, पथराव करने वालों के रक्षक कपिल सिब्बल ने एक बार फिर जिहादी तत्वों के प्रति अपनी हमदर्दी का बखान करते हुए सुप्रीम कोर्ट के आगे विधवा विलाप किया ताकि बुलडोज़र की तुड़ाई से जिहादियों की अवैध इमारतें बच जाएं।

कार्रवाई पर रोक लगाने का CJI का आदेश

दरअसल, कपिल सिब्बल और दुष्यंत दवे जैसे वकीलों की टोली द्वारा दायर एक तत्काल याचिका पर सुनवाई करते हुए भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने उत्तरी दिल्ली नगर निगम (NDMC) को अपनी कार्रवाई पर रोक लगाने का आदेश दिया।

संबंधितपोस्ट

SIR प्रक्रिया में कोई खामी नहीं: Supreme Court of India ने बिहार मामले में चुनाव आयोग को दी बड़ी राहत

डॉग लवर्स को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं, आम लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता

NCERT किताब विवाद के बीच केंद्र ने मांगी माफी , CJI ने काउंसिल पर कड़ा रुख अपनाया

और लोड करें

दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में हाल ही में हुए दंगों के बाद गिरफ्तार किए गए कई आरोपी सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने से जुड़े थे। इस तरह के अतिक्रमण को हटाने के लिए, उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने 19 अप्रैल को दिल्ली पुलिस को महिला पुलिस सहित कम से कम 400 पुलिस कर्मियों को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कहा था।

और पढ़ें- कपिल सिब्बल के “मन की बात” पर भड़के कांग्रेसी, कार्यकर्ताओं ने घर का घेराव कर मचाई तोड़फोड़

उत्तरी दिल्ली नगर निगम द्वारा कार्रवाई शुरू करने से पहले दुष्यंत दवे, शमशाद, कपिल सिब्बल, कपिल दीक्षित, संजय आर. हेगड़े, पी.वी. सुरेंद्र नाथ, सुभाष चंद्रन के.आर. जमीयत उलमा-ए-हिंद का प्रतिनिधित्व करते हुए निगम के खिलाफ कार्यकारी कार्रवाई को रोकने के लिए अपील दायर की। याचिका पर तत्काल सुनवाई करते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने रजिस्ट्री के मामले को 21 अप्रैल के लिए सूचीबद्ध करने का आदेश दिया और एनडीएमसी को अगले आदेश तक “यथास्थिति बनाए रखने” का आदेश दिया।

निश्चित रूप से जनता भौचक्की है कि कैसे एक नगर निगम के एक्शन पर सुप्रीम कोर्ट बाहें खोल कर याचिकाकर्ताओं का स्वागत करता है और अचम्भे की बात यह है कि इसपर सुनवाई भी फास्ट्रैक मोड़ अर्थात मिनटों में होती है। न जाने कैसे हालातों में आजतक लगभग 70000 मामले ही लंबित हैं और अदालतों के पदानुक्रम को पार करते हुए ये मामले रजिस्ट्री तक पहुंचते हैं और यहां आते आते अपील के खिलाफ आदेश भी जारी किए जाते हैं। यह तो हालात हैं, ऐसे में क्या ही कहा जा सकता है।

यह सर्वविदित सत्य है कि, प्रख्यात वकीलों और न्यायाधीशों के कुछ परिवारों द्वारा न्यायपालिका पर हमेशा एकाधिकार रहा है। व्यवस्था में सब कुछ समाज के एक विशेष वर्ग के उद्देश्य को समय पर पूरा करने के लिए रखा गया है। न्यायपालिका की हमेशा अपने अभिजात्य व्यवहार के लिए आलोचना की गई है। जहां आम लोग निचली अदालत के आदेश के खिलाफ अपील दायर करने के लिए संघर्ष करते हैं, यहां हर दया का मामला सीधे सीजेआई तक पहुंचता है।

और पढ़ें- क्या कपिल सिब्बल पैसे देकर कांग्रेस अध्यक्ष बनेंगे? पार्टी में सबसे ज्यादा चंदा देकर उन्होंने संकेत तो दे दिया है!

मामलों की एक लंबी सूची है जो विवादास्पद रहे हैं

जिन आतंकियों के मसीहा, पथराव करने वालों के रक्षक कपिल सिब्बल की यहां बात हो रही है उनके द्वारा बचाव किए गए मामलों की एक लंबी सूची है जो विवादास्पद रहे हैं। जैसे वह ट्रिपल तलाक मामले में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) का बचाव कर रहे थे। इसके अलावा उन्होंने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) को चुनौती देते हुए इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) को सुप्रीम कोर्ट में भी पेश किया था। उसकी जेब इन्हीं मामलों की सूची से चलती रहती है।

https://twitter.com/iumlofficial/status/1204426663439872000

जमीयत उलेमा-ए-हिंद का प्रतिनिधित्व करने वाले इन प्रख्यात वकीलों की औसत फीस लगभग 20 लाख प्रति सुनवाई है। ये अधिवक्ता भारत के कुछ उच्च वेतन पाने वाले वकील हैं। चूंकि सर्वोच्च न्यायालय प्रणाली में उनकी पहुंच असाधारण है, कई इस्लामी समूह अपने मामलों को तत्काल सूचीबद्ध करने के लिए इन वकीलों को नियुक्त करना पसंद करते हैं।

सवाल उठता है कि उन्हें भुगतान कैसे किया जाता है? वैसे, भारत में बहुत सारे विदेशी एनजीओ काम कर रहे हैं। सऊदी अरब, कतर और तुर्की जैसे कई खाड़ी देश इन संगठनों के शीर्ष दानदाता हैं। वे दुनिया में इस्लामी एजेंडे को बढ़ावा देने के लिए ऐसे बहुत से संगठनों को फंड करते हैं। हाल ही में, ईडी ने जाकिर नाइक की संपत्ति को कुर्क किया था और इस मामले में यह भी दावा किया था कि खाड़ी देश इन चरमपंथी समूहों के लिए मुख्य फंड प्रदाता हैं।

इस इस्लामी संगठन की स्थापना द्वितीय विश्व युद्ध में वापस आ गई थी। जब युद्ध के बाद तुर्की को अपमानित किया गया, तो दुनिया के मुसलमानों ने अपने खलीफा को बचाने के लिए खिलाफत आंदोलन शुरू किया। जमीयत उलमा-ए-हिंद तब से भारत में इस्लामी एजेंडे को बढ़ावा देने में शामिल है। उनके पास अदालतों में आतंकवादियों के लिए अग्रिम पंक्ति की रक्षा प्रणाली है। इसका एक समर्पित कानूनी प्रकोष्ठ संस्थान है, जिसने भारत में आतंकवादी हमलों के आरोपी इस्लामवादियों की रक्षा के लिए विशेषज्ञता हासिल की है। उन्होंने अदालतों में इस्लामी आतंकवादियों को हर कानूनी सहायता प्रदान की और वित्तीय लागत वहन की।

और पढ़ें-TMC के गुंडे कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भी हत्या कर रहे हैं, कपिल सिब्बल ममता की तारीफ़ों के पुल बांधने में व्यस्त हैं

जिन प्रमुख मामलों में वे इस्लामी आरोपियों को बचाने के लिए शामिल हैं, वे हैं 7/11 मुंबई ट्रेन विस्फोट, 2006 मालेगांव विस्फोट, 2008 मुंबई हमला, गेटवे ऑफ इंडिया विस्फोट मामला, 13/7 मुंबई ट्रिपल विस्फोट आदि।

दुष्यंत दवे और कपिल सिब्बल जैसे प्रख्यात वकीलों की मदद से उन्होंने प्रशासन में एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र बनाया है। न केवल सर्वोच्च न्यायालय या उच्च न्यायालयों में, उनकी पहुंच में विभिन्न सरकारी विभागों से संवेदनशील जानकारी एकत्र करना शामिल है। राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के मजबूत फंड समर्थन और भारत में प्रदान किए गए लॉबिंग समर्थन के साथ, इस्लामवादियों के पास समर्थन करने के लिए बहुत सारे हाथ हैं। इन आतंकवादियों और दंगाइयों को समय-समय पर पारिस्थितिकी तंत्र द्वारा सहायता प्रदान की जाती है।

Tags: कपिल सिब्बलज़ाकिर नाइकदिल्ली दंगासुप्रीम कोर्ट
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

दिल्ली के CM को अपने विरोधियों को पकड़ने के लिए आखिरकार पुलिस मिल ही गई

अगली पोस्ट

आधिकारिक तौर पर वेंटिलेटर सपोर्ट पर है क्रिप्टो करेंसी

संबंधित पोस्ट

अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला
चर्चित

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

30 May 2026

Vice Admiral Ajay Kochhar ने भारतीय नौसेना के 48वें वाइस चीफ ऑफ द नेवल स्टाफ (VCNS) के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। वे अपने...

भारत डिजिटल महाशक्तियों की वैश्विक सूची में शामिल
चर्चित

भारत डिजिटल महाशक्तियों की वैश्विक सूची में शामिल, AI क्रांति और मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के दम पर पांचवें स्थान पर पहुंचा

30 May 2026

भारत दुनिया की पांचवीं सबसे अधिक डिजिटल अर्थव्यवस्था बन गया है। उसने डिजिटल विकास के मामले में कई विकसित देशों को पीछे छोड़ दिया है।...

गाजियाबाद में 17 वर्षीय युवक की हत्या
क्राइम

बकरा हलाल होते देखा है?’ बोलकर मुस्लिम दोस्तों ने सूर्या चौहान को चाकू से गोद डाला; गाजियाबाद के खोड़ा में तनाव

30 May 2026

गाजियाबाद में 17 वर्षीय युवक सूर्या चौहान की हत्या का मामला सामने आने के बाद इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल है। परिजनों और...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

00:05:40

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited