यकीनन इतिहास पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का कहीं ज्यादा उदारता पूर्वक मूल्यांकन करेगा। शायद वर्तमान भी करता-अगर कांग्रेस (गांधी परिवार) ने उन्हें नीचा दिखाने का हर मुमकिन प्रयास न किया होता। अफ़सोस ये कि ये प्रयास उनकी अंतिम यात्रा के दिन भी जारी रहा।
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

    पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

    ममता बनर्जी और ‘इस्लामिक भावनाएं’: चुनावी रणनीति या बंगाल में राजनीतिक ध्रुवीकरण?

    ममता बनर्जी और ‘इस्लामिक भावनाएं’: चुनावी रणनीति या बंगाल में राजनीतिक ध्रुवीकरण?

    तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव: उम्मीदवार सूची से ब्राह्मणों की लगभग पूरी अनुपस्थिति

    तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव: उम्मीदवार सूची से ब्राह्मणों की लगभग पूरी अनुपस्थिति

    दिल्ली में प्रदूषण पर सख्त एक्शन: सीएम रेखा गुप्ता का 2026 क्लीन एयर प्लान लागू

    दिल्ली में प्रदूषण पर सख्त एक्शन: सीएम रेखा गुप्ता का 2026 क्लीन एयर प्लान लागू

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    मध्य पूर्व तनाव के बीच रूस का भारत को बड़ा ऊर्जा प्रस्ताव: तेल और गैस आपूर्ति बढ़ाने की पेशकश से बदलती वैश्विक रणनीति

    मध्य पूर्व तनाव के बीच रूस का भारत को बड़ा ऊर्जा प्रस्ताव: तेल और गैस आपूर्ति बढ़ाने की पेशकश से बदलती वैश्विक रणनीति

    मेक इन इंडिया को बढ़ावा: सेंसर, टॉरपीडो और रॉकेट से लैस पनडुब्बी रोधी युद्धपोत ‘मालवन’ नौसेना में शामिल

    मेक इन इंडिया को बढ़ावा: सेंसर, टॉरपीडो और रॉकेट से लैस पनडुब्बी रोधी युद्धपोत ‘मालवन’ नौसेना में शामिल

    पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?

    पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?

    वैश्विक संकट के बीच ईंधन कर में कटौती: तेल की कीमतों में उछाल के बीच केंद्र ने उपभोक्ताओं को राहत देने की दिशा में कदम बढ़ाया

    वैश्विक संकट के बीच ईंधन कर में कटौती: तेल की कीमतों में उछाल के बीच केंद्र ने उपभोक्ताओं को राहत देने की दिशा में कदम बढ़ाया

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    IAF का स्वदेशी FF Bot: युद्ध के बाद आग से जंग लड़ने की नई ताकत

    IAF का स्वदेशी FF Bot: युद्ध के बाद आग से जंग लड़ने की नई ताकत

    IAF का ‘एयरबोर्न इंटरनेट’ नेटवर्क: 2,500 स्वदेशी SDR सिस्टम शामिल करने की तैयारी

    IAF का ‘एयरबोर्न इंटरनेट’ नेटवर्क: 2,500 स्वदेशी SDR सिस्टम शामिल करने की तैयारी

    INS अरिधमन लॉन्च की तैयारी: भारत की तीसरी परमाणु पनडुब्बी से बढ़ेगी समुद्री ताकत

    INS अरिधमन लॉन्च की तैयारी: भारत की तीसरी परमाणु पनडुब्बी से बढ़ेगी समुद्री ताकत

    मेक इन इंडिया को बढ़ावा: सेंसर, टॉरपीडो और रॉकेट से लैस पनडुब्बी रोधी युद्धपोत ‘मालवन’ नौसेना में शामिल

    मेक इन इंडिया को बढ़ावा: सेंसर, टॉरपीडो और रॉकेट से लैस पनडुब्बी रोधी युद्धपोत ‘मालवन’ नौसेना में शामिल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    क्या अमेरिका नाटो से अलग हो सकता है? ट्रंप के बयान और कानूनी पेचों की पूरी कहानी

    क्या अमेरिका नाटो से अलग हो सकता है? ट्रंप के बयान और कानूनी पेचों की पूरी कहानी

    बिना ठोस समझौते के युद्ध विराम का खतरा: क्या ईरान और मजबूत होकर उभरेगा?

    बिना ठोस समझौते के युद्ध विराम का खतरा: क्या ईरान और मजबूत होकर उभरेगा?

    बगदाद में दिनदहाड़े अमेरिकी पत्रकार का अपहरण, CCTV में कैद सनसनीखेज वारदात

    बगदाद में दिनदहाड़े अमेरिकी पत्रकार का अपहरण, CCTV में कैद सनसनीखेज वारदात

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

    पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    हनुमान जयंती 2026: जानिए पवनपुत्र हनुमान के जन्म की पौराणिक कथा

    हनुमान जयंती 2026: जानिए पवनपुत्र हनुमान के जन्म की पौराणिक कथा

    सरकारी ईमेल सिस्टम में बड़ा बदलाव: Gmail से Zoho Mail की ओर क्यों बढ़ा भारत?

    सरकारी ईमेल सिस्टम में बड़ा बदलाव: Gmail से Zoho Mail की ओर क्यों बढ़ा भारत?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    जन विश्वास बिल 2026: छोटे अपराधों से मिली राहत, संसद ने पास किया ऐतिहासिक सुधार कानून

    जन विश्वास बिल 2026: छोटे अपराधों से मिली राहत, संसद ने पास किया ऐतिहासिक सुधार कानून

    मिडिल ईस्ट तनाव पर भारत अलर्ट, CCS बैठक में बड़ी रणनीति

    मिडिल ईस्ट तनाव पर भारत अलर्ट, CCS बैठक में बड़ी रणनीति

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

    पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

    ममता बनर्जी और ‘इस्लामिक भावनाएं’: चुनावी रणनीति या बंगाल में राजनीतिक ध्रुवीकरण?

    ममता बनर्जी और ‘इस्लामिक भावनाएं’: चुनावी रणनीति या बंगाल में राजनीतिक ध्रुवीकरण?

    तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव: उम्मीदवार सूची से ब्राह्मणों की लगभग पूरी अनुपस्थिति

    तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव: उम्मीदवार सूची से ब्राह्मणों की लगभग पूरी अनुपस्थिति

    दिल्ली में प्रदूषण पर सख्त एक्शन: सीएम रेखा गुप्ता का 2026 क्लीन एयर प्लान लागू

    दिल्ली में प्रदूषण पर सख्त एक्शन: सीएम रेखा गुप्ता का 2026 क्लीन एयर प्लान लागू

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    मध्य पूर्व तनाव के बीच रूस का भारत को बड़ा ऊर्जा प्रस्ताव: तेल और गैस आपूर्ति बढ़ाने की पेशकश से बदलती वैश्विक रणनीति

    मध्य पूर्व तनाव के बीच रूस का भारत को बड़ा ऊर्जा प्रस्ताव: तेल और गैस आपूर्ति बढ़ाने की पेशकश से बदलती वैश्विक रणनीति

    मेक इन इंडिया को बढ़ावा: सेंसर, टॉरपीडो और रॉकेट से लैस पनडुब्बी रोधी युद्धपोत ‘मालवन’ नौसेना में शामिल

    मेक इन इंडिया को बढ़ावा: सेंसर, टॉरपीडो और रॉकेट से लैस पनडुब्बी रोधी युद्धपोत ‘मालवन’ नौसेना में शामिल

    पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?

    पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?

    वैश्विक संकट के बीच ईंधन कर में कटौती: तेल की कीमतों में उछाल के बीच केंद्र ने उपभोक्ताओं को राहत देने की दिशा में कदम बढ़ाया

    वैश्विक संकट के बीच ईंधन कर में कटौती: तेल की कीमतों में उछाल के बीच केंद्र ने उपभोक्ताओं को राहत देने की दिशा में कदम बढ़ाया

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    IAF का स्वदेशी FF Bot: युद्ध के बाद आग से जंग लड़ने की नई ताकत

    IAF का स्वदेशी FF Bot: युद्ध के बाद आग से जंग लड़ने की नई ताकत

    IAF का ‘एयरबोर्न इंटरनेट’ नेटवर्क: 2,500 स्वदेशी SDR सिस्टम शामिल करने की तैयारी

    IAF का ‘एयरबोर्न इंटरनेट’ नेटवर्क: 2,500 स्वदेशी SDR सिस्टम शामिल करने की तैयारी

    INS अरिधमन लॉन्च की तैयारी: भारत की तीसरी परमाणु पनडुब्बी से बढ़ेगी समुद्री ताकत

    INS अरिधमन लॉन्च की तैयारी: भारत की तीसरी परमाणु पनडुब्बी से बढ़ेगी समुद्री ताकत

    मेक इन इंडिया को बढ़ावा: सेंसर, टॉरपीडो और रॉकेट से लैस पनडुब्बी रोधी युद्धपोत ‘मालवन’ नौसेना में शामिल

    मेक इन इंडिया को बढ़ावा: सेंसर, टॉरपीडो और रॉकेट से लैस पनडुब्बी रोधी युद्धपोत ‘मालवन’ नौसेना में शामिल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    क्या अमेरिका नाटो से अलग हो सकता है? ट्रंप के बयान और कानूनी पेचों की पूरी कहानी

    क्या अमेरिका नाटो से अलग हो सकता है? ट्रंप के बयान और कानूनी पेचों की पूरी कहानी

    बिना ठोस समझौते के युद्ध विराम का खतरा: क्या ईरान और मजबूत होकर उभरेगा?

    बिना ठोस समझौते के युद्ध विराम का खतरा: क्या ईरान और मजबूत होकर उभरेगा?

    बगदाद में दिनदहाड़े अमेरिकी पत्रकार का अपहरण, CCTV में कैद सनसनीखेज वारदात

    बगदाद में दिनदहाड़े अमेरिकी पत्रकार का अपहरण, CCTV में कैद सनसनीखेज वारदात

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

    पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    हनुमान जयंती 2026: जानिए पवनपुत्र हनुमान के जन्म की पौराणिक कथा

    हनुमान जयंती 2026: जानिए पवनपुत्र हनुमान के जन्म की पौराणिक कथा

    सरकारी ईमेल सिस्टम में बड़ा बदलाव: Gmail से Zoho Mail की ओर क्यों बढ़ा भारत?

    सरकारी ईमेल सिस्टम में बड़ा बदलाव: Gmail से Zoho Mail की ओर क्यों बढ़ा भारत?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    जन विश्वास बिल 2026: छोटे अपराधों से मिली राहत, संसद ने पास किया ऐतिहासिक सुधार कानून

    जन विश्वास बिल 2026: छोटे अपराधों से मिली राहत, संसद ने पास किया ऐतिहासिक सुधार कानून

    मिडिल ईस्ट तनाव पर भारत अलर्ट, CCS बैठक में बड़ी रणनीति

    मिडिल ईस्ट तनाव पर भारत अलर्ट, CCS बैठक में बड़ी रणनीति

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

‘गांधी परिवार’ बार-बार नीचा ना दिखाता तो ‘इतिहास’ ही नहीं ‘वर्तमान’ भी करता मनमोहन सिंह का उदार मूल्यांकन

यकीनन इतिहास पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का कहीं ज्यादा उदारता पूर्वक मूल्यांकन करेगा। शायद वर्तमान भी करता-अगर कांग्रेस (गांधी परिवार) ने उन्हें नीचा दिखाने का हर मुमकिन प्रयास न किया होता। अफ़सोस ये कि ये प्रयास उनकी अंतिम यात्रा के दिन भी जारी रहा।

Sambhrant Mishra द्वारा Sambhrant Mishra
28 December 2024
in चर्चित, राजनीति
मनमोहन सिंह और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी

मनमोहन सिंह और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी

Share on FacebookShare on X

वो जब्र भी देखा है तारीख़ की नज़रों ने
लमहों ने ख़ता की थी, सदियों ने सज़ा पाई…

उर्दू के अच्छे जानकार और शेर-ओ-शायरी के शौक़ीन मनमोहन सिंह को मुज़फ़्फ़र रज़्मी का ये शेर बेहद पसंद था। मनमोहन सिंह की अपनी ज़िन्दगी भी इस शेर के इर्द गिर्द ही रही। इतिहास से अपने बेहतर और उदार मूल्यांकन की अपेक्षा रखने वाले पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह अब स्वयं इतिहास में विलीन हो चुके हैं, ये प्रश्न अपने पीछे छोड़कर कि भारतीय जनमानस और संसदीय राजनीति का समकालीन दौर उनका मूल्यांकन कैसे करेगा?

संबंधितपोस्ट

रूसी तेल पर अमेरिका की नीति पर ईरान का हमला: प्रतिबंधों और छूट में दिखा दोहरा रवैया

ईरान युद्ध में अमेरिका का खर्चा भारी, 13 दिनों में लगभग 26 अरब डॉलर खर्च

ईरान-अमेरिका तनाव के बीच दो भारतीय जहाजों को होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति

और लोड करें

दिलचस्प पहलू ये है कि बीते दो दिनों से देश के तमाम प्रतिष्ठित अख़बार और खबरिया चैनल्स बतौर प्रधानमंत्री-अर्थशास्त्री उनकी सादगी, ईमानदारी, दूरदर्शिता, निर्भीकता और सहज मानवीय संवेदनाओं के किस्सों से भरे हैं। उनकी शान में कसीदे गढ़े जा रहे हैं।

बतौर प्रधानमंत्री अपनी आखिरी प्रेस वार्ता में जब डॉ. मनमोहन सिंह मजबूर या आहत होकर स्वयं के मूल्यांकन का फैसला समय पर छोड़ रहे थे, तब उन्होंने शायद ही सोचा होगा कि कभी मीडिया भी उनका ऐसा मूल्यांकन करेगा वो भी ठीक उस वक्त, जब वो इतिहास में विलीन हो रहे होंगे। लेकिन प्रश्न यह है कि एक अर्थशास्त्री से लेकर प्रधानमंत्री तक के 5 दशक के कार्यकाल में जिस व्यक्ति की शुचिता-सादगी और ईमानदारी पर एक दाग़ तक न हो। जिसका संपूर्ण कार्यकाल कई बड़े और ऐतिहासिक फैसलों से भरा रहा हो, उसे अपने अपने उदार मूल्यांकन का फैसला समय पर क्यों छोड़ना पड़ा? और वर्तमान उनके साथ कुछ हद तक निर्मम क्यों रहा? विचार करने पर इन तमाम सवालों का एक ही जवाब मिलता है और वो है उनकी अपनी पार्टी कांग्रेस। (कांग्रेस का अर्थ गांधी परिवार ही समझें) दरअसल गांधी परिवार ने मनमोहन सिंह को कमज़ोर और थका प्रधानमंत्री साबित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

सरकार से अधिक पार्टी के लिए जवाबदेह रहे मनमोहन!

वर्ष 2004 में जब सोनिया गांधी ने चौंकाने वाला फैसला लेते हुए मनमोहन सिंह के लिए प्रधानमंत्री की कुर्सी छोड़ी थी, तभी स्पष्ट हो चुका था कि वो एक कठपुतली प्रधानमंत्री से अधिक कुछ नहीं होंगे। प्रधानमंत्री आवास में भले ही मनमोहन सिंह रहते रहे हों, लेकिन सरकार 10 जनपथ और फिर 12 तुगलक लेन से ही चलती रही। उससे भी दुर्भाग्यपूर्ण ये था कि ‘परिवार’ गाहे-बगाहे पूरी बेशर्मी के साथ ये जताता भी रहा कि इस सरकार का रिमोट कंट्रोल उनके ही पास है और प्रधानमंत्री सरकार के प्रति कम पार्टी के प्रति अधिक जवाबदेह हैं।

वर्ष 2013 में राहुल गांधी के द्वारा अपनी ही सरकार के अध्यादेश को सार्वजनिक तौर पर फाड़ा जाना इसका सबसे निर्लज्ज उदाहरण था। योजना आयोग के उपाध्यक्ष रहे मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने खुद इस वाकये के बारे में अपनी किताब ‘बेकस्टेज : द स्टोरी बिहाइंड इंडियाज हाई ग्रोथ ईयर्स’ में लिखा है कि मनमोहन सिंह तब इस घटना से इतने आहत हुए थे कि उन्होने इस्तीफा देने तक का मन बना लिया था। क्या ये राहुल गांधी द्वारा मनमोहन सिंह और उनकी सरकार को नीचा दिखाने का कृत्य नहीं था? और मीडिया भला इसे और कैसे लेती? लेकिन ये सिर्फ एक उदाहरण था।

मनमोहन सिंह की दिक्कतें प्रधानमंत्री पद संभालते ही शुरू हो गई थीं। उनके कार्यालय के सीनियर ऑफिसर्स और महत्वपूर्ण पदों पर बैठे लोगों की निष्ठा सिंह से कहीं ज़्यादा सोनिया गांधी के प्रति थी। प्रधानमंत्री कार्यालय में सोनिया गांधी की दख़लंदाज़ी इस हद तक थी कि 2009 में सत्ता में वापसी के बाद उन्होंने मनमोहन सिंह से बिना पूछे ही प्रणब मुखर्जी को वित्त मंत्री का पद ऑफ़र कर दिया था जबकि वह ख़ुद सीवी रंगराजन को वित्त मंत्री बनाना चाहते थे।

मनमोहन सिंह के मीडिया सलाहकार रह चुके संजय बारू अपनी किताब ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ में लिखते हैं कि मनमोहन सिंह, एन.एन वोहरा को अपना प्रधान सचिव बनाना चाहते थे, लेकिन सोनिया गांधी के दख़ल के बाद टी.के.ए नायर को प्रधान सचिव बनाया गया। संयुक्त सचिव रहे पुलक चटर्जी को भी सोनिया गांधी के कहने पर ही प्रधानमंत्री कार्यालय में नियुक्ति दी गई और वो मनमोहन सिंह की जगह रोज़ाना सोनिया गांधी को रिपोर्ट करते थे, साथ ही उनसे दिशानिर्देश भी लेते थे।

मनमोहन सिंह के लिए खड़े भी नहीं होते थे उनके मंत्री

सिर्फ गांधी परिवार ही नहीं, ए.के एंटनी और अर्जुन सिंह जैसे नेता भी मनमोहन सिंह को ख़ास तवज्जो नहीं देते थे, जबकि वो उनके ही मंत्रिमंडल के सदस्य थे। बारू लिखते हैं कि अर्जुन सिंह तो मंत्रिमंडल की बैठकों या दूसरे सार्वजनिक अवसरों पर मनमोहन सिंह के आने पर खड़े तक नहीं होते थे। संजय बारू लिखते हैं कि सोनिया गांधी ने मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री ज़रूर बनाया था लेकिन उन्हें असली सत्ता कभी नहीं सौपी थी। बारू के अनुसार, सरकार पर सोनिया गांधी की अध्यक्षता वाली नैशनल एडवाइजरी काउंसिल यानी NAC का सीधा नियंत्रण था। मनरेगा, सूचना का अधिकार और सरकार के अन्य बेहतर कामों का श्रेय तो सोनिया गांधी लेती रहीं लेकिन ख़राब फैसलों और कार्यों का ठीकरा मनमोहन सिंह और उनकी सरकार पर फूटा।

जब न्यूक्लियर डील के लिए अड़े मनमोहन सिंह

संजय बारू मानते हैं कि मनमोहन सिंह से ग़लतियाँ तभी हुईं जब सोनिया गांधी और कांग्रेस ने उनके फ़ैसलों में ज़रूरत से ज़्यादा दख़ल देना शुरू कर दिया। जैसे मनमोहन सिंह ए राजा और टीआर बालू को अपने मंत्रिमंडल में नहीं लेना चाहते थे लेकिन पार्टी के दबाव में उन्हें दोनों को मंत्री बनाना पड़ा। कुछ फैसले ऐसे ज़रूर थे, जिनपर बतौर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अपनी छाप थी। जब अमेरिका और भारत न्यूक्लियर डील पर हस्ताक्षर करने जा रहे थे, तब सिर्फ CPIM और CPM जैसी पार्टियों ने ही इसका विरोध नहीं किया, बल्कि यूपीए अध्यक्ष रहीं सोनिया गांधी भी चाहती थीं कि इस समझौते को लेकर मनमोहन सिंह अपना मन बदल लें। हालांकि, मनमोहन सिंह किसी दबाव के आगे नहीं झुके, यहां तक कि कांग्रेस की एक बैठक में उन्होंने अपने इस्तीफे तक की धमकी दे डाली थी। नतीजा ये रहा कि लेफ्ट के समर्थन वापस लेने के बावजूद मनमोहन सिंह ना सिर्फ यह समझौता किया बल्कि सरकार बचाने में भी कामयाब रहे।

10 वर्षों के कार्यकाल में ये शायद ये पहला ऐसा बड़ा फैसला था, जिस पर उनकी अपनी छाप थी। परिणामस्वरूप आज भारत में 23 सक्रिय परमाणु ऊर्जा सयंत्र हैं, जिसने कुल 7,425 मेगावाट बिजली पैदा होती है। 2031 तक इसे क़रीब ढाई गुना तक बढ़ाने का लक्ष्य है। ज़ाहिर है आज अगर भारत न्यूक्लियर एनर्जी पैदा करने के मामले में दुनिया का 6 वां सबसे बड़ा देश है तो इसका श्रेय मनमोहन सिंह को भी जाता है, उनके उस इकलौते फैसले को, जो उन्होने किसी ‘रिमोट’ के ‘कंट्रोल’ में आए बिना लिया था। यकीनन इतिहास पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का कहीं ज्यादा उदारता पूर्वक मूल्यांकन करेगा। शायद वर्तमान भी करता-अगर कांग्रेसियों (गांधी परिवार) ने उन्हें नीचा दिखाने का हर मुमकिन प्रयास न किया होता। अफ़सोस यह कि यह प्रयास उनकी अंतिम यात्रा के दिन भी जारी रहा।

स्रोत: मनमोहन सिंह, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, कांग्रेस, संजय बारू, यूपीए, मोंटेक सिंह अहलूवालिया, अमेरिका, न्यूक्लियर डील, Manmohan Singh, Sonia Gandhi, Rahul Gandhi, Congress, Sanjay Baru, UPA, Montek Singh Ahluwalia, America, Nuclear Deal,
Tags: AmericaCongressManmohan SinghMontek Singh AhluwaliaNuclear DealRahul GandhiSanjay Barusonia gandhiUPAअमेरिकाकांग्रेसन्यूक्लियर डीलमनमोहन सिंहमोंटेक सिंह अहलूवालियायूपीएराहुल गाँधीसंजय बारूसोनिया गाँधी
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

मनमोहन सिंह के निधन पर कांग्रेस की राजनीति! प्रणब मुखर्जी की बेटी ने पिता का ‘अपमान’ करने पर कांग्रेस को घेरा

अगली पोस्ट

‘संभल में आएगा सतयुग’: विवादित जामा मस्जिद के सामने पुलिस पोस्ट का हुआ भूमि पूजन, ‘सत्यव्रत चौकी’ होगा नाम

संबंधित पोस्ट

क्या वाकई कोमा में हैं ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ? युद्ध विराम चर्चा के बीच ईरान की लीडरशिप पर क्यों उठ रहे हैं सवाल ?
चर्चित

क्या वाकई कोमा में हैं ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ? युद्ध विराम चर्चा के बीच ईरान की लीडरशिप पर क्यों उठ रहे हैं सवाल ?

7 April 2026

ईरान-अमेरिका तनाव के बीच एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें दावा किया गया है कि ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई कोमा में...

IAF का स्वदेशी FF Bot: युद्ध के बाद आग से जंग लड़ने की नई ताकत
चर्चित

IAF का स्वदेशी FF Bot: युद्ध के बाद आग से जंग लड़ने की नई ताकत

7 April 2026

भारतीय वायु सेना के स्वदेशी फायरफाइटिंग रोबोट FF Bot को लेकर जो तस्वीर सामने आ रही है, वह यह दिखाती है कि आधुनिक युद्ध सिर्फ...

पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास
इतिहास

पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

7 April 2026

‘भारत’ दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यता, संस्कृति और चेतना का जीवंत प्रतीक है। इसकी भूमि पर हर संघर्ष, हर सपना और हर परंपरा हमें हमारी...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited