दिलीप मंडल ने पहली मुस्लिम महिला शिक्षिका के तौर पर जानी जाने वाली फातिमा शेख को काल्पनिक पात्र करार दिया है।
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मॉनसून: दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश

    मॉनसून: दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश, उत्तर भारत के कई राज्यों में 6 जुलाई तक बारिश का अलर्ट

    रामपुर में गरजे सीएम

    रामपुर में गरजे सीएम योगी, सपा-कांग्रेस पर साधा निशाना; बोले- पहले विरासत का होता था अपमान, अब विकास और आस्था साथ-साथ

    कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता

    कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता : आखिर कब तक?

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    आखिर क्यों IAF का एक औपचारिक दस्तावेज पाकिस्तान के पूरे प्रोपेगेंडा पर भारी पड़ गया ?

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मॉनसून: दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश

    मॉनसून: दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश, उत्तर भारत के कई राज्यों में 6 जुलाई तक बारिश का अलर्ट

    रामपुर में गरजे सीएम

    रामपुर में गरजे सीएम योगी, सपा-कांग्रेस पर साधा निशाना; बोले- पहले विरासत का होता था अपमान, अब विकास और आस्था साथ-साथ

    कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता

    कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता : आखिर कब तक?

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    आखिर क्यों IAF का एक औपचारिक दस्तावेज पाकिस्तान के पूरे प्रोपेगेंडा पर भारी पड़ गया ?

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

गढ़ा काल्पनिक किरदार, नाम दिया ‘फातिमा शेख’, बना दिया ‘पहली मुस्लिम शिक्षक’: दिलीप मंडल की ‘कहानी’ को लेकर हंगामा

भीम-मीम के लिए दिलीप मंडल ने रच दिया था काल्पनिक किरदार?

TFI Desk द्वारा TFI Desk
10 January 2025
in चर्चित
दिलीप मंडल फातिमा शेख
Share on FacebookShare on X

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में मीडिया सलाहकार दिलीप मंडल (Dilip Mandal) के एक दावे से सोशल मीडिया से लेकर राजनीति तक में खलबली मची हुई है। दिलीप मंडल ने पहली मुस्लिम महिला शिक्षिका के तौर पर जानी जाने वाली फातिमा शेख (Fatima Sheikh) को काल्पनिक पात्र करार दिया है। साथ ही कहा कि उन्होंने ही यह कहानी गढ़ी थी। दिलीप मंडल के इस दावे के चलते सोशल मीडिया पर एक नई बहस शुरू हो गई। कई लोगों ने फातिमा शेख से जुड़े अलग-अलग तथ्य सोशल मीडिया पर शेयर किए हैं।

दिलीप मंडल ने एक्स पर एक पोस्ट लिखकर दावा किया कि फातिमा शेख उनके द्वारा बनाया गया एक काल्पनिक पात्र है,और वह कोई ऐतिहासिक पात्र नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि काल्पनिक होने के चलते ही फातिमा शेख की कोई तस्वीर भी नहीं है और फातिमा के जिस स्केच का इस्तेमाल किया जा रहा है, वह भी काल्पनिक है।

संबंधितपोस्ट

कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता : आखिर कब तक?

बलिदान दिवस विशेष: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता

पंजाब सीएम भगवंत मान की बढ़ीं मुश्किलें: वायरल वीडियो मामले में अकाल तख्त ने सुनाया फैसला

और लोड करें

मंडल ने अपने एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, “मुझे माफ़ कीजिए। दरअसल फ़ातिमा शेख कोई थी ही नहीं। यह ऐतिहासिक चरित्र नहीं है। ये मेरी निर्मिती है। मेरा कारनामा। ये मेरा अपराध या गलती है कि मैंने एक ख़ास दौर में शून्य से यानी हवा से इस नाम को खड़ा किया था। इसके लिए किसी को कोसना है तो मुझे कोसिए। आंबेडकरवादी वर्षों से इस बात के लिए मुझसे नाराज़ हैं। माननीय अनिता भारती से लेकर डॉक्टर अरविंद कुमार खुलकर मेरे प्रति नाराज़गी जता चुके हैं। मत पूछिए कि मैंने ये क्यों किया था। वक्त वक्त की बात है।”

आपने तो 2024 में ही लिख दिया था। फ़ातिमा शेख को ख़ास राजनीतिक समीकरण के लिए पैदा किया गया था। ऐसी कोई टीचर नहीं थी।

अगर होती तो सर सैय्यद अहमद को माथे पर लेकर घूमने वाले किसी मुसलमान इतिहासकार ने एक लाइन तो इन पर लिखी होती।

वैसे, मैं भी गुनहगार। https://t.co/J9yFy4qf72

— Dilip Mandal (@Profdilipmandal) January 9, 2025

उन्होंने आगे लिखा, “एक मूर्ति गढ़नी थी सो मैंने गढ़ डाली। हज़ारों लोग गवाह हैं। ज़्यादातर लोगों में ये नाम पहली बार मुझसे जाना है। मैं जानता हूँ कि यह कैसे करते हैं, छवि कैसे बनाते हैं। मैं इसी विधा का मास्टर हूँ तो मेरे लिए मुश्किल भी नहीं था। मैं मूर्तियाँ बनाता हूँ। मेरा काम है। भारत में फ़ातिमा शेख की पहली जयंती मेरी पहल पर मनाई गई। मैंने ही पहली बार ये नाम लिया। एक काल्पनिक स्केच बनाया गया क्योंकि कोई पुरानी फ़ोटो तो थी नहीं। क़िस्से गढ़े मैंने। तो इस तरह बन गई फ़ातिमा शेख।”

दिलीप मंडल ने यह भी कहा, “बात फैलनी तो फैलती चली गई। क्योंकि फैलाई गई। मैंने किया। जिनको ये समीकरण चाहिए था, उन्होंने आग की तरह बात फैला ली। आप समझ सकते हैं कि सावित्री बाई फुले के साथ फ़ातिमा शेख नामक काल्पनिक चरित्र को जोड़ने में किनका फ़ायदा है। ज्योतिबा फुले या सावित्रीबाई फुले का पूरा लेखन प्रकाशित है। उनमें कहीं ये नाम नहीं है कि फ़ातिमा शेख पढ़ाती थीं। बाबा साहब ने भी यह नाम नहीं लिया है। जबकि ज्योतिबा फुले बाबा साहब के गुरु थे।”

इस पोस्ट में उन्होंने आगे लिखा, “महात्मा फुले या सावित्रीबाई फुले के किसी जीवनीकार में नहीं लिखा फ़ातिमा शेख का नाम। न महाठी, न हिंदी, न इंग्लिश में। मुसलमानों को तो पता भी नहीं था कि कोई फ़ातिमा शेख भी है। मैं शर्त लगाता हूँ। 2006 से पहले इस नाम का कहीं भी कोई ज़िक्र दिखा दे! किसी मुस्लिम स्कॉलर ने भी 15 साल पहले तक इस नाम का ज़िक्र नहीं किया है। ब्रिटिश दस्तावेज़ों में फुले दंपत्ति के शिक्षा कार्यों का उल्लेख है। लेकिन फ़ातिमा शेख जैसा कोई नाम नहीं है। कहीं नहीं है साहब। कहीं नहीं मिलेगा। सबूत के तौर मेरे पुराने ट्वीट और फ़ेसबुक पोस्ट, लेख और वीडियो मत निकालिए। फ़ातिमा शेख का नाम सबसे ज़्यादा मैंने ही लिया है। मैं तो मान रहा हूँ। पर वो थीं नहीं।”

दिलीप मंडल के इस पोस्ट सामने आने के बाद सोशल मीडिया और मीडिया में फातिमा शेख (Dilip Mandal Fatima Sheikh) को लेकर नई बहस शुरू हो गई। इसमें यूट्यूबर श्याम मीरा सिंह ने लिखा, “आप कह रहे हो, 2006 से पहले फ़ातिमा शेख़ का कहीं कोई ज़िक्र नहीं था। उन्हें आपने काल्पनिक रूप से गढ़ा। कोई किताब दिखा दो। मैं आपको 1991 की किताब दिखा रहा हूँ। इसमें स्पष्ट लिखा है कि फ़ातिमा शेख़ सावित्री बाई फूले जी की सहयोगी थीं। अब अपना मुंह बंद रखना। आया बड़ा शर्त लगाने।”

इसमें कहाँ लिखा है कि “फ़ातिमा शेख” पढ़ाती थी। उसमें तो पूरा नाम तक नहीं है। क्या सहयोग करती थी, ये भी नहीं लिखा है।

सावित्री बाई फुले अपने दौर की महान समाज सुधारक थीं। ज्योतिबा फुले समाज सुधारक के साथ ही सफल बिज़नेसमैन और भवन तथा पुल निर्माता थे। सहयोगी सैकड़ों रहे होंगे। कई…

— Dilip Mandal (@Profdilipmandal) January 9, 2025

श्याम मीरा सिंह के इस पोस्ट पर जवाब देते हुए दिलीप मंडल ने लिखा, “इसमें कहां लिखा है कि फ़ातिमा शेख पढ़ाती थी। उसमें तो पूरा नाम तक नहीं है। क्या सहयोग करती थी, ये भी नहीं लिखा है। सावित्री बाई फुले अपने दौर की महान समाज सुधारक थीं। ज्योतिबा फुले समाज सुधारक के साथ ही सफल बिज़नेसमैन और भवन तथा पुल निर्माता थे। सहयोगी सैकड़ों रहे होंगे। कई तरह के काम होते हैं। सिर्फ डेढ़ सौ साल पुरानी बात है। कोई ठोस प्रमाण लाइए। ये नहीं चलेगा। अंग्रेजों के समय की बात है। वे बहुत रिकॉर्ड रखते थे। वास्तविक चरित्र होता तो कहीं तो ज़िक्र होता इस नाम का।”

एक यूजर ने मंडल द्वारा लिखे गए एक लेख को दिखाते हुए पोस्ट किया, “तो फिर क्यूँ लिखे इसे?? दादा जी”

तो फिर क्यूँ लिखे इसे?? दादा जी 😍 pic.twitter.com/FUuX0NfO2B

— Qamar 🇮🇳 (@QamarAnchor) January 9, 2025

एक अन्य यूजर ने लिखा, “अपनी गलती स्वीकार करने के लिए धन्यवाद। माफी मांगने के लिए साहस की आवश्यकता होती है।”

Thank you for accepting your mistake…it takes courage to apologise.

— Rajput boy (@shameontwiter) January 10, 2025

कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया पैनलिस्ट सुरेन्द्र राजपूत ने लिखा, “ये मंडल हैं। उदाहरण के तौर पर खुद को भगवान लक्ष्मी का भार हो गया है। रेडी फिल्म के परेश रावल की तरह। अब ये कह रहे हैं कि फातिमा शेख इनकी गढ़ा बेटियां हैं। पासी समाज की नेत्री उदा देवी को भी यह बड़ा मतलबी और लालची व्यक्ति होने का दावा है। यह दलित समाज के निदेशकों को ऐसे ही खरिज कहते हैं, इसलिए यह सच है सबके सामने ले लीजिए। इस पाखंडी पर भरोसा किया जाएगा।”

सावित्री बाई फुले कोई हड़प्पा युग की चरित्र नहीं है। हमारे समय की महान समाज सुधारक है। डेढ़ सौ साल से उनकी गाथा गाई जा रही है।

पुराने अख़बार लाइब्रेरी में हैं। फ़ातिमा की जयंती 2006 से पहले मनाए जाने का एक ज़िक्र निकाल लीजिए।

मैं मान लूँगा कि फ़ातिमा को मैंने नहीं बनाया है। https://t.co/8M68HLZGzP

— Dilip Mandal (@Profdilipmandal) January 9, 2025

इस पर जवाब देते हुए मंडल ने कहा, “सावित्री बाई फुले कोई हड़प्पा युग की चरित्र नहीं हैं। हमारे समय की महान समाज सुधारक हैं। डेढ़ सौ साल से उनकी गाथा गाई जा रही है। पुराने अख़बार लाइब्रेरी में हैं। फ़ातिमा की जयंती 2006 से पहले मनाए जाने का एक ज़िक्र निकाल लीजिए। मैं मान लूंगा कि फ़ातिमा को मैंने नहीं बनाया है।”

एक यूजर ने साल 2024 में फातिमा शेख के आस्तित्व को नकार दिया था। यूजर ने लिखा था, “फातिमा शेख नाम की ऐसी कोई महिला शिक्षिका exist नहीं करती थी जो माई सावित्री की साथी रही हो। अभी तक ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला है। कुछ लोगों ने तुष्टीकरण के चक्कर में यह झूठ फैलाया है।”

आपने तो 2024 में ही लिख दिया था। फ़ातिमा शेख को ख़ास राजनीतिक समीकरण के लिए पैदा किया गया था। ऐसी कोई टीचर नहीं थी।

अगर होती तो सर सैय्यद अहमद को माथे पर लेकर घूमने वाले किसी मुसलमान इतिहासकार ने एक लाइन तो इन पर लिखी होती।

वैसे, मैं भी गुनहगार। https://t.co/J9yFy4qf72

— Dilip Mandal (@Profdilipmandal) January 9, 2025

इस पोस्ट को शेयर करते हुए दिलीप मंडल ने लिखा, “आपने तो 2024 में ही लिख दिया था। फ़ातिमा शेख को ख़ास राजनीतिक समीकरण के लिए पैदा किया गया था। ऐसी कोई टीचर नहीं थी। अगर होती तो सर सैय्यद अहमद को माथे पर लेकर घूमने वाले किसी मुसलमान इतिहासकार ने एक लाइन तो इन पर लिखी होती। वैसे, मैं भी गुनहगार हूँ।”

दिलीप मंडल के इस दावे और सोशल मीडिया पर चल रही बहस को देखें तो एक तरफ जहां मंडल यह कह रहे हैं कि फातिमा शेख का कैरेक्टर उन्होंने गढ़ा था। वहीं, सोशल मीडिया के कुछ यूजर्स मंडल के इस दावे का समर्थन और कुछ विरोध करते नजर आए। हालांकि सच्चाई देखें तो साल 1991 में प्रकाशित हुई किताब ‘Women Writing in India: 600 B.C. to the early twentieth century’ में फातिमा शेख, ज्योतिबा फुले और सावित्री बाई फुले का एक साथ जिक्र किया गया है। सूसी जे. थारू और के ललिता द्वारा संपादित इस पुस्तक को सिटी यूनिवर्सिटी ऑफ न्यूयॉर्क के फेमिनिस्ट प्रेस द्वारा प्रकाशित किया गया था।

इस किताब में फातिमा के नाम का जिक्र 4 बार किया गया है। इसमें लिखा गया है, “पुणे में जोतिबा फुले और सावित्रीबाई फुले ने जो स्कूल शुरू किए थे, वे खास तौर पर निचली जाति की लड़कियों के लिए थे। उनकी सहकर्मी फातिमा शेख एक मुस्लिम महिला थीं।” इसके अलावा अन्य जगहों पर भी कहीं भी यह नहीं कहा गया कि फातिमा टीचर थीं।

साथ ही इस बात का जिक्र नहीं है कि शिक्षा के क्षेत्र में उनका कोई भी योगदान था। इसके चलते ही लोग फातिमा शेख को पहली मुस्लिम टीचर मानने से इनकार कर रहे हैं। बेशक फातिमा फुले दंपति के साथ थी लेकिन वह शिक्षक थी या नहीं। इसका जिक्र नहीं मिलता। यही कारण है कि दिलीप मंडल द्वारा कथित तौर पर ‘प्रथम मुस्लिम महिला कहानी वाली कहानी’ गढ़े जाने से पहले इंटरनेट पर इस बारे में अधिक जानकारी नहीं थी।

Tags: Dilip MandalHistorysocial mediaइतिहासदिलीप मंडलसोशल मीडिया
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

दलित बेटी के दर्द को दबाने के लिए मुस्लिमों को बना दिया पीड़ित, पढ़िए साजिश का कच्चा चिट्ठा: हमारी ग्राउंड रिपोर्ट, कुशीनगर से

अगली पोस्ट

प्रवासी भारतीय सम्मेलन: जो पहले मज़दूर थे वो अब भेजते हैं अरबों डॉलर, ऐसे बदल रहे भारत की तस्वीर

संबंधित पोस्ट

एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म
चर्चित

1 जुलाई से बदले कई बड़े नियम: कमर्शियल LPG सिलेंडर हुआ ₹183.50 सस्ता, आधार और रेलवे से जुड़े नए बदलाव लागू

1 July 2026

देशभर में 1 जुलाई 2026 से कई महत्वपूर्ण नियम लागू हो गए हैं। इन बदलावों का असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, कारोबार और...

राम मंदिर चढ़ावा विवाद
चर्चित

राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

30 June 2026

अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे में कथित गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद साधु-संत समाज की भी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। श्रीराम...

रामपुर में गरजे सीएम
चर्चित

रामपुर में गरजे सीएम योगी, सपा-कांग्रेस पर साधा निशाना; बोले- पहले विरासत का होता था अपमान, अब विकास और आस्था साथ-साथ

30 June 2026

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को रामपुर में 690 करोड़ रुपये की 102 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास के दौरान समाजवादी...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

THE DRONE GENERAL'S LEGACY: HOW GEN DWIVEDI TRANSFORMED THE INDIAN ARMY | UAV

THE DRONE GENERAL'S LEGACY: HOW GEN DWIVEDI TRANSFORMED THE INDIAN ARMY | UAV

00:04:51

Nepal's Natural Ally: Why India, Not China ? Indo-Nepal

00:04:05

Pakistan’s Investment Rescue Plan or Another Economic Promise? Munir | Sharif

00:03:41

Gilgit Baltistan's Youth Rising: The Fight for Dignity, Rights and Self Governance

00:03:08

Doklam’s Legacy: How the 2017 Standoff Reshaped Himalayan Security and Border Tensions। Indo china

00:03:11
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited