TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    र्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है

    धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, बोलें- जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटूंगा

    नितिन नबीन

    स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बीच BJP का बड़ा प्लान: युवाओं तक पहुंचेगी पार्टी, सांसदों-विधायकों को मिला विशेष जिम्मा

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज, पीएम मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की कही बात

    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    र्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है

    धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, बोलें- जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटूंगा

    नितिन नबीन

    स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बीच BJP का बड़ा प्लान: युवाओं तक पहुंचेगी पार्टी, सांसदों-विधायकों को मिला विशेष जिम्मा

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज, पीएम मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की कही बात

    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

नेहरू के जाने से कुंभ में मारे गए थे 1000 लोग, पत्रकार की जुबानी ‘हत्या’ की कहानी: भिखारियों की मौत बता कांग्रेस ने की थी सच छिपाने की कोशिश

TFI Desk द्वारा TFI Desk
15 January 2025
in इतिहास, चर्चित
महाकुंभ 1954 मौत नेहरू

नेहरू के जाने से कुंभ में मारे गए थे 1000 लोग! (फोटो साभार: HT, IndiaToday)

Share on FacebookShare on X

कुंभ नहीं महाकुंभ कहिए…। तीर्थराज प्रयाग यानी प्रयागराज में दिव्य महाकुंभ की भव्य शुरुआत हो चुकी है। महाकुंभ की शुरुआत से पहले इसकी तैयारियों को लेकर विपक्ष सवाल खड़े कर रहा था। साथ ही कई प्रकार की बातें हो रही थीं। हालांकि अब शुरुआती दो दिनों में ही 4.5 करोड़ (साढ़े चार करोड़) से अधिक श्रद्धालु संगम में स्नान कर चुके हैं। इस दौरान वामपंथी-कट्टरपंथी गैंग कुंभ को बदनाम करने के लिए अफवाह से लेकर अपराध तक तमाम तिकड़म लगा रहा है। लेकिन हिंदूफोबिया से ग्रसित यह गैंग आजाद भारत के पहले कुंभ में मची भगदड़ के कारण जान गंवाने वाले 1000 लोगों की बात नहीं करता। कारण यह कि इसका सीधा संबंध कांग्रेस पार्टी और जवाहर लाल नेहरू से है।

भगदड़ के लिए नेहरू जिम्मेदार?

साल 1954 में आजाद भारत का पहला कुंभ प्रयागराज में आयोजित किया गया था। चूंकि यह आयोजन तत्कालीन प्रधानमंत्री नेहरू शहर यानी प्रयागराज (तब इलाहाबाद) में हो रहा था, इसलिए नेहरू इसमें अतिरिक्त रुचि ले रहे थे। हालांकि ऐसा दावा किया जाता है कि नेहरू की यही रुचि कुंभ में लाशों के अंबार का कारण बनी। हालांकि इस भीषण घटना को मामूली भगदड़ और कुछ भिखारियों की मौत बताकर तब से लेकर अब तक की कांग्रेस असलियत छुपाने की भरपूर कोशिश करती रही है।

संबंधितपोस्ट

बलिदान दिवस विशेष: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता

पंजाब सीएम भगवंत मान की बढ़ीं मुश्किलें: वायरल वीडियो मामले में अकाल तख्त ने सुनाया फैसला

अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

और लोड करें

दरअसल, 3 फरवरी 1954 को कुंभ के दूसरे शाही स्नान यानी मौनी अमावस्या का दिन था। मां गंगा-यमुना और सरस्वती के संगम में स्नान करने के लिए लाखों लोग एकत्रित हुए थे। लेकिन अव्यवस्थाओं के चलते तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की मौजूदगी में भगदड़ मच गई। ऐसा कहा जाता है कि इस भीषण दुर्घटना में करीब एक हजार लोगों की मौत हो गई थी। हालांकि सरकार कुछ भिखारियों की मौत का दावा करती रही।

1954 के कुंभ मेले में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने के कारण लगभग 800 लोग नदी में डूबकर या तो मारे गए या फिर कुचलकर मर गए। 
पत्रिका ने बताया था कि 500 लोग मारे गए थे (फोटो साभार: अमृता बाजार पत्रिका/नेहरू मेमोरियल संग्रहालय एवं पुस्तकालय)

इस घटना को लेकर प्रकाशित किए गए आर्टिकल्स और वहां भगदड़ के दौरान मौके पर मौजूद लोगों के बयानों के अनुसार तत्कालीन प्रधानमंत्री नेहरू और राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद कुंभ मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने के लिए प्रयागराज पहुंचे थे। प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति दोनों को ही शाही स्नान के दिन स्नान करना था। इसलिए पूरा प्रशासनिक अमला दोनों ही बड़े नेताओं की आगवानी के लिए आवभगत में लगा हुआ था।

देश के दो बड़े नेता एक साथ एक शहर में वह भी कुंभ जैसे बड़े आयोजन में पहुंचे थे। ऐसे में जब दोनों के शाही स्नान में शामिल होने का समय हुआ तो वीआईपी व्यवस्था कर दी गई और वहां मौजूद अन्य श्रद्धालुओं को स्नान करने से रोक दिया गया। हालांकि श्रद्धालु धीरे-धीरे किला घाट की तरफ बढ़ने लगे। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को रोकने के लिए बैरिकेड्स लगाए गए थे। लेकिन लाखों की भीड़ के आगे बैरिकेड्स कहां रुकने वाले थे।

घड़ी में सुबह के करीब 10:20 मिनट हो रहे थे। इसी वक्त नेहरू और राजेंद्र प्रसाद की कार त्रिवेणी रोड से आई और बैरियर को पार करके किला घाट की ओर बढ़ने लगी। नेहरू प्रधानमंत्री थे ऐसे में जनता उन्हें देखने के लिए उमड़ पड़ी और अचानक भीड़ से चिल्लाने की आवाजें आना शुरू हो गईं और एक के बाद एक सैकड़ों लोग जमीन पर गिरते चले गए।

1954 के कुंभ मेले में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने के कारण लगभग 800 लोग नदी में डूबकर या तो मारे गए या फिर कुचलकर मर गए। 
कुंभ में श्रद्धालुओं से मिलते नेहरू (फोटो साभार: अमृता बाजार पत्रिका/नेहरू मेमोरियल संग्रहालय एवं पुस्तकालय)

इसका मतलब साफ था कि नेहरू को देखने के चलते कुंभ में भगदड़ मची थी। कुछ ही पलों में ‘बचाओ-बचाओ’ की आवाज के बीच जो लोग जमीन पर गिर रहे थे, उनके ऊपर से लोग गुजरते जा रहे थे। इसका मतलब यह था कि एक बार नीचे गिरने वाले दोबारा नहीं उठ सके। करीब 1000 लोग भीड़ में कुचले जाने और दम घुटने से काल के गाल में समा गए।

पत्रकार ने बताई थी सच्चाई:

कुंभ में 1000 श्रद्धालुओं की मौत को छिपाने के लिए तत्कालीन सरकार ने तमाम हथकंडे अपनाए थे। लेकिन आनंद बाजार पत्रिका के फोटो जर्नलिस्ट एनएन मुखर्जी ने कांग्रेस और नेहरू की पोल खोल रख दी थी। साल 1989 में ‘छायाकृति’ नामक पत्रिका में छपे संस्मरण में एनएन मुखर्जी ने लिखा था कि हादसे के वक्त वह संगम चौकी के पास बने एक टावर पर खड़े थे। तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद को संगम स्नान के लिए आना था। इसके चलते ही यह पूरा हादसा हुआ था।

एनएन मुखर्जी ने अपने संस्मरण में लिखा था कि यह मामला अंतर्राष्ट्रीय मीडिया तक पहुंचने से रोकने के लिए सरकार ने इसे कुछ भिखारियों की मौत बताते हुए बड़ा हादसा मानने से इनकार कर दिया था। हालांकि एनएन मुखर्जी ने हादसे के कई फोटो दिखाए थे। इनमें से कुछ फोटो में महिलाएं महंगे वस्त्र और सोने-चांदी के आभूषण पहने नजर आ रही थीं। इससे यह स्पष्ट हो गया था कि मृतक भिखारी नहीं थे।

संस्मरण में यह भी सामने आया था कि भगदड़ में मारे गए लोगों के शव उनके परिजनों को सौंपने की बजाय ढेर कर सामूहिक रूप से जला दिए गए थे। एनएन मुखर्जी ने लिखा था कि सामूहिक रूप से जल रहे शवों की फोटो लेने के लिए उन्होंने पुलिसकर्मी के पैर पकड़ लिए थे और कहा था कि वह अपनी मृत दादी को आखिरी बार देखना चाहते हैं। इसके बाद उन्हें शवों के पास जाने दिया गया था। इसी दौरान एनएन मुखर्जी ने चुपके से सामूहिक रूप से जलाए जा रहे शवों की फोटो खींच ली थी।

चूंकि आनंद बाजार पत्रिका के फोटो जर्नलिस्ट एनएन मुखर्जी के पास हादसे की खबर और तस्वीर दोनों थी। ऐसे में पत्रिका ने इस हादसे को लेकर पूरी जानकारी प्रकाशित कर दी थी। हालांकि बाकी किसी अखबार या पत्रिका के पास या तो फोटो नहीं थे और यदि थे भी तो बहुत कम, ऐसे में मीडिया में काफी कम जानकारी सामने आ पाई थी। वहीं आनंद बाजार पत्रिका ने बड़े पैमाने पर इसको कवर किया था। इसलिए कांग्रेस का आलाकमान हिला हुआ था और तत्कालीन मुख्यमंत्री गोविंद बल्लभ पंत ने चिल्लाते हुए कहा था, ‘कहां है ये हरा*जा* फोटोग्राफर।’

1954 की कांग्रेस हो या फिर आज की, तमाम सबूतों के बाद भी तब से लेकर अब तक कांग्रेस ने कुंभ में हुई भगदड़ के लिए कभी भी नेहरू को जिम्मेदार नहीं माना। यहां तक कि महाकुंभ 2025 को लेकर सवाल उठाने वाले वामी गैंग से लेकर सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव तक को साल 2013 में हुए कुंभ को याद करना चाहिए। दरअसल, अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री रहते हुए साल 2013 में हुए कुंभ में 30 से अधिक लोगों की मौत हुई थी। हालांकि इस बार महाकुंभ के लिए केंद्र की मोदी सरकार से लेकर राज्य की योगी आदित्यनाथ सरकार तक एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है। हर तरह से सुरक्षा व्यवस्था का ध्यान रखा जा रहा है। यही कारण है कि अब तक करीब 5 करोड़ लोगों के स्नान करने के बाद भी कुंभ से किसी भी तरह की अव्यवस्था की खबर सामने नहीं आई है।

 

Tags: HistoryJawaharlal NehruMahakumbh 2025mahakunbhइतिहासजवाहर लाल नेहरुप्रयागराज महाकुंभमहाकुंभमहाकुंभ 2025
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

Mirzapur Viral Video: मिर्जापुर की रील लाइफ ‘गोलू’ का वीडियो वायरल, किराया मांगने पर लड़की ने ऑटो चालक को धुना

अगली पोस्ट

इधर 26/11 का दंश झेल रहा था देश, उधर अमेरिका से हिन्दुओं की शिकायत कर रहे थे राहुल गाँधी: अब भारत से लड़ाई का ऐलान

संबंधित पोस्ट

पश्चिम बंगाल में जैश-ए-मोहम्मद का संदिग्ध सदस्य गिरफ्तार
क्राइम

पश्चिम बंगाल में जैश-ए-मोहम्मद का संदिग्ध सदस्य गिरफ्तार, जांच एजेंसियां आतंकी नेटवर्क की कर रहीं जांच

31 July 2026

पश्चिम बंगाल के पूर्व बर्धमान (पुरबा बर्धमान) जिले से पुलिस ने जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के एक संदिग्ध सदस्य को गिरफ्तार किया है। पुलिस और जांच एजेंसियां...

'संसद चलो' मार्च में घायल पुलिसकर्मियों
चर्चित

‘संसद चलो’ मार्च में घायल पुलिसकर्मियों के परिवारों की गुहार: संसद में हमारे दर्द पर भी हो चर्चा

31 July 2026

20 जुलाई को दिल्ली में आयोजित 'संसद चलो' मार्च के दौरान घायल हुए दिल्ली पुलिस के जवानों के परिजनों ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर...

क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है
चर्चित

क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

31 July 2026

ज़रा कल्पना कीजिए...आप एक सुबह उठते हैं और देखते हैं कि हजारों लोग आपके शहर में प्रवेश कर चुके हैं। सड़कों पर भारी भीड़ है,...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

POJK ERUPTS IN PROTEST

POJK ERUPTS IN PROTEST

00:02:53

The Indian Air Force Mission That Broke Pakistan's Backbone at Tiger Hill | Op Safed Sagar

00:58:34

Pakistan’s Plebiscite Claim: The Missing Context of the UN Framework

00:03:23

TRUMP'S PHARMA TARIFF SHOCK

00:03:54

A Decade After 709 Crackdown: Remembering China's Human Rights Lawyers

00:04:16
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited