TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात, ई-बसों में मुफ्त सफर के साथ एक सहयात्री को भी मिलेगा लाभ

    नेपाल में भोटे कोशी नदी में अचानक आई बाढ़

    नेपाल में भोटे कोशी नदी में अचानक आई बाढ़, रसुवा में भारी तबाही; कई लोग लापता

    BPSC परीक्षा रद्द/री-एग्जाम की मांग को लेकर छात्रों के प्रदर्शन की तस्वीरें

    BPSC परीक्षा रद्द करने की मांग पर पटना में छात्रों का प्रदर्शन, बैरिकेडिंग तोड़ी, पुलिस ने किया लाठीचार्ज

    दिमागी नक्सल

    बंदूक से आगे की लड़ाई  ‘दिमागी नक्सल’ और राष्ट्र को दिग्भ्रमित करने वाले नैरेटिव का खेल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    1947 to 2026 Independence Day Nehru to Modi

    Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    Third Aircraft Carrier Indian Navy China Threat

    भारत को क्यों चाहिए तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर? Explainer

    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    ट्रंप का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    Jawaharlal Nehru

    नेहरू की वो 3 गलतियां जिन्होंने विभाजन की विभीषिका को जन्म दिया

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात, ई-बसों में मुफ्त सफर के साथ एक सहयात्री को भी मिलेगा लाभ

    नेपाल में भोटे कोशी नदी में अचानक आई बाढ़

    नेपाल में भोटे कोशी नदी में अचानक आई बाढ़, रसुवा में भारी तबाही; कई लोग लापता

    BPSC परीक्षा रद्द/री-एग्जाम की मांग को लेकर छात्रों के प्रदर्शन की तस्वीरें

    BPSC परीक्षा रद्द करने की मांग पर पटना में छात्रों का प्रदर्शन, बैरिकेडिंग तोड़ी, पुलिस ने किया लाठीचार्ज

    दिमागी नक्सल

    बंदूक से आगे की लड़ाई  ‘दिमागी नक्सल’ और राष्ट्र को दिग्भ्रमित करने वाले नैरेटिव का खेल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    1947 to 2026 Independence Day Nehru to Modi

    Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    Third Aircraft Carrier Indian Navy China Threat

    भारत को क्यों चाहिए तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर? Explainer

    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    ट्रंप का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    Jawaharlal Nehru

    नेहरू की वो 3 गलतियां जिन्होंने विभाजन की विभीषिका को जन्म दिया

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

महाभारत के ‘पाँच पांडव” और आज के युग के संघ के ‘पाँच परिवर्तन’

पंच परिवर्तन के पाँच बिंदु हैं- सामाजिक समरसता, कुटुम्ब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्व का बोध और नागरिक कर्तव्य और शिष्टाचार

Vishal Nadda द्वारा Vishal Nadda
24 October 2025
in मत
महाभारत के ‘पाँच पांडव” और आज के युग के संघ के ‘पाँच परिवर्तन’

महाभारत के ‘पाँच पांडव” और आज के युग के संघ के ‘पंच परिवर्तन’

Share on FacebookShare on X

संघ अपने शताब्दी वर्ष में प्रवेश कर चुका है। पूरे भारतवर्ष में संघ के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रम हो रहे हैं । इन सौ वर्षो में संघ ने बिना किसी दिखावे के सतत चलते हुए समाज में भारत के लोगो के मन में अपना एक स्थान बनाया। अनेक उतार चढ़ाव भरी सौ वर्ष कि यात्रा करने के बाद संघ ने अपने समाज को मजबूत और स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से ऐसे पंच मंत्र दिए हैं जिनके अनुसार भारत के लोग सही ढंग से आचरण करें तो भारत में बहुत बड़ा सकारात्मक परिवर्तन हो सकता है। ये पांच मंत्र वास्तव में महाभारतकालीन पांच पांडवों जैसे हैं, जो आज के युग के महाभारत में धर्म को विजयी बनाने में सहायक होंगे । जिस प्रकार से महाभारत के पांच पांडवों के अपने अपने व्यक्तित्व के गुण थे ठीक उसी प्रकार से आज के समय में इन पांच मंत्रों या पंच परिवर्तनों के भी अपने गुण हैं, जो समाज में समावेशी हो कर समाज की दशा और दिशा बदल सकते हैं । इन पंच परिवर्तन के पाँच बिंदु हैं- सामाजिक समरसता, कुटुम्ब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्व का बोध और नागरिक कर्तव्य और शिष्टाचार।

सामाजिक समरसता:

संबंधितपोस्ट

मोहन भागवत 29 अगस्त को न्यूयॉर्क में भारतीय समुदाय को करेंगे संबोधित, मेयर जोहरान ममदानी ने जताया विरोध

RSS की तीन दिवसीय बैठक में डेमोग्राफी, युवाओं, नशे और विकास पर चर्चा, आत्मनिर्भर भारत पर जोर

USCIRF की RSS पर बैन की सिफारिश, अमेरिका को आईना देखने की जरुरत

और लोड करें

आज पूरा विश्व एक दौड़ में है। फिर भारत भी अछूता कैसे रह सकता है। समय के साथ-साथ समाज में कई प्रकार के बदलाव आ चुके हैं और आ भी रहे हैं। अतीत में विदेशी आक्रान्ताओं के साथ सतत चले संघर्ष के उपरांत भी भारत कि संस्कृति अक्षुण बनी रही। भारत के समाज को तोड़ने का पुरजोर प्रयास किया गया और उस प्रयास में समाज को तोड़ने वाली असुरी शक्तियां कुछ हद तक सफल भी हो गई । भारत वर्ष एक पुण्य भूमि है और समय समय पर इस पुण्य भूमि पर समाज को जोड़े रखने के लिए महापुरुष भी आते रहे और आन्दोलनों के माध्यम से समाज में जाग्रति लाते रहे। समरस समाज का मन्त्र संघ नें समाज को दिया है। समरस समाज से तात्पर्य है एक ऐसे समाज का निर्माण जिस में ना तो कोई ऊँच नीच हो । ना कोई अगड़ा या पिछड़ा हो । जहाँ पर रंग, रूप, भाषा, वृति के आधार पर कोई भेद भाव ना हो । प्रकृति में विविधिता सहज और स्वाभाविक है इसलिए इस विविधिता में एकता को अंगीकार करते हुए सभी को मिल कर अपने भारतवर्ष की उन्नति के लिए मिल कर आगे आना होगा । जिस प्रकार से आजादी कि लड़ाई में पूरे भारतवर्ष के क्रान्तिकारियो ने मिल कर इस देश को आजाद करवाया था। ठीक उसी प्रकार से सभी भारतीयों को मिल कर एक समरस समाज की नीव को रखना हैं । आज हिन्दू समाज को अपने तीन स्थान पर समरसता स्थापित करनी है मंदिर ,पानी का स्थान और शमशान। जिस प्रकार धर्मराज युधिष्ठिर ने अपने चारों भाईयों को उनकी विविध क्षमताओं के बावजूद एक सूत्र में बांधे रखा उसी प्रकार सामाजिक समरसता वह मन्त्र है जो धर्मराज युधिष्ठिर की भान्ति धर्म के मार्ग पर चलने कि प्रेरणा देता है और इसी मार्ग से ही भारत व मानवता का भला हो सकता है। इसी से देश और धर्म का पुनरुत्थान संभव है।

कुटुम्ब प्रबोधन

सीधे शब्दों में कहें तो मजबूत परिवार से मजबूत राष्ट्र का निर्माण होता है। भारतवर्ष की संस्कृति ही ऐसी है कि इस राष्ट्र में जो परिवार व्यवस्था रही है उस के कारण भारत अनेक वर्षो के संघर्ष के बाद भी आज तक अपनी संस्कृति को बचा पाया है। परन्तु समय के साथ साथ हमारी इस अनुपम व्यवस्था पर भी आघात किया गया और इसे तोड़ने का भरपूर प्रयास किया गया। आज संघ ने इस पुरातन परिवार व्यवस्था को पुनः समाज में अपनाने पर बल दिया है और इसके सफल परिणाम भी सामने आ रहे हैं। आज विश्व कि कुल आबादी का 18% लगभग 140 करोड़ जनसंख्या भारत में रहती है । हमारी परिवार व्यवस्था में संयुक्त परिवार व्यवस्था रहती है जिस में दादा-दादी, ताया-ताई, चाचा-चाची, बुआ, मासी, मामा, ननद, जेठ-जेठानी, देवर–देवरानी आदि रिश्तो का हम सब को ध्यान है । एक ही छत के नीचे तीन-तीन पीढ़िया हंसी ख़ुशी अपना जीवनयापन करती हैं।  कुछ महानगरों को छोड़ दे तो आज भी ग्रामीण भारत में संयुक्त परिवार व्यवस्था देखने को मिल जाती है। आज भौतिक जगत के भागम भाग में परिवार पीछे छूट रहे हैं । मोबाइल फोन के कारण और समस्या उत्पन्न हुई है। कलह कलेश बढ़ने लगे हैं। इसके पीछे एक बड़ा कारण यह है कि लोगों के पास परिवार के साथ बात करने का समय ही नहीं है। भारत की पुरातन संवाद करने की संस्कृति क्षीण होती जा रही है। ऐसे समय में परिवार को संभलाने की आवश्यकता है। इसके लिए ही संघ ने परिवार प्रबोधन के इस मन्त्र को समाज को दिया है । परिवार के सदस्यों के साथ बैठकर सम्वाद करना अत्यंत आवश्यक है, परिवार, समाज और देश के इतिहास का बोध होना बहुत जरूरी है। जिस तरह से अपने परिवार को सुरक्षित रखने के लिए भीम ने अपने बल से पुरुषार्थ किया था, कुछ ऐसा ही ‘परिवार प्रबोधन’ भी भीम की वही शक्ति समान है जो परिवार व्यवस्था को समाप्त करने में लगी आंतरिक और बाह्य दुष्ट शक्तियों से परिवार की सुरक्षा करने में सहायक होगी।

पर्यावरण संरक्षण

भारतीय जीवनशैली पूरी तरह से प्रकृति प्रेमी रही है । कण कण में भगवान का वास होता है यह सनातन संस्कृति का विश्वास है । केवल सनातन संस्कृति में ही प्रकृति पूजन और प्रकृति संरक्षण के रूप में मान्यता दी गयी है। पश्चिम के देशों में प्रकृति केवल उपभोग की वस्तु है, उनका मानना है कि प्रकृति का जितना ज्यादा दोहन कर सकते है उतना कर लेना चाहिये। इस के ठीक विपरीत सनातन संस्कृति में प्रकृति को माता तुल्य माना गया है । सनातन संस्कृति में पेड़- पौधों , नदी – पर्वत , ग्रह – नक्षत्र , अग्नि, वायु , जल , थल  सहित प्रकृति के विभिन स्वरूपों को मानवीय संबंधों के साथ जोड़ा गया है । भारतीय परंपरा का पालन करते हुए जन्मदिन के अवसर पर पेड़ लगाने की परंपरा है, पेड़ को भाई , मित्र या संतान के रूप में देखते हैं । नदियों को ममतामई माँ के रूप में देखते हैं इसलिए भारत में हर नदी का नाम माता के रूप लिया जाता है। भारतीय दर्शन में प्रकृति की हर चीज़ के साथ मानवता का एक सम्बन्ध स्थापित किया गया है और यह परंपरा प्राचीन समय से चलती आ रही है। पशु-पक्षिओं को देवताओं के साथ जोड़ा गया इसलिए उन सभी की रक्षा करना सभी का धर्म माना गया । पर्यावरण को लेकर भारत में एक नए आन्दोलन को जागृत करने का प्रयास चल रहा है। इसमें तीन काम हैं जो सभी को करने है जिन्हें हम तीन P भी कहते हैं “पेड़ लगाना, पानी बचाना और प्लास्टिक को ना कहना” । ये सब बातें हम सब को अपने परिवार से प्रारंभ करनी हैं। प्रकृति के साथ संतुलन की भावना ही नकुल के सौंदर्य और संतुलन की अभिव्यक्ति जैसा है।

स्व का बोध

स्व के भाव का जागरण ही वास्तव में आत्मशक्ति का जागरण है । स्व यानि स्वाभिमान, स्वदेशी, स्वावलंबन, आत्मनिर्भरता आदि। स्व के जागरण का सीधा सा अर्थ है कि अपने समाज के उच्च जीवन मूल्यों का बोध होना । स्व के जागरण से ही समाज में अपनी संस्कृति अपने इतिहास और अपने उच्च आदर्शों के प्रति उच्च कोटि के सम्मान व स्वाभिमान का बोध होना । स्वदेशी का होना यानि कि अपनत्व का भाव । स्वदेशी का सीधा सा अर्थ है कि जो भी हमारी संस्कृति , परम्पराओं , रीति – नीति से सम्बंधित हो । स्वदेशी वह उर्जा है कि जिसकी तपिश से अंग्रेजी सरकार को भी भारत के वीर सपूतों ने हिला दिया था । आज समाज में आवश्कता है कि जिस पुरातन परंपरा को हम भूल चुके हैं उस भव्य विरासत को पुनः अपने समाज में स्थापित करें । सनातन संस्कृति में यदि हम देखें तो पाएँगे की हमारी संस्कृति तो विश्व की सब से भव्य और समृद्धशाली संस्कृति रही है । आज योग को पूरा विश्व अपना रहा है । भारतीय कालगणना का विश्व में कोई तोड़ नहीं है । सदियों से स्थापित मंदिर भारत की उच्च वास्तुकला का अनुपम उदाहरण है। भारत का आयुर्वेद प्राचीन समय से विश्व की सेवा करता आ रहा है । ऐसा और भी बहुत कुछ है जिस पर हम सभी को  गर्व है । आज आवश्कता है तो कवल इतनी की अपने समाज में फिर से उस स्व के प्रति एक आन्दोलन चलाने की कि जिस से हमारा समाज अपने राष्ट्र की उन अनुपम धरोहरों को स्वाभिमान से देखना प्रारंभ कर दे । इसलिए भाषा, भूषा, भोजन, भजन, भ्रमण, भवन हमारे अपने होने चाहिए। इनसे हमारे ‘स्व’ यानी हिंदुत्व का प्रकटीकरण होना चाहिए। महाभारत में गीता के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को स्व का भी बोध कराया था। अर्जुन की भांति एकटक अपने लक्ष्य पर दृष्टि स्थापित करते हुए हम सबको संघ द्वारा दिए गए इस मन्त्र का आचरण करना ही होगा।

नागरिक कर्तव्य और शिष्टाचार

किसी भी देश के नागरिक यदि अनुशासित और संस्कारी हों तो वह राष्ट्र एक समृद्ध राष्ट्र माना जाता है। किसी भी देश व समाज के उतम संचालन और संवर्धन की लिए वहाँ के नागरिकों को कुछ आवश्यक अधिकार और कर्तव्यों का बोध करवाया जाता है। जिससे वहाँ के नागरिक अपने देश की समृधि व रचनात्मक कार्यों में सहयोगी बनते हैं। अनुशासन में बंधे हुए नागरिक ही देश की सब से बड़ी ताकत होते हैं । हर देश ने अपने देश के नागरिकों को अधिकार दिए होते हैं। इसी तरह से भारत में भी नागरिकों को 6 अधिकार भारतीय संविधान द्वारा प्रदान किये गए हैं समानता का अधिकार, स्वतंत्रता का अधिकार , शोषण के विरुद्ध अधिकार , धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार , संस्कृति और शिक्षा सम्बन्धी अधिकार , संवेधानिक उपचारों का अधिकार । इस के अतिरिक्त भारत के नागरिकों के कुछ मौलिक कर्त्तव्य भी है जिन का पालन करना हर भारतीय नागरिक का प्रथम कर्त्तव्य भी बनता है। उदहारण स्वरुप सार्वजनिक स्थान की स्वछता , सार्वजनिक सम्पत्ति की सुरक्षा व् देखभाल, यातायात नियमो का पालन करना , पानी की बर्बादी को रोकना , पर्यावरण की सुरक्षा , जाति धर्म या वर्ग के भेदभाव को अस्वीकार करना , समरसता और बंधुत्व को बढ़ावा देना , राष्ट्रीय मान बिन्दुओं और प्रतीकों का सम्मान करना आदि । जीवन की भागदौड में हम अपने अधिकारों की बात तो जोर शोर से करते हैं लेकिन अपने नागरिक कर्तव्यों के बारे में ध्यान नहीं जाता है। पांडूपुत्र सहदेव की तरह दूरदृष्टि और नैतिक विवेक की आवश्यकता आज भारत के प्रत्येक नागरिक के लिए आवश्यक है, इसलिए हमें भी उनकी ही तरह अपने भारत राष्ट्र को परम वैभव के सिंहासन पर विराजमान करवाने हेतु इन नागरिक कर्तव्यों का निर्वाहन करना परम आवश्यक है।

संघ का ये पंच परिवर्तन अभियान वास्तव में भारत को विश्व गुरु बनाने का मार्ग खोलने वाली कुंजी है। आज पूरा विश्व भारत की और नजरें टिकाये बैठा है अपने 100 वर्षों की यात्रा के पुरुषार्थ ने संघ का अनुभव 200 वर्षों का कर दिया है और आज जिस भारत की छवि सभी को दिख रही है उस की कल्पना 100 वर्ष पूर्व संघ के स्वयंसेवकों ने कर ली थी और उस मार्ग पर चल पड़े थे । आईये हम सब भारत के उज्ज्वल भविष्य के लिए पंच परिवर्तन अभियान का हिस्सा बनें।

Tags: 100 Years of RSSRashtriya Swayamsevak Sanghrssआरएसएसपंच परिवर्तन
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

बीबीसी की निराशा और भारत का शांत Gen Z: सड़कों पर आग की नहीं, नवाचार और सुधार की क्रांति

अगली पोस्ट

ड्रैगन की नई चाल: पैंगोंग के उस पार खड़ा हुआ चीन का सैन्य किला, भारत भी कर रहा ये तैयारियां

संबंधित पोस्ट

दिमागी नक्सल
चर्चित

बंदूक से आगे की लड़ाई  ‘दिमागी नक्सल’ और राष्ट्र को दिग्भ्रमित करने वाले नैरेटिव का खेल

22 August 2026

स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन केवल सरकार की उपलब्धियों का लेखा-जोखा नहीं होता। वह देश की दिशा,...

बच्चे आपके, संस्कार किसके?
मत

बच्चे आपके, संस्कार किसके?

17 August 2026

हाल ही में एक पुस्तक पढ़ी, जिसका शीर्षक है “जिस ओर जवानी चलती है, उस ओर जमाना चलता है।” पुस्तक में विकसित भारत 2047 के...

‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?
इतिहास

‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

14 August 2026

वर्ष 2021 में देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 14 अगस्त को 'विभाजन की विभीषका स्मृति दिवस' (Partition Horrors Remembrance Day) के रूप में मनाने...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

What Actually Hit Pakistan’s Nuclear Backyard? CDS | Anil Chauhan | Kirana hills

What Actually Hit Pakistan’s Nuclear Backyard? CDS | Anil Chauhan | Kirana hills

00:06:34

OP SINDOOR: HOW WOMEN PILOTS BRAHMOSED LASHKAR DEN

00:03:55

Why India Needs a Bigger Navy | More Ships, More Presence, More Maritime Power

00:05:33

India’s Fighter Force Needs More Than Jets | Here’s Why 150 Trainers Matter ? IAF | HAWK | HAL

00:04:44

RAW Chief’s Dhaka Visit: Is India Rebuilding Security Ties With Bangladesh? Reset or Routine?

00:03:30
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited