सीएम योगी आदित्यनाथ सोमवार को बिजनौर के धामपुर तहसील क्षेत्र के आलमपुर गौंरी, अफजलगढ़ में आयोजित एक बड़े कार्यक्रम में पाकिस्तान से विस्थापित 1,645 परिवारों को जमीन के मालिकाना हक के प्रमाण पत्र वितरित करेंगे। यह कार्यक्रम उन परिवारों के लिए एक ऐतिहासिक अवसर माना जा रहा है, जो वर्षों से जमीन पर रह रहे थे, लेकिन उनके पास स्वामित्व से जुड़े आधिकारिक दस्तावेज नहीं थे।
सरकार का कहना है कि उसका उद्देश्य वंचित, शोषित और विस्थापित लोगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना तथा उन्हें उनके अधिकार दिलाना है। इसी दिशा में यह पहल की जा रही है, ताकि इन परिवारों को कानूनी रूप से अपनी जमीन का मालिकाना हक मिल सके। जमीन के स्वामित्व प्रमाण पत्र मिलने के बाद परिवारों को कई सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में भी आसानी होगी। साथ ही वे अपनी संपत्ति से जुड़े अधिकारों का पूर्ण रूप से उपयोग कर सकेंगे।
बताया जा रहा है कि विभाजन और उसके बाद के वर्षों में पाकिस्तान से आए कई परिवार उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में बस गए थे। इनमें से बड़ी संख्या बिजनौर जिले में भी रहती है। लंबे समय से ये परिवार जमीन के स्वामित्व संबंधी दस्तावेज मिलने का इंतजार कर रहे थे। अब सरकार द्वारा उन्हें मालिकाना हक प्रदान किए जाने से उनकी वर्षों पुरानी मांग पूरी होने जा रही है।
इस अवसर पर सीएम योगी आदित्यनाथ लाभार्थी परिवारों से संवाद भी करेंगे और प्रदेश सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देंगे। प्रशासन ने कार्यक्रम की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं और बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है।
सरकार का मानना है कि इस कदम से विस्थापित परिवारों को सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मदद मिलेगी तथा उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिलेगा।






























