TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    विजय चौक पर गुंजेगा देशभक्ति का गीत

    विजय चौक गुंजेगा देशभक्ति के सुरों से : 150 वीं वर्षगांठ पर प्रस्तुत होंगी ऐतिहासिक धुनें

    तिब्बत में चीनी नियंत्रण के दावों की समीक्षा

    तिब्बत का इतिहास और चीन का दावा: “प्राचीन शासन” मिथक पर सवाल

    भारत में V-BAT ड्रोन के तैनाती से न केवल सेना की निगरानी और सुरक्षा क्षमता में वृद्धि होगी

    भारतीय सेना को मिलेगा अत्याधुनिक V-BAT ड्रोन, शील्ड एआई से हुआ समझौता

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    MSME और ड्रोन उद्योग पर राहुल गांधी के बयान, BJP ने किया खंडन

    मेक इन इंडिया पर राहुल गांधी की आलोचना, भाजपा का पलटवार

    ravikota

    एलसीए मैन’ रवि कोटा संभालेंगे एयरोनॉटिक्स लिमिटेड की जिम्मेदारी, उत्पादन और सुधार पर रहेगा फोक्स

    विमान सिस्टम और इंफ्रास्ट्रक्चर का भी विस्तार होगा

    एयरबस का अनुमान: अगले 10 साल में भारतीय एयरलाइंस के विमानों की संख्या तीन गुना होगी

    प्रोजेक्ट कुशा से आत्मनिर्भर भारत की वायु रक्षा को मिलेगी रणनीतिक बढ़त

    150 से 400 किमी तक मार करने वाली स्वदेशी मिसाइलें, भारत की वायु सीमा होगी पूरी तरह सुरक्षित

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    एलन मस्क को भारत से बड़ा झटका

    एलन मस्क को झटका : भारत ने स्टारलिंक के GEN-2 सैटेलाइट सिस्टम को किया खारिज

    तिब्बत में चीनी नियंत्रण के दावों की समीक्षा

    तिब्बत का इतिहास और चीन का दावा: “प्राचीन शासन” मिथक पर सवाल

    भारत तीसरा एशियाई देश बना

    भारत तीसरा एशियाई देश बना जिसने यूरोपीय संघ के साथ सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पक्की की

    भारत दौरे की तैयारी में कनाडा के पीएम मार्क कार्नी , ऊर्जा और व्यापार समझौतों पर होगी चर्चा

    भारत दौरे की तैयारी में कनाडा के पीएम मार्क कार्नी , ऊर्जा और व्यापार समझौतों पर होगी चर्चा

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    विजय चौक पर गुंजेगा देशभक्ति का गीत

    विजय चौक गुंजेगा देशभक्ति के सुरों से : 150 वीं वर्षगांठ पर प्रस्तुत होंगी ऐतिहासिक धुनें

    तिब्बत में चीनी नियंत्रण के दावों की समीक्षा

    तिब्बत का इतिहास और चीन का दावा: “प्राचीन शासन” मिथक पर सवाल

    भारत में V-BAT ड्रोन के तैनाती से न केवल सेना की निगरानी और सुरक्षा क्षमता में वृद्धि होगी

    भारतीय सेना को मिलेगा अत्याधुनिक V-BAT ड्रोन, शील्ड एआई से हुआ समझौता

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    MSME और ड्रोन उद्योग पर राहुल गांधी के बयान, BJP ने किया खंडन

    मेक इन इंडिया पर राहुल गांधी की आलोचना, भाजपा का पलटवार

    ravikota

    एलसीए मैन’ रवि कोटा संभालेंगे एयरोनॉटिक्स लिमिटेड की जिम्मेदारी, उत्पादन और सुधार पर रहेगा फोक्स

    विमान सिस्टम और इंफ्रास्ट्रक्चर का भी विस्तार होगा

    एयरबस का अनुमान: अगले 10 साल में भारतीय एयरलाइंस के विमानों की संख्या तीन गुना होगी

    प्रोजेक्ट कुशा से आत्मनिर्भर भारत की वायु रक्षा को मिलेगी रणनीतिक बढ़त

    150 से 400 किमी तक मार करने वाली स्वदेशी मिसाइलें, भारत की वायु सीमा होगी पूरी तरह सुरक्षित

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    एलन मस्क को भारत से बड़ा झटका

    एलन मस्क को झटका : भारत ने स्टारलिंक के GEN-2 सैटेलाइट सिस्टम को किया खारिज

    तिब्बत में चीनी नियंत्रण के दावों की समीक्षा

    तिब्बत का इतिहास और चीन का दावा: “प्राचीन शासन” मिथक पर सवाल

    भारत तीसरा एशियाई देश बना

    भारत तीसरा एशियाई देश बना जिसने यूरोपीय संघ के साथ सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पक्की की

    भारत दौरे की तैयारी में कनाडा के पीएम मार्क कार्नी , ऊर्जा और व्यापार समझौतों पर होगी चर्चा

    भारत दौरे की तैयारी में कनाडा के पीएम मार्क कार्नी , ऊर्जा और व्यापार समझौतों पर होगी चर्चा

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

जानिए, क्यों यशवंत सिन्हा राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में विपक्ष की एक उत्कृष्ट पसंद हैं!

विपक्ष ने उम्मीदवार दिया तो यशवंत सिन्हा जैसा, क्या बात है!

Chaman Kumar Mishra द्वारा Chaman Kumar Mishra
22 June 2022
in चर्चित, समीक्षा
yashwant sinha

Source- Google

Share on FacebookShare on X

एक वेबसीरीज़ है गेम ऑफ़ थ्रोन्स, उम्मीद है आपने यह वेबसीरीज़ देखी होगी और आपको जॉफ़्री बराथियन नाम का पात्र भी याद होगा और आपको यह भी याद होगा कि कैसे जॉफ़्री बराथियन रायता फैलाने का विशेषज्ञ है। हर बार, हर मौके पर उसने रायता फैलाया। चाहे कोई भी स्थिति हो, किसी भी मुद्दे पर चर्चा हो रही हो, जॉफ़्री बराथियन को जनता का और वहां उपस्थित लोगों का पूरा ध्यान अपने ऊपर चाहिए था, वो बात और है कि कि वो कायर, क्रूर और कपटी था इसलिए उसे कोई भाव नहीं देता था। लेकिन वो चाहता था कि सब उसकी बात करें इसलिए वो मौके-बे-मौके रायता फैलाता रहता था और चर्चाओं में बना रहता था, कुछ भी बोल देता था, कुछ भी निर्णय ले लेता था। ऐसा ही एक जॉफ़्री बराथियन भारतीय राजनीति में भी है जो रायता फैलाने का विशेषज्ञ है, उसका नाम है यशवंत सिन्हा।

और पढ़ें- कभी विदेश मंत्री थे, आज कल तालिबान प्रेमी हैं: अजब यशवंत की गजब कहानी

संबंधितपोस्ट

तिरुवनंतपुरम रैली में मासूम बच्चे ने जीत लिया पीएम मोदी का दिल, पीएम ने भाषण रोक कहां-अपना एड्रेस लिख दो

वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

नायब सिंह सैनी ने वह कर दिखाया है, जिसकी हिम्मत बहुत कम सरकारें कर पाती हैं- अमित शाह

और लोड करें

यशवंत सिन्हा विपक्ष की उत्कृष्ट पसंद क्यों हैं?

इस लेख में हम जानेंगे कि राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में यशवंत सिन्हा विपक्ष की उत्कृष्ट पसंद क्यों हैं?

यशवंत सिन्हा को विपक्ष ने अपना राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया है, यह और बात है कि उनके पास और कोई विकल्प था ही नहीं। उन्होंने प्रयास तो किए थे लेकिन उनसे हुआ ही नहीं। दरअसल, सभी जानते हैं कि विपक्षी उम्मीदवार की हार तय है तो क्यों कोई मैदान में आएगा। विपक्ष पहले शरद पवार के आगे साष्टांग बिछ गया लेकिन पवार ने विपक्ष के नम्र निवेदन को अस्वीकार कर दिया फिर ममता बनर्जी और सोनिया गांधी अपना लाव लश्कर लेकर पहुंची फारूक अब्दुल्ला के पास। अब्दुल्ला की तो बांछे खिल गयीं लेकिन जानते थे कि हार तय है तो हताश निराश होकर न चाहते हुए भी मना कर दिया। रोते बिलखते विपक्ष की बची-खुची आशाएं गोपाल कृष्ण गांधी से थी जो कि 2017 में विपक्ष के उपराष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार रह चुके थे। लेकिन इस बार विपक्ष की विनती को गोपाल कृष्ण गांधी ने भी ठुकरा दिया। अब विपक्ष के पास कोई नाम नहीं था वो किंकर्तव्यविमूढ़ होकर हाथ पर हाथ रखे बैठा था मानो वैक्यूम में चला गया हो। तभी सामने आए रायता सिन्हा, ओह सॉरी, यशवंत सिन्हा।

यशवंत सिन्हा ने कहा हम बनेंगे राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार। फिर क्या था, इस बार विपक्ष की बांछे खिल गयीं। इस बारे में हम आगे बात करेंगे लेकिन उससे पहले यशवंत सिन्हा माने रायता सिन्हा की बात कर लेते हैं। पटना में पैदा हुए यशवंत सिन्हा प्रशासनिक सेवा में थे लेकिन 1984 में वहां से इस्तीफा देकर जनता पार्टी में शामिल हो गए। यहां से शुरुआत हुई यशवंत सिन्हा के रायता सिन्हा बनने की यात्रा। जनता पार्टी ने उन्हें राज्यसभा भेजा, चंद्रशेखर की कैबिनेट में 1990 से 1991 तक वित्त मंत्री भी रहे लेकिन उन्होंने फिर रायता फैलाया और भाजपा में शामिल हो गए। अटल जी की सरकार बनी तो सिन्हा जी को वित्त मंत्री बनाया गया लेकिन सिन्हा जी अपने आपको रोक नहीं पाए और एक बार फिर रायता फैलाया और वित्त मंत्रालय छोड़कर विदेश मंत्रालय में आ गए। लेकिन 2004 में एनडीए की सरकार गयी और यूपीए की सरकार आ गयी तो रायता सिन्हा वापस अपने खोल में लौट गए। फिर आया 2014, भारत की राष्ट्रीय राजनीति में मोदी का प्रार्दुभाव हुआ और तब रायता सिन्हा समेत तमाम रायतेबाज किनारे कर दिए गए। दूसरे रायतेबाज तो ना नुकूर करते करते मान गए लेकिन रायता सिन्हा नहीं माने, उन्हें लगा कि अरे! वो इतने बड़े रायताबाज हैं फिर भी उन्हें दरकिनार किया जा रहा है। रायता सिन्हा ने बीजेपी छोड़कर राजनीतिक सन्यास लेने का ऐलान कर दिया।

और पढ़ें- 84 साल की उम्र में ‘नौकरी’ तलाशने वाले व्यक्ति बने यशवंत सिन्हा

नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने भाव नहीं दिया

नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने एक कौड़ी का भाव भी इस बात को नहीं दिया कि रायता सिन्हा हैं या नहीं हैं लेकिन रायता सिन्हा की कुलबुलाहट समाप्त ही नहीं हो रही थी। घर बैठे-बैठे क्या करें, उन्हें नौकरी चाहिए थी वो भी ऐसी नौकरी जिसमें रायता फैलाने का भरपूर अवसर मिले, सन्यासी रायता सिन्हा फिर ट्विटयाने लगे, रायताखोरों से बतियाने लगे। लेकिन यह नयी भाजपा थी, रायता सिन्हा को कोई भाव नहीं मिला। अंत में रायता सिन्हा ने देश की सबसे बड़ी महिला रायताबाज ममता बनर्जी की पार्टी पकड़ ली। दरअसल, नौकरी तो मिल नहीं रही थी ऐसे में रायता सिन्हा ने सोचा होगा कि क्यों न स्वयंसेवी की तरह ही काम कर लिया जाए, कम से कम चाय-पानी का इंतजाम तो होता ही रहेगा और इस तरह रायता सिन्हा और रायती बनर्जी का ‘गठबंधन’ हुआ।

अब वापस लौटते हैं मुख्य विषय पर, रायता सिन्हा को विपक्ष ने अपना राष्ट्रपति उम्मीदवार क्यों बनाया होगा। समझना होगा कि भले ही सोमरस पीकर किसी दिन रवीश कुमार कांग्रेस की आलोचना कर दें लेकिन विपक्ष का राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार नहीं जीतेगा। ऐसे में विपक्ष को एक ऐसा उम्मीदवार चाहिए था जो रायता फैलाए, जो मीडिया कवरेज बटोरे, जो फ़र्जी बयान दे, जो कुछ भी बोल दे, जो संसद के बाहर खड़े होकर हाथ-पैर-मुंह-आंख को गतिशील बनाकर नृत्य कर सके, जो हार पर भी हार ना माने बल्कि उसका दोष भी भाजपा पर डाल दे, जो हारने के बाद चोरी-चोरी चिल्लाए, जो हारने के बाद लोकतंत्र की हत्या का राग अलापे। ऐसा आदमी तो सिर्फ एक ही है और वो है बेरोजगार रायता सिन्हा, तो इन्हीं सब अति उच्चस्तरीय गुणों को देखकर विपक्ष ने रायता सिन्हा को अपना राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया है क्योंकि विपक्ष अच्छी तरह से जानता है कि और कुछ तो होना नहीं है तो हमेशा की तरह रायताबाजी ही कर लेते हैं, रायताबाजी करने में विपक्ष पूरी तरह सफल होगा। इन स्थितियों को देखकर यह तो कहना ही पड़ेगा कि विपक्ष ने इस बार अपने लिए उत्कृष्ट उम्मीदवार का चयन किया है।

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: अमित शाहनरेंद्र मोदीममता बनर्जीयशवंत सिन्हा
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

पिछले 18 महीनों से भारत में अमेरिका का कोई राजदूत न होना दर्शाता है बाइडेन का दोहरा चरित्र

अगली पोस्ट

एक दिन में पांच रेप के मामले: पाकिस्तानी पंजाब में आपातकाल घोषित

संबंधित पोस्ट

केरल के कम्युनिस्ट नेता वी.एस अच्युतानंदन को पद्म विभूषण देगी मोदी सरकार; धर्मेंद्र, शिबू सोरेन, अलका याज्ञनिक, रोहित शर्मा, पीयूष पांडे को भी पद्म सम्मान
चर्चित

केरल के कम्युनिस्ट नेता वी.एस अच्युतानंदन को पद्म विभूषण देगी मोदी सरकार; धर्मेंद्र, शिबू सोरेन, अलका याज्ञनिक, रोहित शर्मा, पीयूष पांडे को भी पद्म सम्मान

25 January 2026

गणतंत्र दिवस 2026 के मौके पर केंद्र सरकार ने देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक पद्म पुरस्कारों का ऐलान कर दिया है। इस...

तानाशाही मॉडल अब केवल चीन की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा है
चर्चित

डिजिटल तानाशाही का मॉडल: चीन और खामोश होती दुनिया

23 January 2026

किसी मनुष्य का आग में जल जाना ऐसा दृश्य है जिसकी आँच इतनी भयावह और तीव्र होती है कि वह सरकार की सबसे सख्त सेंसरशिप...

ICC का बांग्लादेश को अल्टीमेटम: भारत में खेलो या वर्ल्ड कप से बाहर निकलो
क्रिकेट

ICC का बांग्लादेश को अल्टीमेटम: भारत में खेलो या वर्ल्ड कप से बाहर निकलो

21 January 2026

तेवर दिखा रहे बांग्लादेश को एक बार फिर BCCI ने उसकी हैसियत दिखा दी है, लेकिन इस बार ICC के ज़रिए। दरअसल ICC ने बांग्लादेश...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Between Rafale and AMCA; Where Does the Su-57 Fit | IAF| HAL | Wings India

Between Rafale and AMCA; Where Does the Su-57 Fit | IAF| HAL | Wings India

00:06:10

Pakistan’s Rafale Narrative Ends at Kartavya Path| Sindoor Formation Exposes the BS022 Claim | IAF

00:09:35

If US Says NO, F-35 Can’t Fly: The Hidden Cost of Imports | Make In India

00:06:15

Republic Day Shock: India’s Hypersonic Warning to the World| DRDO | HGV | Indian Army

00:05:24

French Media Exposes Pakistan and China on the Rafale lost

00:04:36
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited