TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    भारत को मिली अहम ऊर्जा राहत,

    उड़ती मिसाइलों और आग उगलते ड्रोन के बीच एलपीजी लेकर आने वाले शिवालिक और नंदादेवी के क्रू की हो रही है जमकर तारीफ

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    वह भेष बदलकर अंधेरे में निकले, और फिर कभी वापस नहीं आए: दलाई लामा का तिब्बत से पलायन

    वह भेष बदलकर अंधेरे में निकले, और फिर कभी वापस नहीं आए: दलाई लामा का तिब्बत से पलायन

    हिंदू नववर्ष, हिंदू नव वर्ष का विज्ञान, चैत्र नववर्ष

    अंग्रेजी नववर्ष से कितना अलग है हिंदू नववर्ष? जानें इसके पीछे का विज्ञान।

    सारा अली खान को केदारनाथ दौरे के लिए देना होगा एफिडेविट

    सारा अली खान को केदारनाथ दौरे के लिए देना होगा एफिडेविट

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    भारत को मिली अहम ऊर्जा राहत,

    उड़ती मिसाइलों और आग उगलते ड्रोन के बीच एलपीजी लेकर आने वाले शिवालिक और नंदादेवी के क्रू की हो रही है जमकर तारीफ

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    वह भेष बदलकर अंधेरे में निकले, और फिर कभी वापस नहीं आए: दलाई लामा का तिब्बत से पलायन

    वह भेष बदलकर अंधेरे में निकले, और फिर कभी वापस नहीं आए: दलाई लामा का तिब्बत से पलायन

    हिंदू नववर्ष, हिंदू नव वर्ष का विज्ञान, चैत्र नववर्ष

    अंग्रेजी नववर्ष से कितना अलग है हिंदू नववर्ष? जानें इसके पीछे का विज्ञान।

    सारा अली खान को केदारनाथ दौरे के लिए देना होगा एफिडेविट

    सारा अली खान को केदारनाथ दौरे के लिए देना होगा एफिडेविट

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

उत्तर प्रदेश में भाजपा के खराब प्रदर्शन के क्या रहे प्रमुख कारण?

उत्तर प्रदेश के परिणामों को समझना न केवल भाजपा के लिए बल्कि राजनीतिक विश्लेषकों के लिए भी जिज्ञासा का विषय है।

Akash Gaur द्वारा Akash Gaur
10 June 2024
in राजनीति, समीक्षा
भाजपा, उत्तर प्रदेश, लोकसभा चुनाव परिणाम, पीएम मोदी, सीएम योगी आदित्यनाथ, उत्तर प्रदेश भाजपा, समाजवादी पार्टी, एनडीए गठबंधन, इंडी गठबंधन
Share on FacebookShare on X

उत्तर प्रदेश के हालिया चुनाव परिणामों को केवल उम्मीदवार चयन या अखिलेश यादव की सामाजिक इंजीनियरिंग की सफलता के कारण मानना अनुचित होगा। यह वोट जानबूझकर एनडीए के खिलाफ और एसपी-कांग्रेस गठबंधन के पक्ष में डाला गया था। 2024 के लोकसभा चुनावों के परिणाम आ चुके हैं, और नरेंद्र मोदी 9 जून रविवार को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेकक तीसरी बार भारत के प्रधानमंत्री बन गए हैं।

गठबंधन की राजनीति में भाजपा

हालांकि, बहुमत से 32 सीटें कम रहने का मतलब है कि इस बार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को गठबंधन की राजनीति के दायरे में काम करना पड़ेगा। स्पष्ट रूप से, यह स्थिति भाजपा के लिए बहुत सुखद नहीं है।

संबंधितपोस्ट

पीएम किसान योजना: आज जारी होगी 22वीं किस्त, किसानों के खाते में ₹18,640 करोड़ ट्रांसफर

सीएम योगी का बयान- यूपी में नहीं है ईधन की कमी अफवाहों पर ना दें ध्यान

इंदौर में युवती से दुष्कर्म का आरोप, वीडियो बनाकर करता रहा ब्लैकमेल, आरोपी पर केस दर्ज

और लोड करें

विभिन्न राज्यों में भाजपा का प्रदर्शन

भूगोलिक रूप से, पार्टी ने कई राज्यों में विस्तार किया है जहां वह पहले हाशिये पर थी। तमिलनाडु में, हालांकि पार्टी सीट नहीं जीत सकी, उसने अपना वोट शेयर 3.7 से बढ़ाकर 11.1 कर लिया। पश्चिमी तट पर, थ्रिसूर सीट जीतकर, भाजपा ने केरल में पहली बार खाता खोला है। 

पूर्वी तटवर्ती राज्यों में भी भाजपा का प्रदर्शन प्रभावशाली रहा है। ओडिशा में, पार्टी ने न केवल 21 में से 20 लोकसभा सीटें जीतीं बल्कि राज्य में पहली बार सत्ता भी हासिल की। तेलुगु भाषी राज्यों, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भी पार्टी का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा।

महत्वपूर्ण राज्यों में असफलता

इस विस्तार के बावजूद, भाजपा को महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में अपेक्षित सफलता नहीं मिली। इसके कारण राज्य दर राज्य अलग-अलग हैं। जहां राजस्थान में राजपूत असंतोष था, वहीं हरियाणा में अग्निवीर योजना ने परिणामों को प्रभावित किया। 

महाराष्ट्र में, विपक्ष का आधा हिस्सा एनडीए में विलय होने से मतदाता राज्य में विचारधाराहीन राजनीति से नाराज थे। हालांकि, पार्टी ने इन तीन राज्यों में कुछ हद तक नुकसान की उम्मीद की थी। सबसे आश्चर्यजनक परिणाम उत्तर प्रदेश से आए, जहां पार्टी की संख्या समाजवादी पार्टी से भी पीछे रह गई।

उत्तर प्रदेश: चुनाव परिणाम का विश्लेषण

उत्तर प्रदेश के परिणामों को समझना न केवल भाजपा के लिए बल्कि राजनीतिक विश्लेषकों के लिए भी जिज्ञासा का विषय है। राज्य में मतदान को करीब से देखने पर, 2022 के विधानसभा चुनावों में, बहुजन समाज पार्टी को लगभग 13 प्रतिशत वोट मिले थे, जो इस बार घटकर 9.44 प्रतिशत हो गए। माना जा रहा है कि इसका फायदा आईएनडीआई गठबंधन को मिला। 

इसके अलावा, दलित वोट में इस बदलाव के साथ-साथ ओबीसी समूह की कुछ जातियों ने भी गठबंधन की ओर रुख किया। रोहिलखंड में सैनी वोट, दोआब में निषाद वोट और अवध में कुर्मी वोट भाजपा से दूर हो गए। राजपूत असंतोष ने भी कई जगहों पर भाजपा और उसके सहयोगियों को प्रभावित किया। 

किसी प्रमुख राष्ट्रीय या राष्ट्रवादी मुद्दे की अनुपस्थिति में, यह चुनाव भारतीय राजनीति की डिफ़ॉल्ट स्थिति—जातिवाद—पर लौट आया। इसमें, अखिलेश यादव की चतुर गठबंधन गठन ने भाजपा की खराब उम्मीदवारी को मात दी। सांसदों के खिलाफ मजबूत असंतोष के साथ शुरू हुई समस्या भाजपा और आरएसएस कैडर की उदासीनता से बढ़ गई।

व्यापक कारक

हालांकि, इन सभी कारणों के अलावा, उत्तर प्रदेश में चुनाव को प्रभावित करने वाले कुछ महत्वपूर्ण व्यापक कारक भी थे। भाजपा का प्रदर्शन ग्रामीण क्षेत्रों और अनुसूचित जाति और ओबीसी समुदायों के प्रभुत्व वाली सीटों पर खराब रहा। इस प्रवृत्ति को केवल उम्मीदवार चयन या अखिलेश यादव की सामाजिक इंजीनियरिंग की सफलता के कारण मानना पूरी तरह उपयुक्त नहीं होगा क्योंकि राज्य भर में एनडीए का वोट सीट दर सीट घटा जबकि आईएनडीआई गठबंधन का वोट बढ़ा। यह वोट जानबूझकर एनडीए के खिलाफ और एसपी-कांग्रेस गठबंधन के पक्ष में डाला गया था।

प्रधानमंत्री मोदी को खराब उम्मीदवार चयन के लिए दोषी नहीं ठहराया जा सकता, फिर भी, उन्हें पिछले बार की तुलना में वाराणसी में 60,000 कम वोट मिले। दूसरी ओर, अजय राय को 2019 में एसपी-बीएसपी गठबंधन और कांग्रेस के कुल वोटों की तुलना में 1,70,000 अधिक वोट मिले। 

प्रभावित सीटों की प्रोफ़ाइल बताती है कि कांग्रेस का एक लाख रुपये का वादा और भाजपा द्वारा आरक्षण समाप्त करने के झूठे कथानक सफल रहे। कांग्रेस की सोशल मीडिया अभियान ने न केवल आरक्षण के आसपास झूठ को सफलतापूर्वक फैलाया बल्कि ईवीएम पर अपने प्रचार को भी सुर्खियों में ला दिया। जब तक एआई द्वारा निर्मित अमित शाह के नकली वीडियो को पकड़ा गया, तब तक उसने पहले ही काफी नुकसान कर दिया था। 

कांग्रेस के दुष्प्रचार को नकारने में भाजपा की सोशल मीडिया टीम विफल रही। बिहार में ईबीसी और एससी समुदायों का प्रतिनिधित्व करने वाले दलों के साथ गठबंधन की अनुपस्थिति ने ‘आरक्षण समाप्त होगा’ के कथानक को यूपी में बढ़ावा दिया। जबकि बिहार में मांझी और चिराग पासवान जैसे नेताओं ने कई छोटी जनसभाओं में इस झूठ का खंडन किया, यूपी में ऐसा कोई प्रयास नहीं देखा गया।

तकनीकी हेरफेर और चुनाव

ओपन एआई का भारतीय चुनावों पर इजरायली कंपनी स्टोइक के प्रभाव के बारे में खुलासा दिखाता है कि तकनीकी हेरफेर भविष्य के चुनावों में एक महत्वपूर्ण चुनौती हो सकता है।

2004 की पुनरावृत्ति

कई मायनों में, 2024 के चुनावों में 2004 की ‘इंडिया शाइनिंग’ भूल की पुनरावृत्ति देखी गई। यह सच है कि बुनियादी ढांचे, बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता और जीडीपी में देश ने अभूतपूर्व विकास देखा है, और लगभग 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर उठ गए हैं। हालांकि, “विश्वगुरु” और “विकसित भारत” जैसे शब्दों के माध्यम से आर्थिक प्रगति का चित्रण बड़े वर्ग को उनकी अपेक्षाकृत खराब आर्थिक स्थिति की याद दिलाकर नाराज कर दिया।

पार्टी की आंतरिक समस्याएं

खराब टिकट वितरण, बाहरी नेताओं को लाना और पुराने कैडर की उपेक्षा जैसी समस्याएं भाजपा में उभर रही हैं क्योंकि उच्च कमान संस्कृति बढ़ रही है। प्रधानमंत्री मोदी का प्रशासनिक रिकॉर्ड अभूतपूर्व रहा है। यह उनकी असाधारण प्रतिभा है कि भाजपा ने दो-कार्यकाल की सत्ता विरोधी लहर को नकारते हुए एनडीए के साथ पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनाई है। 

यह किसी अन्य नेता के तहत असंभव होता। हालांकि, केंद्रीय नियंत्रण और दिल्ली द्वारा लगाए गए फैसलों ने राज्य सरकारों की गतिशीलता को प्रभावित किया है। ऊपर से नीचे का दृष्टिकोण स्थानीय मुद्दों की गंभीरता का सही आकलन करना मुश्किल बना रहा है। यह ध्यान देने योग्य है कि उच्च कमान संस्कृति कांग्रेस पार्टी के पतन का भी एक प्रमुख कारण थी।

उत्तर प्रदेश में अपेक्षाकृत खराब परिणाम राज्य सरकार की कार्यशैली के विश्लेषण की आवश्यकता बताते हैं, जिसमें नौकरशाहों पर अत्यधिक निर्भरता दिखाई देती है। जबकि मुख्यमंत्री योगी ने संगठित अपराध की कमर तोड़ दी है और राज्य को भय से मुक्त किया है, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं की उपेक्षा ने संगठनात्मक उदासीनता को जन्म दिया है। 

कुछ समस्याओं के बावजूद, जिस तरह केंद्र में मोदी आवश्यक हैं, राज्य में योगी पार्टी के लिए अपरिहार्य हैं। विपक्ष द्वारा योगी के भविष्य के बारे में उत्पन्न अनिश्चितता, शीर्ष नेतृत्व द्वारा किसी भी तरह का खंडन नहीं करने के साथ, पार्टी समर्थकों को गलत संदेश भेजा।

आगे की राह

भाजपा के लिए अच्छी खबर यह है कि उसे झटका लगा है, उसने सत्ता नहीं खोई है। पिछले रिकॉर्ड दिखाते हैं कि पार्टी और इसके नेतृत्व ने आवश्यकतानुसार लगातार अनुकूलन प्रदर्शन किया है। उत्तर प्रदेश के परिणामों का यह विश्लेषण बताता है कि भाजपा को अपनी रणनीति पर फिर से विचार करना होगा और राज्य की जमीनी हकीकत को ध्यान में रखते हुए अपनी नीतियों और अभियानों को आकार देना होगा।

भविष्य में, गठबंधन की राजनीति, उम्मीदवार चयन, और स्थानीय मुद्दों की समझ को प्राथमिकता देते हुए, भाजपा को अपनी संगठनात्मक संरचना को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता होगी।

और पढ़ें:- भाजपा को हुआ 6 लाख वोटों का नुकसान, और यहीं से बदल गई पूरी कहानी।

Tags: BJPCM Yogi AdityanathIND AllianceLok Sabha election resultsNDA alliancePM ModiSamajwadi PartyUttar PradeshUttar Pradesh BJPइंडी गठबंधनउत्तर प्रदेशउत्तर प्रदेश भाजपाएनडीए गठबंधनपीएम मोदीभाजपालोकसभा चुनाव परिणामसमाजवादी पार्टीसीएम योगी आदित्यनाथ
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

भाजपा को हुआ 6 लाख वोटों का नुकसान, और यहीं से बदल गई पूरी कहानी।

अगली पोस्ट

मोदी की विजय पर पश्चिमी मीडिया का पूर्वाग्रह।

संबंधित पोस्ट

मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?
अर्थव्यवस्था

मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

20 March 2026

हॉर्मुज क्राइसिस की वजह से पूरी दुनिया में पेट्रोल-डीजल की कीमतें तेज़ी से बढ़ी हैं, लेकिन भारत में न सिर्फ कीमतें, बल्कि सप्लाई भी स्थिर...

देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान
चर्चित

देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

18 March 2026

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मॉल ऑफ देहरादून में बहुचर्चित फिल्म ‘द केरला स्टोरी 2’ देखी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि...

उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया
चर्चित

उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

18 March 2026

तमिलनाडु में एक नई राजनीतिक विवाद की स्थिति पैदा हो गई है, जब उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा की तुलना प्रमुख धर्मों से की, जिससे...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited