TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    Defence System: भारत का मल्टी लेयर्ड बैलिस्टिक डिफेंस सिस्टम पास

    Defence System: भारत का मल्टी लेयर्ड बैलिस्टिक डिफेंस सिस्टम सफल, 5000 किमी रेंज की मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम

    ममता बनर्जी के चुनावी भाषण पर एक और एफआईआर

    ममता बनर्जी के चुनावी भाषण पर एक और एफआईआर, कानूनी जांच हुई तेज

    नोएडा में 110 इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत

    नोएडा में 110 इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत: ग्रेटर नोएडा तक सफर हुआ सस्ता, आसान और पर्यावरण के अनुकूल

    मोदी ने अनुच्छेद 370 हटाने, उत्तर-पूर्व के विकास और ऑपरेशन सिंदूर जैसे कदमों को सरकार के निर्णायक फैसलों के उदाहरण बताया।

    मोदी ने रिकॉर्ड कार्यकाल के दिन ‘हिंदू ग्रोथ रेट’ टिप्पणी को लेकर कांग्रेस पर साधा निशाना

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

    गोवा राज्य स्थापना दिवस

    गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    Defence System: भारत का मल्टी लेयर्ड बैलिस्टिक डिफेंस सिस्टम पास

    Defence System: भारत का मल्टी लेयर्ड बैलिस्टिक डिफेंस सिस्टम सफल, 5000 किमी रेंज की मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम

    ममता बनर्जी के चुनावी भाषण पर एक और एफआईआर

    ममता बनर्जी के चुनावी भाषण पर एक और एफआईआर, कानूनी जांच हुई तेज

    नोएडा में 110 इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत

    नोएडा में 110 इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत: ग्रेटर नोएडा तक सफर हुआ सस्ता, आसान और पर्यावरण के अनुकूल

    मोदी ने अनुच्छेद 370 हटाने, उत्तर-पूर्व के विकास और ऑपरेशन सिंदूर जैसे कदमों को सरकार के निर्णायक फैसलों के उदाहरण बताया।

    मोदी ने रिकॉर्ड कार्यकाल के दिन ‘हिंदू ग्रोथ रेट’ टिप्पणी को लेकर कांग्रेस पर साधा निशाना

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

    गोवा राज्य स्थापना दिवस

    गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

पुन: मूषको भव: रवीश कुमार की ‘कुछ नहीं’ से ‘कुछ नहीं’ तक की अद्भुत कथा

26 वर्षों के बाद अब रवीश कुमार भी यूट्यूब पर आ गए!

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
8 October 2022
in मत
रवीश कुमार
Share on FacebookShare on X

रवीश कुमार यूट्यूब चैनल: अब चलो बंधुओं, एक कथा सुनाते हैं, एक मूषक और एक बिलाव की। वैसे ये तो टॉम एंड जेरी से भिन्न नहीं थे, परंतु ये वास्तव में टॉम एंड जेरी भी नहीं थे, क्योंकि मूषक चतुर नहीं भीरु था। उसे अपना जीवन कष्टदायी और असहनीय प्रतीत होता था। उसने इंद्रदेव की उपासना की और वर मांगा कि उसे भी बिलाव का जीवन मिले। इन्द्रदेव को लगा कि इसमें क्या समस्या है, ऐसे में वो बोले, तथास्तु। पर कथा वहीं पर खत्म हो जाए तो वो कथा थोड़े न हुई। मूषक की इच्छा और बढ़ी, वह बिलाव से फिर श्वान हुआ, श्वान से मानव, मानव से सिंह, सिंह से देव और फिर देव से जब देवराज इन्द्र के सिंहासन पर आधिपत्य स्थापित करने की इच्छा कर बैठा, तो देवराज इन्द्र भी बोल पड़े, ये अधिक हो रहा है, और बोले, “पुनः मूषको भवः”

रवीश कुमार की वर्तमान अवस्था इसी मूषक समान है। इस लेख में जानेंगे कि कैसे वे पत्रकारिता के मूषक से पुनः पत्रकारिता के मूषक बने हैं और कैसे इस बार उनका पतन अचल है।

संबंधितपोस्ट

अथ श्री रवीश कुमार निष्कासन कथा!

और लोड करें

और पढ़ें- जनता की रिपोर्ट से लेकर ‘कुंठा की नौटंकी’ तक रवीश कुमार की यात्रा

पत्रकारिता के मूषक रवीश कुमार

हाल ही में ‘पत्रकारिता की मिसाल’, राजा रवीश कुमार ने अपने नये रोजगार की घोषणा करते हुए फेसबुक पर बताया, “यह मेरा यूट्यूब चैनल है, अभी हाथ साफ कर रहा हूं। धीरे-धीरे रफ्तार बढ़ेगी। कभी पॉडकास्ट की शक्ल में, तो कभी वीडियो की शक्ल में”

देखते ही देखते इनके चैनल पर ढाई लाख से अधिक सब्सक्राइबर जुड़ने लगे। ऐसे में जब रवीश बाबू की तुलना अभी मूषक से की, आप भी सोचे होंगे, भला ये कौन सी माया है? इसके पीछे भी एक संबंध है, जो इन्हीं के कर्मों से है और उसी कथा से है, जो रवीश के कर्मों में स्पष्ट झलकता है। 1996 में जो यात्रा एनडीटीवी के दफ्तरों में प्रारंभ हुई थी, वो अब केवल यूट्यूब और फ़ेसबुक के गलियारों तक सीमित रह गई है। रवीश कुमार एक समय पत्रकारिता के देवराज बनने चले थे, परंतु अपने कर्मों के कारण वह पुनः मूषक बन चुके हैं, जिन्हे कोई भाव भी नहीं देता।

और पढ़ें- कथित पत्रकार रवीश कुमार ‘पांडे’ को ‘ब्राह्मण बस्ती’ से क्या समस्या है?

जानिए एक-एक चरण

परंतु ऐसा हुआ कैसे? इसके कई चरण है, जिन्हें एक-एक करके जानना अति आवश्यक है।

सर्वप्रथम जानते हैं कि रवीश कुमार पत्रकारिता के मूषक से बिलाव कैसे बने? 5 दिसंबर 1974 को मोतिहारी में जन्मे रवीश कुमार एक उच्च मध्यम वर्ग परिवार से नाता रखते हैं। उन्होंने लोयोला हाई स्कूल, पटना से अपनी प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की और फिर उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए वह दिल्ली आ गये। दिल्ली विश्वविद्यालय के देशबंधु कॉलेज से स्नातक उपाधि प्राप्त करने के बाद उन्होंने भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC) से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त किया।

रवीश कुमार केवल 22 वर्ष के थे जब उन्होंने NDTV जॉइन की थी। परंतु उनकी प्रतिभा अनदेखी नहीं गई और शीघ्र ही उन्हें रिपोर्टरों की मंडली में शामिल किया गया। उनकी प्रतिभा को देखते हुए उन्हें एक विशेष प्राइम टाइम शो भी दिया गया- ‘रवीश की रिपोर्ट’, जहां वो गांव, कस्बों, चाय चौपाल पर लोगों से चर्चा करते और उनकी दिनचर्या पर बातचीत करते। क्या इससे पहले ऐसा कभी नहीं हुआ था? ऐसा भी नहीं था परंतु अधिकतम पत्रकार अपनी रिपोर्ट या तो स्टूडियो से देते या फिर अगर देते तो अंग्रेजी में देते जिससे जनता को तनिक भी मतलब नहीं था। लोग देसी रिपोर्टिंग चाहते थे जिसमें अपनापन हो ‘मिट्टी की खुशबू’ हो और NDTV ने रवीश कुमार के माध्यम से उन्हें वही प्रदान कराया।

यहीं से मूषक पत्रकार रवीश बने बिलाव पत्रकार रवीश, क्योंकि बिलाव में गुण होता है – चपलता का और तेज तर्रार होने का। परंतु कथा के अनुसार, मूषक से बिलाव बना प्राणी फिर श्वान भी तो बना, तो वो परिवर्तन कैसे आया? स्मरण है 2004, जब सत्ता परिवर्तन हुआ, और सबकी आशाओं के विपरीत कांग्रेस ने सत्ता ग्रहण की? रवीश ने इसका लाभ उठाया और देखते ही देखते वह बन गए श्वान पत्रकार, क्योंकि श्वान निष्ठावान भी तो होता है, और हम सभी जानते हैं कि रवीश यूपीए प्रशासन के प्रति आज भी कितने निष्ठावान हैं।

अब आते हैं मानव और देव के दृष्टिकोण पर। युद्धकला में रघुनाथ राव, राजनीति में जयप्रकाश नारायण और पत्रकारिता में रवीश कुमार पांडे में क्या समानता है? चकरा गए? समानता है और वो ये है कि ये सभी अपने क्षेत्र के विद्वान थे और अपने देश को बहुत कुछ दे सकते थे परंतु ये सभी अपने मूल उद्देश्य से भटक गए और बन गए उसी राष्ट्र के शत्रु, जिसे उन्हें बचाना था। ये जानबूझकर नहीं बने परंतु इनके विचार, इनका दृष्टिकोण इन्हें जाने अनजाने उसी ओर ले गया।

और पढ़ें- अग्निपथ योजना के कारण भड़की हिंसा के लिए केवल रवीश कुमार हैं जिम्मेदार!

आदर्श पत्रकार

अब जब आप किसी पत्रकारिता के विद्यार्थी से पूछते हैं कि उनका आदर्श पत्रकार कौन है तो फटाक से उत्तर आता है – रवीश कुमार। इन्हें यूं ही ये पुरस्कार प्राप्त नहीं हुए –

  • हिन्दी पत्रिका रंग में गणेश शंकर विद्यार्थी पुरस्कार २०१० के लिये राष्ट्रपति के हाथों (२०१४ में प्रदान किया गया).[7]
  • पत्रिका रंग में रामनाथ गोयंका पुरस्कार – २०१३
  • इंडियन टेलिविजन पुरस्कार – २०१४ – उत्तम हिन्दी एंकर
  • कुलदीप नायर पुरस्कार – २०१७ – पत्रकारिता क्षेत्र में उनके योगदानों के लिए।

परंतु हर वस्तु के शौर्य एवं उसके वैभव का भी अंत या एक्सपायरी डेट होता है, और यहीं पर रवीश कुमार के अंदर कथा के समान देवराज इन्द्र को अपदस्थ करने वाली इच्छा जागी। जब वह पत्रकारिता में दैवतुल्य हो चुके थे, तो यह वही समय था, जब 2014 में केंद्र सरकार में नरेंद्र मोदी ने सत्ता संभाली थी।

जब मोदी सरकार ने सत्ता संभाली तो उन्हें आभास था कि उन्हें पत्रकारों से कोई विशेष सहानुभूति या समर्थन नहीं मिलेगा। परंतु उन्हें ये अंदेशा बिल्कुल भी नहीं था कि सत्ता परिवर्तन का दुख रवीश कुमार को कुछ अधिक ही होगा। रवीश कुमार ने नरेंद्र मोदी को मानो अपना निजी शत्रु ही बना लिया और जो भी व्यक्ति उनके समर्थन में एक शब्द भी बोल देता, उसे वो तुरंत अंधभक्त या मोदीभक्त घोषित कर देते। आज जिस गोदी मीडिया के नाम से वामपंथी दक्षिणपंथियों को चिढ़ाने का भद्दा और असफल प्रयास करते हैं, वो भी इसी व्यक्ति की देन है।

और पढ़ें- पीएम मोदी की सुरक्षा में हुई चूक पर कांग्रेस को बचाने हेतु रवीश कुमार ने फैलाई फर्जी खबर

रवीश कुमार ने अपना ही विनाश किया

परंतु ठहरिए, ये तो कुछ भी नहीं है। अपनी कुंठा में रवीश कुमार ने न केवल अपना विनाश किया अपितु कई लोगों के जीवन को बर्बाद करने का प्रयास किया। जो रवीश कुमार कभी लोगों के साथ बैठकर चाय की टपरी पर चुसकियां लगाते थे उन्होंने एक आम नागरिक की गाड़ी के पीछे अपने गुंडे केवल इसलिए लगा दिया था क्योंकि उसने ट्रैफिक नियम तोड़ते समय रवीश कुमार की फोटो खींच ली थी! ये तो कुछ भी नहीं है, जब पूर्वोत्तर दिल्ली दंगों की आग में जल रहा था तो इस महोदय की प्राथमिकता यह नहीं थी कि खबरों को किस तरह दिखाया जाए अपितु यह थी कि कैसे कट्टरपंथी मुसलमानों को कोई भी नुकसान नहीं होने दियाए जाए, जैसे शाहरुख पठान को उन्होंने अनुराग मिश्रा बताकर हिंदुओं की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया था।

एक समय रवीश कुमार की साख ऐसी थी कि वे जन जन में अपनी पहुंच बनाते थे। ‘रवीश की रिपोर्ट’ के चर्चे आज भी गली मुहल्लों में होते हैं। फिर सिंह कि भांति ये किसी को भी घेर सकते थे, भले विचारधारा जैसी भी हो, परंतु शैली ऐसी थी कि कोई उनपर संदेह नहीं कर सकता था, और अपना आचरण ऐसा रखा था कि शीघ्र ही पत्रकारिता में दैवतुल्य होने के मुहाने पर आ चुके थे, परंतु देवराज होने की अधीरता में उन्होंने ऐसे करतब किये कि आज रवीश कुमार ‘पुनः मूषको भवः’ को आत्मसात करते दिखाई दे रहे हैं, जिसके लिए वे ही दोषी हैं, कोई अन्य नहीं।

वर्ष 2019 में इस व्यक्ति को पत्रकारिता के लिए मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित किया गया। ध्यान देने वाली बात है कि शांति और समरसता लाने के लिए एक समय मलाला यूसुफजई को नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था, आगे आप स्वयं समझदार हैं। रही बात पत्रकारिता की तो वो उसी दिन खत्म हो चुकी थी जिस दिन रवीश कुमार ने नोटबंदी के विरोध में अपनी स्क्रीन अंधेरी कर ली थी और जो व्यक्ति जमीन से हटकर केवल स्टूडियो और फ़ेसबुक पर बकैती झाड़ता फिरे वो और कुछ भी हो जाए, पत्रकार तो कतई नहीं हो सकता।

और पढ़ें- Hathway Cable ने NDTV को अपने चर्चित चैनलों की श्रेणी से क्या हटाया रवीश कुमार छाती पीटने लगे

नित्य अनर्गल प्रलाप

वैसे रवीश कुमार आजकल किस स्तर की पत्रकारिता करने लगे हैं इससे भी कोई अपरिचित नहीं है। एक समय देश के जटिल मुद्दों पर चर्चा करने वाला यह व्यक्ति अब इस बात पर चिंतित है कि आलिया भट्ट की शादी में इन्हें क्यों नहीं बुलाया गया और दिल्ली में ब्राह्मणों की विशेष बस्ती क्यों है? हम मज़ाक नहीं कर रहे हैं यह वास्तव में इनके फ़ेसबुक अकाउंट की देन है जहां वो नित्य अनर्गल प्रलाप करते हैं। अपनी ‘व्यंग्यात्मक’ शैली में रवीश कुमार पांडे ने हाल ही में  फ़ेसबुक पर पोस्ट किया, “दक्षिण दिल्ली की एक बस्ती। इस बस्ती का नाम कैसे पड़ा, कैसे बसी, इसका अध्ययन करना चाहिए” –

ravish kumar

कभी अपने वक्तव्य से सत्ता की चूलें हिला देने वाला रवीश कुमार मोहल्ले का वो बुढ़ऊ हो चुका है, जो चाहता है कि सब उसकी सुने पर भाव कोई नहीं देगा। फ़ेसबुक पर निरंतर मोदी और सनातनियों के विरुद्ध करुण क्रंदन छापता है, अब इससे अधिक सभ्यता की अनुमति हमरी अंतरात्मा न दे पाएगी। इनके कमेन्ट सेक्शन स्पष्ट करते हैं कि इनका पतन कितनी बुरी तरह और कितनी शीघ्रता से हुआ। कहां ‘रवीश की रिपोर्ट’ छापते थे, और कहां अभिसार शर्मा की लाइन में आ गए हैं। जब हम रवीश कुमार को ‘पुनः मूषकों भवः” कहते हैं, तो हमारा आशय इसी पतन की ओर है, जहां वे बस इतनी अटेन्शन कमाना चाहते हैं, ताकि चंद सेकेंड की फ़ेम और दो वक्त की रोटी का जुगाड़ हो सके।

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: ravish kumar on ndtvravish kumar on youtubeयूट्यूब पर रवीश कुमाररवीश की रिपोर्ट
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

भारत तुर्की को सिखा रहा है सबक, चीन संभल जाए नहीं तो देर हो जाएगी

अगली पोस्ट

गुजरात में आम आदमी पार्टी की जमानत जब्त होगी, केजरीवाल के मंत्री ने निश्चित कर दिया

संबंधित पोस्ट

Veer Savarkar Congress And Indira Gandhi
चर्चित

इंदिरा गांधी ने किया था सम्मान लेकिन वीर सावरकर से क्यों चिढ़ती है कांग्रेस?

28 May 2026

विनायक दामोदर सावरकर जिन्हें 'स्वातंत्र्यवीर' के रूप में जाना जाता है। वो भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक प्रमुख क्रांतिकारी थे। उनकी भूमिका और विचारधारा आज...

असम में UCC बिल पास: बहुविवाह और ‘लव जिहाद’ पर लगेगा टोटल ब्रेक, सीएम हिमंत का बड़ा कदम!
चर्चित

असम में UCC बिल पास: बहुविवाह और ‘लव जिहाद’ पर लगेगा टोटल ब्रेक, सीएम हिमंत का बड़ा कदम!

27 May 2026

उत्तर पूर्व भारत के रणनीतिक और राजनीतिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण राज्य असम से एक बेहद बड़ी और युगांतकारी खबर सामने आई है। असम विधानसभा...

Keral Muslim Leauge
इतिहास

मुस्लिम लीग, केरलम् और बहुत कुछ…

19 May 2026

1947 मे भारत के विभाजन के जो अनेक कारक (factors) रहे, उनमे मुस्लिम लीग प्रमुख हैं। मुस्लिम लीग ने ही अलग मुस्लिम राष्ट्र की मांग...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Why the 2017 Doklam Standoff Became a Major Strategic Wake Up Call For India | Chicken Neck

Why the 2017 Doklam Standoff Became a Major Strategic Wake Up Call For India | Chicken Neck

00:03:11

MISSILE IN TANKER! How Indian Navy Pulled Off A Mission Impossible At Sea | Hormuz | Gulf of Oman

00:03:38

12 YEARS OF MODI GOVERNMENT: INDIA'S DEFENCE & DIPLOMATIC RESET | PM Modi | Armed Forces

00:04:43

AIRCRAFT CARRIERS: INDIA’S MOST POWERFUL TOOL OF MARITIME POWER PROJECTION | INS Vikrant |

00:03:22

Rudram 2 Success: Made in India Missile Ready To Crush Enemy Radars| DRDO’s Big Breakthrough

00:03:46
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited