शिवाजी सावंत ने अपने ऐतिहासिक उपन्यास 'छावा' में वर्णित किया है कि कैसे प्रयागराज में संन्यासी की वेशभूषा में पहुँचे शिवाजी को एक पारधी ने गरुड़-पंख दिया था और कहा था कि ये हर कामना को पूर्ण करने वाली है।
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मनमोहन सिंह और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी

    ‘गांधी परिवार’ बार-बार नीचा ना दिखाता तो ‘इतिहास’ ही नहीं ‘वर्तमान’ भी करता मनमोहन सिंह का उदार मूल्यांकन

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    Tata Sons Row: चंद्रशेखरन परिवार का TVS Motor से क्या कनेक्शन? ₹60 करोड़ के लोन से उठे हितों के टकराव के सवाल

    Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान

    Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान

    पीएम मोदी दिसंबर में जा सकते हैं कनाडा

    पीएम मोदी दिसंबर में जा सकते हैं कनाडा, भारत-कनाडा ट्रेड डील को साल के अंत तक पूरा करने की तैयारी

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    Pandit Deendayal Upadhyaya Integral Humanism Antyodaya Jana Sangh

    पश्चिमी मॉडल से अलग भारत का रास्ता: क्या था दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकात्म मानववाद’?

    भारत के अलावा किन-किन देशों में होती है गणेश जी की पूजा और क्या है मान्यताएं?

    भारत के अलावा किन-किन देशों में होती है गणेश जी की पूजा और क्या है मान्यताएं?

    सरस्वती धरोहर विकास बोर्‍ के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमिच सरस्वती के उद्गम स्थल पर

    मोदी के ‘सेवा संकल्प’ को सरस्वती के पुनरुद्धार से जोड़ रहा हरियाणा, ‘आदि बद्री’ से सभ्यता और संस्कृति को सहेजने की मुहिम

    स्त्री भारतीय स्त्री-विमर्श को पश्चिमी प्रतिमानों के अनुकरण से आगे ले जाकर भारतीय ज्ञान परंपरा के भीतर स्त्री की अवधारणा को पुनः देखने का अवसर प्रदान करती है।

    स्त्री: भारतीय स्त्री-विमर्श और नारीत्व की पुनर्परिभाषा

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मनमोहन सिंह और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी

    ‘गांधी परिवार’ बार-बार नीचा ना दिखाता तो ‘इतिहास’ ही नहीं ‘वर्तमान’ भी करता मनमोहन सिंह का उदार मूल्यांकन

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    Tata Sons Row: चंद्रशेखरन परिवार का TVS Motor से क्या कनेक्शन? ₹60 करोड़ के लोन से उठे हितों के टकराव के सवाल

    Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान

    Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान

    पीएम मोदी दिसंबर में जा सकते हैं कनाडा

    पीएम मोदी दिसंबर में जा सकते हैं कनाडा, भारत-कनाडा ट्रेड डील को साल के अंत तक पूरा करने की तैयारी

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    Pandit Deendayal Upadhyaya Integral Humanism Antyodaya Jana Sangh

    पश्चिमी मॉडल से अलग भारत का रास्ता: क्या था दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकात्म मानववाद’?

    भारत के अलावा किन-किन देशों में होती है गणेश जी की पूजा और क्या है मान्यताएं?

    भारत के अलावा किन-किन देशों में होती है गणेश जी की पूजा और क्या है मान्यताएं?

    सरस्वती धरोहर विकास बोर्‍ के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमिच सरस्वती के उद्गम स्थल पर

    मोदी के ‘सेवा संकल्प’ को सरस्वती के पुनरुद्धार से जोड़ रहा हरियाणा, ‘आदि बद्री’ से सभ्यता और संस्कृति को सहेजने की मुहिम

    स्त्री भारतीय स्त्री-विमर्श को पश्चिमी प्रतिमानों के अनुकरण से आगे ले जाकर भारतीय ज्ञान परंपरा के भीतर स्त्री की अवधारणा को पुनः देखने का अवसर प्रदान करती है।

    स्त्री: भारतीय स्त्री-विमर्श और नारीत्व की पुनर्परिभाषा

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

जिस प्रयागराज ने शिवाजी को दिखाई थी राह, उसी ने योगी आदित्यनाथ को एक सफल प्रशासक के रूप में कर दिया स्थापित: संस्कृति को पुनर्जागृत कर के जा रहा महाकुंभ

शिवाजी सावंत ने अपने ऐतिहासिक उपन्यास 'छावा' में वर्णित किया है कि कैसे प्रयागराज में संन्यासी की वेशभूषा में पहुँचे शिवाजी को एक पारधी ने गरुड़-पंख दिया था और कहा था कि ये हर कामना को पूर्ण करने वाली है।

Anupam K Singh द्वारा Anupam K Singh
27 February 2025
in चर्चित
संस्कृति को पुनर्जागृत कर के जा रहा महाकुंभ

संस्कृति को पुनर्जागृत कर के जा रहा महाकुंभ

Share on FacebookShare on X

महाशिवरात्रि के साथ ही प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ 2025 संपन्न हुआ। मकर संक्रांति से लेकर महाशिवरात्रि तक, इस महाकुंभ में आस्था का जो जनप्रवाह देखने को मिला वो अप्रत्याशित था। यूपी सरकार ने अनुमान लगाया था कि 45 करोड़ श्रद्धालु आस्था के इस संगम में डुबकी लगाएँगे, लेकिन गंगा-यमुना-सरस्वती के महासंगम ने 65 करोड़ के आँकड़े को छू दिया। पिछली बार मेला क्षेत्र 3200 हेक्टेयर का था, इस बार ये 4000 हेक्टेयर का रहा। यानी, 4000 हेक्टेयर में अमेरिका की दोगुनी जनसंख्या आई और स्नान कर के चली गई। ये जापान की जनसंख्या का 5 गुना और जर्मनी की जनसंख्या का 8 गुना है।

इस बार के आयोजन में बड़े-बड़े नेताओं से लेकर सेलेब्रिटियों तक ने संगम में डुबकी लगाई। सफाईकर्मियों से लेकर पुलिसकर्मियों तक, इस आयोजन को सफल बनाने के लिए ग्राउंड पर 24 घंटे लगे रहे सरकारी कर्मचारियों को भी धन्यवाद दिया जाना चाहिए। इसे संयोग ही कहेंगे कि भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण को लेकर 2 घटनाएँ इसी अवधि में हुईं। पहला, महाकुंभ का सफल आयोजन। और दूसरा, छत्रपति संभाजी महाराज पर आधारित फिल्म ‘छावा’ की रिलीज और बॉक्स ऑफिस पर सफलता। ‘छावा’ का भारत में नेट कलेक्शन 300 करोड़ रुपए के पार जा चुका है।

संबंधितपोस्ट

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ेगा, अब मिलेंगे 12 हजार रुपये; सहायिकाओं को 6 हजार, 5 लाख का स्वास्थ्य बीमा भी

CM योगी का देवरिया में सपा-कांग्रेस पर हमला, बोले- एन्सेफलाइटिस और माफिया राज पिछली सरकारों की देन

उत्तर प्रदेश में श्रमिकों के लिए बड़े फैसले, नियुक्ति पत्र और सालाना मुफ्त स्वास्थ्य जांच होगी अनिवार्य

और लोड करें

इन वजहों से याद किया जाएगा महाकुंभ 2025

प्रयागराज में आयोजित इस कुम्भ मेले को उत्तम व्यवस्थाओं के लिए भी याद किया जाएगा। भविष्य में नासिक, उज्जैन और हरिद्वार में होने वाले कुंभ आयोजनों के प्रबंधनकर्ता अवश्य ही इसका अध्ययन करना चाहेंगे। जैसे, 15 से अधिक विभागों ने मिल कर 500 से अधिक परियोजनाओं पर कार्य किया। 2019 के मुकाबले 5 गुना अधिक श्रद्धालु इस बार आए। स्वच्छ जल की आपूर्ति के लिए 1250 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई गई। 200 वाटर ATM और 85 पंप लगाए गए। 7000 बसों और 550 शटल बसों को चलाया गया। श्रद्धालुओं और कल्पवासियों को 5 रुपए प्रति किलो की दर से आटा, 6 रुपए प्रति किलो चावल और 18 रुपए प्रति किलो चीनी दी गई।

लगभग 1 लाख राशन कार्ड बनाए गए, वो भी मात्र 5 रुपए के मामूली शुल्क पर। ‘नेत्र कुंभ’ में 2 लाख से अधिक मरीजों का इलाज हुआ। ये विश्व का सबसे बड़ा अस्थायी अस्पताल था। देश भर के 1300 मेडिकल कर्मियों को रोज़गार मिला। महाकुंभ के सेंट्रल हॉस्पिटल में इलाज करा चुके विदेशी यात्रियों ने भी इसकी प्रशंसा की। साढ़े 7 लाख लोगों को चिकित्सा सुविधाएँ दी गईं। सवा 2 लाख ने आयुर्वेदिक अस्पतालों में भी इलाज कराया। डिजिटल अनुभूति केंद्र आकर्षण का केंद्र रहा। 4 लाख से अधिक श्रद्धालु डिजिटल अनुभूति केंद्र के साक्षी बने, वर्चुअल रियलिटी के माध्यम से उन्होंने सनातन के महात्म्य को जाना।

प्रयागराज में आयोजित इस मेले में तकनीक का भी इस बार इतना उत्तम इस्तेमाल किया गया, जो ‘डिजिटल इंडिया’ की सफलता को चरितार्थ करता है। AI युक्त ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल हुआ। डूबने वालों को बचने के लिए रोबोटिक तकनीक का इस्तेमाल हुआ। जल पुलिस कंट्रोल रूम स्थापित हुए। जब-जब आग लगी, तुरंत काबू पा लिया गया। बुलेट बाइकों को फायर हाइड्रेंट्स से लैस किया गया। श्रद्धालुओं को बहुभाषी चैटबॉट की सुविधा मिली। सरकार ने महाकुंभ मेले में खोए हुए लोगों को ढूँढने के लिए एक दर्जन से अधिक डिजिटल खोया-पाया केंद्र बनाए।

उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी इस बार का महाकुंभ बहुत कुछ देकर जा रहा है। 7000 करोड़ रुपए जो इसमें खर्च हुए, उनसे प्रयागराज वासियों और संगम स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को आगे भी सुविधाएँ मिलती रहेंगी। वहीं 2 लाख करोड़ रुपए से अधिक का कारोबार हुआ। ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ के तहत जो ग्रामीण शिल्पकार आते हैं, उनकी बनाई वस्तुएँ लेकर लोग विदेशों तक भी गए।

प्रयागराज ने शिवाजी को दिखाई थी राह

इस दौरान एक और ऐतिहासिक संयोग याद करना होगा। ‘हिंदवी साम्राज्य’ के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज जब सन् 1666 में अपने बेटे संभाजी समेत आगरा में औरंगज़ेब के क़ैद से फरार हुए थे, तब वो तीर्थ राज प्रयाग भी पहुँचे थे। ये प्रयागराज  की धरती ही थी, जिसने मराठा साम्राज्य के प्रथम अधिपति की न केवल बाँहें थामी बल्कि भवितव्य में उनके महान योगदान की तरफ इंगित करते हुए उन्हें आशीर्वाद दिया। शिवाजी ने अपने बेटे की सुरक्षा के लिए न केवल संभाजी को स्वयं से अलग रखवा दिया था, बल्कि उनकी मृत्यु की अफवाह भी उड़वा दी थी।

शिवाजी सावंत ने अपने ऐतिहासिक उपन्यास ‘छावा’ में वर्णित किया है कि कैसे प्रयागराज में संन्यासी की वेशभूषा में पहुँचे शिवाजी को एक पारधी ने गरुड़-पंख दिया था और कहा था कि ये हर कामना को पूर्ण करने वाली है। एक राजा को जनजातीय समाज का एक व्यक्ति आशीर्वाद देता है, यही तो प्रयागराज है, यही भारत है। प्रयागराज स्थित श्रीराम जानकी सेवाश्रम में शिवाजी कई दिनों तक रुके थे। पंचभइया पुरोहितों ने उनकी सहायता की थी। ये वो समय था जब शिवाजी अपने पुत्र के विरह को लेकर अवश्य ही व्यथित रहे होंगे, लेकिन ‘स्वराज्य’ त्याग माँगता था। त्याग के उन क्षणों में इसी प्रयागराज ने उन्हें ढाँढस बँधाया। ये तो थी इतिहास की बात।

वर्तमान की बात करें तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगरा में निर्माणाधीन ‘मुग़ल म्यूजियम’ का नाम बदल कर छत्रपति शिवाजी महाराज के नाम पर रखने की घोषणा की। रायगढ़ और राजगढ़ के किलों से साम्राज्य चलाने वाले शिवाजी के नाम पर आगरा में संग्रहालय होगा, ये अपने-आप में भारत की विविधता में एकता का परिचायक है। भारत की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक एकता को अलग कर के नहीं देखा जाना चाहिए, क्योंकि ये वही धरती है जहाँ वेदों की रचना की गई है। अब आप वेदों को सांस्कृतिक चश्मे से देखें या फिर धार्मिक चश्मे से, ये आपके ऊपर है। दोनों ही सही हैं।

सफल प्रशासक के रूप में खुद को किया स्थापित

इस महाकुंभ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार एवं प्रशासन को फ़र्ज़ी ख़बरें फ़ैलाने वालों से भी लड़ना था। सैकड़ों ऐसे हैंडल थे जो सोशल मीडिया पर महाकुंभ के नाम पर भय व घृणा फैलाने में लगे हुए थे। कई ऐसे तत्व थे जो हर रोज किसी न किसी प्रकार की अनहोनी की प्रतीक्षा में रहते थे। उन सबके मंसूबे नाकाम हुए। ये विश्व का सबसे बड़ा आयोजन था, जो सफल हुआ। ब्राजीलियन कार्निवल हो या जर्मनी का अक्टूबर फेस्ट, इनमें अधिकतम 70 लाख लोग हिस्सा लेते हैं। सोचिए, 65 करोड़ का आँकड़ा इनसे लगभग 100 गुना बड़ा है।

कई लोगों ने ऐसा प्रसार किया कि मौनी अमावस्या के दिन हुई त्रासदी के बाद श्रद्धालुओं की संख्या घट गई है, तो कइयों ने ये दिखाने की कोशिश की कि माघी पूर्णिमा के बाद श्रद्धालुओं में उस तरह का उत्साह नहीं रहा। फिर अफवाह फैलाई गई कि गंगा का जल दूषित हो गया है। हालाँकि, उनके सारे अनुमानों को आस्था के जनप्रवाह ने धता बताया। अंतिम चरण में हमने कटरीना कैफ, अभिषेक बनर्जी, रवीना टंडन और अक्षय कुमार जैसे अभिनेता-अभिनेत्रियों को डुबकी लगाते हुए देखा। कइयों ने ये अफवाह भी फैलाई थी कि दुर्घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना कार्यक्रम स्थगित कर दिया है, लेकिन वो भी 6 फरवरी को तय कार्यक्रम के हिसाब से पहुँचे।

महाकुंभ 2025 हमें बहुत कुछ सिखा कर भी जा रहा है। पहला, सत्ता के पास अगर इच्छाशक्ति हो तो कुछ भी असंभव नहीं है। दूसरा, अगर हम सिविक सेन्स का पालन करें तो भीड़ कितनी भी बड़ी हो – फ़र्क़ नहीं पड़ता। तीसरा, पीएम मोदी ने जो स्वच्छता अभियान शुरू किया था उसका प्रभाव अब दिख रहा है। उस राह पर चलते हुए योगी सरकार ने 1.50 लाख शौचालय और 25,000 डस्टबिन लगाए गए। सफाईकर्मियों को रोज़गार मिला। चौथी और सबसे बड़ी बात – इस महाकुंभ ने जाति-पाति और क्षेत्र के सारे भेद मिटा दिए। पाँचवाँ, एक प्रशासक के रूप में योगी आदित्यनाथ का क़द और बड़ा हुआ है।

स्रोत: महाकुंभ, महाकुंभ 2025, प्रयागराज, महाशिवरात्रि, छावा, संभाजी महराज, शिवजी महराज, छावा कलेक्शन, सीएम योगी, सीएम योगी महाकुंभ, Mahakumbh, Mahakumbh 2025, Prayagraj, Mahashivratri, Chhava, Sambhaji Maharaj, Shivaji Maharaj, Chhava Collection, CM Yogi,
Tags: ChhavaChhava CollectionCM YogiCM Yogi MahakumbhMahakumbhMahakumbh 2025mahashivratriPrayagrajSambhaji MaharajShivaji Maharajछावाछावा कलेक्शनप्रयागराजमहाकुंभमहाकुंभ 2025महाशिवरात्रिशिवजी महराजसंभाजी महराजसीएम योगीसीएम योगी महाकुंभ
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

4 दिन में योगी का दौरा, व्यवस्था में हज़ारों कर्मी, ₹3 लाख करोड़ का कारोबार और 66 करोड़ श्रद्धालु: ऐसा रहा प्रयागराज का महाकुंभ

अगली पोस्ट

गोधरा कांड: साबरमती एक्सप्रेस में आग लगाकर हिंदुओं को मारने वालों को किसने बचाया?

संबंधित पोस्ट

नागरकोइल में महिला यूट्यूबर के घर बड़ी चोरी
चर्चित

नागरकोइल में महिला यूट्यूबर के घर बड़ी चोरी, गैस कटर से दरवाजा काटकर 148 तोले सोना ले गए चोर

26 September 2026

तमिलनाडु के नागरकोइल के पास एक महिला यूट्यूबर के घर बड़ी चोरी का मामला सामने आया है। बदमाश घर से करीब 220 सॉवरेन यानी 148...

पुरुष कबड्डी फाइनल
चर्चित

पुरुष कबड्डी फाइनल: ईरान के खिलाफ पलटा खेल, भारत ने शानदार वापसी कर जीता एशियाड गोल्ड

26 September 2026

भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया है। फाइनल मुकाबले में भारत ने ईरान...

मनमोहन सिंह और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी
चर्चित

‘गांधी परिवार’ बार-बार नीचा ना दिखाता तो ‘इतिहास’ ही नहीं ‘वर्तमान’ भी करता मनमोहन सिंह का उदार मूल्यांकन

26 September 2026

वो जब्र भी देखा है तारीख़ की नज़रों ने लमहों ने ख़ता की थी, सदियों ने सज़ा पाई... उर्दू के अच्छे जानकार और शेर-ओ-शायरी के...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

ONGC finds gas off Odisha: Can the Mahanadi basin fuel India’s energy future?

ONGC finds gas off Odisha: Can the Mahanadi basin fuel India’s energy future?

00:07:22

India-Russia Relations: Putin की रणनीति और भारत के लिए आगे क्या? | Maj Gen Deepak Mehra (Retd)

00:12:10

The Su-57 Question: Is India Taking a Huge Risk by Waiting for AMCA only ? IAF | Stealth fighter

00:05:37

Beginning Of Saudi Arabia's End ? A Case Study...

00:16:00

₹2 Crore Film, ₹143 Crore Hit: The ‘Hanuman Ansh’ Box Office Shock

00:02:46
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited