अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे में कथित गड़बड़ी और धोखाधड़ी का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ है कि अब जम्मू-कश्मीर के माता वैष्णो देवी मंदिर से भी चढ़ावे में कथित मिलावट का मामला सामने आया है। करीब 500 करोड़ रुपये से अधिक की चांदी के चढ़ावे में गड़बड़ी के आरोपों ने श्रद्धालुओं की चिंता बढ़ा दी है। इस मामले में जम्मू की अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए क्राइम ब्रांच के जांच अधिकारी को 29 जुलाई को सभी जरूरी रिकॉर्ड के साथ व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने का आदेश दिया है।
यह मामला वकील दीपक शर्मा की शिकायत के बाद सामने आया। उन्होंने आरोप लगाया कि श्रद्धालुओं द्वारा माता वैष्णो देवी मंदिर में चढ़ाई गई चांदी में मिलावट की गई, उसे बदला गया या उसका गबन किया गया हो सकता है। शिकायत में एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
शिकायत में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, गबन, रिकॉर्ड में हेरफेर और कैडमियम जैसी धातुओं के इस्तेमाल जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि क्राइम ब्रांच ने शिकायत मिलने के बाद भी समय पर उचित कानूनी कार्रवाई नहीं की, जिसके बाद उन्हें अदालत का रुख करना पड़ा।
क्राइम ब्रांच ने अदालत को बताया कि शिकायत को मंजूरी के लिए पहले श्रीनगर मुख्यालय भेजा गया था और बाद में आगे की कार्रवाई के लिए जम्मू भेज दिया गया। हालांकि, शिकायतकर्ता ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि सिर्फ शिकायत को आगे भेज देना पर्याप्त नहीं है और कानून के तहत तत्काल जांच शुरू होनी चाहिए।
दरअसल, यह विवाद तब शुरू हुआ जब रिपोर्टों में दावा किया गया कि मंदिर की करीब 20 टन चांदी, जिसकी कीमत लगभग 550 करोड़ रुपये बताई गई, की जांच में केवल 5 से 6 प्रतिशत चांदी ही शुद्ध निकली, जबकि बाकी में कैडमियम, लोहा और अन्य धातुओं की मिलावट होने की बात सामने आई। अब अदालत ने जांच अधिकारी को सभी संबंधित दस्तावेजों के साथ पेश होने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 29 जुलाई को होगी।


































