TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    Defence System: भारत का मल्टी लेयर्ड बैलिस्टिक डिफेंस सिस्टम पास

    Defence System: भारत का मल्टी लेयर्ड बैलिस्टिक डिफेंस सिस्टम सफल, 5000 किमी रेंज की मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम

    ममता बनर्जी के चुनावी भाषण पर एक और एफआईआर

    ममता बनर्जी के चुनावी भाषण पर एक और एफआईआर, कानूनी जांच हुई तेज

    नोएडा में 110 इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत

    नोएडा में 110 इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत: ग्रेटर नोएडा तक सफर हुआ सस्ता, आसान और पर्यावरण के अनुकूल

    मोदी ने अनुच्छेद 370 हटाने, उत्तर-पूर्व के विकास और ऑपरेशन सिंदूर जैसे कदमों को सरकार के निर्णायक फैसलों के उदाहरण बताया।

    मोदी ने रिकॉर्ड कार्यकाल के दिन ‘हिंदू ग्रोथ रेट’ टिप्पणी को लेकर कांग्रेस पर साधा निशाना

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

    गोवा राज्य स्थापना दिवस

    गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

    1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)

    अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    Defence System: भारत का मल्टी लेयर्ड बैलिस्टिक डिफेंस सिस्टम पास

    Defence System: भारत का मल्टी लेयर्ड बैलिस्टिक डिफेंस सिस्टम सफल, 5000 किमी रेंज की मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम

    ममता बनर्जी के चुनावी भाषण पर एक और एफआईआर

    ममता बनर्जी के चुनावी भाषण पर एक और एफआईआर, कानूनी जांच हुई तेज

    नोएडा में 110 इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत

    नोएडा में 110 इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत: ग्रेटर नोएडा तक सफर हुआ सस्ता, आसान और पर्यावरण के अनुकूल

    मोदी ने अनुच्छेद 370 हटाने, उत्तर-पूर्व के विकास और ऑपरेशन सिंदूर जैसे कदमों को सरकार के निर्णायक फैसलों के उदाहरण बताया।

    मोदी ने रिकॉर्ड कार्यकाल के दिन ‘हिंदू ग्रोथ रेट’ टिप्पणी को लेकर कांग्रेस पर साधा निशाना

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

    गोवा राज्य स्थापना दिवस

    गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

    1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)

    अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

‘अफ्रीका का प्रवेश द्वार’ मिस्र भी भारत के साथ, क्या बदलने वाली है वैश्विक स्थिति?

मिस्र की राजनीति में अगर स्थिरता बनी रहती तो यह काफी पहले ही संभव था!

Awanish Tiwari द्वारा Awanish Tiwari
23 September 2022
in विश्व
मिस्र भारत

Source- TFIPOST

Share on FacebookShare on X

मजबूत आवाजों की गूंज पूरी दुनिया में सुनाई देती हैं। वर्ष 2014 से पहले जब भारत से प्रधानमंत्री विदेश दौरों पर जाते थे तो उनके लौटने पर यह प्रश्न उठता था कि आखिर भारत को इस यात्रा से क्या मिला? आपके मन में देश के भूतकाल को लेकर ऐसी ही तस्वीर होगी लेकिन असल में अब यह तस्वीर अब बदल चुकी है क्योंकि आज की स्थिति में  भारत की कूटनीतिक ताकत के आगे अमेरिका जैसे देशों को भी अपने घुटने टेकने पर मजबूर होना पड़ रहा है। भारत की स्थिति बदल चुकी है, हालात बदल चुके हैं और समय भी बदल चुका है। भविष्य भारत का ही है और इसके लक्षण भी हमें दिखने लगे हैं। भारत हर मोर्चे पर मजबूती के साथ डटा हुआ है। दुनिया के तमाम देश भारत के पीछे चलना चाहते हैं और भारत के साथ संबंधों को उड़ान देना चाहते हैं। इसी कड़ी में अफ्रीका का द्वार यानी मिस्र भी अब भारत का एक बड़ा समर्थक बन गया है। भारत के साथ इसका मौजूदा संबंध दोनों देशों की विकास की रफ्तार को काफी तेज कर सकता है

और पढ़ें: वैश्विक कल्याण के सबसे बड़े योगदानकर्ता के रूप में उभर रहा है भारत

संबंधितपोस्ट

मोदी सरकार के 12 वर्ष: भारत की रक्षा और कूटनीतिक रणनीति का नया अध्याय

वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

मोदी सरकार के 12 साल: पीएम मोदी की 12 बड़ी योजनाएं, जिन्होंने करोड़ों लोगों की जिंदगी बदल दी

और लोड करें

राजनाथ सिंह की मिस्र यात्रा

दरअसल, हाल ही में भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपनी तीन दिवसीय काहिरा यात्रा के दौरान आपसी हित के सभी क्षेत्रों में संबंधों को मजबूत करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मिस्र में उनके समकक्ष जनरल मोहम्मद जकी ने समयबद्ध तरीके से दोनों देशों के रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग बढ़ाने के प्रस्तावों की पहचान करने पर सहमति व्यक्त की। हालांकि, राजनाथ सिंह के काहिरा जाने से पहले यह माना जा रहा था कि भारत के स्वामित्व वाली विमान निर्माता एचएएल-निर्मित हल्के लड़ाकू विमान तेजस के लिए एक सौदे पर हस्ताक्षर करेंगे। यह काफ़ी महत्वपूर्ण है क्योंकि मिस्र अतीत में एचएएल के एलसीए तेजस विमान की खरीद को लेकर रुचि दिखा चुका था। पिछले महीने नरेंद्र मोदी सरकार ने संसद में बताया था कि मिस्र उन छह देशों में शामिल है, जिन्होंने तेजस जेट में रुचि दिखाई है।

अपने दौरे के दौरान राजनाथ सिंह ने मिस्र के समकक्ष को भारत-अफ्रीका रक्षा वार्ता और हिंद महासागर क्षेत्र के रक्षा मंत्रियों के सम्मेलन में भी आमंत्रित किया, जो 18-22 अक्टूबर के बीच गुजरात के गांधीनगर में 12वें डेफ एक्सपो के हिस्से के रूप में आयोजित होने वाला है। बीते जुलाई में, दोनों वायु सेनाओं ने अपना पहला संयुक्त सामरिक वायु अभ्यास, ‘डेजर्ट वॉरियर’ आयोजित किया। नवंबर में, भारतीय वायु सेना के प्रमुख एसीएम वीआर चौधरी ने काहिरा का दौरा किया था और मिस्र की वायु सेना द्वारा आयोजित कई कार्यक्रमों में भाग लिया।

भारत, मिस्र के रक्षा संबंधो को मज़बूत करने के क्रम में मिस्र के वायु सेना प्रमुख एयर मार्शल मोहम्मद अब्बास हेलमी मोहम्मद हाशेम ने भी रक्षा सहयोग पर चर्चा करने के लिए जुलाई में भारत का दौरा किया था। अपने बैठक के दौरान, दोनों मंत्रियों ने रक्षा संबंधों को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की और विशेष रूप से आतंकवाद विरोधी क्षेत्र में संयुक्त अभ्यास और प्रशिक्षण के लिए कर्मियों के आदान-प्रदान को बढ़ाने के आम सहमति पर पहुंचे। हालांकि, दोनों देशों के संबंध इस स्तर तक पहुंचने में वर्षों लग गए लेकिन अगर मिस्र में स्थिर सरकार होती तो यह काफी पहले ही हो सकता था।

मिस्र की राजनीति में अस्थिरता

जी हां, मौजूदा समय में इजिप्ट यानी की मिस्र विकास की रफ़्तार पकड़े हुए है लेकिन पिछली कुछ शताब्दियों के दौरान, मिस्र पर कभी भी एक स्थिर राजनीतिक इकाई का शासन नहीं रहा। यह त्रासदी 1517 में ऑटोमन साम्राज्य द्वारा मिस्र की सल्तनत के विनाश के साथ शुरू हुई। अगले 288 वर्षों तक, मिस्रवासी ऑटोमन साम्राज्य के नियंत्रण में रहे। 1805 के बाद, मिस्रवासियों ने अपनी वंशानुगत राजशाही, सैन्य, कानूनी व्यवस्था, मुद्रा और साम्राज्य की स्थापना की। मुहम्मद अली पाशा ने मिस्र का इस हद तक आधुनिकीकरण किया कि ब्रिटिश साम्राज्य उस पर राजनीतिक पकड़ बनाने के लिए उत्सुक हो गया। पाशा के उत्तराधिकारी उसके द्वारा अर्जित लाभ को भुनाने में असफल रहे लेकिन ‘इस्माइल द मैग्निफिकेंट’ ने मिस्र में समृद्धि वापस ला दी। इस समृद्धि की एक लागत थी और लागत वित्तीय थी। अपनी तीव्र औद्योगीकरण योजना को वित्तपोषित करने के लिए, इस्माइल द मैग्निफिकेंट को स्वेज की मैरीटाइम कैनाल की यूनिवर्सल कंपनी में मिस्र के शेयर बेचने पड़े।

इस हिस्सेदारी की बिक्री के परिणामस्वरूप मिस्र की राजनीति में ब्रिटिश साम्राज्य का सक्रिय हस्तक्षेप हुआ। कानूनी रूप से, मिस्र अभी भी ऑटोमन साम्राज्य का एक जागीरदार राज्य था लेकिन यह ब्रिटिश ही थे जो इसके मामलों को चला रहे थे। 1881 के ओराबी विद्रोह और 1919 की मिस्र की क्रांति जैसे आंदोलनों के बावजूद, अंग्रेजों का प्रभाव कम नहीं हुआ। द्वितीय विश्व युद्ध में भी लाभ उठाने के लिए अंग्रेजों ने मिस्र के भूगोल का व्यापक रूप से उपयोग किया। युद्ध के बाद भी, मुख्यतः स्वेज नहर से गुजरने वाले व्यापार को नियंत्रित करने के लिए अंग्रेजों ने देश में अपनी उपस्थिति बनाए रखी। राष्ट्रवादी क्रोधित हो रहे थे और 1948-1949 के फिलिस्तीन युद्ध ने आग में घी डालने का काम किया और उसके बाद जल्द ही फ्री ऑफिसर्स मूवमेंट का गठन किया गया।

1952- मिस्र की क्रांति

गमाल अब्देल नासिर नाम का एक युवा अधिकारी इसका नेतृत्व कर रहा था। कुछ ही समय में, उन्होंने महसूस किया कि अक्षम शासन को उखाड़ फेंकने के लिए उन्हें मुस्लिम ब्रदरहुड, एक कट्टरवादी संगठन की आवश्यकता होगी। उसके बाद 1952 में मिस्र की क्रांति हुई, जिसे 1952 तख्तापलट एवं 23 जुलाई क्रांति के रूप में भी जाना जाता है। राजा फारूक को गद्दी से उतार दिया गया था। मुस्लिम ब्रदरहुड के प्रभारी सैय्यद कुतुब ने सक्रिय रूप से नासिर का समर्थन किया लेकिन 1954 में, कुतुब और अन्य ब्रदरहुड के सदस्यों ने नासिर को मारने और उनकी सरकार को उखाड़ फेंकने की साजिश रची। हालांकि, उनकी योजना असफल रही, और उन्हें अन्य ब्रदरहुड सदस्यों के साथ कैद कर लिया गया। उन्हें 1964 में इराकी प्रधानमंत्री अब्दुल सलाम आरिफ के अनुरोध पर जेल से रिहा किया गया था। आठ महीने के बाद, उन्हें फिर से सरकार के खिलाफ साजिश करने के लिए गिरफ्तार किया गया और अंत में उन्हें मुस्लिम ब्रदरहुड के छह अन्य प्रतिभागियों के साथ मौत की सजा दी गई।

अपने कथित विश्वासघाती स्वभाव के बावजूद, नासिर ने भारतीय प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के साथ एक अच्छा बंधन साझा किया। अपने बढ़ते संबंधो के क्रम में 1955 में मिस्र के तत्कालीन राष्ट्रपति नासिर और भारत के पहले प्रधानमंत्री नेहरू ने दोनों देशों के बीच एक मैत्री संधि पर हस्ताक्षर किए। भारत के साथ मिस्र के संबंधो का विकास नेहरू और नासिर के नेतृत्व में गुटनिरपेक्ष आंदोलन के साथ हुआ। मिस्र का भारत के साथ आर्थिक रिश्ता भी काफ़ी मज़बूत रहा है। यह देश ऐतिहासिक रूप से भारत के सबसे महत्वपूर्ण अफ्रीकी व्यापारिक साझेदारों में से एक रहा है।

और पढ़ें: भारतीय रुपये में आयात-निर्यात का निपटारा वैश्विक व्यवस्था को बदलकर रख देगा

अफ्रीका का प्रवेश द्वार है मिस्र

हालांकि, पश्चिमी देशों ने मिस्र के खिलाफ समन्वित कूटनीतिक हमले किए। आंतरिक राजनीतिक कलह ने इसे और भी नीचे गिरा दिया। 1970 में नासिर की मृत्यु के बाद, लगातार 3 राष्ट्रपति देश को स्थिरता प्रदान नहीं कर सके। 1981 में 53 वर्षीय होस्नी मुबारक सत्ता में आए। वह 3 दशकों तक राष्ट्रपति बने रहे। उनके 30 वर्ष के प्रशासन में आपातकाल सी स्थिति रही क्योंकि कहीं भी पांच से ज़्यादा व्यक्तियों के इकठ्ठा होने पर पाबंदी थी। लेकिन मोहम्मद मुर्सी के नेतृत्व में मुस्लिम ब्रदरहुड ने जल्द ही काहिरा पर कब्जा कर लिया और देश में आतंक का शासन शुरू कर दिया। होस्नी मुबारक को शासनकाल के दौरान दर्ज़ किए गए आपराधिक मामले के कारण राष्ट्रपति उम्मीवार होने के अयोग्य ठहरा दिया गया और मुस्लिम ब्रदरहुड दल से मोहम्मद मुर्सी को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया गया था। लेकिन उसके बाद विद्रोह भड़क उठा और मोहम्मद मुर्सी को पद छोड़ने के लिए 22 मिलियन हस्ताक्षर किए गए थे। अब्देल फत्ताह अल-सीसी का आगमन वह क्षण था जिसका भारत धैर्यपूर्वक इंतजार कर रहा था। हालांकि, इसके पीछे भी एक बड़ा कारण है।

नंबर एक कारण इसका भूगोल है। मिस्र को अफ्रीका का प्रवेश द्वार माना जाता है। मिस्र मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका (MENA) क्षेत्र के केंद्र में स्थित है। इसकी सीमा पश्चिम में लीबिया, दक्षिण में सूडान और उत्तर पूर्व में इज़राइल और गाजा पट्टी से लगती है। ऐसे में अगर दोनों देशों के संबंध आसमान छूते हैं तो भारत पूरी तरह से मिस्र का उपयोग कर सकता है। ध्यान देने वाली बात है कि होस्नी मुबारक के समय में, 4 भारतीय प्रधानमंत्री राजीव गांधी, पी.वी. नरसिम्हा राव, आई.के. गुजराल और मनमोहन सिंह ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए मिस्र का दौरा किया। वहीं, मुबारक ने अपने 3 दशक के लंबे शासनकाल में तीन बार भारत का दौरा किया। मुबारक के उत्तराधिकारी मुर्सी ने भी 2013 में भारत का दौरा किया था। जाहिर तौर पर, मिस्र में भारतीय कंपनियों द्वारा किए गए कुछ निवेशों को छोड़कर, इन सभी पहलों का ज्यादा असर नहीं हुआ।

अल-सीसी के सत्ता में आने के बाद बदल गई स्थिति

अब्देल फत्ताह अल-सीसी के सत्ता में आने के बाद द्विपक्षीय संबंध काफी तेज से आगे बढ़ा। पीएम मोदी ने खुद पहल की और 2015 में UNGA में अल-सिसी से मुलाकात की। एक महीने बाद तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और पीएम मोदी दोनों ने नई दिल्ली में तीसरे भारत-अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन के दौरान मिस्र के राष्ट्रपति से मुलाकात की। उसके 11 महीने बाद, अल-सीसी ने भारत का दौरा किया। इस यात्रा के दौरान एक संयुक्त बयान जारी किया गया था, जिसमें राजनीतिक-सुरक्षा सहयोग, आर्थिक जुड़ाव और वैज्ञानिक सहयोग और सांस्कृतिक और लोगों से लोगों के बीच संबंधों के तीन स्तंभों को रेखांकित किया गया।

दोनों देशों के बीच विभिन्न मंत्रिस्तरीय सहयोग भी हुए। दोनों देश अंतरिक्ष और अर्थव्यवस्था सहित विभिन्न क्षेत्रों में एक दूसरे की सहायता करते रहे हैं। वास्तव में, मिस्र उन देशों में से एक है जिसके साथ भारत को व्यापार अधिशेष प्राप्त है। व्यापार में बाधा डालने वाले ऐतिहासिक मुद्दों के बावजूद, दोनों देशों के औद्योगिक निकायों के बीच सहयोग से कई बाधाओं को दूर किया गया है। पिछले दस वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार पांच गुना से अधिक बढ़ा है। वर्ष 2018-19 में, द्विपक्षीय व्यापार कुल $4.55 बिलियन अमेरिकी डॉलर था। महामारी के बावजूद, व्यापार की मात्रा 2019-20 में 4.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर और 2020-21 में 4.15 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक गिर गई।

मिस्र के साथ व्यापार में भारत का मिस्र के साथ निर्यात 1.89 बिलियन अमेरिकी डॉलर आंका गया, जबकि भारत से आयात का मूल्य 2.26 बिलियन अमेरिकी डॉलर था। जिससे भारत का 372 मिलियन अमेरिकी डॉलर का सकारात्मक व्यापार संतुलन बना रहा किंतु वर्ष 2021-22 में दोनों देशों के बीच व्यापार रिश्ते में तेज़ी देखी गई। वस्तुतः 2021-22 में दोनों देशों के बीच व्यापार $7.26 बिलियन तक पहुंच गया। वित्त वर्ष 2020-21 की तुलना में यह 75% की वृद्धि थी और भारत ने इस दौरान मिस्र को 3.74 बिलियन डॉलर का माल निर्यात किया।

रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध के कारण, मिस्र को गेहूं की कमी का सामना करना पड़ा तत्पश्चात भारत को भी उन मान्यता प्राप्त राष्ट्रों की सूची में जोड़ा गया था, जो मिस्र को गेहूं की आपूर्ति कर सकते थे, जिसने लंबे समय से चली आ रही गैर-टैरिफ बाधा को समाप्त किया। भारत द्वारा गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध के कारण शिपमेंट को पूरा करने में कठिनाइयों के बावजूद, भारत ने मई में मिस्र को 61,500 मीट्रिक टन गेहूं की पहली शिपमेंट की मंजूरी दी थी। ऐसे में मौजूदा समय में भारत, मिस्र का यह कदम न सिर्फ़ I2U2 ग्रुप को बल प्रदान करेगा बल्कि क्वॉड को भी सकरात्मक रूप से प्रभावित करेगा। वस्तुतः मिस्र में प्रचुर मात्रा में सोने इत्यादि संसाधन विद्यमान है, यदि भारत और मिस्र के सम्बंध और मज़बूत होते हैं तो भविष्य में यह भारत के विकास के लिए सहायक सिद्ध हो सकता है।

और पढ़ें: शीघ्र ही भारत के soverign bond वैश्विक बॉन्ड सूचकांक में होंगे शामिल, परंतु पश्चिम नहीं भारत तय करेगा कब और कैसे

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: अफ्रीकाअब्देल फत्ताह अल-सीसीमिस्रमोदी सरकार
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

Tajmahal kahan Per Hai and Kaise Phuche in Hindi

अगली पोस्ट

Badminton Game Essay in Hindi – बेडमिंटन पर निबंध

संबंधित पोस्ट

रूसी तेल का आयात
चर्चित

रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

9 June 2026

केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि भारत पहले की तुलना में अधिक मात्रा में रूस से कच्चे तेल...

तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,
AMERIKA

तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

23 May 2026

अमेरिका में बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है, जब अमेरिकी राष्ट्रीय खुफिया निदेशक (DNI) तुलसी गबार्ड ने अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा...

कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस
यूरोप

चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

22 May 2026

यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काया कैलस एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गई हैं, जब उन्होंने चीन के साथ यूरोप की...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

MISSILE IN TANKER! How Indian Navy Pulled Off A Mission Impossible At Sea | Hormuz | Gulf of Oman

MISSILE IN TANKER! How Indian Navy Pulled Off A Mission Impossible At Sea | Hormuz | Gulf of Oman

00:03:38

12 YEARS OF MODI GOVERNMENT: INDIA'S DEFENCE & DIPLOMATIC RESET | PM Modi | Armed Forces

00:04:43

AIRCRAFT CARRIERS: INDIA’S MOST POWERFUL TOOL OF MARITIME POWER PROJECTION | INS Vikrant |

00:03:22

Rudram 2 Success: Made in India Missile Ready To Crush Enemy Radars| DRDO’s Big Breakthrough

00:03:46

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

00:05:40
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited