TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

मायावती और अखिलेश यादव की मंशा बंगला छोड़ने की नहीं है, अपना रहे हैं नए पैंतरे

TFI Desk द्वारा TFI Desk
24 May 2018
in मत
पूर्व मुख्यमंत्री बंगला
Share on FacebookShare on X

सुप्रीम कोर्ट ने  इस महीने की शुरुआत में एक बड़ा फैसला लिया था जिसमें कोर्ट ने अखिलेश यादव के शासनकाल के दौरान उत्तर प्रदेश राज्य सरकार द्वारा किए गए एक संशोधन को रद्द कर दिया था। अखिलेश यादव ने अपने शासनकाल में पूर्व मुख्यमंत्रीयों को स्थायी आवास की अनुमति दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री अपने कार्यकाल के समाप्त होने के बाद सरकारी आवास के हकदार नहीं हैं। अगर वो सरकारी आवास को अपने कार्यकाल के समाप्त होने के बाद नहीं छोड़ते हैं तो ये कानून का उल्लंघन है। सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि इस तरह का कानून, “मनमाना, पक्षपात और संविधान द्वारा असमर्थित है।” सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा कि, “प्राकृतिक संसाधन, सार्वजनिक भूमि और सार्वजनिक वस्तु जैसे सरकारी बंगले/आधिकारिक निवास सार्वजनिक संपत्ति है, जो देश के लोगों से संबंधित हैं और ऐसे में पूर्व मुख्यमंत्री ताउम्र सरकारी आवास में नहीं रह सकता है।” कोर्ट ने इस संशोधन को अवैध बताते हुए कहा कि अधिनियम में प्रावधान, पूर्व मुख्यमंत्रियों को ताउम्र सरकारी खर्च पर सरकारी बंगला देना जनता के समानता के मूलभूत सिद्धांतों का उल्लंघन करता है। ये अवैध और अनुशासित है और किसी भी संवैधानिक सिद्धांतों द्वारा इसका समर्थन नहीं किया जाता है। सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश मंत्री (वेतन, भत्ता और अन्य प्रावधान) अधिनियम की धारा 4 (3)  में अखिलेश यादव द्वारा किये गये संशोधन को ख़ारिज कर दिया है।

दरअसल, उत्तरप्रदेश के गैर सरकारी संगठन लोक प्रहरी की ओर से 2016 में याचिका दायर की गई थी। एनजीओ ने अपनी याचिका में  उत्तर प्रदेश मंत्री (वेतन, भत्ता और अन्य प्रावधान) अधिनियम, 1981 की धारा 4 (3) में 2016  में किये गये संशोधन को चुनौती दी थी। इस धारा के तहत राज्य के पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन सरकारी आवास का हक मिल गया था। बता दें कि, सुप्रीम कोर्ट ने सभी पूर्व मुख्यमंत्रीयों को लखनऊ में अपने सरकारी आवंटित बंगलों को खाली करने का निर्देश दिया था लेकिन इस आदेश के तीन सप्ताह बाद, 2016 के अगस्त के अंत में तत्कालीन यूपी सरकार एक बिल लाये थे ताकि वो सरकारी आवास पर अपने कब्जे को वैध दिखा सकें।

संबंधितपोस्ट

राम मंदिर चंदा विवाद पर तुरंत सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, कहा- नियमित प्रक्रिया से होगी सुनवाई

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: SIT की जांच तेज, कई कर्मचारियों और बैंक अधिकारियों पर कार्रवाई की तैयारी

राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

और लोड करें

जब सुप्रीम कोर्ट ने 2016 में इसे खारिज कर दिया था तब अखिलेश सरकार ने विधानसभा में एक बिल पारित किया था जिससे वो सरकारी आवास पर कब्जे को बनाये रखने में कामयाब हो सकें। ये न केवल अनैतिक बल्कि संवैधानिक सिद्धांतों का उल्लंघन था।

कोर्ट के फैसले का पालन करते हुए योगी सरकार ने 6 पूर्व मुख्यमंत्रीयों, नारायण दत्त तिवारी, मुलायम सिंह यादव, कल्याण सिंह, मायावती, राजनाथ सिंह और अखिलेश यादव को 15 दिनों के अंदर सरकारी बंगला खाली करने का नोटिस दिया है। वर्तमान समय में ये सभी पूर्व मुख्यमंत्री राज्य की राजधानी लखनऊ में उच्च सुरक्षा वाले वीवीआईपी क्षेत्र में स्थित सरकारी संपत्ति पर कब्जा किये हुए हैं। अब, सभी पूर्व मुख्यमंत्री नए घर की तलाश में व्यस्त हैं। राजनाथ सिंह ने संपत्ति विभाग को लिखकर कहा कि वो गोमती नगर में अपने घर 3/206 विपुल खंड में स्थानांतरित हो जाएंगे। पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव ने मुख्यमंत्री योगी से मुलाकात की थी और उन्हें एक पत्र लिखा था जिसमें उन्होंने 4 और 5 विक्रमादित्य मार्ग पर स्थित अपने और अखिलेश यादव के सरकारी बंगलों को नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी और नेता विधान परिषद अहमद हसन के नाम पर एलॉट करने का अनुरोध किया। ये दोनों ही समाजवादी पार्टी के वफादार और भरोसेमंद सदस्य रहे हैं। इससे साफ़ जाहिर होता है कि मुलायम सिंह यादव आधिकारिक बंगले को हाथ से नहीं जाने देना चाहते हैं और इसलिए वो इस तरह की कोशिशें कर रहे हैं। हालांकि, मुलायम सिंह यादव ने अपने लिए आवास की तलाश शुरू कर दी है और उनकी पार्टी के सांसद संजय सेठ इसमें उनकी मदद कर रहे हैं। संजय ने उन्हें गोमतीनगर में विपुल खंड में एक जमीन भी दिखाई है। वहीं, उनके बेटे अखिलेश यादव ने अपना बंगला खाली करने के लिए दो साल के समय की मांग की है।

After BSP Chief Mayawati disregards SC order, SP Chief Akhilesh Yadav demands two years to vacate the government bungalow citing ‘non-availability of suitable accommodation’. @Amir_Haque with the details #MemorialMaya pic.twitter.com/WEuxNZfvlH

— TIMES NOW (@TimesNow) May 21, 2018

बीजेपी के सूत्रों के अनुसार, कल्याण सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री के रूप में राजधानी में मिला सरकारी बंगला खाली करना शुरू कर दिया है। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी दिल्ली में इलाज करा रहे हैं, इसलिए उन्हें नोटिस नहीं दिया जा सका है। हालांकि, उन्हें 15 दिनों के भीतर ही आधिकारिक सरकारी बंगला खाली करना होगा।

बसपा सुप्रीमो मायावती ने सरकारी बंगला खाली करने के आदेश के बाद अपने बंगले को बचाने की कवायद शुरू कर दी है। राजनीतिक चाल चलते हुए उन्होंने अपने सरकारी आवास 13ए माल एवेन्यू पर ‘कांशीराम यादगार विश्राम स्थल’ का बोर्ड लगवा दिया है। ये बोर्ड मायावती द्वारा कब्ज़ा किये हुए सरकारी आवास पर लगाया गया है। राज्य सम्पत्ति अधिकारी योगेश शुक्ला ने कहा कि,” वो किसी और चीज के लिए बंगला नंबर 13 ए पंजीकृत नहीं कर सकती हैं। वो उस बंगले को गेस्ट हाउस या संग्रहालय में परिवर्तित नहीं कर सकती हैं। एक घर घर ही होता है। अगर पुराने दस्तावेजों में ये बंगला गेस्ट हाउस या और किसी नाम से है तो मैं इसकी फिर से जांच करूंगा। हालांकि, जहां तक ​​मुझे पता है, ऐसा कुछ  नहीं है। अन्यथा, ये नेमप्लेट बहुत पहले सामने आया होता।” उन्होंने आगे कहा,” 13ए बंगले को पूर्व मुख्यमंत्री मायावती को आवंटित किया गया था और अब इस संपत्ति का कोई अन्य उपयोग नहीं किया जा सकता। इसके अलावा, इसका (नेमप्लेट) नोटिस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। सुप्रीम कोर्ट का आदेश स्पष्ट है कि पूर्व मुख्यमंत्रीयों को जो सरकारी आवास आवंटित किये गये थे उन्हें वो खाली करना होगा।”

दूसरी तरफ, बसपा पदाधिकारी कह रहे हैं कि बंगले से कांशीराम जी की भावनात्मक यादें जुड़ी हैं। बंगले में काशीराम की एक मूर्ति भी है। वो वहीं रहते थे। इसे एक राजनीतिक चाल के रूप में भी देखा जा सकता है। मायावती कांशीराम के नाम का सहारा ले रही हैं ताकि सीएम योगी दलित आइकन कांशीराम के नाम के बंगले की ओर कोई कठिन रुख लेने से पहले विचार करें। संसदीय चुनाव भी पास आ रहे हैं। ऐसे में ये एक राजनीतिक रूप से प्रेरित चाल की तरह लगता है और मायावती कांशीराम की यादों को संरक्षित करने के नाम पर राजनीतिक खेल खेलने की कोशिश में हैं। हालांकि, मायावती अपने बंगले 9 माल एवेन्यू में स्थानांतरित होने जा रही है।

सभी पूर्व मुख्यमंत्रीजन को कोर्ट के आदेश का सम्मान करना चाहिए और सरकारी आवास पर से अपने कब्जे को हटाकर एक उदाहरण स्थापित करना चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री के पास कोई विशिष्ट विशेषाधिकार नहीं है और वो सभी आम लोगों की तरह ही हैं। सुप्रीम कोर्ट ने अधिनियम में हुए संशोधन को ख़ारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि, “निस्संदेह, में 1981 अधिनियम की धारा 4 (3) में संशोधन भूतपूर्व नेताओं को पूर्व पदों के आधार पर सरकारी सुविधाएं देना एक ऐसे वर्ग का निर्माण करने जैसा है जो सेवानिवृत्ति के बाद भी सार्वजनिक संपत्ति पर पूर्णतया भार होगा। प्राकृतिक संसाधन, सार्वजनिक भूमि और सार्वजनिक वस्तु जैसे सरकारी बंगले/आधिकारिक निवास सार्वजनिक संपत्ति है, जो देश के लोगों से संबंधित हैं और ऐसे में पूर्व मुख्यमंत्री ताउम्र सरकारी आवास में नहीं रह सकता है।”

Tags: अखिलेश यादवउत्तर प्रदेशमायावतीसुप्रीम कोर्ट
शेयर482ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

एमनेस्टी इंटरनेशनल: म्यांमार सेना की कार्रवाई से पहले रोहिंग्या द्वारा हिंदुओं का सामूहिक कत्लेआम

अगली पोस्ट

कांग्रेस की सोशल मीडिया हेड राम्या ने माना कांग्रेस की तिजोरी है खाली, पार्टी गहरे वित्तीय संकट में

संबंधित पोस्ट

हिंदू समाज से एक सीधा प्रश्न: भव्य मंदिर बना सकते हो, तो उन्हें सरकारी कब्जे से स्वतंत्र क्यों नहीं करा सकते?
मत

हिंदू समाज से एक सीधा प्रश्न: भव्य मंदिर बना सकते हो, तो उन्हें सरकारी कब्जे से स्वतंत्र क्यों नहीं करा सकते?

4 July 2026

अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चोरी की घटना ने करोड़ों हिंदुओं को दुखी किया है। जाँच चल रही है। सत्य सामने आना चाहिए और जो...

कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता
चर्चित

कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता : आखिर कब तक?

29 June 2026

अंग्रेजी भाषा का एक शब्द “कॉमेडी”, कदाचित जिसका अर्थ ‘हास्य की वह विधा है, जिसका उद्देश्य स्वस्थ मनोरंजन और समाज को हँसी के माध्यम से...

Veer Savarkar Congress And Indira Gandhi
चर्चित

इंदिरा गांधी ने किया था सम्मान लेकिन वीर सावरकर से क्यों चिढ़ती है कांग्रेस?

28 May 2026

विनायक दामोदर सावरकर जिन्हें 'स्वातंत्र्यवीर' के रूप में जाना जाता है। वो भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक प्रमुख क्रांतिकारी थे। उनकी भूमिका और विचारधारा आज...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

WHY GEOGRAPHY MAKES INDIA ESSENTIAL TO NEPAL'S ECONOMY | Fuel, Food and Trade | China | Indo-Nepal

WHY GEOGRAPHY MAKES INDIA ESSENTIAL TO NEPAL'S ECONOMY | Fuel, Food and Trade | China | Indo-Nepal

00:03:48

Open Borders, Open Lives: India-Nepal's Social and Economic Bond

00:04:03

THE DRONE GENERAL'S LEGACY: HOW GEN DWIVEDI TRANSFORMED THE INDIAN ARMY | UAV

00:04:51

Nepal's Natural Ally: Why India, Not China ? Indo-Nepal

00:04:05

Pakistan’s Investment Rescue Plan or Another Economic Promise? Munir | Sharif

00:03:41
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited